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खरगोन में जनप्रतिनिधियों और पालिका अफसरों ने जलकुंभी हटाई है, लेकिन इस कार्य को महज एक औपचारिकता बताया गया है। इस औपचारिकता के कारण नदी सफाई का पूरा अभियान अधूरा ही रह गया है।
PATRAKR SOHEL ALI
खरगोन में जनप्रतिनिधियों और पालिका अफसरों ने जलकुंभी हटाई है, लेकिन इस कार्य को महज एक औपचारिकता बताया गया है। इस औपचारिकता के कारण नदी सफाई का पूरा अभियान अधूरा ही रह गया है।
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- खरगोन में जनप्रतिनिधियों और पालिका अफसरों ने जलकुंभी हटाई है, लेकिन इस कार्य को महज एक औपचारिकता बताया गया है। इस औपचारिकता के कारण नदी सफाई का पूरा अभियान अधूरा ही रह गया है।1
- खरगोन में भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमृत कंठ अभियान द्वारा एक पहल की गई है। इस अभियान के तहत प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को सकोरे (मिट्टी के पानी के पात्र) भेंट किए गए। अभियान के सदस्यों ने पत्रकारों से अपने घरों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी रखने और आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है। अमृत कंठ अभियान के राकेश वर्मा ने बताया कि वर्तमान में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, जिसके कारण पानी की कमी से कई बेजुबान पक्षियों के दम तोड़ने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने इस स्थिति को पक्षियों के लिए जीवन और मृत्यु का प्रश्न बताया। वर्मा ने जानकारी दी कि अब तक अभियान के तहत लगभग 500 सकोरे वितरित किए जा चुके हैं और इसे विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य संस्थाओं का निरंतर सहयोग मिल रहा है। अभियान का लक्ष्य लोगों को पक्षियों के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें अपने घर, छत, दुकान, कार्यालय, मंदिर, पार्क व आसपास पानी रखने के लिए प्रेरित करना है। राकेश वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि वे समाज की जागरूक शक्ति हैं और उनकी एक खबर, एक फोटो या एक अपील हजारों लोगों को प्रेरित कर सकती है। उन्होंने जोर दिया कि यदि मीडिया इस अभियान से जुड़ेगा, तो यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानवता का जनआंदोलन बन जाएगा। पत्रकारों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता और संवेदनशीलता से जुड़ा एक प्रेरणादायी प्रयास बताया और आमजन से भी पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की। अभियान के अंतर्गत कल ब्रह्म कुमारी ध्यान केंद्र में भी सकोरे वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर अमृत कंठ टीम के श्री प्रतीक भावसार, धर्मेंद्र पगारे, रोहित यादव, दिलीप सोनी, हेमन्त आलिवाल, जितेंद्र गुप्ता एवं सुखदेव मनाग्रे सहित कई पत्रकार साथी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि “जहाँ तक हमारी पहुँच है, वहाँ तक पानी अवश्य पहुँचे।”1
- प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुछ ही देर में धार पहुंचने वाले हैं, जिसके लिए जिले में तैयारियां जोरों पर हैं। उनके आगमन को लेकर मंडी प्रांगण में एक विशालकाय मंच तैयार किया गया है, जहां से मुख्यमंत्री धार की जनता को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री भोपाल से हवाई यात्रा कर धार की डी.आर.पी. लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे और वहां से सीधे भोजशाला जाएंगे। भोजशाला में वे मां वाग्देवी के गर्भगृह में दर्शन करेंगे। दर्शन के उपरांत, वे मंच से जनता को संबोधित करेंगे और 'गंगा दशहरा अभियान' के अंतर्गत देवी सागर में श्रमदान भी करेंगे।4
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर अंजड़ में सकल जैन समाज द्वारा एक विशाल मौन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में जैन समुदाय के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर अपनी चिंता व्यक्त की और साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।1
- बड़वानी जिले के चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले पिछोड़ी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अपने 58 वर्षीय पिता जगन बड़ोले की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या करने वाला कलयुगी बेटा चंदन बड़ोले आखिरकार 35 दिनों की लंबी फरारी के बाद पुलिस के चक्रव्यूह में फंस गया। आरोपी अमलाली के घने जंगलों और पहाड़ियों में छिपकर पुलिस से बच रहा था, जिसे मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी चंदन बड़ोले ने बीते 19 अप्रैल को पैसों के आपसी विवाद को लेकर गांव के रास्ते पर अपने पिता के सिर में गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। बड़वानी पुलिस उसकी तलाश में आसपास के जिलों सहित सीमावर्ती राज्यों, महाराष्ट्र और गुजरात, में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन आरोपी शातिर तरीके से अपने गुप्त ठिकाने बदल रहा था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चंदन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जंगल में अपना गुप्त ठिकाना बना रखा था, जहाँ वह बेहद तंगी में सिर्फ नमक-बाटी खाकर दिन गुजार रहा था। सोमवार शाम को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना पर थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के नेतृत्व में 20 सदस्यीय पुलिस बल ने अमलाली के जंगल को घेर लिया। खुद को खाकी के चक्रव्यूह में घिरा देख आरोपी पहाड़ी से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा, जिससे वह चोटिल और घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर बड़वानी जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज जारी है।1
- खंडवा में 25 मई, 2026, रविवार शाम को ओंकारेश्वर के झूला पुल के पास श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के वायरल वीडियो के आधार पर ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और खंडवा जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है। इस मामले में पुनासा के एसडीएम श्री पंकज वर्मा ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के सुपरवाइजर दीपक मालाकार सहित कुल छह कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए अन्य कर्मचारियों में अंकित योगी, राहुल चौहान, महेंद्र सिंह चौहान, शुभम राजपूत और उमाशंकर सिसोदिया शामिल हैं। शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है, यह कहते हुए कि इसने पूरे देश में खंडवा का नाम खराब किया है। उन्होंने ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के सुपरवाइजर की जांच की मांग भी उठाई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं असामाजिक तत्व तो शामिल नहीं हैं। एसडीएम श्री वर्मा ने आगे जानकारी दी कि पुलिस थाना मान्धाता द्वारा भी घटना के दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत पुलिस कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके लिए सुचारु व्यवस्था हेतु प्रतिबद्ध है, और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।1
- सवाल उठाया गया है कि क्या भाजपा डरी हुई है, जिसकी वजह से वह कथित तौर पर एक वीडियो बनाकर 'काकरोच जनता पार्टी' का विरोध कर रही है। यह आरोप लगाया गया है कि 'ZG की काकरोच पार्टी' ने पिछले सात-आठ दिनों में ऐसा कुछ भी नहीं किया है, जिसके लिए भाजपा को इस तरह से उसका विरोध करने की ज़रूरत पड़े।1
- मराल कंपनी से घर लौट रही एक महिला के साथ लूट और छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1