रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम बना जलाशय, जल जमाव से बच्चों का आवागमन बाधित चहनियाँ विकास खंड के अंतर्गत रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम और द्वितीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आपको बताते चले कि रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ प्रथम में जब बरसात होती है तो पूरा प्रांगण पानी से लबालब भर जाता है बच्चों को स्कूल जाने और आने में असुविधा होती है वो पानी में से होकर विद्यालय आते हैं और जाते हैं जिससे उनके गिरने की संभावना बनी रहती है तथा हाथ पैर टूटने का डर बना रहता है। इस समस्या से विकासखंड अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, व ग्राम सचिव को मार्च में ही अवगत कराया जा चुका है फोन करने पर फोन नहीं उठता है कभी उठ भी जाय तो समस्या सुनने के लिए समय नहीं रहता है और लालीपप देते रहते है आज हो जायेगा कल हो जायेगा ऐसे अधिकारी अपनी और सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अभी तक अधिकारी शीत निद्रा से नहीं जागे हैं। एक तरह जहाँ सरकार शिक्षा को शिर्ष स्थान देती है सब पढे सब बढे लेकिन स्कूल जाने तक रास्ता नहीं, स्कूलों में शौचालय पेयजल आपूर्ति की समुचित ब्यवस्था नहीं, मकान नहीं शौच के लिए बच्चों को जंगल झाडियों में जाना पडता है जहाँ विशैले जंतुओं का खतरा होता है। कहने का आशय यह है कि सरकार आखिर शिक्षा को नीचले पायदान पर क्यूँ रख रहीं है शिक्षा के नाम पर छात्रों की जिंदगी से क्यूँ खेला जा रहा है हर जगह विद्यालय में शिक्षकों की कमी खराब खाना, साफ सफाई, किताबें कबाड में मिल रही है। सरकार सिर्फ अध्यापक से शिक्षा का काम लें क्या चुनाव आयोग चुनाव से संबंधित पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं कर सकता जिससे अध्यापकों को सिर्फ पढाई से संबंधित काम करना पडे। सरकार सभी सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सज्ञान में लें और सभी स्कूलों की जर्जर व्यवस्था और दयनीय शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करें। शिक्षा के अभाव में देश का चौमुखी विकास असंभव है। आज शिक्षा को लेकर Zen alfa, Zen xऔर Zen Z सडकों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं
रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम बना जलाशय, जल जमाव से बच्चों का आवागमन बाधित चहनियाँ विकास खंड के अंतर्गत रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम और द्वितीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आपको बताते चले कि रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ प्रथम में जब बरसात होती है तो पूरा प्रांगण पानी से लबालब भर जाता है बच्चों को स्कूल जाने और आने में असुविधा होती है वो पानी में से होकर विद्यालय आते हैं और जाते हैं जिससे उनके गिरने की संभावना बनी रहती है तथा हाथ पैर टूटने का डर बना रहता है। इस समस्या से विकासखंड अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, व ग्राम सचिव को मार्च में ही अवगत कराया जा चुका है फोन करने पर फोन नहीं उठता है कभी उठ भी जाय तो समस्या सुनने के लिए समय नहीं रहता है और लालीपप देते रहते है आज हो जायेगा कल हो जायेगा ऐसे अधिकारी अपनी और सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अभी तक अधिकारी शीत निद्रा से नहीं जागे हैं। एक तरह जहाँ
सरकार शिक्षा को शिर्ष स्थान देती है सब पढे सब बढे लेकिन स्कूल जाने तक रास्ता नहीं, स्कूलों में शौचालय पेयजल आपूर्ति की समुचित ब्यवस्था नहीं, मकान नहीं शौच के लिए बच्चों को जंगल झाडियों में जाना पडता है जहाँ विशैले जंतुओं का खतरा होता है। कहने का आशय यह है कि सरकार आखिर शिक्षा को नीचले पायदान पर क्यूँ रख रहीं है शिक्षा के नाम पर छात्रों की जिंदगी से क्यूँ खेला जा रहा है हर जगह विद्यालय में शिक्षकों की कमी खराब खाना, साफ सफाई, किताबें कबाड में मिल रही है। सरकार सिर्फ अध्यापक से शिक्षा का काम लें क्या चुनाव आयोग चुनाव से संबंधित पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं कर सकता जिससे अध्यापकों को सिर्फ पढाई से संबंधित काम करना पडे। सरकार सभी सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सज्ञान में लें और सभी स्कूलों की जर्जर व्यवस्था और दयनीय शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करें। शिक्षा के अभाव में देश का चौमुखी विकास असंभव है। आज शिक्षा को लेकर Zen alfa, Zen xऔर Zen Z सडकों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं
- चंदौली के सकलडीहा चुनाव विधानसभा समीक्षा बैठक में शामिल हुए भासपा राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर1
- रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम बना जलाशय, जल जमाव से बच्चों का आवागमन बाधित चहनियाँ विकास खंड के अंतर्गत रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम और द्वितीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आपको बताते चले कि रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ प्रथम में जब बरसात होती है तो पूरा प्रांगण पानी से लबालब भर जाता है बच्चों को स्कूल जाने और आने में असुविधा होती है वो पानी में से होकर विद्यालय आते हैं और जाते हैं जिससे उनके गिरने की संभावना बनी रहती है तथा हाथ पैर टूटने का डर बना रहता है। इस समस्या से विकासखंड अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, व ग्राम सचिव को मार्च में ही अवगत कराया जा चुका है फोन करने पर फोन नहीं उठता है कभी उठ भी जाय तो समस्या सुनने के लिए समय नहीं रहता है और लालीपप देते रहते है आज हो जायेगा कल हो जायेगा ऐसे अधिकारी अपनी और सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अभी तक अधिकारी शीत निद्रा से नहीं जागे हैं। एक तरह जहाँ सरकार शिक्षा को शिर्ष स्थान देती है सब पढे सब बढे लेकिन स्कूल जाने तक रास्ता नहीं, स्कूलों में शौचालय पेयजल आपूर्ति की समुचित ब्यवस्था नहीं, मकान नहीं शौच के लिए बच्चों को जंगल झाडियों में जाना पडता है जहाँ विशैले जंतुओं का खतरा होता है। कहने का आशय यह है कि सरकार आखिर शिक्षा को नीचले पायदान पर क्यूँ रख रहीं है शिक्षा के नाम पर छात्रों की जिंदगी से क्यूँ खेला जा रहा है हर जगह विद्यालय में शिक्षकों की कमी खराब खाना, साफ सफाई, किताबें कबाड में मिल रही है। सरकार सिर्फ अध्यापक से शिक्षा का काम लें क्या चुनाव आयोग चुनाव से संबंधित पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं कर सकता जिससे अध्यापकों को सिर्फ पढाई से संबंधित काम करना पडे। सरकार सभी सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सज्ञान में लें और सभी स्कूलों की जर्जर व्यवस्था और दयनीय शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करें। शिक्षा के अभाव में देश का चौमुखी विकास असंभव है। आज शिक्षा को लेकर Zen alfa, Zen xऔर Zen Z सडकों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं2
- पीथापुर तुलसी आश्रम जनपद चंदौली भारी बारिश 🌧️⛈️🌪️🌧️ बारिश 🌧️🌧️1
- सकलडीहा - चंदौली पवित्र सावन मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन एवं दुर्लभ संयोग पर आज पूरे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख शिव मंदिरों और ग्रामीण अंचलों के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसी क्रम में सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के टिमिलपुर ग्राम सभा स्थित शिव मंदिर पर भी भक्तों की भारी भीड़ जुटी, जहाँ श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। टिमिलपुर ग्राम सभा और आसपास के गांवों से आए भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। सुबह तड़के चार बजे से ही महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल-माला लेकर मंदिर पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते पूरा मंदिर परिसर भक्तों की लंबी कतारों से पट गया। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा टिमिलपुर क्षेत्र हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने अत्यंत श्रद्धाभाव से शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित किया। सोमवार के साथ-साथ नाग पंचमी का विशेष पर्व होने के कारण श्रद्धालुओं ने नाग देवता की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और उन्हें दूध-लावा चढ़ाया। टिमिलपुर ग्राम सभा के स्थानीय ग्रामीणों और संभ्रांत नागरिकों ने मंदिर परिसर में व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया ताकि वृद्ध और महिला श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर वालंटियर भी मुस्तैद दिखे। दोपहर बाद तक मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन का यह सिलसिला अनवरत चलता रहा।1
