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एक स्कूल में चल रहे काम को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं, जिसमें आरोप है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान पानी या अन्य आवश्यक सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी के साथ, इस मुद्दे को व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर उठाने को गलत बताया गया है।
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एक स्कूल में चल रहे काम को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं, जिसमें आरोप है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान पानी या अन्य आवश्यक सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी के साथ, इस मुद्दे को व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर उठाने को गलत बताया गया है।
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- जलालगढ़ प्रखंड के डिमिया पंचायत अंतर्गत भरेली गांव में गरमा मौसम की फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। इस दौरान कृषि विभाग की टीम ने किसानों के खेतों में पहुंचकर जूट, मूंग, गरमा धान, मखाना समेत अन्य फसलों की जियो-टैग फोटो ली और उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी कमलेश मिश्रा ने जानकारी दी कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से यह पता चलता है कि किसी विशेष क्षेत्र में कौन-सी फसल और कितने रकबे में लगाई गई है। यह प्रक्रिया कृषि योजनाओं को लागू करने और फसल संबंधी आंकड़े जुटाने में मदद करती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रखंड की सभी पंचायतों में पहले भी डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य हो चुका है, और अब गरमा फसलों का सर्वे किया जा रहा है। इस कार्य में किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक और एटीएम की टीम सक्रिय रूप से शामिल है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया और किसानों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए।1
- एक स्कूल में चल रहे काम को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं, जिसमें आरोप है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान पानी या अन्य आवश्यक सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी के साथ, इस मुद्दे को व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर उठाने को गलत बताया गया है।1
- बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय से एक बार फिर कुप्रबंधन और गरीब पशुपालकों के शोषण का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर के बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फुलडोवी गांव निवासी श्रवण मंडल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वे अपने पशु के इलाज के लिए कोढ़ा पशु चिकित्सालय पहुँचे, तो वहाँ मौजूद डॉक्टर विकास कुमार ने उन्हें अस्पताल में दवा उपलब्ध न होने की बात कहते हुए एक सादे कागज पर दवा का नाम लिखकर बाजार से खरीदकर लाने को कहा। श्रवण मंडल का कहना है कि एक गरीब व्यक्ति होने के नाते, उनके लिए महंगी दवाइयों को बाजार से खरीदना बेहद मुश्किल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई अन्य पशुपालक भी इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पशु चिकित्सालयों में मुफ्त या सस्ती दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस स्थिति पर लोगों में गहरा आक्रोश है, और वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर गरीब लोग कब तक ऐसी व्यवस्था का खामियाजा भुगतते रहेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जब पत्रकारों ने कोढ़ा पशु चिकित्सालय के प्रभारी से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। हालाँकि, अनौपचारिक बातचीत में, डॉक्टर विकास कुमार ने स्वीकार किया कि जो दवाइयाँ अस्पताल में उपलब्ध नहीं होतीं, उन्हें मरीजों द्वारा बाहर से मंगवाया जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो गरीब पशुपालकों की स्थिति और भी खराब हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या गरीबों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।1
- कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक समर कैंप का आयोजन किया गया है। इस शिविर का मुख्य लक्ष्य ऐसे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।1
- पुर्णिया जिले के मीनापुर पंचायत के नयाटोला फूलभासा गोटफर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह एक कच्ची सड़क है जिस पर क्षेत्र के विधायक बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं। लोगों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि इस कच्ची सड़क को जल्द से जल्द पक्की सड़क में तब्दील किया जाए।1
- एक मामले पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में अबू आज़मी ने पुलिस की कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड में स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पेट्रोजलप्रपात इन दिनों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पहाड़ों और घनी हरियाली के बीच मौजूद इसका मनमोहक दृश्य बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींच रहा है, जहाँ वे प्रकृति का भरपूर आनंद ले रहे हैं। हालांकि, यहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों ने इस पर्यटन स्थल पर कई मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। विशेष रूप से, शौचालय, महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के कक्ष (चेंजिंग रूम) और सुरक्षा व्यवस्था की अनुपलब्धता एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। इन कमियों को दूर करने के लिए, लोगों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से तत्काल आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यह स्थान एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। स्थानीय निवासियों का भी यही मानना है कि पेट्रोजलप्रपात को पर्यटन मानचित्र पर एक बेहतर पहचान दिलाने के लिए आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करना बेहद ज़रूरी है।2
- ढेरुआ पंचायत सरकार भवन में जनता की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है।1