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TMC के बागियों के समर्थन से जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राजनीतिक ताकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम से यह आशंका जताई जा रही है कि क्या नीतीश कुमार की केंद्र सरकार में पकड़ कमजोर हो रही है। जानकारी के अनुसार, JDU को केंद्र में तीसरा मंत्री पद मिलने की उम्मीद भी धुंधली पड़ती दिख रही है, और एनडीए गठबंधन के भीतर पार्टी का बराबरी का दर्जा भी खतरे में बताया जा रहा है। इस सियासी समीकरण के चार बड़े साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। ये स्थितियां JDU के लिए चुनौतियों को बढ़ा सकती हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका पर असर डाल सकती हैं।
GAUTAM KUMAR
TMC के बागियों के समर्थन से जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राजनीतिक ताकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम से यह आशंका जताई जा रही है कि क्या नीतीश कुमार की केंद्र सरकार में पकड़ कमजोर हो रही है। जानकारी के अनुसार, JDU को केंद्र में तीसरा मंत्री पद मिलने की उम्मीद भी धुंधली पड़ती दिख रही है, और एनडीए गठबंधन के भीतर पार्टी का बराबरी का दर्जा भी खतरे में बताया जा रहा है। इस सियासी समीकरण के चार बड़े साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। ये स्थितियां JDU के लिए चुनौतियों को बढ़ा सकती हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका पर असर डाल सकती हैं।
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- खगड़िया में आज जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने खगड़िया, मानसी और चौथम प्रखंडों में चल रहे तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उपस्थित लाभार्थियों व आमजनों से संवाद कर केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक भी किया। यह उल्लेखनीय है कि खगड़िया जिले के सभी सात प्रखंडों में तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों को एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांगजन सुविधाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्यघर योजना, छात्रवृत्ति, उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित कई अन्य योजनाओं के लिए आवेदन, निबंधन, e-KYC और सत्यापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, शिकायतों के त्वरित समाधान, स्वास्थ्य जांच और परामर्श तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है।1
- बिहार के लखीसराय जिले में 17 जून बुधवार को बड़हिया प्रखंड के एजनीघाट स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-157 पर 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय और संकल्प हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के सहयोग से किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुखिया श्रीमती प्रतिमा देवी ने की। इस कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने उपस्थित महिलाओं को 'सखी वन स्टॉप सेंटर', 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'महिला हेल्पलाइन 181', 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शक्ति सदन की आवासीय अधीक्षिका निभा कुमारी ने ज़रूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को उपलब्ध आश्रय और सहायता सेवाओं से अवगत कराया। लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसकी रोकथाम के लिए सभी को शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड स्थित बिहमा पैक्स अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। बिहमा मध्य विद्यालय परिसर में स्थापित दो मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए अनिल कुमार सिंह और शेखर कुमार सिंह के बीच सीधा मुकाबला था। कुल 1190 मतदाता इस चुनाव में भाग ले रहे थे। निर्वाचक पदाधिकारी सह बीडीओ प्रशांत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर 1 बजे तक दोनों बूथों पर कुल 638 मतदाताओं ने वोट डाले, जो कुल मतदान का 53.61 प्रतिशत है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई और लोगों की आवाजाही लगातार बनी रही। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। बीडीओ प्रशांत कुमार और सहायक निर्वाचक पदाधिकारी गौत्तम भारती ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मतदान समाप्ति के बाद बुधवार शाम को ही मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है।1
- बिहार के मुंगेर में गंगा नदी में एक स्कॉर्पियो तैरती हुई देखी गई, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कॉर्पियो सीताकुंड घाट के पास गंगा नदी में तैरती हुई स्पष्ट दिख रही है।1
- संग्रामपुर प्रखंड के बढ़ौनिया गांव में दो घरों में भीषण चोरी की वारदात हुई है। चोर 60 लाख रुपये के जेवर, नकदी और शादी का सामान लेकर फरार हो गए। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया है।1
- बांका जिले के धनकुंड थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सनहौला-जगदीशपुर मुख्य मार्ग पर करद बनगांव के पास हुई एक बाइक दुर्घटना ने कथित शराब तस्करी के खेल का पर्दाफाश कर दिया। यह घटना उस समय सामने आई जब दुर्घटनाग्रस्त बाइक की डिक्की में शराब छिपी हुई पाई गई।1
- भागलपुर के गोराडीह-सन्हौला मुख्य मार्ग पर अत्यधिक रोड ब्रेकर के कारण शुक्रवार को एक मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कलिकापुर गांव निवासी 18 वर्षीय आदित्य कुमार, जो सुजित गोस्वामी के बेटे हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोस्त सुमित कुमार, जो धर्मेंद्र गोस्वामी के बेटे हैं, को भी चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, आदित्य कुमार अपने दोस्त सुमित कुमार के साथ बाजार जा रहे थे, तभी मुख्य मार्ग पर बने एक रोड ब्रेकर के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। दुर्घटना में आदित्य कुमार के सिर में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला पहुंचाया गया। सन्हौला में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद आदित्य कुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया। वहीं, सुमित कुमार का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला में जारी है। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग पर अत्यधिक रोड ब्रेकर और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है।3
- TMC के बागियों के समर्थन से जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राजनीतिक ताकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम से यह आशंका जताई जा रही है कि क्या नीतीश कुमार की केंद्र सरकार में पकड़ कमजोर हो रही है। जानकारी के अनुसार, JDU को केंद्र में तीसरा मंत्री पद मिलने की उम्मीद भी धुंधली पड़ती दिख रही है, और एनडीए गठबंधन के भीतर पार्टी का बराबरी का दर्जा भी खतरे में बताया जा रहा है। इस सियासी समीकरण के चार बड़े साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। ये स्थितियां JDU के लिए चुनौतियों को बढ़ा सकती हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका पर असर डाल सकती हैं।1