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पादरू सिवान मार्ग पर स्थित टांडा बेरा रोड का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क एक नई डामर रोड के रूप में बनाई जा रही थी, जिसका काम अभी चल रहा था, लेकिन अब यह बीच में ही रुक गया है। इसकी घोषणा भी डामर रोड तक हुई थी। काम अधूरा होने के कारण लोग अनिश्चितता में हैं कि यह आगे बढ़ेगा या नहीं, और इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस अधूरी सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है, खासकर बाइक सवारों के लिए। उन्हें लगातार यह डर सताता है कि पास से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों के टायर के नीचे से पत्थर निकलकर उनके सिर पर न लग जाए। इसके अलावा, बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है, जिससे किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति में सड़क पर बाइक चलाना भी बेहद मुश्किल हो गया है।
Haidar ali
पादरू सिवान मार्ग पर स्थित टांडा बेरा रोड का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क एक नई डामर रोड के रूप में बनाई जा रही थी, जिसका काम अभी चल रहा था, लेकिन अब यह बीच में ही रुक गया है। इसकी घोषणा भी डामर रोड तक हुई थी। काम अधूरा होने के कारण लोग अनिश्चितता में हैं कि यह आगे बढ़ेगा या नहीं, और इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस अधूरी सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है, खासकर बाइक सवारों के लिए। उन्हें लगातार यह डर सताता है कि पास से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों के टायर के नीचे से पत्थर निकलकर उनके सिर पर न लग जाए। इसके अलावा, बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है, जिससे किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति में सड़क पर बाइक चलाना भी बेहद मुश्किल हो गया है।
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- सोमवार को सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। आबूरोड से पिंडवाड़ा की ओर जा रही एक कार और ट्रक के बीच चलते दौरान जोरदार टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कार में सवार दो लोग बाल-बाल बच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। सूचना मिलते ही सरूपगंज थाना पुलिस और नेशनल हाईवे की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। अभियान के पहले दिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जबकि शाम को कस्बे के मुख्य तालाब सिंपल पर तालाब पूजन, दीप प्रज्वलन, श्रमदान और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में नगर पालिका कर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, नगर के विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाकर भी जल बचाने का संदेश दिया गया। उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार ने इस अवसर पर “जल ही जीवन है” के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन अपनाने, पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संतुलन, जल के सदुपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान ईओ नरपत सिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी प्रमोद दवे सहित स्थानीय नागरिक और नगर पालिका कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।4
- झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में सकल जैन समाज ने साधु-साध्वियों के साथ बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजजनों ने मौन जुलूस और बाइक रैली निकाली, जिसके बाद उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह रैली विशेष रूप से मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना और देश भर में संतों पर हो रही घटनाओं के विरोध में आयोजित की गई थी। रैली में सकल जैन समाज के सदस्य हाथों में नारे लिखी तख्तियां और जैन ध्वजा लिए हुए थे। यह रैली नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय तक पहुंची। समाज अध्यक्ष टीकम जैन चांदवाड़ ने बताया कि हाल ही में रीवा में दो जैन आर्यिका माताजी का "जानबूझकर की गई दुर्घटना" में असामयिक निधन हो गया, जिससे पूरे जैन समाज में अत्यंत दुख और गहरी वेदना व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में, समाजजनों ने सरकार से "सख्त संत सुरक्षा नीति" लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए समाज ने पाँच सूत्रीय मांगें रखीं। इन मांगों में घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल को तत्काल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने की अपील शामिल है। जैन समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं, और उनकी इस पहल का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए मांगों पर त्वरित प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य उपस्थित थे।3
- फालना रानी मुख्य सड़क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी। यह घटना धणी से आगे हुई, जिसमें सौभाग्य से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, रानी से खुडाला की ओर आ रही यह कार घणी के पास अचानक असंतुलित हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर किनारे बने एक गड्ढे में धंस गई। गनीमत रही कि कार पलटी नहीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हालांकि कार में सवार लोगों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।1
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।3
- पाली जिले के बाली में इंद्रजीत सिंह राजपुरोहित की संदिग्ध मौत के मामले में फालना थाना क्षेत्र में राजपुरोहित समाज द्वारा किया जा रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया है। समाज के लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। फालना थाने के पास सर्कल पर आयोजित इस धरने में गोडवाड़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए थे। परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि इंद्रजीत सिंह की हत्या की गई है। उल्लेखनीय है कि इंद्रजीत सिंह पिछले 11 दिनों से लापता थे और उनका शव कुछ दिन पूर्व सांडेराव थाना क्षेत्र के देवतरा गांव के निकट जंगल में मिला था। धरने के दौरान, समाज की ओर से परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने पाली जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर धरने की जानकारी दी, जिसके बाद वे स्वयं धरना स्थल पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई। इस वार्ता में बाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह महेचा, एसडीएम दिनेश कुमार विश्नोई और तहसीलदार जितेंद्र सिंह सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। समाज की ओर से विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुनः जांच जोधपुर एम्स अस्पताल से करवाने की मांग की गई। प्रशासन द्वारा मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल, इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।4
- सोमवार को आबूरोड के लुनियापुरा स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत नगर पालिका फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस अभियान में फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और मेहनत से आग को फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।1
- गंगा दशमी के अवसर पर सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत तखतगढ़ में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर पालिका प्रशासन की ओर से यह विशेष कार्यक्रम गंवाई तालाब स्थित रावण चौक के घाट संख्या-1 पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, कार्यालय सहायक रतनलाल सांखला और कनिष्ठ अभियंता आकाश गोमतीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, कर्मचारी तथा नरेगा श्रमिक उपस्थित थे। आयोजन की शुरुआत तालाब घाट पर जल देवता की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने नारियल चढ़ाकर सरोवर की आरती की और जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। अभियान के तहत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण बचाने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान घाट परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बाद में, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नाव के माध्यम से पवित्र सरोवर का भ्रमण किया और जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए आमजन से वर्षा जल संचयन एवं जल बचत में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।4
- केशवरायपाटन शहर के रेलवे स्टेशन के पास खुले में डाले गए हजारों टन कचरे में लगातार आग लगने से आसपास के तीन वार्डों के निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। दिनभर उठने वाले जहरीले धुएं के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस धुएं और प्रदूषण के चलते कई लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो चुके हैं।2