द्वारका-दिल्ली हेड कांस्टेबल द्वारा बिहारी युवक की गोली मारकर हत्या के विरोध में ताजपुर में खेग्रामस-माले का प्रतिरोध मार्च । बिहार में कल-कारखाने, उद्योग-धंधे के अभाव में दूसरे राज्य पलायन कर रहे मजदूरों के साथ हो रहे शोषण- दमन-हत्या पर रोक लगे- प्रभात रंजन गुप्ता* *बिहार में ही रोज़गार की व्यवस्था हो- आसिफ होदा* ताजपुर/समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एक बिहारी युवक की पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में खेग्रामस- भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बाजार क्षेत्र के जनता मैदान से प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च ताजपुर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गुदरी चौक तक पहुंचा, जहां प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान नेताद्वय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मी नीरज बल्हारा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और निर्दोष लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से लौट रहे पांडव कुमार जो खगड़िया जिला का मूल निवासी है और दिल्ली में डेलीवरी बॉय का काम करता है को हेड कांस्टेबल नीरज बल्हारा पूछताछ के क्रम में गाली दी जिसका विरोध पांडव कुमार ने किया। इससे गुस्साए कांस्टेबल ने सीने में सटाकर गोली मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की। मार्च में ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, प्रभात, मो० एजाज, मो० क्यूम, जीतेंद्र सहनी, शंकर महतो, ब्रजकिशोर महतो, मो० रहमान, सूरज कुमार , बिरजू कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
द्वारका-दिल्ली हेड कांस्टेबल द्वारा बिहारी युवक की गोली मारकर हत्या के विरोध में ताजपुर में खेग्रामस-माले का प्रतिरोध मार्च । बिहार में कल-कारखाने, उद्योग-धंधे के अभाव में दूसरे राज्य पलायन कर रहे मजदूरों के साथ हो रहे शोषण- दमन-हत्या पर रोक लगे- प्रभात रंजन गुप्ता* *बिहार में ही रोज़गार की व्यवस्था हो- आसिफ होदा* ताजपुर/समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एक बिहारी युवक की पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में खेग्रामस- भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बाजार क्षेत्र के जनता मैदान से प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च ताजपुर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गुदरी चौक तक पहुंचा, जहां प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान नेताद्वय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मी नीरज बल्हारा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और निर्दोष लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से लौट रहे पांडव कुमार जो खगड़िया जिला का मूल निवासी है और दिल्ली में डेलीवरी बॉय का काम करता है को हेड कांस्टेबल नीरज बल्हारा पूछताछ के क्रम में गाली दी जिसका विरोध पांडव कुमार ने किया। इससे गुस्साए कांस्टेबल ने सीने में सटाकर गोली मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की। मार्च में ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, प्रभात, मो० एजाज, मो० क्यूम, जीतेंद्र सहनी, शंकर महतो, ब्रजकिशोर महतो, मो० रहमान, सूरज कुमार , बिरजू कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
- बिहार में कल-कारखाने, उद्योग-धंधे के अभाव में दूसरे राज्य पलायन कर रहे मजदूरों के साथ हो रहे शोषण- दमन-हत्या पर रोक लगे- प्रभात रंजन गुप्ता* *बिहार में ही रोज़गार की व्यवस्था हो- आसिफ होदा* ताजपुर/समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एक बिहारी युवक की पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में खेग्रामस- भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बाजार क्षेत्र के जनता मैदान से प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च ताजपुर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गुदरी चौक तक पहुंचा, जहां प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान नेताद्वय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मी नीरज बल्हारा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और निर्दोष लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से लौट रहे पांडव कुमार जो खगड़िया जिला का मूल निवासी है और दिल्ली में डेलीवरी बॉय का काम करता है को हेड कांस्टेबल नीरज बल्हारा पूछताछ के क्रम में गाली दी जिसका विरोध पांडव कुमार ने किया। इससे गुस्साए कांस्टेबल ने सीने में सटाकर गोली मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की। मार्च में ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, प्रभात, मो० एजाज, मो० क्यूम, जीतेंद्र सहनी, शंकर महतो, ब्रजकिशोर महतो, मो० रहमान, सूरज कुमार , बिरजू कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- Post by Vaanishree News1
