करौंदी नायक टोली में 22 वर्षीय युवक ने प्रेम प्रसंग में फांसी लगाकर की खुदकुशी,शादी समारोह में हुई थी युवती से दोस्ती गुमला सदर थाना क्षेत्र के करौंदी नायक टोली निवासी संजू नायक के 22 वर्षीय पुत्र राकेश नायक के द्वारा रात के करीब 12:00 बजे अपने घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा खुदकुशी कर ली।सूचना मिलने पर एसआई विनय कुमार महतो ने शव कब्जे में लेकर गुरुवार को सदर अस्पताल गुमला भेज पोस्टमार्टम करा परिजनों को शव सौंप दिया और मामले की छानबीन में जुट गया है वहीं मौके पर मृतक के परिजन रोशन नायक ने बताया है की एक शादी समारोह में नेतरहाट गया था जंहा एक युवती से उसकी कुछ वर्ष पूर्व दोस्ती हुई थी जो प्रेम में बदल गया। इसके बाद दोनों आपस में फोन में वार्तालाप करते थे घर वाले राजी थे लेकिन कल युवती से फोन पर बात करने के बाद दोनो के बीच अनबन हुई और इसी बीच फांसी लगा खुदकुशी का लिया
करौंदी नायक टोली में 22 वर्षीय युवक ने प्रेम प्रसंग में फांसी लगाकर की खुदकुशी,शादी समारोह में हुई थी युवती से दोस्ती गुमला सदर थाना क्षेत्र के करौंदी नायक टोली निवासी संजू नायक के 22 वर्षीय पुत्र राकेश नायक के द्वारा रात के करीब 12:00 बजे अपने घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा खुदकुशी कर ली।सूचना मिलने पर एसआई विनय कुमार महतो ने शव कब्जे में लेकर गुरुवार को सदर अस्पताल गुमला भेज पोस्टमार्टम करा परिजनों को शव सौंप दिया और मामले की छानबीन में जुट गया है वहीं मौके पर मृतक के परिजन रोशन नायक ने बताया है की एक शादी समारोह में नेतरहाट गया था जंहा एक युवती से उसकी कुछ वर्ष पूर्व दोस्ती हुई थी जो प्रेम में बदल गया। इसके बाद दोनों आपस में फोन में वार्तालाप करते थे घर वाले राजी थे लेकिन कल युवती से फोन पर बात करने के बाद दोनो के बीच अनबन हुई और इसी बीच फांसी लगा खुदकुशी का लिया
- Post by Pawan arya1
- सड़क दुर्घटना में दादी पोता जख्मी इलाज के दौरान वृद्ध महिला की मौत घटना बांधटोली पतरा के समीप हुआ1
- *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस* गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- Post by AAM JANATA1
- 🚨 सिमडेगा में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध दवा कारोबार में शामिल गिरोह का पर्दाफाश किया। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य सप्लायर भी शामिल है। जांच के दौरान नेटवर्क की जड़ें राउरकेला तक पहुंची, जहां से सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। पूरी जानकारी के लिए वीडियो जरूर देखें👇1
- Post by Altamas Rja1
- *अगस्त माह से झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले शुरू किया जाएगा आर-पार की लड़ाई: राजू महतो* *आंदोलनकारियों के हित में कम से कम गुरूजी मॉडल को ही लागू करे सरकार: मो. कय्यूम खान* *आंदोलनकारियों के मांगों पर सहानुभूति पूर्वक वार्ता करें मुख्यमंत्री: अनिल कुमार भगत* *अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता: प्रो. विनोद भगत* *आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें हेमंत सोरेन: अमर किन्डो* संवाददाता लोहरदगा: झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला समिति की बैठक बुधवार को जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजू महतो, प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान, संयोजिका विनीता खलखो, सीता उरांव, जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत, आदि मौजूद थे। मौके पर केन्द्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों से अपने मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठायी है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह क्रांति का माह है। आने वाले अगस्त में हमलोग झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के साथ मिल कर अंतिम लड़ाई लड़ेंगे और अपने उद्देश्यों में सफल होंगे। केन्द्रीय प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान ने कहा कि सरकार सभी आंदोलनकारियों समान रूप से सम्मान, नियोजन पेंशन समेत व्यवस्थाओं का लाभ देने की दिशा में ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि कम से कम कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन मोडल लागू करें। जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा आंदोलनकारियों को बरगला कर आर्थिक दोहन करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अमर पुरोधाओं के सपने को साकार करने, और अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता है। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार भगत ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के मामले को सरकार को जल्द से जल्द वार्ता कर निष्पादित करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों से वार्ता करें और आंदोलनकारियों के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर जेल जाने की बाध्यता समाप्त करें। जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमर किन्डो ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड आंदोलन की ही उपज है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आंदोलनकारियों के हित में ठोस निर्णय लेकर वार्ता कर समस्याओं का समाधान करें। कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें। केन्द्रीय संयोजित विनिता खलखो ने कहा कि बिना किसी दबाव के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन आदि के मामले को अविलंब निष्पादित करें। संबोधित करने वालों में सीता उरांव, जिला सचिव विशेषण भगत, बालोमुनी बखला, सुखदेव उरांव, उषा रानी लकड़ा, विजय विद्यार्थी, संचालन कृष्णा कुमार ठाकुर, शाहिद अहमद आदि शामिल थे। बैठक में चैतू मुंडा, गंगा उरांव, तारामनी मिंज, सुशीला लकड़ा, नगर रवि उरांव, ललिता भगत, विफई पाहन, सूरज मोहन लकड़ा, जगदीश उरांव आदि सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। सर्व सहमति से अगली बैठक 20 मई बुधवार को3
- सिमडेगा:- महिला आरक्षण बिल को अविलंब लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बड़ा एवं महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा के नेतृत्व में केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। इससे पहले कचहरी चौक से महावीर चौक तक विशाल जुलूस निकाला गया। इसके बाद केंद्र सरकार के खिलाफ पुतला दहन कर विरोध जताया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर विधायक भूषण बड़ा ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित होने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई। लेकिन इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को वास्तविक भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। *महिलाओं के सम्मान और अधिकार की है लड़ाई लड़ रही है कांग्रेस: जोसिमा खाखा* वहीं महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह बिल महिलाओं को गुमराह करने का एक राजनीतिक हथकंडा बन गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। अगर सरकार सच में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर होती, तो अब तक इस बिल को लागू कर चुकी होती। कांग्रेस महिला मोर्चा इसे लेकर लगातार आंदोलन करता रहेगा। उन्होंने महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर अपने अधिकार की आवाज बुलंद करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही महिला आरक्षण बिल लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई महिलाओं के सम्मान और अधिकार की है, जिसे हर हाल में जीतना है। *बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद* प्रदर्शन में प्रवक्ता रणधीर रंजन, सिमडेगा प्रखंड अध्यक्ष सिलबेस्टर बघवार, पाकरटांड प्रखंड अध्यक्ष अजीत लकड़ा, केरसई प्रखंड अध्यक्ष नोवेल मिंज, कुरडेग प्रखंड अध्यक्ष तुलसी खलखो, नगर अध्यक्ष अरशद हुसैन, टी टांगर प्रखंड अध्यक्ष अशफाक आलम, कोलेबिरा प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोंगाडी, बानो प्रखंड अध्यक्ष रफीक खान, बोलबा प्रखंड अध्यक्ष ज्वलंत बेग समेत कई विधायक प्रतिनिधि, 20 सूत्री उपाध्यक्ष मनोज जायसवाल और बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने पांकी स्थित पीएम श्री केजीबीवी विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने और कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी। बैग की गुणवत्ता जांचकर छात्राओं के बीच वितरण भी किया गया और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया2