logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

खुशी के आंसू अब शर्म में तब्दील: UPSC 'सफलता' के झूठे दावे पर रोने वाले बाबा अब सच्चाई सामने आने पर मौन #Apkiawajdigital ​बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 ​विशेष संवाददाता कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर बुलंदशहर के एक बुजुर्ग का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में बाबा अपनी पोती शिखा की UPSC परीक्षा में 113वीं रैंक आने की खुशी में फूट-फूटकर रो रहे थे। उस पल को लोगों ने 'संघर्ष की जीत' के रूप में देखा था। लेकिन आज, जब हकीकत सामने आई है, तो वही खुशी के आंसू परिवार के लिए गहरे शर्म और अफसोस का सबब बन गए हैं। ​धोखे की बुनियाद और टूटता हुआ विश्वास जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि पोती शिखा का यूपीएससी परीक्षा में चयन नहीं हुआ है। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की थी, और बुलंदशहर वाली शिखा तो मुख्य परीक्षा (Mains) भी पास नहीं कर सकी थीं। केवल नाम की समानता का लाभ उठाकर किए गए इस दावे ने न केवल प्रशासन की नजर में परिवार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि उस बुजुर्ग बाबा की भावनाओं का भी मजाक बना दिया है, जिन्होंने अपनी पोती की कथित सफलता को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि माना था। ​सोशल मीडिया का 'दिखावटी जश्न' और उसका कड़वा सच यह वायरल वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को सामने आया था। उस वक्त बाबा का भावुक चेहरा हर किसी के दिल को छू गया था। लेकिन जब सच सामने आया कि यह सफलता महज एक 'नाम का भ्रम' थी, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को 'असंवेदनशील प्रचार' करार दिया है। ​परिवार पर उठे सवाल सवाल यह उठता है कि क्या केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए एक पूरे परिवार ने बुजुर्ग दादा की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया? बिना रोल नंबर की पुष्टि किए, एक बड़े जश्न का आयोजन करना और उसे सार्वजनिक करना अब बुलंदशहर के इस परिवार पर भारी पड़ रहा है। ​यह घटना दिखाती है कि कैसे डिजिटल युग में बिना ठोस तथ्यों के किया गया प्रचार, अंततः अपनों के सम्मान को ही दांव पर लगा देता है। आज वह बाबा, जो गर्व से रो रहे थे, सच्चाई सामने आने के बाद शर्मिंदगी के साए में हैं।

16 hrs ago
user_ApkiAwajDigital
ApkiAwajDigital
Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

खुशी के आंसू अब शर्म में तब्दील: UPSC 'सफलता' के झूठे दावे पर रोने वाले बाबा अब सच्चाई सामने आने पर मौन #Apkiawajdigital ​बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 ​विशेष संवाददाता कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर बुलंदशहर के एक बुजुर्ग का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में बाबा अपनी पोती शिखा की UPSC परीक्षा में 113वीं रैंक आने की खुशी में फूट-फूटकर रो रहे थे। उस पल को लोगों ने 'संघर्ष की जीत' के रूप में देखा था। लेकिन आज, जब हकीकत सामने आई है, तो वही खुशी के आंसू परिवार के लिए गहरे शर्म और अफसोस का सबब बन गए हैं। ​धोखे की बुनियाद और टूटता हुआ विश्वास जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि पोती शिखा का यूपीएससी परीक्षा में चयन नहीं हुआ है। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की थी, और बुलंदशहर वाली शिखा तो मुख्य परीक्षा (Mains) भी पास नहीं कर सकी थीं। केवल नाम की समानता का लाभ उठाकर किए गए इस दावे ने न केवल प्रशासन की नजर में परिवार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि उस बुजुर्ग बाबा की भावनाओं का भी मजाक बना दिया है, जिन्होंने अपनी पोती की कथित सफलता को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि माना था। ​सोशल मीडिया का 'दिखावटी जश्न' और उसका कड़वा सच यह वायरल वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को सामने आया था। उस वक्त बाबा का भावुक चेहरा हर किसी के दिल को छू गया था। लेकिन जब सच सामने आया कि यह सफलता महज एक 'नाम का भ्रम' थी, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को 'असंवेदनशील प्रचार' करार दिया है। ​परिवार पर उठे सवाल सवाल यह उठता है कि क्या केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए एक पूरे परिवार ने बुजुर्ग दादा की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया? बिना रोल नंबर की पुष्टि किए, एक बड़े जश्न का आयोजन करना और उसे सार्वजनिक करना अब बुलंदशहर के इस परिवार पर भारी पड़ रहा है। ​यह घटना दिखाती है कि कैसे डिजिटल युग में बिना ठोस तथ्यों के किया गया प्रचार, अंततः अपनों के सम्मान को ही दांव पर लगा देता है। आज वह बाबा, जो गर्व से रो रहे थे, सच्चाई सामने आने के बाद शर्मिंदगी के साए में हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • #Apkiawajdigital ​बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 ​विशेष संवाददाता यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का दावा करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बुलंदशहर की एक शिखा के लिए यह उपलब्धि तब 'हास्यास्पद' बन गई जब उन्होंने बिना रोल नंबर मिलान किए ही अपनी जीत का ढोल पीट दिया। खबर यह है कि जिस शिखा ने बड़े ही धूमधाम से अपना विजय जुलूस निकलवाया था, उनका नाम मेरिट लिस्ट में था ही नहीं। ​जुलूस अब भी निकलेगा, लेकिन शर्म का! सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुलंदशहर की शिखा ने यूपीएससी में 113वीं रैंक आने का दावा कर गाजे-बाजे के साथ अपना जुलूस निकलवाया था। मिठाई बांटी गई, ढोल-नगाड़े बजे और पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा होने लगी। लेकिन, अब जब सच्चाई सामने आई है कि वह मुख्य परीक्षा (Mains) में भी उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं, तो सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग तंज कस रहे हैं कि "जुलूस तो निकलेगा, पर इस बार जीत का नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े के शर्म का।" ​'नाम की समानता' का लिया सहारा? इस अजीबोगरीब वाकये पर शिखा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सफाई दी कि, "उसका भी नाम शिखा है, मेरा भी। मैंने PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं।" प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नाम के आधार पर UPSC जैसी परीक्षा में सफलता का दावा करना न केवल लापरवाही है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की गरिमा को कम करने जैसा है। सच्चाई यह है कि 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने प्राप्त की है, न कि बुलंदशहर की इस शिखा ने। ​वायरल वीडियो ने खोली पोल सोशल मीडिया पर उनका जश्न मनाते हुए जो वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को वायरल हुआ था, आज वही वीडियो उनकी फजीहत का कारण बना हुआ है। जहाँ पहले लोग उन्हें बधाई दे रहे थे, वहीं अब उनके इस 'झूठे दावे' को लेकर ट्रोलिंग का सिलसिला जारी है। ​यह घटना उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए सोशल मीडिया पर अपनी 'सफलता' का बखान करते हैं। बुलंदशहर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि सच्चाई छिपाने से नहीं, बल्कि मेहनत से ही सामने आती है।
    1
    #Apkiawajdigital
​बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026
​विशेष संवाददाता
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का दावा करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बुलंदशहर की एक शिखा के लिए यह उपलब्धि तब 'हास्यास्पद' बन गई जब उन्होंने बिना रोल नंबर मिलान किए ही अपनी जीत का ढोल पीट दिया। खबर यह है कि जिस शिखा ने बड़े ही धूमधाम से अपना विजय जुलूस निकलवाया था, उनका नाम मेरिट लिस्ट में था ही नहीं।
​जुलूस अब भी निकलेगा, लेकिन शर्म का!
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुलंदशहर की शिखा ने यूपीएससी में 113वीं रैंक आने का दावा कर गाजे-बाजे के साथ अपना जुलूस निकलवाया था। मिठाई बांटी गई, ढोल-नगाड़े बजे और पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा होने लगी। लेकिन, अब जब सच्चाई सामने आई है कि वह मुख्य परीक्षा (Mains) में भी उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं, तो सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग तंज कस रहे हैं कि "जुलूस तो निकलेगा, पर इस बार जीत का नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े के शर्म का।"
​'नाम की समानता' का लिया सहारा?
