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नाग पंचमी पर वन विभाग की छापेमारी, 12 सपेरे पकड़े; 14 से अधिक सांप रेस्क्यू जबलपुर। नाग पंचमी के अवसर पर वन विभाग ने सांपों के अवैध प्रदर्शन और उनके साथ हो रही क्रूरता के खिलाफ शहर में विशेष अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मदन महल और गौरीघाट समेत कई सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 14 से अधिक सांपों को रेस्क्यू किया और 12 सपेरों को पकड़ा।वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान कोबरा और धामन प्रजाति के सांप बरामद किए। जांच में सामने आया कि कुछ सपेरों ने सांपों के मुंह धागे से सिल रखे थे। पकड़े गए सपेरे तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे।रेस्क्यू किए गए सांपों को पशु चिकित्सा महाविद्यालय ले जाकर उनके मुंह पर लगे टांके खोले जाएंगे। इसके बाद प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच की जाएगी। डॉक्टरों से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र मिलने के बाद सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा जाएगा। वन विभाग के मुताबिक, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सांपों को पकड़ना, उन्हें प्रताड़ित करना और उनका व्यावसायिक प्रदर्शन करना अपराध है। विभाग की टीमें शहर के अन्य हिस्सों में भी लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। आम लोगों से भी सपेरों द्वारा सांपों का प्रदर्शन किए जाने की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है

4 hrs ago
user_Vikram Singh thakur
Vikram Singh thakur
Local News Reporter जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago
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नाग पंचमी पर वन विभाग की छापेमारी, 12 सपेरे पकड़े; 14 से अधिक सांप रेस्क्यू जबलपुर। नाग पंचमी के अवसर पर वन विभाग ने सांपों के अवैध प्रदर्शन और उनके साथ हो रही क्रूरता के खिलाफ शहर में विशेष अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मदन महल और गौरीघाट समेत कई सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 14 से अधिक सांपों को रेस्क्यू किया और 12 सपेरों को पकड़ा।वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान कोबरा और धामन प्रजाति के सांप बरामद किए। जांच में सामने आया कि कुछ सपेरों ने सांपों के मुंह धागे से सिल रखे थे। पकड़े गए सपेरे तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर और आसपास के

ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे।रेस्क्यू किए गए सांपों को पशु चिकित्सा महाविद्यालय ले जाकर उनके मुंह पर लगे टांके खोले जाएंगे। इसके बाद प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच की जाएगी। डॉक्टरों से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र मिलने के बाद सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा जाएगा। वन विभाग के मुताबिक, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सांपों को पकड़ना, उन्हें प्रताड़ित करना और उनका व्यावसायिक प्रदर्शन करना अपराध है। विभाग की टीमें शहर के अन्य हिस्सों में भी लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। आम लोगों से भी सपेरों द्वारा सांपों का प्रदर्शन किए जाने की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है

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  • रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह..... कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई। हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली। युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं। शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है। अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है। आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
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    रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह.....
कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली।
युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह
कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं।
शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है।
अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा
यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अवैध नशे के विरुद्ध नरसिंहपुर पुलिस की कार्यवाहीथाना कोतवाली अंतर्गत 53.60 ग्राम स्मैक के साथ 2 आरोपी एवं थाना करेली अंतर्गत 11.60 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया
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    अवैध नशे के विरुद्ध नरसिंहपुर पुलिस की कार्यवाहीथाना कोतवाली अंतर्गत 53.60 ग्राम स्मैक के साथ 2 आरोपी एवं थाना करेली अंतर्गत 11.60 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया
    user_Shrikant Dubay पत्रकार
    Shrikant Dubay पत्रकार
    TV News Anchor Gotegaon, Narsinghpur•
    4 hrs ago
  • मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
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    मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के  के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
    user_Javahar raidas
    Javahar raidas
    Farmer बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन) प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।
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    कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन)
प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, 

विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।
    user_Akash jaiswal
    Akash jaiswal
    स्लीमनाबाद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रानी अवंती बाई लोधी के जन्म जयंती पर हुआ मूर्ति का अनवरण स्थानीय कृषि उपज मंडी गोटेगांव में
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    रानी अवंती बाई लोधी के जन्म जयंती पर हुआ मूर्ति का अनवरण स्थानीय कृषि उपज मंडी गोटेगांव में
    user_Kailash gupta tv 24
    Kailash gupta tv 24
    Newspaper advertising department गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • गायत्री मंदिर से कुम्हा घाट तक दिखा आस्था का सैलाब, नर्मदा जल से हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक सावन सोमवार पर नारायणगंज में निकली कांवड़ यात्रा गायत्री मंदिर से कुम्हा घाट तक दिखा आस्था का सैलाब, नर्मदा जल से हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक 17 अगस्त सोमवार पांच बजे स्थानीयजनों ने बताया कि श्रावण मास पर नारायणगंज नगर में शिवभक्तों का भारी उत्साह देखने को मिला। सोमवार को स्थानीय गायत्री मंदिर के तत्वावधान में एक भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर शामिल हुए, जिससे पूरा नारायणगंज क्षेत्र भक्तिमय हो गया और हर तरफ शिव के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ नारायणगंज स्थित गायत्री मंदिर से हुआ। यहाँ से सभी कांवडि़ए और श्रद्धालु कुम्हा घाट पहुँचे। कुम्हा घाट पर स्नान ध्यान के बाद कलशों में पवित्र नर्मदा जल भरकर कांवडिय़ों का जत्था वापस नारायणगंज की ओर रवाना हुआ। यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। नगर भ्रमण के बाद यह भव्य कांवड़ यात्रा पुन: अपने स्थल गायत्री मंदिर पहुँची। यहाँ पहुँचकर श्रद्धालुओं ने कांवड़ में लाए गए नर्मदा जल से भगवान शंकर का विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद आयोजन समिति की ओर से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को फल वितरित किए गए। शिवभक्तों की अपार आस्था और भारी धार्मिक उत्साह के बीच इस भव्य कांवड़ यात्रा का उल्लासपूर्ण समापन हुआ। 0000000000000000000000000000000
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    गायत्री मंदिर से कुम्हा घाट तक दिखा आस्था का सैलाब, नर्मदा जल से हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक
सावन सोमवार पर नारायणगंज में निकली कांवड़ यात्रा
गायत्री मंदिर से कुम्हा घाट तक दिखा आस्था का सैलाब, नर्मदा जल से हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक
17 अगस्त सोमवार पांच बजे स्थानीयजनों ने बताया कि श्रावण मास पर नारायणगंज नगर में शिवभक्तों का भारी उत्साह देखने को मिला। सोमवार को स्थानीय गायत्री मंदिर के तत्वावधान में एक भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर शामिल हुए, जिससे पूरा नारायणगंज क्षेत्र भक्तिमय हो गया और हर तरफ शिव के जयकारे गूंजते रहे।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ नारायणगंज स्थित गायत्री मंदिर से हुआ। यहाँ से सभी कांवडि़ए और श्रद्धालु कुम्हा घाट पहुँचे। कुम्हा घाट पर स्नान ध्यान के बाद कलशों में पवित्र नर्मदा जल भरकर कांवडिय़ों का जत्था वापस नारायणगंज की ओर रवाना हुआ। यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
नगर भ्रमण के बाद यह भव्य कांवड़ यात्रा पुन: अपने स्थल गायत्री मंदिर पहुँची। यहाँ पहुँचकर श्रद्धालुओं ने कांवड़ में लाए गए नर्मदा जल से भगवान शंकर का विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद आयोजन समिति की ओर से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को फल वितरित किए गए। शिवभक्तों की अपार आस्था और भारी धार्मिक उत्साह के बीच इस भव्य कांवड़ यात्रा का उल्लासपूर्ण समापन हुआ।
