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अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस सोशल मीडिया पर अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क हादसे से संबंधित दृश्य बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर झांसी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तविक घटना का है या किसी अन्य घटना से संबंधित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।

5 hrs ago
user_Mohammad Afzal
Mohammad Afzal
Local News Reporter फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस सोशल मीडिया पर अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क हादसे से संबंधित दृश्य बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर झांसी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तविक घटना का है या किसी अन्य घटना से संबंधित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।

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  • प्रयागराज: नदियानी में 20 साल पुराना ज़मीन विवाद फिर गहराया; घूम धरी ज़मीन पर जबरन कब्ज़े का आरोप, 20 साल पुराने मामले के साथ अपडेटेड 'न्यूज़ ड्राफ्ट': [हेडलाइन] प्रयागराज: नदियानी में 20 साल पुराना ज़मीन विवाद फिर गहराया; घूम धरी ज़मीन पर जबरन कब्ज़े का आरोप, लालचंद अंबेडकर पर रिश्वत देकर कार्रवाई रुकवाने का सनसनीखेज आरोप प्रयागराज प्रयागराज जिले के थाना थरवई अंतर्गत नदियानी गाँव में सार्वजनिक ज़मीन पर कब्ज़े को लेकर पिछले 20 वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर उग्र रूप ले चुका है। गाँव की ठाकुरों की ज़मीन और बगल में स्थित हरिजन (दलित) समाज की ज़मीन से सटी सार्वजनिक 'घूम धरी' ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने खुद को लालचंद अंबेडकर बताने वाले व्यक्ति पर भू-माफिया की तरह दबंगई करने और बेकसूर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। 20 सालों से भटक रहे ग्रामीण, पैसे के दम पर दब रही कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला कोई नया नहीं है बल्कि पिछले लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है। इतने सालों में ग्रामीण दर्जनों बार प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और तहसील के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विपक्षी व्यक्ति प्रशासनिक तंत्र में पैसे खिलाकर कार्रवाई रुकवा देता है, जिसके कारण अधिकारियों के चौखट पर जाने के बावजूद उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिलता है।
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    प्रयागराज: नदियानी में 20 साल पुराना ज़मीन विवाद फिर गहराया; घूम धरी ज़मीन पर जबरन कब्ज़े का आरोप, 
20 साल पुराने मामले के साथ अपडेटेड 'न्यूज़ ड्राफ्ट':
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प्रयागराज
प्रयागराज जिले के थाना थरवई अंतर्गत नदियानी गाँव में सार्वजनिक ज़मीन पर कब्ज़े को लेकर पिछले 20 वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर उग्र रूप ले चुका है। गाँव की ठाकुरों की ज़मीन और बगल में स्थित हरिजन (दलित) समाज की ज़मीन से सटी सार्वजनिक 'घूम धरी' ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने खुद को लालचंद अंबेडकर बताने वाले व्यक्ति पर भू-माफिया की तरह दबंगई करने और बेकसूर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
20 सालों से भटक रहे ग्रामीण, पैसे के दम पर दब रही कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला कोई नया नहीं है बल्कि पिछले लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है। इतने सालों में ग्रामीण दर्जनों बार प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और तहसील के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विपक्षी व्यक्ति प्रशासनिक तंत्र में पैसे खिलाकर कार्रवाई रुकवा देता है, जिसके कारण अधिकारियों के चौखट पर जाने के बावजूद उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिलता है।
    user_Abhishek Singh
    Abhishek Singh
    फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस सोशल मीडिया पर अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क हादसे से संबंधित दृश्य बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर झांसी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तविक घटना का है या किसी अन्य घटना से संबंधित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।
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    अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस
सोशल मीडिया पर अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क हादसे से संबंधित दृश्य बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर झांसी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तविक घटना का है या किसी अन्य घटना से संबंधित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।
    user_Mohammad Afzal
    Mohammad Afzal
    Local News Reporter फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की। दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है। दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है। दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है। दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।” फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।
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    पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ

नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग


पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ
नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग
प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की।
दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी।
उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया।
दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है।
दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है।
दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।”
फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।
    user_Mohammed Shakil Khan
    Mohammed Shakil Khan
    Court reporter Allahabad, Prayagraj•
    4 hrs ago
  • पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की। दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है। दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है। दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है। दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।” फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।
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    पत्नी की मौत के बाद मासूम बच्ची को सीने से लगाए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा दीनानाथ
नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था और डॉक्टर की डिग्री की जांच की मांग

प्रयागराज। करेली के 60 फीट रोड स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से टूटे जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नाज हॉस्पिटल की चिकित्सकीय व्यवस्था, अस्पताल के मानकों और वहां इलाज करने वाली चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता एवं डिग्री की जांच कराने की मांग की।
दीनानाथ मौर्य ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। सामान्य प्रसव की उम्मीद में वह 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार नाज हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद जुलाई 2026 तक उनकी पत्नी का इलाज वहीं चलता रहा। उनका आरोप है कि 17 जुलाई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी।
उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। पत्नी दर्द से कराहती रहीं और चिकित्सक को बुलाने के बावजूद तत्काल उपचार नहीं मिल सका। बाद में सुबह करीब छह बजे चिकित्सक के पहुंचने और मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया।
दीनानाथ का दावा है कि जब वह पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया और बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद वह पत्नी का शव लेकर वापस नाज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हंगामा हुआ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दीनानाथ मौर्य की आवाज में पत्नी को खोने का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को दुनिया में लाने के लिए वह और उनकी पत्नी महीनों से इंतजार कर रहे थे, उसी बच्ची के जन्म के बाद उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य प्रसव के नाम पर उनसे करीब 51 हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि उन्हें पैसे का नहीं, अपनी पत्नी और अपनी मासूम बच्ची की मां के चले जाने का गम है।
दीनानाथ ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी गोद में बच्ची तो है, लेकिन उसे मां का प्यार देने वाली उसकी मां नहीं है। बच्ची बड़ी होगी तो वह उससे उसकी मां के बारे में क्या कहेंगे—यह सवाल उन्हें भीतर से तोड़ रहा है। उनका कहना है कि एक महिला की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं होती, उसके साथ पूरा परिवार बिखर जाता है और बच्चों का जीवन भी बदल जाता है।
दीनानाथ के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीएमओ से शिकायत की।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। अब उनकी निगाह जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
दीनानाथ मौर्य ने मांग की कि नाज हॉस्पिटल की मान्यता, चिकित्सकीय सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान मौजूद स्टाफ और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही जिस चिकित्सक पर वह इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, उनकी शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्री की भी संबंधित विभाग से जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
दीनानाथ ने यह भी कहा कि अस्पताल और वहां की चिकित्सक से जुड़े सामान्य प्रसव के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे प्रचार से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया था। उन्होंने मांग की कि इन दावों और अस्पताल में उपलब्ध वास्तविक चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी पत्नी के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए है जो इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। “मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन अगर मेरी लड़ाई से किसी दूसरी बच्ची को अपनी मां से और किसी पति को अपनी पत्नी से न बिछड़ना पड़े तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी।”
फिलहाल मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही, अस्पताल के मानकों और लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।
    user_Salahuddin  umar khan
    Salahuddin umar khan
