शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के अरझटा गांव में खेत में काम कर रहे एक आदिवासी परिवार पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित स्वर्गमिलिया महरा (60) ने अपने पुत्र पुनीष्यम महरा के साथ सिंहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह घटना 27 मई 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे हुई, जब वे अपने खेत में काम कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, इसी दौरान गांव के अजीत सिंह और योगेंद्र सिंह वहां पहुंचे और जमीन संबंधी विवाद शुरू कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पहले विवाद किया, फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। जब पिता-पुत्र ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उन्हें धमकी दी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पीड़ित की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर, सिंहपुर पुलिस ने आरोपियों अजीत सिंह और योगेंद्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) राजेश कुमार जाटव को सौंपी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर स्थिति को नियंत्रण में बताया है और कहा है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में जमीन संबंधी विवाद को लेकर हुई इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और आपसी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के अरझटा गांव में खेत में काम कर रहे एक आदिवासी परिवार पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित स्वर्गमिलिया महरा (60) ने अपने पुत्र पुनीष्यम महरा के साथ सिंहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह घटना 27 मई 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे हुई, जब वे अपने खेत में काम कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, इसी दौरान गांव के अजीत सिंह और योगेंद्र सिंह वहां पहुंचे और जमीन संबंधी विवाद शुरू कर दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पहले विवाद किया, फिर जातिसूचक शब्दों
का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। जब पिता-पुत्र ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उन्हें धमकी दी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पीड़ित की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर, सिंहपुर पुलिस ने आरोपियों अजीत सिंह और योगेंद्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत अपराध
दर्ज किया है। मामले की विवेचना सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) राजेश कुमार जाटव को सौंपी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर स्थिति को नियंत्रण में बताया है और कहा है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में जमीन संबंधी विवाद को लेकर हुई इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और आपसी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- शहडोल जिले के कोतवाली थाने में मारपीट और गाली-गलौज का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 35 के फरियादी आकाश खटीक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आकाश खटीक की शिकायत के अनुसार, आरोपी बहीद मुसलमान ने आपसी बात को लेकर उनसे गाली-गलौज की और मारपीट की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत धनगवां के पटपरिहा टोला में रविवार सुबह भालू के हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये महिलाएं सुबह दिशा मैदान के लिए घर से कुछ दूर खेत की ओर गई थीं, तभी जंगल से आए एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में 35 वर्षीय गुड्डी पति गोरेलाल कोल की कमर में चोट आई है, जबकि 65 वर्षीय वृद्धा त्तिजिया पति रामबदन कोल के चेहरे, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों के इकट्ठा होकर शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। ग्राम पंचायत धनगवां के सरपंच संजय गोठिया ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायल महिलाओं को फुनगा अस्पताल पहुंचाया। इस घटना की जानकारी मिलने पर अनूपपुर जिला मुख्यालय के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने फुनगा के सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र प्रताप सिंह और उमेश अग्रवाल से मदद का आग्रह किया। दोनों समाजसेवियों ने फुनगा अस्पताल पहुंचकर घायल महिलाओं की स्थिति देखी और उनके परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। श्री अग्रवाल ने उपवन मंडल अधिकारी अनूपपुर प्रकाश मनोहर राव पखाले और वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा हरीश कुमार तिवारी को घटना की सूचना देते हुए उचित कार्यवाही की अपेक्षा की है। फुनगा अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद, दोनों घायल महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया गया है।1
- अनूपपुर के बिजूरी में बढ़ते अपराधों से आम जनता में गहरा आक्रोश है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अपनी 'मस्ती में मस्त' दिखाई दे रही है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण शुक्रवार देर रात तब सामने आया जब एक अवैध रेत खनन माफिया का डंपर हरीश मेडिकल के सामने बिजली के पोल से टकरा गया। इस टक्कर में डंपर चकनाचूर हो गया और विद्युत पोल भी गिरने की कगार पर पहुँच गया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस केवल 'तमाशा देखती रही' और कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हनुमान मंदिर और स्टेशन चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ऐसी स्थिति है, तो पूरे नगर की कानून-व्यवस्था का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।1