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jab sab kuchh dekar bhi Koi apna Na Ban paye to meri yah char baten yaad rakhna ......
Abdul Rasid
jab sab kuchh dekar bhi Koi apna Na Ban paye to meri yah char baten yaad rakhna ......
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Danish Raza Khan1
- Post by ललित दुबे ( पत्रकार )1
- Post by Rupali gosai1
- बिंजलवाड़ा परियोजना पहले से ही लेट लतीफ दो वर्ष पहले से पूर्ण होना था लेकिन शासन प्रशासन की अनदेखी के कारण 800 करोड़ की योजना टेस्टिंग करते ही खुली पोल जगह-जगह लिखित किसानों के खेत में पानी लबालब हो गया साथ ही किसानों में आक्रोश लोगों के घरों में भी पानी घुसा1
- भैंसदेही ग्राम खोमाई सरपंच पर पंप चालक से मारपीट व गालीगलौज का आरोप, ग्रामीणों के बीच जमकर हंगामा भैंसदेही भैसदेही चौकी जनोना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खोमाई में सरपंच मंगेश सरियाम पर पंप चालक सेशराव आखंड (कोरकू जाति, उम्र लगभग 50 वर्ष, निवासी ग्राम सुपाला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, सरपंच ने पंप से पानी छोड़ने को लेकर खोमाई बाजार चौक पर अंडे वाले की दुकान के पास सेशराव को गाली-गलौज दी और मारने की धमकी भी दी। इस घटना ने गांव में तनाव पैदा कर दिया, जिसके बाद ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई।शिकायतकर्ता सेशराव ने बताया कि वे पिछले करीब ढाई-तीन महीनों से ग्राम खोमाई के निर्देश पर रोजाना पंप से पानी छोड़ने का काम कर रहे हैं। दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 7 बजे वे खोमाई बाजार चौक पर थे, तभी सरपंच मंगेश सरियाम ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी। सरपंच ने पूछा, "पंप से पानी छोड़ने का किसने कहा?" सेशराव ने सफाई दी कि जनपद पंचायत खोमाई के निर्देश पर ग्राम सुपाला में पंप से पानी छोड़ रहे हैं लेकिन सरपंच नाराज हो गए और मारपीट करने लगे। ग्रामीणों के बीच मारपीट, सरपंच ने खुद को चोट पहुंचाई घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम खोमाई के पंच राजू, जगदीश सोलर, वासुदेव सहित ग्राम सुपाला के पंच और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंच से बातचीत की कोशिश की, लेकिन सरपंच कुर्सी से उठकर ग्राम पंचायत भवन ले गए और वहां ग्रामीणों से भिड़ गए। सरपंच ने ग्राम सुपाला के लोगों को निकल जाओ ऐसा कह कर जाने की मारने धमकी दी। झगड़े के दौरान सरपंच मंगेश सरियाम ने खुद अपने सिर पर प्रहार कर चोट पहुंचाई। बीच-बचाव के लिए शागड़े, दिराजी, सोमाजी, झांगड़े, मनिराम पानो, आदि ने हस्तक्षेप किया। सरपंच ने कथित तौर पर कहा, "ग्राम सुपाला में पांच गली हैं, दशरत चौहान, रति नादिकर सेशराव ने शिकायत में मांग की है कि सरपंच के इस रवैये से ग्राम पंचायत में पानी की आपूर्ति जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने थाना भैंसदेही को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीण नाराज पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच का यह व्यवहार पानी की व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वरना आंदोलन की चेतावनी दी। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच विवादों को उजागर करती है।3
- Post by Manohar agrval Agrawal1
- Post by Danish Raza Khan1
- *शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का मोर्चा आक्रोशित महिलाओं ने घेरा ठेका* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान *विधायक के आश्वासन के बाद भी नहीं हटी दुकान महिलाओं ने उग्र आंदोलन की चेतावनी थी*। इंदौर इच्छापुर राजमार्ग पर स्थित शुद्ध मिल क्षेत्र में शराब की दुकान को हटाने की मांग अब एक जन आंदोलन के रूप ले चुकी लंबे समय से शांतिपूर्व विरोध कर रही क्षेत्र की महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया उसके बाद उन्होंने शराब दुकान के सामने विशाल धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। *वादा खिलाफी से बड़ा आक्रोस*। क्षेत्रीय महिलाओं का आरोप है कि शासन और जनप्रतिनिधि उनकी सुरक्षा और सामाजिक माहौल को लेकर गंभीर नहीं है प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि कुछ समय पूर्व क्षेत्र विधायक ने स्वयं उनसे मुलाकात की थी इस उसे दौरान विधायक ने महिलाओं की जायज मांगों को लेकर स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया था कि 8 दिनों के भीतर इस शराब दुकान को यहां से हटकर अन्य स्थानांतरित कर दिया जाएगा हमें केवल कोरे आश्वासन दिए गए। *प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल*। यह विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ प्रदर्शनकारियों के कथन अनुसार शासन और प्रशासन को इस संबंध में पूर्व में भी कई बार लिखित में आवेदन दे चुके स्थानीय निवासियों का कहना है कि सूत्र मिल जैसे घनी आबादी वाले और मुख्य मार्ग वाले क्षेत्र में शराब दुकान होने से आए दिन शराबी हुड़दंग करते हैं जिससे महिलाओं और स्कूल बच्चों का निकलना दुर्लभ हो गया है लगातार सूचना और शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की छुट से महिलाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया2
- ऑपरेशन साइबर के तहत कन्नौद पुलिस की बड़ी सफलता, एक माह में फ्रॉड राशि ₹ 32,429/पीड़ित को लौटाई कन्नौद, ज़िला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइबर” के तहत एक माह पूर्व साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ित को ₹32,429/- की राशि न्यायालय के आदेश से पुनः उसके खाते में लौटाई गई। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में 360-पुलिसिंग के अंतर्गत साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर “साइबर मित्र” नियुक्त किए गए हैं। इन पुलिसकर्मियों को साइबर फ्रॉड मामलों में त्वरित कार्रवाई हेतु प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही “पुलिस चौपाल” के माध्यम से आमजन को साइबर ठगी से बचाव और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं डायल 112 की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में 13 मार्च 2026 को कन्नौद निवासी कृष्ण कुमार ने ₹32,429/- की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। थाना कन्नौद के साइबर मित्रों द्वारा तत्काल जानकारी एकत्र कर जिला साइबर सेल को भेजी गई, जहां एनसीआरपी पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कर सतत मॉनिटरिंग की गई। त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप ठगी गई राशि होल्ड कराकर पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई। पीड़ित कृष्ण कुमार ने राशि वापस मिलने पर देवास पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि साइबर फ्रॉड हो, तो तुरंत 1930 या 112 पर शिकायत दर्ज कराएं।1