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    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *स्कूल समय में भाजपा नेता का जन्मदिन मनाने का आरोप,प्राचार्य व शिक्षकों पर उठे सवाल* *ब्यूरो भगवत सिंह लोधी* जबेरा। दमोह जिले जबेरा के उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य एवं कुछ शिक्षकों द्वारा सोमवार को निर्धारित कक्षा समय के दौरान भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा नेता का जन्मदिन मनाए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विद्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में भाजपा के बैनर के नीचे केक काटकर जन्मदिन मनाते हुए कुछ लोग नजर आ रहे हैं। वीडियो के आधार पर उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मोहन सेन सहित नंदकिशोर बाजपेयी और पवन राय के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इनकी भूमिका और कार्यक्रम में उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आयोजित हुआ। यदि कार्यक्रम विद्यालय के निर्धारित कक्षा समय के दौरान हुआ है, तो ऐसे में शिक्षकों के विद्यालय से बाहर रहने और राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक एवं जिम्मेदार अधिकारी यदि राजनीतिक दल के बैनर तले आयोजित कार्यक्रमों में स्कूल समय के दौरान शामिल होते हैं, तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ आचार-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते हैं। मामले को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित शिक्षक स्कूल समय में विद्यालय से बाहर क्यों थे, क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी और राजनीतिक कार्यक्रम में शिक्षकों की भागीदारी को लेकर विभागीय नियम क्या कहते हैं। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच करता है या नहीं और जांच के बाद संबंधित जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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    *स्कूल समय में भाजपा नेता का जन्मदिन मनाने का आरोप,प्राचार्य व शिक्षकों पर उठे सवाल* 

*ब्यूरो भगवत सिंह लोधी*

जबेरा। दमोह जिले जबेरा के उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य एवं कुछ शिक्षकों द्वारा सोमवार को निर्धारित कक्षा समय के दौरान भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा नेता का जन्मदिन मनाए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विद्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
वायरल वीडियो में भाजपा के बैनर के नीचे केक काटकर जन्मदिन मनाते हुए कुछ लोग नजर आ रहे हैं। वीडियो के आधार पर उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मोहन सेन सहित नंदकिशोर बाजपेयी और पवन राय के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इनकी भूमिका और कार्यक्रम में उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आयोजित हुआ। यदि कार्यक्रम विद्यालय के निर्धारित कक्षा समय के दौरान हुआ है, तो ऐसे में शिक्षकों के विद्यालय से बाहर रहने और राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक एवं जिम्मेदार अधिकारी यदि राजनीतिक दल के बैनर तले आयोजित कार्यक्रमों में स्कूल समय के दौरान शामिल होते हैं, तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ आचार-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते हैं।
मामले को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित शिक्षक स्कूल समय में विद्यालय से बाहर क्यों थे, क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी और राजनीतिक कार्यक्रम में शिक्षकों की भागीदारी को लेकर विभागीय नियम क्या कहते हैं।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच करता है या नहीं और जांच के बाद संबंधित जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • स्कूल पहुंच मार्ग पर धान रोपकर जताया विरोध, ग्रामीणों ने कहा,सड़क नहीं तो स्कूल नहीं, दस साल से दलदल बना विद्यालय पहुंच मार्ग, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक और ग्रामीण परेशान,पक्की सड़क की मांग कटनी/बाकल। विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहुंडी(बाकल) के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच मार्ग की बदहाली के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुके स्कूल मार्ग पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का निर्माण हुए दस वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्कूल तक पहुंचने के लिए उचित सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि मार्ग पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। ऐसे में विद्यालय पहुंचना विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जूते उतारकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे कीचड़ भरे मार्ग के कारण छात्र-छात्राओं को अपने जूते उतारकर रास्ता पार करना पड़ता है।