इस अजीबोगरीब वाकये पर शिखा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सफाई दी कि, "उसका भी नाम शिखा है, मेरा भी। मैंने PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं।" प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नाम के आधार पर UPSC जैसी परीक्षा में सफलता का दावा करना न केवल लापरवाही है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की गरिमा को कम करने जैसा है। सच्चाई यह है कि 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने प्राप्त की है, न कि बुलंदशहर की इस शिखा ने।
​वायरल वीडियो ने खोली पोल
सोशल मीडिया पर उनका जश्न मनाते हुए जो वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को वायरल हुआ था, आज वही वीडियो उनकी फजीहत का कारण बना हुआ है। जहाँ पहले लोग उन्हें बधाई दे रहे थे, वहीं अब उनके इस 'झूठे दावे' को लेकर ट्रोलिंग का सिलसिला जारी है।
​यह घटना उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए सोशल मीडिया पर अपनी 'सफलता' का बखान करते हैं। बुलंदशहर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि सच्चाई छिपाने से नहीं, बल्कि मेहनत से ही सामने आती है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • महोबा जनपद के कबरई कस्बे के शास्त्री नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा परीक्षित श्री बाल्मिक पाठक एवं श्रीमती शकुंतला पाठक द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में कथा व्यास परम पूजनीय गुरुदेव राजेश पांडे जी (काशीपुर, कानपुर देहात) ने भक्तों को भक्त प्रह्लाद की प्रेरणादायक कथा सुनाई। गुरुदेव ने अपनी वाणी के माध्यम से अंधकार और प्रकाश, परमात्मा की भक्ति और सच्ची श्रद्धा का महत्व बताते हुए भक्तों को धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु संगीतमय भजनों पर झूम उठे और पूरे माहौल में भक्ति का रंग देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आरती, पूजा और प्रसाद वितरण किया गया तथा जय श्री राम के नारों के साथ आज की कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर कस्बा कबरई के बड़ी संख्या में भागवत प्रेमी भक्त उपस्थित रहे।
    1
    महोबा जनपद के कबरई कस्बे के शास्त्री नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा परीक्षित श्री बाल्मिक पाठक एवं श्रीमती शकुंतला पाठक द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में कथा व्यास परम पूजनीय गुरुदेव राजेश पांडे जी (काशीपुर, कानपुर देहात) ने भक्तों को भक्त प्रह्लाद की प्रेरणादायक कथा सुनाई।
गुरुदेव ने अपनी वाणी के माध्यम से अंधकार और प्रकाश, परमात्मा की भक्ति और सच्ची श्रद्धा का महत्व बताते हुए भक्तों को धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु संगीतमय भजनों पर झूम उठे और पूरे माहौल में भक्ति का रंग देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में आरती, पूजा और प्रसाद वितरण किया गया तथा जय श्री राम के नारों के साथ आज की कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर कस्बा कबरई के बड़ी संख्या में भागवत प्रेमी भक्त उपस्थित रहे।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • खिलाड़ी पहुंच कर जिला अधिकारी कार्यालय पर शिकायत पत्र दिया सभी खिलाड़ियों का भविष्य का सवाल है कि यहां पर राइफल क्लब में निजी प्रदर्शनी को लेकर के यहां पर प्रदर्शनी रोक लगाने की मांग जिला अधिकारी से की खिलाड़ी हर प्रकार का पहुंचता है वहां पर अन्य जगह लगवाया जाए
    1
    खिलाड़ी पहुंच कर जिला अधिकारी कार्यालय पर शिकायत पत्र दिया सभी खिलाड़ियों का भविष्य का सवाल है कि यहां पर राइफल क्लब में निजी प्रदर्शनी को लेकर के यहां पर प्रदर्शनी रोक लगाने की मांग जिला अधिकारी से की खिलाड़ी हर प्रकार का पहुंचता है वहां पर अन्य जगह लगवाया जाए
    user_Raj Kumar
    Raj Kumar
    Voice of people बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • खिलाड़ियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,राइफल क्लब खेल मैदान पर एक निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की।
    1
    खिलाड़ियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,राइफल क्लब खेल मैदान पर एक निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Raj dwivedi
    1
    Post by Raj dwivedi
    user_Raj dwivedi
    Raj dwivedi
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बांदा में चेन स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश! कोतवाली नगर पुलिस ने 4 शातिर बदमाशों को दबोचा, तमंचा-कारतूस और चोरी का माल बरामद यूपी (बांदा) – जनपद में चेन स्नेचिंग और टप्पेबाजी की वारदातों पर कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चेन स्नेचिंग करने वाले गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी को पल्हरी निवासी सोमदत्त की पत्नी के गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया था, जबकि 8 मार्च को कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली हासिना के साथ भी इसी तरह की चेन स्नेचिंग की घटना हुई थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर की सूचना के आधार पर आरटीओ चौराहे के पास से चारों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग और टप्पेबाजी की वारदात को अंजाम देते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, चोरी का माल, 34 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और इनका आपराधिक इतिहास क्या रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बढ़ती चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। बाइट : शिवराज अपर पुलिस अधीक्षक बांदा
    1
    बांदा में चेन स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश!
