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अब रोते हुए सामने आए बनवारी लाल।। कहा मेरा पक्ष जाने बिना गालियां दी।। मेरी कब्र खोद दी।। पंकज को पंकू बनाया,वो मेरा भाई था।। लेकिन सच्चाई कुछ ओर है। सुनिए विडियो में बनवारी लाल का पक्ष।।
RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
अब रोते हुए सामने आए बनवारी लाल।। कहा मेरा पक्ष जाने बिना गालियां दी।। मेरी कब्र खोद दी।। पंकज को पंकू बनाया,वो मेरा भाई था।। लेकिन सच्चाई कुछ ओर है। सुनिए विडियो में बनवारी लाल का पक्ष।।
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- अब रोते हुए सामने आए बनवारी लाल।। कहा मेरा पक्ष जाने बिना गालियां दी।। मेरी कब्र खोद दी।। पंकज को पंकू बनाया,वो मेरा भाई था।। लेकिन सच्चाई कुछ ओर है। सुनिए विडियो में बनवारी लाल का पक्ष।।1
- कॉमेडियन पंकज सोनी ने बनाई पूरी घटना, आरोपी के बाद गरमाया मामला #pankubannu #sikarmamla #breakingnews #sikar1
- राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु (पंकज सोनी) का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें उन्होंने अपने साथी कॉमेडियन बनवारी लाल गोस्वामी पर घर से निकालने का आरोप लगाते हुए जनता से न्याय की गुहार लगाई है।1
- न्यूज: सुरतगढ़ सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका मे बैठक. कर्मचारियों ने रखी मांगे......1
- राजस्थान में लोगों को हंसाने वाले पंकू की आँखों में अचानक आँसू आ गए हैं। हमेशा दूसरों को खुश रखने वाले पंकू के भावुक होने से हर कोई जानना चाहता है कि उन्हें क्या तकलीफ है।1
- चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत, आमजन को कब मिलेगी राहत चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत मंडावा। कस्बे में चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एस्सार पेट्रोल पंप और रथ होटल के बीच मुख्य सड़क मार्ग पर बने गहरे गड्ढों के कारण यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक ट्रैक्टर यहां से गुजर रहा था और सुंडा की ढाणी निवासी एक व्यक्ति ट्रैक्टर पर बैठा था और ट्रैक्टर के टायर ने जब गड्ढे में जंप खाया तो उसके ऊपर बैठा व्यक्ति नीचे गिर गया। लोगों ने घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जहां पर चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। पूर्व पार्षद संदीप परिहार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही व अनदेखी के चलते सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। विभाग को समय रहते इन गड्ढों को सही करवाना चाहिए ताकि हादसों पर लगाम लग सके।2
- संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता स्वच्छ राजस्थान विकसित एवं समृद्ध राजस्थान की पहचान है-केके गुप्ता घर-घर कचरा संग्रहण में भारी अनियमितता, कल से स्थिति नहीं सुधरी तो होगी सख्त कार्रवाई l बाड़मेर/जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन शहर प्रदेश ब्रांड एंबेसडर श्री के के गुप्ता द्वारा बुधवार प्रातः जिला कलेक्ट्रेट सभागार बाड़मेर में स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें स्वच्छता से जुड़े हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के प्रारंभ में नगर परिषद बाड़मेर आयुक्त श्री भगवत सिंह परमार ने ब्रांड एंबेसडर गुप्ता का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ रहा बैठक को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राजस्थान आज विकास और स्वच्छता के नए आयाम स्थापित करते हुए देशभर में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के चलते प्रदेश “संकल्प से सिद्धि” के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदम न केवल विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहे हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। इसी दिशा में शहरों और गांवों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे राजस्थान स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विशेष रूप से पर्यटन नगरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। “स्वच्छ राजस्थान, विकसित राजस्थान” का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। श्री गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के सभी निकायों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों की कार्यशैली पर फीडबैक भी दिया जा रहा है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को अपनाएं। निकाय अधिकारियों के लापरवाही सामने आई घर-घर कचरा संग्रहण में हो रही भारी अनियमितता बैठक के दौरान मामले सामने आया कि बाड़मेर शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ नहीं हो रहा है। यह स्वच्छता अभियान का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घटक होता है लेकिन यहां सिर्फ खानापूर्ति करते हुए शहर के 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठाया जा रहा है। इस पर श्री गुप्ता ने सख्त होते हुए संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को पाबंद किया कि यह कार्यशैली अब नहीं चलेगी। स्वच्छता के कार्यों में लापरवाही रखने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बाड़मेर नगरीय क्षेत्र में मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं हो रहा है जिस कारण आम जनता परेशान है। इसके लिए नियम अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। शहर की जनता में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी भारी आक्रोश है कि जगह-जगह लाइन खोदी हुई है और प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी जनता की शिकायत और समस्या सुनने को तैयार नहीं है। श्री गुप्ता ने निर्देश दिए की पूर्व में खोदी गई सड़क को पूरा रिपेयर किया जाएगा उसके बाद ही नया काम शुरू होगा। शहर में बने हुए निर्धारित कचरा यार्ड पर भी वैज्ञानिक पद्धति अनुसार कचरा सेग्रीगेशन का कार्य नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के मापदंड के तहत गीला और सूखा कचरा कभी भी मिक्स नहीं होना चाहिए। कार्यों के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में रखा जाएगा गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए श्रेणी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी श्रेणी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है। अधिकारियों को निर्देश, इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस घर-घर कचरा संग्रहण - सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं। प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।7
- राजस्थान के जायल में दो गुटों के बीच जोरदार मारपीट हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका और कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1