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CJP के नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर इसके पीछे का 'असली चेहरा' कौन है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि अब इस मामले का 'पूरा सच' सामने आएगा, जो आंदोलन के पीछे की वास्तविक सच्चाई को उजागर करेगा।
Sach Tak Jharkhand News
CJP के नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर इसके पीछे का 'असली चेहरा' कौन है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि अब इस मामले का 'पूरा सच' सामने आएगा, जो आंदोलन के पीछे की वास्तविक सच्चाई को उजागर करेगा।
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- CJP के नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर इसके पीछे का 'असली चेहरा' कौन है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि अब इस मामले का 'पूरा सच' सामने आएगा, जो आंदोलन के पीछे की वास्तविक सच्चाई को उजागर करेगा।1
- हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।1
- डुमरी/गिरिडीह में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के संबंध में शनिवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में प्रभारी एसडीओ संतोष गुप्ता ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान एसआईआर कार्यक्रम, सभी पक्षों की भूमिका, प्रकाशन की तिथियों और मतदाताओं के लिए पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की गई। एसडीओ ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया जाएगा, जिसके उपरांत प्रारूप सूची जारी होगी। इस प्रारूप सूची के आधार पर सभी मतदाताओं को ईएफ फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि लगभग 87 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है और शेष छूटे हुए मतदाताओं को एएसडी व अन्य माध्यमों से खोजकर मैप किया जा रहा है। यदि फिर भी किसी मतदाता का नाम छूट जाता है, तो उसे दस्तावेज जमा कर नाम जुड़वाने के लिए एक महीने का पूरा समय दिया जाएगा। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध और स्वच्छ मतदाता सूची का निर्माण करना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यालय द्वारा किसी से भी ओटीपी, पासवर्ड या कोई अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि सारा काम बीएलओ ऐप के माध्यम से ही होगा और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान केवल फॉर्म लिए जाएंगे, इसके अतिरिक्त कोई अन्य जानकारी नहीं मांगी जाएगी। उन्होंने नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी कि यदि कोई फोन करके ओटीपी या पासवर्ड मांगता है तो ऐसी कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इस बैठक में झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो, राजकुमार पांडेय, आजसू की विधानसभा प्रभारी यशोदा देवी, छक्कन महतो, जेएलकेएम से रामप्रसाद महतो, कांग्रेस से गुड्डु मलिक, इमरान अंसारी, सादिक अली, जदयू से महाबीर सिंह और भाजपा से बीरबल पंडित सहित विभिन्न दलों के नेता उपस्थित थे।2
- हजारीबाग नगर निगम के उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि झील परिसर को 'नो व्हीकल जोन' बनाने का प्रस्ताव नगर निगम की बैठक में पारित नहीं हुआ है। उन्होंने इस विषय पर चल रहे फैसले की प्रक्रिया पर एक नया मोड़ ला दिया है और बताया कि यह कदम नगर निगम द्वारा अनुमोदित नहीं है। उपमहापौर के अनुसार, 24/4 को हुई बैठक में केवल जिला प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से इस मुद्दे पर निर्णय लेने का अनुरोध किया गया था। नगर निगम ने स्वयं इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। अविनाश कुमार यादव का मानना है कि झील परिसर को 'नो व्हीकल जोन' नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे कोई भी फैसला लेते समय जनभावनाओं और लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता दें। इस नए विवाद के बाद, यह मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, और उपमहापौर ने जनता से इस पर अपनी राय साझा करने का आह्वान किया है।1
- रामगढ़ जिले के मांडू स्थित सीसीएल कॉलोनी के माइनस क्वार्टर का छज्जा गिर गया। इस घटना के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।1
- देश में महंगाई ने एक बार फिर आम जनता पर नया वार किया है, जहाँ गैस सिलेंडर की कीमतें दोबारा बढ़ गई हैं। इस नवीनतम मूल्य वृद्धि से जनता के बीच गहरी चिंता और निराशा का माहौल है, और लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें इस बढ़ती महंगाई से आखिर कब कोई ठोस राहत मिल पाएगी।1
- नागरिक पत्रकार मंच (CJP) के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए अनुमति मिल गई है। यह अनुमति अभिजीत दीपके को कुछ शर्तों के साथ प्रदान की गई है।1
- हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र स्थित तियूज टोला चोरिया गांव में इन दिनों जमीन विवाद को लेकर अत्यधिक तनाव का माहौल बना हुआ है, जहाँ किसी भी वक्त खूनी संघर्ष छिड़ने की आशंका है। गांव मानो बारूद के ढेर पर बैठा है, जहाँ दो गुटों के बीच विस्फोटक तनाव चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग बाहरी भूमाफियाओं के साथ मिलकर गांव की दर्जनों एकड़ रैयती जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें गाली-गलौज, धमकियों और मारपीट जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि किसी भी क्षण हिंसा भड़कने का डर बना हुआ है।1