कोतवाली नगर पुलिस ने 4 शातिर बदमाशों को दबोचा, तमंचा-कारतूस और चोरी का माल बरामद
यूपी (बांदा) – जनपद में चेन स्नेचिंग और टप्पेबाजी की वारदातों पर कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चेन स्नेचिंग करने वाले गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी को पल्हरी निवासी सोमदत्त की पत्नी के गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया था, जबकि 8 मार्च को कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली हासिना के साथ भी इसी तरह की चेन स्नेचिंग की घटना हुई थी।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर की सूचना के आधार पर आरटीओ चौराहे के पास से चारों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग और टप्पेबाजी की वारदात को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, चोरी का माल, 34 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और इनका आपराधिक इतिहास क्या रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बढ़ती चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बाइट : शिवराज अपर पुलिस अधीक्षक बांदा
    user_LK Tiwari Ram G
    LK Tiwari Ram G
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • #Apkiawajdigital स्त्रोत-ANI ​बुलंदशहर | शुक्रवार, 13 मार्च 2026 ​ब्यूरो रिपोर्ट यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बीच उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की एक युवती शिखा ने अपनी 113वीं रैंक आने का ढिंढोरा पीट दिया, लेकिन जब सच्चाई की परतें खुलीं, तो पूरी कहानी झूठ की बुनियाद पर खड़ी पाई गई। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की है। ​PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुलंदशहर की शिखा ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा, "उसका भी नाम शिखा है और मेरा भी। मैंने पीडीएफ में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर चेक करना भूल गई।" हालांकि, जांच में यह बात सामने आई है कि बुलंदशहर वाली शिखा का तो मेंस (मुख्य परीक्षा) भी क्लियर नहीं हुआ था। ऐसे में अंतिम सूची में अपना नाम ढूंढना और उसका जश्न मनाना एक सोची-समझी साजिश या भारी लापरवाही मानी जा रही है। ​मिठाई बंटी, बधाई मिली और फिर हुई किरकिरी जैसे ही शिखा ने अपने चयन की खबर फैलाई, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने खुशी में मिठाई बांटी और मोहल्ले में जश्न का माहौल हो गया। लेकिन असली शिखा (हरियाणा निवासी) के दस्तावेजों और रोल नंबर से मिलान होने पर बुलंदशहर वाली शिखा का दावा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। ​UPSC उम्मीदवारों के लिए सबक प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणामों में केवल नाम ही नहीं, बल्कि रोल नंबर सबसे महत्वपूर्ण पहचान होता है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है, जहाँ लोग इसे 'सस्ते प्रचार' का जरिया बता रहे हैं। फिलहाल, इस फर्जी दावे के बाद युवती और उसके परिवार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
    1
    #Apkiawajdigital
स्त्रोत-ANI
​बुलंदशहर | शुक्रवार, 13 मार्च 2026
​ब्यूरो रिपोर्ट
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बीच उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की एक युवती शिखा ने अपनी 113वीं रैंक आने का ढिंढोरा पीट दिया, लेकिन जब सच्चाई की परतें खुलीं, तो पूरी कहानी झूठ की बुनियाद पर खड़ी पाई गई। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की है।
​PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुलंदशहर की शिखा ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा, "उसका भी नाम शिखा है और मेरा भी। मैंने पीडीएफ में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर चेक करना भूल गई।" हालांकि, जांच में यह बात सामने आई है कि बुलंदशहर वाली शिखा का तो मेंस (मुख्य परीक्षा) भी क्लियर नहीं हुआ था। ऐसे में अंतिम सूची में अपना नाम ढूंढना और उसका जश्न मनाना एक सोची-समझी साजिश या भारी लापरवाही मानी जा रही है।
​मिठाई बंटी, बधाई मिली और फिर हुई किरकिरी
जैसे ही शिखा ने अपने चयन की खबर फैलाई, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने खुशी में मिठाई बांटी और मोहल्ले में जश्न का माहौल हो गया। लेकिन असली शिखा (हरियाणा निवासी) के दस्तावेजों और रोल नंबर से मिलान होने पर बुलंदशहर वाली शिखा का दावा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
