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संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता स्वच्छ राजस्थान विकसित एवं समृद्ध राजस्थान की पहचान है-केके गुप्ता घर-घर कचरा संग्रहण में भारी अनियमितता, कल से स्थिति नहीं सुधरी तो होगी सख्त कार्रवाई l बाड़मेर/जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन शहर प्रदेश ब्रांड एंबेसडर श्री के के गुप्ता द्वारा बुधवार प्रातः जिला कलेक्ट्रेट सभागार बाड़मेर में स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें स्वच्छता से जुड़े हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के प्रारंभ में नगर परिषद बाड़मेर आयुक्त श्री भगवत सिंह परमार ने ब्रांड एंबेसडर गुप्ता का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ रहा बैठक को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राजस्थान आज विकास और स्वच्छता के नए आयाम स्थापित करते हुए देशभर में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के चलते प्रदेश “संकल्प से सिद्धि” के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदम न केवल विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहे हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। इसी दिशा में शहरों और गांवों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे राजस्थान स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विशेष रूप से पर्यटन नगरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। “स्वच्छ राजस्थान, विकसित राजस्थान” का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। श्री गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के सभी निकायों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों की कार्यशैली पर फीडबैक भी दिया जा रहा है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को अपनाएं। निकाय अधिकारियों के लापरवाही सामने आई घर-घर कचरा संग्रहण में हो रही भारी अनियमितता बैठक के दौरान मामले सामने आया कि बाड़मेर शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ नहीं हो रहा है। यह स्वच्छता अभियान का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घटक होता है लेकिन यहां सिर्फ खानापूर्ति करते हुए शहर के 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठाया जा रहा है। इस पर श्री गुप्ता ने सख्त होते हुए संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को पाबंद किया कि यह कार्यशैली अब नहीं चलेगी। स्वच्छता के कार्यों में लापरवाही रखने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बाड़मेर नगरीय क्षेत्र में मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं हो रहा है जिस कारण आम जनता परेशान है। इसके लिए नियम अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। शहर की जनता में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी भारी आक्रोश है कि जगह-जगह लाइन खोदी हुई है और प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी जनता की शिकायत और समस्या सुनने को तैयार नहीं है। श्री गुप्ता ने निर्देश दिए की पूर्व में खोदी गई सड़क को पूरा रिपेयर किया जाएगा उसके बाद ही नया काम शुरू होगा। शहर में बने हुए निर्धारित कचरा यार्ड पर भी वैज्ञानिक पद्धति अनुसार कचरा सेग्रीगेशन का कार्य नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के मापदंड के तहत गीला और सूखा कचरा कभी भी मिक्स नहीं होना चाहिए। कार्यों के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में रखा जाएगा गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए श्रेणी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी श्रेणी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है। अधिकारियों को निर्देश, इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस घर-घर कचरा संग्रहण - सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं। प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

2 hrs ago
user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
2 hrs ago
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संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता स्वच्छ राजस्थान विकसित एवं समृद्ध राजस्थान की पहचान है-केके गुप्ता घर-घर कचरा संग्रहण में भारी अनियमितता, कल से स्थिति नहीं सुधरी तो होगी सख्त कार्रवाई l बाड़मेर/जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन शहर प्रदेश ब्रांड एंबेसडर श्री के के गुप्ता द्वारा बुधवार प्रातः जिला कलेक्ट्रेट सभागार बाड़मेर में स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें स्वच्छता से जुड़े हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के प्रारंभ में नगर परिषद बाड़मेर आयुक्त श्री भगवत सिंह परमार ने ब्रांड एंबेसडर गुप्ता का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ रहा बैठक को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के

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यशस्वी मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राजस्थान आज विकास और स्वच्छता के नए आयाम स्थापित करते हुए देशभर में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के चलते प्रदेश “संकल्प से सिद्धि” के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदम न केवल विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहे हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। इसी दिशा में शहरों और गांवों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया

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जा रहा है, जिससे राजस्थान स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विशेष रूप से पर्यटन नगरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। “स्वच्छ राजस्थान, विकसित राजस्थान” का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। श्री गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के सभी निकायों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों की कार्यशैली पर फीडबैक भी दिया जा रहा है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को अपनाएं। निकाय अधिकारियों के लापरवाही सामने आई घर-घर कचरा

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संग्रहण में हो रही भारी अनियमितता बैठक के दौरान मामले सामने आया कि बाड़मेर शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ नहीं हो रहा है। यह स्वच्छता अभियान का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घटक होता है लेकिन यहां सिर्फ खानापूर्ति करते हुए शहर के 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठाया जा रहा है। इस पर श्री गुप्ता ने सख्त होते हुए संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को पाबंद किया कि यह कार्यशैली अब नहीं चलेगी। स्वच्छता के कार्यों में लापरवाही रखने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बाड़मेर नगरीय क्षेत्र में मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं हो रहा है जिस कारण आम जनता परेशान है। इसके लिए नियम अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। शहर की जनता में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी भारी आक्रोश है कि जगह-जगह लाइन खोदी हुई है और प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी जनता की शिकायत और समस्या सुनने को तैयार नहीं है। श्री

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गुप्ता ने निर्देश दिए की पूर्व में खोदी गई सड़क को पूरा रिपेयर किया जाएगा उसके बाद ही नया काम शुरू होगा। शहर में बने हुए निर्धारित कचरा यार्ड पर भी वैज्ञानिक पद्धति अनुसार कचरा सेग्रीगेशन का कार्य नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के मापदंड के तहत गीला और सूखा कचरा कभी भी मिक्स नहीं होना चाहिए। कार्यों के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में रखा जाएगा गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए श्रेणी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी श्रेणी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है। अधिकारियों को निर्देश, इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस घर-घर कचरा

संग्रहण - सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं। प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक

थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

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सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं। प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
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    संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता
संकल्प से सिद्धि का मार्ग प्राप्त प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री महोदय विकसित और स्वच्छ राजस्थान की सुनहरी इबारत लिख रहे हैं : केके गुप्ता
स्वच्छ राजस्थान विकसित एवं समृद्ध राजस्थान की पहचान है-केके गुप्ता
घर-घर कचरा संग्रहण में भारी अनियमितता, कल से स्थिति नहीं सुधरी तो होगी सख्त कार्रवाई l
बाड़मेर/जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन शहर प्रदेश ब्रांड एंबेसडर श्री के के गुप्ता द्वारा बुधवार प्रातः जिला कलेक्ट्रेट सभागार बाड़मेर में स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें स्वच्छता से जुड़े हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के प्रारंभ में नगर परिषद बाड़मेर आयुक्त श्री भगवत सिंह परमार ने ब्रांड एंबेसडर गुप्ता का स्वागत अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ रहा
बैठक को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महोदय के कुशल नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राजस्थान आज विकास और स्वच्छता के नए आयाम स्थापित करते हुए देशभर में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के चलते प्रदेश “संकल्प से सिद्धि” के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदम न केवल विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहे हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। इसी दिशा में शहरों और गांवों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे राजस्थान स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विशेष रूप से पर्यटन नगरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। “स्वच्छ राजस्थान, विकसित राजस्थान” का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है।
श्री गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के सभी निकायों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों की कार्यशैली पर फीडबैक भी दिया जा रहा है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को अपनाएं।
निकाय अधिकारियों के लापरवाही सामने आई घर-घर कचरा संग्रहण में हो रही भारी अनियमितता
बैठक के दौरान मामले सामने आया कि बाड़मेर शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ नहीं हो रहा है। यह स्वच्छता अभियान का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घटक होता है लेकिन यहां सिर्फ खानापूर्ति करते हुए शहर के 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठाया जा रहा है। इस पर श्री गुप्ता ने सख्त होते हुए संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को पाबंद किया कि यह कार्यशैली अब नहीं चलेगी। स्वच्छता के कार्यों में लापरवाही रखने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। 
बाड़मेर नगरीय क्षेत्र में मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं हो रहा है जिस कारण आम जनता परेशान है। इसके लिए नियम अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। शहर की जनता में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी भारी आक्रोश है कि जगह-जगह लाइन खोदी हुई है और प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी जनता की शिकायत और समस्या सुनने को तैयार नहीं है। श्री गुप्ता ने निर्देश दिए की पूर्व में खोदी गई सड़क को पूरा रिपेयर किया जाएगा उसके बाद ही नया काम शुरू होगा। शहर में बने हुए निर्धारित कचरा यार्ड पर भी वैज्ञानिक पद्धति अनुसार कचरा सेग्रीगेशन का कार्य नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के मापदंड के तहत गीला और सूखा कचरा कभी भी मिक्स नहीं होना चाहिए।
कार्यों के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में रखा जाएगा
गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए श्रेणी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी श्रेणी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है।
अधिकारियों को निर्देश, इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस
घर-घर कचरा संग्रहण - सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। 
नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं।
प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।
खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए।
इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान
शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • झुंझुनूं एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने मेहाड़ा थाने का अचानक दौरा कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रिकॉर्ड, शस्त्रागार और मालखाने सहित लॉकअप का विस्तृत निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए। एसपी ने स्टाफ से संवाद कर समस्याओं को सुना और एफआईआर के त्वरित निपटारे पर जोर दिया।
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    झुंझुनूं एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने मेहाड़ा थाने का अचानक दौरा कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रिकॉर्ड, शस्त्रागार और मालखाने सहित लॉकअप का विस्तृत निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए। एसपी ने स्टाफ से संवाद कर समस्याओं को सुना और एफआईआर के त्वरित निपटारे पर जोर दिया।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by BAGAR NEWS RAJASTHAN
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    Post by BAGAR NEWS RAJASTHAN
    user_BAGAR NEWS RAJASTHAN
    BAGAR NEWS RAJASTHAN
    Media company झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत, आमजन को कब मिलेगी राहत चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत मंडावा। कस्बे में चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एस्सार पेट्रोल पंप और रथ होटल के बीच मुख्य सड़क मार्ग पर बने गहरे गड्ढों के कारण यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक ट्रैक्टर यहां से गुजर रहा था और सुंडा की ढाणी निवासी एक व्यक्ति ट्रैक्टर पर बैठा था और ट्रैक्टर के टायर ने जब गड्ढे में जंप खाया तो उसके ऊपर बैठा व्यक्ति नीचे गिर गया। लोगों ने घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जहां पर चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। पूर्व पार्षद संदीप परिहार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही व अनदेखी के चलते सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। विभाग को समय रहते इन गड्ढों को सही करवाना चाहिए ताकि हादसों पर लगाम लग सके।
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    चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत, आमजन को कब मिलेगी राहत
चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण व्यक्ति की मौत 
