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शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश

10 hrs ago
user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Court reporter Singrauli Nagar, Madhya Pradesh•
10 hrs ago

शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश

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  • शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश
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    शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल  न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Singrauli Nagar, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • दिनदहाड़े महिला से मोबाइल स्नैचिंग, भागते वक्त बाइक सवारों की दूसरी गाड़ी से जोरदार टक्कर दो आरोपियों को भीड़ ने पकड़ा, जमकर की पिटाई; एक की हालत गंभीर, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती कोतवाली थाना क्षेत्र के सेंट जोसेफ मोड़ पर दिनदहाड़े एक महिला से मोबाइल छीने जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। घटना उस वक्त हुई जब महिला सड़क पर पैदल जा रही थी, तभी तेज रफ्तार बाइक पर सवार तीन युवक अचानक पहुंचे और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। मोबाइल छीनने के बाद तीनों आरोपी तेजी से भागने लगे, लेकिन कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को पकड़ लिया और गुस्साई भीड़ ने उनकी जमकर पिटाई कर दी, जबकि तीसरा आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से दोनों आरोपियों को छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया। पिटाई के चलते एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और फरार तीसरे आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला मोबाइल स्नैचिंग का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। इस घटना ने शहर में दिनदहाड़े बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    दिनदहाड़े महिला से मोबाइल स्नैचिंग, भागते वक्त बाइक सवारों की दूसरी गाड़ी से जोरदार टक्कर
दो आरोपियों को भीड़ ने पकड़ा, जमकर की पिटाई; एक की हालत गंभीर, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती
कोतवाली थाना क्षेत्र के सेंट जोसेफ मोड़ पर दिनदहाड़े एक महिला से मोबाइल छीने जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। घटना उस वक्त हुई जब महिला सड़क पर पैदल जा रही थी, तभी तेज रफ्तार बाइक पर सवार तीन युवक अचानक पहुंचे और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया।
मोबाइल छीनने के बाद तीनों आरोपी तेजी से भागने लगे, लेकिन कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को पकड़ लिया और गुस्साई भीड़ ने उनकी जमकर पिटाई कर दी, जबकि तीसरा आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से दोनों आरोपियों को छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया। पिटाई के चलते एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और फरार तीसरे आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला मोबाइल स्नैचिंग का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
इस घटना ने शहर में दिनदहाड़े बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    Photographer सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आईजी के सख्त निर्देशों के बावजूद कोरेक्स, गांजा, ब्राउन शुगर का खुलेआम कारोबार — ग्रामीणों ने लगाया संरक्षण का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग सिंगरौली। 28 मार्च 2026 जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर रीवा रेंज के आईजी द्वारा लगातार नशामुक्ति अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। क्षेत्र में कोरेक्स, हीरोइन, गांजा और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री खुलेआम जारी है। क्षेत्र में इस समय नशे के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि माड़ा, छतौली, धनहा सहित कई गांवों में नशे का जाल गहराई तक फैल चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नशे के सौदागर अब बेखौफ होकर दिन-दहाड़े अपना धंधा चला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे कई परिवारों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। अभिभावक अपने बच्चों को इस दलदल से निकालने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप? समाजसेवी संगठनों और ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप माड़ा थाना प्रभारी पर लगाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे अवैध कारोबार को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है — कभी कुछ पुड़िया बरामद कर प्रेस नोट जारी कर दिया जाता है, तो कभी अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर ली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े सौदागर और इस कारोबार के असली सरगना आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। चौराहों पर यह चर्चा आम है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है और बड़े लोगों तक हाथ नहीं पहुंचता। कार्रवाई की मांग हुई तेज। माड़ा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और क्षेत्र में विशेष टीम भेजकर सघन कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक बड़े स्तर पर सख्ती नहीं होगी, तब तक नशे के इस जाल को खत्म करना संभव नहीं है। सवालों के घेरे में व्यवस्था? माड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि समाज के भविष्य पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है, जबकि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर ठोस कार्रवाई करेगा? पुलिस विभाग अपने ही सिस्टम पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगा? या फिर नशे का यह काला कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा…?