​UPSC उम्मीदवारों के लिए सबक
प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणामों में केवल नाम ही नहीं, बल्कि रोल नंबर सबसे महत्वपूर्ण पहचान होता है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है, जहाँ लोग इसे 'सस्ते प्रचार' का जरिया बता रहे हैं। फिलहाल, इस फर्जी दावे के बाद युवती और उसके परिवार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा 24 घण्टे के अन्दर चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार । अभियुक्त के कब्जे से चोरी के जेवरात व नकद 03 हजार रुपए बरामद । अभियुक्त द्वारा दिनांक 11.03.2026 को थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को दिया गया था अंजाम । पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 12.03.2026 को थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर हुई चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि थाना नरैना क्षेत्र के बरसडामानपुर में पप्पू पुत्र रामसेवक के घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा सोने के जेवरात चोरी करने की घटना को अंजाम दिया गया था । जिसके सम्बन्ध में थाना नरैनी में अभियोग पंजीकृत किया गया कर अभियुक्त की पहचान व गिरफ्तारी हेतु कई टीमों का गठन किया गया था । इसी क्रम में थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरों, वैज्ञानिक व तकनिकी साक्ष्यों का प्रयोग कर अभियुक्तों की पहचान करते हुए मुखबिर की सूचना पर 24 घण्टे के अन्दर लहुटेरा के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 11.03.2026 को थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर चोरी की, दिनांक 01.04.2026 को थाना अतर्रा क्षेत्र मोहल्ला राजनगर प्रहलाद सिंह के पुरवा में चोरी की तथा दिनांक 04.08.2025 को थाना अतर्रा क्षेत्र बजरंग नगर कस्बे में चोरी की घटना को अंजाम दिया था । जिसके संबंध में थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत है। अभियुक्त के कब्जे से चोरी के जेवरात व नकद 03 हजार रुपए बरामद । *बरामदगी-* ▪️351 ग्राम जेवरात (सफेद धातु) ▪️7.2 ग्राम जेवरात (पीली धातु) ▪️5.8 ग्राम टंच माल (पीली धातु) ▪️03 हजार रुपए नकद (चोरी के) *गिरफ्तार अभियुक्त-* 1. मोसम्मी शफीक पुत्र भूरा निवासी लहुरेटा थाना नरैनी जनपद बांदा । *पंजीकृत अभियोग-* ▪️मु0अ0सं0- 53/26 धारा 305 बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा । ▪️बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा । *आपराधिक इतिहास अभियुक्त शफीक-* 1. मु0अ0सं0- 53/26 धारा 305 बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा । 2. मु0अ0सं0- 114/25 धारा 305/331(3) बीएनएस थाना अतर्रा जनपद बांदा । 3. मु0अ0सं0- 283/25 धारा 305/331(4) बीएनएस थाना अतर्रा जनपद बांदा । *गिरफ्तारी करने वाली टीम-* 1. श्री संदीप तिवारी प्र0निरी0 थाना नरैनी 2. श्री सुबेदार बिन्द चौकी प्रभारी करतल 3. कां0 रुपेन्द्र सिंह 4. कां0 अनुज यादव
    3
    थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा 24 घण्टे के अन्दर चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार । अभियुक्त के कब्जे से चोरी के जेवरात व नकद 03 हजार रुपए बरामद ।
अभियुक्त द्वारा दिनांक 11.03.2026 को थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को दिया गया था अंजाम ।
पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 12.03.2026 को थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर हुई चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
गौरतलब हो कि थाना नरैना क्षेत्र के बरसडामानपुर में पप्पू पुत्र रामसेवक के घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा सोने के जेवरात चोरी करने की घटना को अंजाम दिया गया था । जिसके सम्बन्ध में थाना नरैनी में अभियोग पंजीकृत किया गया कर अभियुक्त की पहचान व गिरफ्तारी हेतु कई टीमों का गठन किया गया था । इसी क्रम में थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरों, वैज्ञानिक व तकनिकी साक्ष्यों का प्रयोग कर अभियुक्तों की पहचान करते हुए मुखबिर की सूचना पर 24 घण्टे के अन्दर लहुटेरा के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 11.03.2026 को थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर चोरी की, दिनांक 01.04.2026 को थाना अतर्रा क्षेत्र मोहल्ला राजनगर प्रहलाद सिंह के पुरवा में चोरी की तथा दिनांक 04.08.2025 को थाना अतर्रा क्षेत्र बजरंग नगर कस्बे में चोरी की घटना को अंजाम दिया था । जिसके संबंध में थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत है। अभियुक्त के कब्जे से चोरी के जेवरात व नकद 03 हजार रुपए बरामद ।