- वैशाली जिले के रसूलपुर फतह पंचायत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी पर अपने ही पति की हत्या कर शव को नहर में गाड़ देने का आरोप लगा है।1
- ओडिशा के कंधमाल जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक के चक्कर काटने को मजबूर आदिवासी युवक जीतू मुंडा की कहानी सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है। इस मामले पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गहरा दुख जताते हुए बड़ा ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर “कलेजा कांप उठता है।” जानकारी के अनुसार, बहन की मौत के बाद बीमा/बैंक से जुड़ी औपचारिकताओं के नाम पर युवक को बार-बार परेशान किया गया। हालात इतने बदतर हो गए कि उसे अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक जाना पड़ा, ताकि अधिकारियों को “सबूत” दिखा सके। इस अमानवीय घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने घोषणा की कि वे जीतू मुंडा को अपने एक महीने का वेतन आर्थिक सहायता के रूप में देंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि उसकी कठिन घड़ी में सहारा बनेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए यह बेहद शर्मनाक है कि एक गरीब आदिवासी युवक को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने मोहन चरण मांझी से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकारी तंत्र पर सवाल: यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती ह क्या सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल हैं कि एक आम आदमी को इस हद तक जाना पड़े? क्या अधिकारियों में संवेदनशीलता की कमी है? क्या आदिवासी और गरीब वर्ग के साथ भेदभाव अब भी जारी है? आगे की मांगें: मंत्री ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: पीड़ित परिवार को बीमा/बैंक की राशि तुरंत दिलाई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जाए ओडिशा की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। जरूरत है कि प्रशासन संवेदनशील बने और आम लोगों को सम्मानजनक तरीके से न्याय मिले। वरना ऐसी घटनाएं समाज के लिए कलंक बनती रहेंगी।1
- Post by JMBNEWS1
- Post by न्यूज 30 बिहार1
- ड्रग सप्लाई के आरोप मे पिछले आठ माह से दुबई के फुजैरा जेल में बंद समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव निवासी उजाले के परिजन ने पूर्व नगर विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन से मिलकर लगाई मदद की गुहार.1
- बिहार, समस्तीपुर सबसे बड़ी खबर मोहिउद्दीन नगर अस्पताल की है जहां सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती हुई नजर आ रही है। जहां मोहिउद्दीन नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मियों के देर से आने का सिलसिला लगातार जारी है। आलम यह है कि सुबह 10 बजे के बाद भी कई दफ्तरों में ताले लटके रहे,और मरीज घंटों तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। जी हां, यह तस्वीरें आपके ही क्षेत्र समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर CHC अस्पताल की हैं, जहां स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चलती हुई नजर आ रही है। यह नजारा शुक्रवार की सुबह जब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें डॉक्टरों की इंतजार करते हुए दिखाई पड़े जिससे दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। और तो और सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान चिकित्सा प्रभारी भी गायब दिखे गए। जबकि कई दफ्तरों सहित अन्य जांच घरों में ताले लटके हुए दिखाई दिए। वहीं मरीजों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से डॉक्टरों के देर से आने की शिकायत मिलती रहती है। एक तरफ जहां सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खुलती हुई नजर आ रही है। हाल ही में बिहार के नव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समय पर उपस्थिति को लेकर सख्त निर्देश देने के बावजूद भी असर यहां कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में लगता है कि सरकार कुछ भी कर लें मर्जी मेरी ही चलेगी। तो आपने देखा, कैसे मोहिउद्दीन नगर CHC में स्वास्थ्य व्यवस्था लापरवाही की भेंट चढ़ती हुई नजर आ रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे लापरवाह डॉक्टरों और कर्मियों पर कोई कार्रवाई होगी… या फिर यूं ही चलता रहेगा यह सिलसिला? इसी दौरान विलम्ब से पहुंचे महिला डॉक्टर ने क्या कुछ कहीं देखें इस खास रिपोर्ट में। मोहिउद्दीन नगर से बिहार तक लाईव के लिए ये खास रिपोर्ट।1