- खबर जनपद चन्दौली के चकिया से है जहाँ स्वतंत्रता दिवस के दिन स्कूल में आजादी,सम्मान और अधिकारों की बातें हो रही थीं, उसी दिन छात्रों को कथित तौर पर अपमानित किए जाने का मामला अब सड़क तक पहुंच गया है। आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज चकिया में स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक कराने के मामले को लेकर मंगलवार को तहसील व गाँधी पार्क तिराहे पर दोपहर से रात्रि तक छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। तो वही छात्रों ने मामले में समझाने आये जिला विधालय निरीक्षक को मौके से वापस लौटा दिया। दरसल मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब छात्र को उठक-बैठक कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। छात्रों का आरोप है कि एक छात्र के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की गई, जबकि दूसरे छात्र को सार्वजनिक मंच पर उठक-बैठक कराकर अपमानित किया गया। मंगलवार को हाथों में स्लोगन लिखे बैनर लेकर छात्र चकिया नगर की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने प्रधानाचार्य के निलंबन की मांग की। इसके बाद छात्र तहसील परिसर पहुंच गए और धरने पर बैठकर जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। मामला बढ़ता देख अपर जिलाधिकारी चंदौली रात्रि में मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से वार्ता कर मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। छात्रों ने साफ कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। अब सवाल यह है कि जिस आजादी के दिन छात्रों को सम्मान और अधिकारों का संदेश दिया जा रहा था, उसी दिन सामने आए कथित अपमान के मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होगी? रिपोर्ट :अंकित सैनी जनपद :चन्दौली मो :6388209336 बाइट :शैलश कुमार बाइट :अपर जिलाधिकारी चन्दौली4
- कलम की तेज धार से | अयोध्या कचहरी में कानून की पिटाई पारिवारिक विवाद के मुकदमे में अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव से मारपीट, हालत गंभीर मेडिकल कॉलेज रेफर अयोध्या। न्याय के मंदिर में ही अन्याय। कचहरी परिसर - जहां कानून की रक्षा होती है, वहीं एक अधिवक्ता के साथ मारपीट हो गई। पूरा मामला क्या है? घायल अधिवक्ता की पहचान विकास श्रीवास्तव उम्र 37 वर्ष पुत्र स्व. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव निवासी सिहोरिया मलखानपुर, थाना महाराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गांव में पारिवारिक विवाद को लेकर पहले से झगड़ा चल रहा था। दोनों पक्षों ने क्रॉस FIR भी दर्ज कराई थी। इसी मामले की तारीख पर जब दोनों पक्ष कचहरी परिसर में आमने-सामने आए तो पहले कहासुनी हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि इसी दौरान अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव के साथ मारपीट की गई और वो गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में क्या हुआ? मारपीट के बाद घायल अधिवक्ता को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज कुमार ने बताया अधिवक्ता के अनुसार उनके साथ फिजिकल असॉल्ट हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया गया। कलम की तेज धार - तीखी प्रतिक्रिया सवाल कचहरी सुरक्षित नहीं तो आम जनता कहां जाएगी? वकील कानून का रखवाला है। अगर कचहरी के अंदर ही वकील पिट रहा है तो मुकदमा लड़ने कौन आएगा? प्रशासन को तुरंत CCTV, पुलिस पिकेट और एंट्री गेट पर सख्ती करनी होगी। सवाल पारिवारिक विवाद = खूनी विवाद छोटा सा जमीनी या पारिवारिक झगड़ा। क्रॉस FIR से लेकर कचहरी में मारपीट तक। इसका मतलब है पंचायत स्तर पर सुलह-समझौता और काउंसलिंग की व्यवस्था फेल है। सवाल बार एसोसिएशन और पुलिस की जिम्मेदारी अधिवक्ताओं की सुरक्षा बार की जिम्मेदारी है। दोषियों पर गैंगस्टर और NSA जैसी कार्रवाई हो ताकि दोबारा कोई कचहरी में हाथ उठाने से पहले 100 बार सोचे। अंतिम पंक्ति विकास श्रीवास्तव आज मेडिकल कॉलेज में हैं, पर सवाल हम सबके जमीर में भर्ती है। न्याय मांगने आए थे, खुद न्याय के मोहताज हो गए। ये कचहरी की शर्म है, समाज की शर्म है। जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग 24 घंटे में गिरफ्तारी हो। और कचहरी को "सुरक्षित क्षेत्र" घोषित किया जाए।2
- अध्यापक और छात्र के रिश्ते को प्रधानाचार्य ने किया तार तार, चन्दौली चकिया राजकीय इंटर कालेज में छात्र के साथ मारपीट और अपमानित मामले को लेकर सैकड़ो की संख्या में छात्र गाँधी पार्क चकिया स्थल पर धरने में बैठे छात्र, जिलाधिकारी को बुलाने को लेकर छात्र अड़े अध्यापक और छात्र के रिश्ते को प्रधानाचार्य ने किया तार तार, चन्दौली चकिया राजकीय इंटर कालेज में छात्र के साथ मारपीट और अपमानित मामले को लेकर सैकड़ो की संख्या में छात्र गाँधी पार्क चकिया स्थल पर धरने में बैठे छात्र, जिलाधिकारी को बुलाने को लेकर छात्र अड़े2
- सकलडीहा के पीथापुर गांव शिव मंदिर कीर्तन भजन करते ग्रामीण पंचम शर्मा गुड्डू पाठक मुन्ना पाठक सिपाही मौर्य चंद्रमा मौर्य डब्बू सिंह अजय सिंह पत्रकार अजय सिंह पिंटू लक्ष्मण यादव गमा यादव डब्बू सिंह राम अवतार राम राजभर किशुन गुप्ता1