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • यमुनापार पंजाबी सभा के मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह बने। समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी। नैनी प्रयागराज/ यमुनापार पंजाबी सभा की महत्वपूर्ण बैठक नैनी गुरुद्वारा प्रांगण हाल में संपन्न हुई। सर्वप्रथम बैठक में उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों एवं अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सभी एक-दूसरे का परिचय प्राप्त करने तथा सभा के गठन एवं उसके उद्देश्यों की जानकारी साझा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। यमुनापार पंजाबी सभा की कार्यकारिणी समिति इस प्रकार है:- प्रधान तरुण चावला (काके भइया),उपप्रधान कमल गुलाटी, कोषाध्यक्ष तरुण खुराना,महिला प्रभारी शरिता खुराना, मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह। प्रभारी सुशील सुनेजा,अविनाश कुमार,काके,राजू चड्ढा,मनीष खेड़ा, नीतू सेठी। हम सभी को विश्वास है कि मार्गदर्शन एव सभी के सहयोग से यमुनापार पंजाबी सभा समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी। सहयोग,सुझाव एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद किया।
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    यमुनापार पंजाबी सभा के मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह बने।
समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी।
नैनी प्रयागराज/ यमुनापार पंजाबी सभा की महत्वपूर्ण बैठक नैनी गुरुद्वारा प्रांगण हाल में संपन्न हुई।
सर्वप्रथम बैठक में उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों एवं अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
सभी एक-दूसरे का परिचय प्राप्त करने तथा सभा के गठन एवं उसके उद्देश्यों की जानकारी साझा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। 
यमुनापार पंजाबी सभा की कार्यकारिणी समिति इस प्रकार है:- प्रधान तरुण चावला (काके भइया),उपप्रधान कमल गुलाटी, कोषाध्यक्ष तरुण खुराना,महिला प्रभारी  शरिता खुराना,
मीडिया प्रभारी सरदार पतविंदर सिंह।
प्रभारी सुशील सुनेजा,अविनाश कुमार,काके,राजू चड्ढा,मनीष खेड़ा, नीतू सेठी।
हम सभी को विश्वास है कि  मार्गदर्शन एव सभी के सहयोग से यमुनापार पंजाबी सभा समाज हित एवं जनकल्याण के कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएगी।
सहयोग,सुझाव एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद किया।
    user_Anmol News
    Anmol News
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • वार्ड 50 कटका के पूरे सूरदास प्रयागराज में सड़क बनी बदहाल, गड्ढों और जर्जर मार्ग से राहगीर परेशान अधिकारियों की अनदेखी से स्थानीय लोगों में नाराजगी, जल्द मरम्मत की उठी मांग नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 50 कटका के पूरे सूरदास इलाके की सड़क की बदहाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी इस मार्ग से गुजरते तो हैं, लेकिन सड़क की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि गड्ढामुक्त सड़क की बात तो की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। लोगों ने सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत
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    वार्ड 50 कटका के पूरे सूरदास प्रयागराज में सड़क बनी बदहाल, गड्ढों और जर्जर मार्ग से राहगीर परेशान
अधिकारियों की अनदेखी से स्थानीय लोगों में नाराजगी, जल्द मरम्मत की उठी मांग
नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 50 कटका के पूरे सूरदास इलाके की सड़क की बदहाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी इस मार्ग से गुजरते तो हैं, लेकिन सड़क की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि गड्ढामुक्त सड़क की बात तो की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
लोगों ने सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत
    user_Mohammad Afzal
    Mohammad Afzal
    Local News Reporter फूलपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। खुल्दाबाद में दबंगों का आतंक मंदिर के पास मारपीट, फल ठेला पलटा, दुकानदार को दी जान से मारने की धमकी ________________________ प्रयागराज। 13 अगस्त 2026/ खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। पीड़ित लखी सोनकर और राहुल सोनकर का आरोप है कि इलाके के सानी, राहुल और अजय आए दिन लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इनकी दबंगई से स्थानीय दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसी दौरान आरोपियों ने एक फल विक्रेता का ठेला भी पलट दिया। जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती सुना रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत खुल्दाबाद चौकी में दे दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़
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    खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं।
खुल्दाबाद में दबंगों का आतंक मंदिर के पास मारपीट, फल ठेला पलटा, दुकानदार को दी जान से मारने की धमकी
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प्रयागराज। 13 अगस्त 2026/ 
खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के पत्थर शिवाला मंदिर के पास मंगलवार देर रात कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं।
पीड़ित लखी सोनकर और राहुल सोनकर का आरोप है कि इलाके के सानी, राहुल और अजय आए दिन लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इनकी दबंगई से स्थानीय दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं।
इसी दौरान आरोपियों ने एक फल विक्रेता का ठेला भी पलट दिया। जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। 
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती सुना रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत खुल्दाबाद चौकी में दे दी है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है...!!
रंजीत कुमार सोनकर 
(प्रधान संपादक) 
क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़
    user_Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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