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जगदीशपुर थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बीती रात एक साथ तीन दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद तीन घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि थाने के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह इस क्षेत्र में हुई अब तक की पाँचवीं चोरी की घटना है।
Akash kumar
जगदीशपुर थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बीती रात एक साथ तीन दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद तीन घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि थाने के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह इस क्षेत्र में हुई अब तक की पाँचवीं चोरी की घटना है।
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- जगदीशपुर थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बीती रात एक साथ तीन दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद तीन घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि थाने के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह इस क्षेत्र में हुई अब तक की पाँचवीं चोरी की घटना है।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र की सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जानकारी दी है कि नगर निगम बोर्ड द्वारा पारित पाँच महत्वपूर्ण प्रस्तावों के आधार पर पूरे शहर की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इन प्रस्तावों के तहत, विभिन्न वार्डों में वर्षों से खराब पड़ी करीब 1,500 स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लगभग 635 पूरी तरह से खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उनकी जगह 90 वॉट की नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। निगम क्षेत्र में लगी पुरानी हाई मास्ट लाइटों को भी पुनर्जीवित करने के लिए 150 वॉट क्षमता की 600 नई लाइटें खरीदी जाएंगी। साथ ही, प्रत्येक वार्ड में 16 मीटर ऊँचे पोल पर कुल 100 नई हाई मास्ट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी। महापौर ने बताया कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों में 1,500 नए पोल और स्ट्रीट लाइटें लगाने की भी योजना है। इसके अलावा, नगर निगम के नए अधिग्रहित क्षेत्रों में 90 वॉट क्षमता की 5,000 नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद और स्थापना का प्रस्ताव भी बोर्ड से पहले ही स्वीकृत हो चुका है। इन सभी स्वीकृत योजनाओं के लिए निविदा जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि जल्द ही पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक बेहतर और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1
- एक छात्र ने खान सर के समर्थन में आकर मनीष कश्यप को जमकर आड़े हाथों लिया। छात्र ने अपने तीखे और जोरदार शब्दों से मनीष कश्यप की कड़ी आलोचना की।1
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) एक बड़े बदलाव की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस बड़े अपडेट का असर टीम प्रबंधन और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर भी पड़ सकता है। पीसीबी के इस निर्णय से जुड़ी नवीनतम क्रिकेट समाचार और अपडेट के लिए एक संबंधित शॉर्ट वीडियो देखने की सलाह दी गई है। दर्शकों को क्रिकेट से जुड़े और अधिक अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, खिलाड़ियों की कहानियों और दुनिया भर के मैच हाईलाइट्स के लिए बने रहने का आह्वान किया गया है।1
- पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना अंतर्गत मटियार्वा गांव में चक्रवात और बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान हवा काफी तेज चल रही थी, जिससे कई झोपड़ियां गिर गईं और अनेक पेड़ों की शाखाएं तथा डालियां भी टूटकर नीचे आ गिरीं। तूफान की तीव्रता को देखते हुए, लोगों को जान बचाने के लिए भागकर सुरक्षित स्थानों पर छिपना पड़ा। चक्रवात और बारिश के चलते हुए इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र में काफी क्षति हुई है।1
- बेतिया ज़िले के मझौलिया प्रखंड में बखरिया-करमवा मुख्य मार्ग पर स्थित ब्रिटिशकालीन गोड़ा पुल सोमवार सुबह करीब 10 बजे अचानक धंस गया। इस घटना से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। राहत की बात यह रही कि पुल धंसने के समय कोई वाहन उस पर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। करमवा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहन गुप्ता ने बताया कि पुल का ऊपरी हिस्सा अप्रत्याशित रूप से धंस गया। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल बखरिया, करमवा, पहाड़पुर और गोपालगंज को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुज़रते थे। पुल धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और एक नए पुल के निर्माण की मांग की है।1
- बिहार में एक बार फिर पुलों पर खतरा मंडराने लगा है। इसी बीच, पश्चिम चंपारण का एक पुल चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।1