विद्यार्थियों को रास्ते में फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। कई बार शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ के वाहन भी कीचड़ में फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय गांव में ही उपलब्ध कराया गया, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता ही बदहाल होने से विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के मौसम में विशेष रूप से छात्राओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जमीन दान देकर कराया था स्कूल का निर्माण ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर दूसरे गांवों में न जाना पड़े, इस उद्देश्य से ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण के लिए भूमि तक दान में दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के निर्माण के पीछे गांववासियों की मंशा बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की थी, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं होने से उनकी मूल समस्या आज भी बनी हुई है। तीन-चार गांवों के लोगों का भी आवागमन ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग केवल विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे आसपास के तीन-चार गांवों के ग्रामीणों का भी आवागमन होता है। इसके अलावा किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक कृषि कार्य के लिए रोजाना आते-जाते हैं। बरसात के मौसम में मार्ग की हालत खराब होने के कारण किसानों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने इस बार सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया। पक्की सड़क नहीं तो स्कूल नहीं आने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों और अभिभावकों ने यहां तक कहा कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल नहीं आने का निर्णय लेने को मजबूर होंगे। इनका कहना है... विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल के कारण छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के स्टाफ को भी विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय पहुंच मार्ग का जल्द से जल्द पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाना आवश्यक है, ताकि बारिश के समय बच्चों एवं स्टाफ को परेशानी का सामना न करना पड़े। अनिल चक्रवर्ती, प्राचार्य
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    स्कूल पहुंच मार्ग पर धान रोपकर जताया विरोध, ग्रामीणों ने कहा,सड़क नहीं तो स्कूल नहीं, दस साल से दलदल बना विद्यालय पहुंच मार्ग, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक और ग्रामीण परेशान,पक्की सड़क की मांग
कटनी/बाकल। विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहुंडी(बाकल) के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच मार्ग की बदहाली के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुके स्कूल मार्ग पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का निर्माण हुए दस वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्कूल तक पहुंचने के लिए उचित सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि मार्ग पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। ऐसे में विद्यालय पहुंचना विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जूते उतारकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
कीचड़ भरे मार्ग के कारण छात्र-छात्राओं को अपने जूते उतारकर रास्ता पार करना पड़ता है।विद्यार्थियों को रास्ते में फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। कई बार शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ के वाहन भी कीचड़ में फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय गांव में ही उपलब्ध कराया गया, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता ही बदहाल होने से विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के मौसम में विशेष रूप से छात्राओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने जमीन दान देकर कराया था स्कूल का निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर दूसरे गांवों में न जाना पड़े, इस उद्देश्य से ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण के लिए भूमि तक दान में दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के निर्माण के पीछे गांववासियों की मंशा बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की थी, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं होने से उनकी मूल समस्या आज भी बनी हुई है।
तीन-चार गांवों के लोगों का भी आवागमन
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग केवल विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे आसपास के तीन-चार गांवों के ग्रामीणों का भी आवागमन होता है। इसके अलावा किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक कृषि कार्य के लिए रोजाना आते-जाते हैं। बरसात के मौसम में मार्ग की हालत खराब होने के कारण किसानों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने इस बार सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
पक्की सड़क नहीं तो स्कूल नहीं आने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों और अभिभावकों ने यहां तक कहा कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल नहीं आने का निर्णय लेने को मजबूर होंगे। 
इनका कहना है...
विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल के कारण छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के स्टाफ को भी विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय पहुंच मार्ग का जल्द से जल्द पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाना आवश्यक है, ताकि बारिश के समय बच्चों एवं स्टाफ को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अनिल चक्रवर्ती, प्राचार्य
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इस वक्त की सबसे बड़ी खबर रक्षा मंत्रालय में बैठक चल रही थी सेना को अलर्ट रहने के निर्देश
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    इस वक्त की सबसे बड़ी खबर रक्षा मंत्रालय में बैठक चल रही थी सेना को अलर्ट रहने के निर्देश
    user_Javahar raidas
    Javahar raidas
    Farmer बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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