*बरामदगी-*
▪️351 ग्राम जेवरात (सफेद धातु)
▪️7.2 ग्राम जेवरात (पीली धातु)
▪️5.8 ग्राम टंच माल (पीली धातु)
▪️03 हजार रुपए नकद (चोरी के)
*गिरफ्तार अभियुक्त-*
1. मोसम्मी शफीक पुत्र भूरा निवासी लहुरेटा थाना नरैनी जनपद बांदा ।
*पंजीकृत अभियोग-*
▪️मु0अ0सं0- 53/26 धारा 305 बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा ।
▪️बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा ।
*आपराधिक इतिहास अभियुक्त शफीक-*
1. मु0अ0सं0- 53/26 धारा 305 बीएनएस थाना नरैनी जनपद बांदा ।
2. मु0अ0सं0- 114/25 धारा 305/331(3) बीएनएस थाना अतर्रा जनपद बांदा ।
3. मु0अ0सं0- 283/25 धारा 305/331(4) बीएनएस थाना अतर्रा जनपद बांदा ।
*गिरफ्तारी करने वाली टीम-*
1. श्री संदीप तिवारी प्र0निरी0 थाना नरैनी
2. श्री सुबेदार बिन्द चौकी प्रभारी करतल
3. कां0 रुपेन्द्र सिंह
4. कां0 अनुज यादव
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बांदा:जनपद बांदा में खिलाड़ियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपकर राइफल क्लब खेल मैदान कथित पर प्रस्तावित निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां नियमित रूप से विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित होती हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि ग्रीष्मकाल में बोर्ड परीक्षाओं के बाद इसी मैदान में समर कैंप आयोजित किए जाते हैं, जहां हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों का अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा यह मैदान खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज और आवासीय हॉस्टलों में प्रवेश के लिए ट्रायल देने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी इसी मैदान में शारीरिक और मानसिक अभ्यास करते हैं। ऐसे में किसी भी निजी प्रदर्शनी के आयोजन से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी और खिलाड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। खिलाड़ियों ने जनहित और युवा पीढ़ी की भावनाओं का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से राइफल क्लब खेल मैदान को सुरक्षित रखने और उसके आकार व स्वरूप को यथावत बनाए रखने की मांग की है। इस मौके पर अबरार फारूखी, लल्लू खां, राजेश कुमार, बृजेश सोनी, इंद्रजीत, अभिषेक, फरीद, प्रशांत, जाहिद समेत अन्य खिलाड़ी मौजूद रहे।
    1
    बांदा:जनपद बांदा में खिलाड़ियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपकर राइफल क्लब खेल मैदान कथित पर प्रस्तावित निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां नियमित रूप से विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित होती हैं।
खिलाड़ियों ने बताया कि ग्रीष्मकाल में बोर्ड परीक्षाओं के बाद इसी मैदान में समर कैंप आयोजित किए जाते हैं, जहां हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों का अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा यह मैदान खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज और आवासीय हॉस्टलों में प्रवेश के लिए ट्रायल देने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में भी सहायक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी इसी मैदान में शारीरिक और मानसिक अभ्यास करते हैं। ऐसे में किसी भी निजी प्रदर्शनी के आयोजन से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी और खिलाड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
खिलाड़ियों ने जनहित और युवा पीढ़ी की भावनाओं का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से राइफल क्लब खेल मैदान को सुरक्षित रखने और उसके आकार व स्वरूप को यथावत बनाए रखने की मांग की है।
इस मौके पर अबरार फारूखी, लल्लू खां, राजेश कुमार, बृजेश सोनी, इंद्रजीत, अभिषेक, फरीद, प्रशांत, जाहिद समेत अन्य खिलाड़ी मौजूद रहे।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.