मंडावा। कस्बे में चलते ट्रैक्टर से गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एस्सार पेट्रोल पंप और रथ होटल के बीच मुख्य सड़क मार्ग पर बने गहरे गड्ढों के कारण यहां पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक ट्रैक्टर यहां से गुजर रहा था और सुंडा की ढाणी निवासी एक व्यक्ति ट्रैक्टर पर बैठा था और ट्रैक्टर के टायर ने जब गड्ढे में जंप खाया तो उसके ऊपर बैठा व्यक्ति नीचे गिर गया। लोगों ने घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जहां पर चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। पूर्व पार्षद संदीप परिहार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही व अनदेखी के चलते सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। विभाग को समय रहते इन गड्ढों को सही करवाना चाहिए ताकि हादसों पर लगाम लग सके।
    user_Jitender singh
    Jitender singh
    Artist मंडावा, झुंझुनू, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • न्यूज: सुरतगढ़ सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका मे बैठक. कर्मचारियों ने रखी मांगे......
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    न्यूज: सुरतगढ़ सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका मे बैठक. कर्मचारियों ने रखी मांगे......
    user_Neharu jedia
    Neharu jedia
    Local News Reporter उदयपुरवाटी, झुंझुनू, राजस्थान•
    10 min ago
  • वायरल वीडियो आखिर सत्य क्या है वक्त पर्दा समय के साथ उठायेगा पंकु कांमेडियन को उनकी जुब्बा से अपनो ने दिया ऐसा गिफ्ट जिसकी उम्मीद हम दोस्ती मे नही कर सकते। । वायरल वीडियो आखिर सत्य क्या है वक्त परते खोलेगा
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    वायरल वीडियो आखिर सत्य क्या है वक्त पर्दा समय के साथ उठायेगा पंकु कांमेडियन को उनकी जुब्बा से अपनो ने दिया ऐसा गिफ्ट जिसकी उम्मीद हम दोस्ती मे नही कर सकते। ।
वायरल वीडियो आखिर सत्य क्या है वक्त परते खोलेगा
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    चूरू, चूरू, राजस्थान•
    12 min ago
  • चूरू में भीषण सड़क हादसा हुआ 📍 स्थान: पंखा सर्किल, चूरू ​चूरू के पंखा सर्किल पर आज एक बड़ा हादसा सामने आया है। रतनगढ़ से चूरू की ओर आ रही एक रोडवेज बस ने तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया, लेकिन दुर्घटना बेहद गंभीर थी। ​टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो बाइकें सीधे रोडवेज बस के नीचे जा धंसी। हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत चूरू के राजकीय भरतिया जिला अस्पताल ले जाया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है। ​सड़क पर हमेशा सावधानी से चलें और यातायात नियमों का पालन करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना! 🙏 ​सोशल मीडिया के लिए हैशटैग (Hashtags): ​#Churu #ChuruNews #RajasthanNews #RoadAccident #PankhaCircle #RajasthanRoadways #BhartiaHospital #RoadSafety #ChuruPolice #KhabraChuruRi #RajasthanUpdate
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    चूरू में भीषण सड़क हादसा हुआ 📍 स्थान: पंखा सर्किल, चूरू
​चूरू के पंखा सर्किल पर आज एक बड़ा हादसा सामने आया है। रतनगढ़ से चूरू की ओर आ रही एक रोडवेज बस ने तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया, लेकिन दुर्घटना बेहद गंभीर थी।
​टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो बाइकें सीधे रोडवेज बस के नीचे जा धंसी। हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत चूरू के राजकीय भरतिया जिला अस्पताल ले जाया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है।
​सड़क पर हमेशा सावधानी से चलें और यातायात नियमों का पालन करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना! 🙏
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    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    36 min ago
  • नालों का गंदा पानी सड़कों पर, प्रशासन की लापरवाही से आमजन परेशान नालों का गंदा पानी सड़कों पर, प्रशासन की लापरवाही से आमजन परेशान, झुंझुनूं। शहर में गंदे पानी की निकासी को लेकर प्रशासन की उदासीनता एक बार फिर सामने आई है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पंचदेव मंदिर वाली मुख्य सड़क पर नालों का गंदा और बदबूदार पानी अचानक सड़क पर फैल गया, जिससे पूरी सड़क ने नदी का रूप ले लिया। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी में डाल रखा है । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नालों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। देखते ही देखते गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को अपने प्रतिष्ठान और घरों के बाहर पानी भरने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है । सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे । लोगों ने कई बार संबंधित विभाग को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है । इस लापरवाही के चलते न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ गया है स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है, यह हर दूसरे तीसरे महीने देखने को मिलती है बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। हर बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन का कहना है कि जब तक अधिकारी मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक इस प्रकार की समस्याएं लगातार बनी रहेंगी। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित रूप से नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक आमजन को इस परेशानी से राहत मिलती है।
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    नालों का गंदा पानी सड़कों पर, प्रशासन की लापरवाही से आमजन परेशान
नालों का गंदा पानी सड़कों पर, प्रशासन की लापरवाही से आमजन परेशान,
झुंझुनूं। शहर में गंदे पानी की निकासी को लेकर प्रशासन की उदासीनता एक बार फिर सामने आई है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पंचदेव मंदिर वाली मुख्य सड़क पर नालों का गंदा और बदबूदार पानी अचानक सड़क पर फैल गया, जिससे पूरी सड़क ने नदी का रूप ले लिया। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी में डाल रखा है ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नालों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। देखते ही देखते गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है  दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को अपने प्रतिष्ठान और घरों के बाहर पानी भरने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे । लोगों ने कई बार संबंधित विभाग को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है । इस लापरवाही के चलते न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ गया है
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है, यह हर  दूसरे तीसरे महीने देखने को मिलती है बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। हर बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन का कहना है कि जब तक अधिकारी मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक इस प्रकार की समस्याएं लगातार बनी रहेंगी।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित रूप से नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक आमजन को इस परेशानी से राहत मिलती है।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    5 hrs ago
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