हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।
हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।
- हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता अपने चरम पर पहुँच गई है, जहाँ अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। हाल ही में, बरकठा निवासी नारायण दास को खून की उल्टी होने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ परिजनों को अस्पताल कर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते, गंभीर हालत में मरीज को इमरजेंसी वार्ड से न्यू बिल्डिंग तक परिजनों को स्वयं ले जाना पड़ा। इतना ही नहीं, मरीज को प्रथम तल्ले पर ले जाने के लिए लिफ्ट की अनिवार्यता के बावजूद, इसकी स्थिति भी बेहद भयावह और चिंताजनक पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला मरीज कई मिनटों तक फंसी रही, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। लगातार सामने आ रही ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है, और इस प्रकार की असुरक्षित बुनियादी सुविधाएँ मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ मानी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को समय पर सहायता न मिलना और लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधा का असुरक्षित होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ट्रस्ट ने यह भी मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था, वार्ड बॉय सेवा और मरीज सहायता प्रणाली को बिना किसी देरी के दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।1
- CJP के नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर इसके पीछे का 'असली चेहरा' कौन है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि अब इस मामले का 'पूरा सच' सामने आएगा, जो आंदोलन के पीछे की वास्तविक सच्चाई को उजागर करेगा।1
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- देश में महंगाई ने एक बार फिर आम जनता पर नया वार किया है, जहाँ गैस सिलेंडर की कीमतें दोबारा बढ़ गई हैं। इस नवीनतम मूल्य वृद्धि से जनता के बीच गहरी चिंता और निराशा का माहौल है, और लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें इस बढ़ती महंगाई से आखिर कब कोई ठोस राहत मिल पाएगी।1
- हजारीबाग शहर के अंसार नगर मैदान में आयोजित अंसार नगर प्रीमियर लीग (एएनपीएल) सीजन-2 टी-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का शनिवार की रात भव्य और यादगार समापन हुआ। फ्लड लाइट की जगमगाती रोशनी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 ने थायरोकेयर 11 को 9 विकेट से हराकर एएनपीएल सीजन-2 का खिताब अपने नाम कर लिया, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा। फाइनल मुकाबला थायरोकेयर 11 और यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थायरोकेयर 11 की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 8 विकेट खोकर 91 रन बनाए और प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने 92 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 की टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। चौकों-छक्कों की बारिश, शानदार गेंदबाजी, संघर्षपूर्ण फील्डिंग और खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से पूरा मैदान उत्साह और रोमांच से सराबोर रहा। दर्शकों ने खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया, जिससे हर चौके, छक्के और विकेट पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंजता रहा। टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अदीब ट्रिगर को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। वहीं, आक्रामक और शानदार बल्लेबाजी के लिए नाजिश अख्तर को बेस्ट बैट्समैन का खिताब दिया गया, जिन्होंने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा, सौरभ को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बेस्ट बॉलर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम यासिर यूट्यूबर एंड कैफ 11 को ₹31,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता थायरोकेयर 11 को ₹15,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस खास अवसर पर कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, झारखंड स्टेट पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट मासूम परवेज, अधिवक्ता नवनीश चंद्रा, डॉ. आसिफ अजहर, डॉ. इकबाल फारूकी, अलफलाह कमेटी के सदर नमूद आलम खान, बैडमिंटन कोच रियाजुल इस्लाम, शहाबुद्दीन खान, शाहिद कमाल खान, शहजाद खान, अली कामरान सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में अदनान, फरहान, साजिद, साकिब, मकसूद आलम और शोएब गुड्डू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंपायर के रूप में खुर्शीद आलम, विनय एक्का, नाजिश अख्तर और शराफत ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जबकि शरीफउल्लाह गुड्डू ने उद्घोषक की भूमिका और सुफियान अली और शाहिद ने स्कोरिंग का दायित्व संभाला। टूर्नामेंट के आयोजक एवं आइडियल पैथोलॉजी के डायरेक्टर नावेद अशर ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके अनुशासन, खेल भावना और सौहार्द की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों के सहयोग के साथ-साथ 'फील्ड वॉरियर्स' के रूप में अंसार नगर के बच्चों के महत्वपूर्ण योगदान से टूर्नामेंट को पूरी तरह सफल बताया। उपस्थित अतिथियों ने इस प्रतियोगिता को खेल को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने की एक सराहनीय पहल बताया, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करती है और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समापन समारोह के दौरान टूर्नामेंट से जुड़े अंपायर, स्कोरर, कॉमेंटेटर, मीडिया प्रतिनिधियों एवं फील्ड वॉरियर्स को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विजेता टीम की जीत का जश्न खिलाड़ियों, आयोजकों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक मनाया, इस दौरान की गई भव्य आतिशबाजी और आकर्षक रोशनी से पूरा अंसार नगर मोहल्ला जगमगा उठा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अंसार नगर प्रीमियर लीग ने न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है, बल्कि अंसार नगर मोहल्ले को पूरे हजारीबाग शहर में एक नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह सफल आयोजन इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- कोडरमा के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ किए जा रहे अन्याय को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। झारखंड सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि उसने कोडरमा के हज़ारों छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक रूप से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक बोझ डालने का काम किया है। पूर्व में राज्य सरकार से आग्रह किया गया था कि कोडरमा के महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के अंतर्गत ही यथावत रखा जाए, लेकिन सरकार ने इस अपील को अनदेखा करते हुए यह कदम उठाया है।1
- नागरिक पत्रकार मंच (CJP) के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए अनुमति मिल गई है। यह अनुमति अभिजीत दीपके को कुछ शर्तों के साथ प्रदान की गई है।1
- हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र स्थित तियूज टोला चोरिया गांव में इन दिनों जमीन विवाद को लेकर अत्यधिक तनाव का माहौल बना हुआ है, जहाँ किसी भी वक्त खूनी संघर्ष छिड़ने की आशंका है। गांव मानो बारूद के ढेर पर बैठा है, जहाँ दो गुटों के बीच विस्फोटक तनाव चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग बाहरी भूमाफियाओं के साथ मिलकर गांव की दर्जनों एकड़ रैयती जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें गाली-गलौज, धमकियों और मारपीट जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि किसी भी क्षण हिंसा भड़कने का डर बना हुआ है।1