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    आईजी के सख्त निर्देशों के बावजूद कोरेक्स, गांजा, ब्राउन शुगर का खुलेआम कारोबार — ग्रामीणों ने लगाया संरक्षण का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग
सिंगरौली। 28 मार्च 2026
जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर रीवा रेंज के आईजी द्वारा लगातार नशामुक्ति अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। क्षेत्र में कोरेक्स, हीरोइन, गांजा और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री खुलेआम जारी है।
क्षेत्र में इस समय नशे के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि माड़ा, छतौली, धनहा सहित कई गांवों में नशे का जाल गहराई तक फैल चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नशे के सौदागर अब बेखौफ होकर दिन-दहाड़े अपना धंधा चला रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे कई परिवारों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
अभिभावक अपने बच्चों को इस दलदल से निकालने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।
थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप?
समाजसेवी संगठनों और ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप माड़ा थाना प्रभारी पर लगाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे अवैध कारोबार को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है — कभी कुछ पुड़िया बरामद कर प्रेस नोट जारी कर दिया जाता है, तो कभी अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर ली जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़े सौदागर और इस कारोबार के असली सरगना आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। चौराहों पर यह चर्चा आम है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है और बड़े लोगों तक हाथ नहीं पहुंचता।
कार्रवाई की मांग हुई तेज।
माड़ा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और क्षेत्र में विशेष टीम भेजकर सघन कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक बड़े स्तर पर सख्ती नहीं होगी, तब तक नशे के इस जाल को खत्म करना संभव नहीं है।
सवालों के घेरे में व्यवस्था?
माड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि समाज के भविष्य पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है, जबकि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर ठोस कार्रवाई करेगा? पुलिस विभाग अपने ही सिस्टम पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगा?
या फिर नशे का यह काला कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा…?
    user_Mithilesh Kumar Yadav
    Mithilesh Kumar Yadav
    Artist सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद सोनभद्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पवित्र घाट पर लोग सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी घाट पर एक नवजात शिशु का इस हालत में मिलना मानवता पर गहरा धब्बा बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हर किसी की आंखों में सवाल और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। आखिर वह कौन सी मजबूरी या निर्दयता थी, जिसने एक मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने पर मजबूर कर दिया? यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच पर गहरा प्रहार है। आधुनिकता और विकास के दावों के बीच आज भी कई जगहों पर बेटियों को लेकर पुरानी कुरीतियाँ जीवित हैं। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव आज भी कई परिवारों को ऐसे अमानवीय कदम उठाने के लिए विवश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद बेटियों को ‘बोझ’ समझने की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई मामलों में आर्थिक तंगी, सामाजिक भय और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। हेडिंग
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    जनपद सोनभद्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पवित्र घाट पर लोग सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी घाट पर एक नवजात शिशु का इस हालत में मिलना मानवता पर गहरा धब्बा बन गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हर किसी की आंखों में सवाल और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। आखिर वह कौन सी मजबूरी या निर्दयता थी, जिसने एक मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने पर मजबूर कर दिया?
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच पर गहरा प्रहार है। आधुनिकता और विकास के दावों के बीच आज भी कई जगहों पर बेटियों को लेकर पुरानी कुरीतियाँ जीवित हैं। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव आज भी कई परिवारों को ऐसे अमानवीय कदम उठाने के लिए विवश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद बेटियों को ‘बोझ’ समझने की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई मामलों में आर्थिक तंगी, सामाजिक भय और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हेडिंग
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
  • सोनभद्र की यह हृदयविदारक घटना वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिस घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन की मंगलकामना की जाती है, वहीं एक नवजात का इस अवस्था में मिलना हमारी सामूहिक चेतना पर एक गहरा घाव है। ​आपने जो सवाल उठाया है—"क्या आज भी बेटियों को लेकर समाज में वही पुरानी कुरीतियाँ फैली हुई हैं?"—इसका उत्तर काफी जटिल और कड़वा है। ​1. आधुनिकता और पिछड़ती सोच का द्वंद्व ​हम मंगल ग्रह पर पहुँच चुके हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा 'वंश' चलाने के नाम पर केवल बेटों को प्राथमिकता देता है। सोनभद्र जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि शिक्षा के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच (Patriarchal mindset) अभी भी जड़ों में जमी हुई है। बेटियों को आज भी कई जगहों पर "पराया धन" या आर्थिक बोझ के रूप में देखा जाता है। ​2. केवल लिंगभेद नहीं, लोक-लाज का डर भी ​अक्सर ऐसी घटनाओं के पीछे केवल बेटा-बेटी का भेद नहीं होता, बल्कि अवैध संबंधों या सामाजिक लोक-लाज का डर भी होता है। समाज का इतना क्रूर होना कि एक माँ या परिवार अपनी संतान को कुत्तों के नोचने के लिए छोड़ दे, यह दिखाता है कि हमारे समाज में 'बदनामी' का डर 'मानवता' से कहीं बड़ा हो गया है। ​3. प्रशासनिक और सामाजिक विकल्पों का अभाव ​जैसा कि आपने उल्लेख किया, सुरक्षित विकल्प (जैसे 'पालना योजना' या अनाथालय) मौजूद हैं, लेकिन: ​जागरूकता की कमी: ग्रामीण या पिछड़े इलाकों में लोगों को नहीं पता कि वे कानूनी रूप से बच्चे को छोड़ सकते हैं। ​गोपनीयता का अभाव: लोगों को डर रहता है कि अगर वे सरकारी संस्थान जाएँगे, तो उनसे सवाल पूछे जाएँगे या पुलिस केस होगा। ​4. गरिमापूर्ण विदाई का सवाल ​प्रशासन द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर देना प्रक्रियात्मक हो सकता है, लेकिन आपकी बात सही है—मृत्यु के बाद गरिमा हर मनुष्य का अधिकार है। बिना गहन जांच या डीएनए सुरक्षित किए अंतिम संस्कार करना कहीं न कहीं अपराधियों को बचाने का अनचाहा रास्ता भी बन जाता है। ​निष्कर्ष ​यह बच्ची का मिलना केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक विफलता (Social Failure) है। जब तक समाज में "बेटी" को एक स्वतंत्र और मूल्यवान इकाई के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक हम लोक-लाज से ऊपर उठकर जीवन को महत्व नहीं देंगे, तब तक ऐसे 'छठ घाट' हमारी संवेदनाओं को झकझोरते रहेंगे।
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    सोनभद्र की यह हृदयविदारक घटना वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिस घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन की मंगलकामना की जाती है, वहीं एक नवजात का इस अवस्था में मिलना हमारी सामूहिक चेतना पर एक गहरा घाव है।
​आपने जो सवाल उठाया है—"क्या आज भी बेटियों को लेकर समाज में वही पुरानी कुरीतियाँ फैली हुई हैं?"—इसका उत्तर काफी जटिल और कड़वा है।
​1. आधुनिकता और पिछड़ती सोच का द्वंद्व
​हम मंगल ग्रह पर पहुँच चुके हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा 'वंश' चलाने के नाम पर केवल बेटों को प्राथमिकता देता है। सोनभद्र जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि शिक्षा के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच (Patriarchal mindset) अभी भी जड़ों में जमी हुई है। बेटियों को आज भी कई जगहों पर "पराया धन" या आर्थिक बोझ के रूप में देखा जाता है।
​2. केवल लिंगभेद नहीं, लोक-लाज का डर भी
​अक्सर ऐसी घटनाओं के पीछे केवल बेटा-बेटी का भेद नहीं होता, बल्कि अवैध संबंधों या सामाजिक लोक-लाज का डर भी होता है। समाज का इतना क्रूर होना कि एक माँ या परिवार अपनी संतान को कुत्तों के नोचने के लिए छोड़ दे, यह दिखाता है कि हमारे समाज में 'बदनामी' का डर 'मानवता' से कहीं बड़ा हो गया है।
​3. प्रशासनिक और सामाजिक विकल्पों का अभाव
​जैसा कि आपने उल्लेख किया, सुरक्षित विकल्प (जैसे 'पालना योजना' या अनाथालय) मौजूद हैं, लेकिन:
​जागरूकता की कमी: ग्रामीण या पिछड़े इलाकों में लोगों को नहीं पता कि वे कानूनी रूप से बच्चे को छोड़ सकते हैं।
​गोपनीयता का अभाव: लोगों को डर रहता है कि अगर वे सरकारी संस्थान जाएँगे, तो उनसे सवाल पूछे जाएँगे या पुलिस केस होगा।
​4. गरिमापूर्ण विदाई का सवाल
​प्रशासन द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर देना प्रक्रियात्मक हो सकता है, लेकिन आपकी बात सही है—मृत्यु के बाद गरिमा हर मनुष्य का अधिकार है। बिना गहन जांच या डीएनए सुरक्षित किए अंतिम संस्कार करना कहीं न कहीं अपराधियों को बचाने का अनचाहा रास्ता भी बन जाता है।
​निष्कर्ष
​यह बच्ची का मिलना केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक विफलता (Social Failure) है। जब तक समाज में "बेटी" को एक स्वतंत्र और मूल्यवान इकाई के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक हम लोक-लाज से ऊपर उठकर जीवन को महत्व नहीं देंगे, तब तक ऐसे 'छठ घाट' हमारी संवेदनाओं को झकझोरते रहेंगे।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    6 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सोनभद्र | 28 मार्च 2026 जनपद सोनभद्र में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत 100 परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। करीब 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार से किया गया, जिससे जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मंत्री ने सोनभद्र से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनपद उनके लिए केवल एक प्रशासनिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने इस दिन को जनपद के विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन योजनाओं से गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। बताया गया कि स्वीकृत 100 परियोजनाओं में से कई कार्यों का आज औपचारिक शिलान्यास किया गया, जिनमें विशेष रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 6 विद्युतीकरण कार्य, 2 इंटरलॉकिंग, 2 सड़क एवं पुलिया निर्माण, 4 विद्यालय भवन और 1 ओपन जिम शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोलर आधारित पेयजल और प्रकाश व्यवस्था से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस पहल को जनपद के लिए मील का पत्थर बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, परियोजना निदेशक श्रवण कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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    सोनभद्र | 28 मार्च 2026
जनपद सोनभद्र में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत 100 परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। करीब 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार से किया गया, जिससे जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मंत्री ने सोनभद्र से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनपद उनके लिए केवल एक प्रशासनिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने इस दिन को जनपद के विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन योजनाओं से गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
बताया गया कि स्वीकृत 100 परियोजनाओं में से कई कार्यों का आज औपचारिक शिलान्यास किया गया, जिनमें विशेष रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 6 विद्युतीकरण कार्य, 2 इंटरलॉकिंग, 2 सड़क एवं पुलिया निर्माण, 4 विद्यालय भवन और 1 ओपन जिम शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोलर आधारित पेयजल और प्रकाश व्यवस्था से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस पहल को जनपद के लिए मील का पत्थर बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, परियोजना निदेशक श्रवण कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_Kiran Sahani
    Kiran Sahani
    Media company Obra, Sonbhadra•
    17 hrs ago
  • शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश
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    शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल  न्यूज खबर विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9974778863 मध्य प्रदेश
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Singrauli, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
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