कंकाल लेकर बैंक पहुँचा आदिवासी युवक: संवेदनहीनता पर भड़के मंत्री, एक माह का वेतन देने का ऐलान ओडिशा के कंधमाल जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक के चक्कर काटने को मजबूर आदिवासी युवक जीतू मुंडा की कहानी सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है। इस मामले पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गहरा दुख जताते हुए बड़ा ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर “कलेजा कांप उठता है।” जानकारी के अनुसार, बहन की मौत के बाद बीमा/बैंक से जुड़ी औपचारिकताओं के नाम पर युवक को बार-बार परेशान किया गया। हालात इतने बदतर हो गए कि उसे अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक जाना पड़ा, ताकि अधिकारियों को “सबूत” दिखा सके। इस अमानवीय घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने घोषणा की कि वे जीतू मुंडा को अपने एक महीने का वेतन आर्थिक सहायता के रूप में देंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि उसकी कठिन घड़ी में सहारा बनेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए यह बेहद शर्मनाक है कि एक गरीब आदिवासी युवक को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने मोहन चरण मांझी से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकारी तंत्र पर सवाल: यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती ह क्या सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल हैं कि एक आम आदमी को इस हद तक जाना पड़े? क्या अधिकारियों में संवेदनशीलता की कमी है? क्या आदिवासी और गरीब वर्ग के साथ भेदभाव अब भी जारी है? आगे की मांगें: मंत्री ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: पीड़ित परिवार को बीमा/बैंक की राशि तुरंत दिलाई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जाए ओडिशा की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। जरूरत है कि प्रशासन संवेदनशील बने और आम लोगों को सम्मानजनक तरीके से न्याय मिले। वरना ऐसी घटनाएं समाज के लिए कलंक बनती रहेंगी।
कंकाल लेकर बैंक पहुँचा आदिवासी युवक: संवेदनहीनता पर भड़के मंत्री, एक माह का वेतन देने का ऐलान ओडिशा के कंधमाल जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक के चक्कर काटने को मजबूर आदिवासी युवक जीतू मुंडा की कहानी सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है। इस मामले पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गहरा दुख जताते हुए बड़ा ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर “कलेजा कांप उठता है।” जानकारी के अनुसार, बहन की मौत के बाद बीमा/बैंक से जुड़ी औपचारिकताओं के नाम पर युवक को बार-बार परेशान किया गया। हालात इतने बदतर हो गए कि उसे अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक जाना पड़ा, ताकि अधिकारियों को “सबूत” दिखा सके। इस अमानवीय घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने घोषणा की कि वे जीतू मुंडा को अपने एक महीने का वेतन आर्थिक सहायता के रूप में देंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि उसकी कठिन घड़ी में सहारा बनेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए यह बेहद शर्मनाक है कि एक गरीब आदिवासी युवक को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने मोहन चरण मांझी से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकारी तंत्र पर सवाल: यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती ह क्या सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल हैं कि एक आम आदमी को इस हद तक जाना पड़े? क्या अधिकारियों में संवेदनशीलता की कमी है? क्या आदिवासी और गरीब वर्ग के साथ भेदभाव अब भी जारी है? आगे की मांगें: मंत्री ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: पीड़ित परिवार को बीमा/बैंक की राशि तुरंत दिलाई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जाए ओडिशा की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। जरूरत है कि प्रशासन संवेदनशील बने और आम लोगों को सम्मानजनक तरीके से न्याय मिले। वरना ऐसी घटनाएं समाज के लिए कलंक बनती रहेंगी।
- ओडिशा के कंधमाल जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक के चक्कर काटने को मजबूर आदिवासी युवक जीतू मुंडा की कहानी सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है। इस मामले पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गहरा दुख जताते हुए बड़ा ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर “कलेजा कांप उठता है।” जानकारी के अनुसार, बहन की मौत के बाद बीमा/बैंक से जुड़ी औपचारिकताओं के नाम पर युवक को बार-बार परेशान किया गया। हालात इतने बदतर हो गए कि उसे अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक जाना पड़ा, ताकि अधिकारियों को “सबूत” दिखा सके। इस अमानवीय घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने घोषणा की कि वे जीतू मुंडा को अपने एक महीने का वेतन आर्थिक सहायता के रूप में देंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि उसकी कठिन घड़ी में सहारा बनेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए यह बेहद शर्मनाक है कि एक गरीब आदिवासी युवक को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने मोहन चरण मांझी से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकारी तंत्र पर सवाल: यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती ह क्या सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल हैं कि एक आम आदमी को इस हद तक जाना पड़े? क्या अधिकारियों में संवेदनशीलता की कमी है? क्या आदिवासी और गरीब वर्ग के साथ भेदभाव अब भी जारी है? आगे की मांगें: मंत्री ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: पीड़ित परिवार को बीमा/बैंक की राशि तुरंत दिलाई जाए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जाए ओडिशा की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। जरूरत है कि प्रशासन संवेदनशील बने और आम लोगों को सम्मानजनक तरीके से न्याय मिले। वरना ऐसी घटनाएं समाज के लिए कलंक बनती रहेंगी।1
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- बिहार में कल-कारखाने, उद्योग-धंधे के अभाव में दूसरे राज्य पलायन कर रहे मजदूरों के साथ हो रहे शोषण- दमन-हत्या पर रोक लगे- प्रभात रंजन गुप्ता* *बिहार में ही रोज़गार की व्यवस्था हो- आसिफ होदा* ताजपुर/समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एक बिहारी युवक की पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में खेग्रामस- भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बाजार क्षेत्र के जनता मैदान से प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च ताजपुर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गुदरी चौक तक पहुंचा, जहां प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान नेताद्वय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मी नीरज बल्हारा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और निर्दोष लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से लौट रहे पांडव कुमार जो खगड़िया जिला का मूल निवासी है और दिल्ली में डेलीवरी बॉय का काम करता है को हेड कांस्टेबल नीरज बल्हारा पूछताछ के क्रम में गाली दी जिसका विरोध पांडव कुमार ने किया। इससे गुस्साए कांस्टेबल ने सीने में सटाकर गोली मार दी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की। मार्च में ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, प्रभात, मो० एजाज, मो० क्यूम, जीतेंद्र सहनी, शंकर महतो, ब्रजकिशोर महतो, मो० रहमान, सूरज कुमार , बिरजू कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।1
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- ड्रग सप्लाई के आरोप मे पिछले आठ माह से दुबई के फुजैरा जेल में बंद समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव निवासी उजाले के परिजन ने पूर्व नगर विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन से मिलकर लगाई मदद की गुहार.1
- मानवता हुआ शर्मसार,पांच साल के मासुम के साथ किशोर ने किया दुष्कर्म। मासुम बच्ची का अस्पताल में चल रहा है इलाज। पुलिस आरोपी की तलाश में कर रही छापेमारी। बछवाड़ा के भिखमचक गांव का मामला।4
- IPL 2026 में रोमांच अपने चरम पर है! Delhi Capitals की शानदार जीत, KL Rahul की दमदार पारी और Jasprit Bumrah का खराब फॉर्म—ये सभी इस समय चर्चा में हैं। वहीं MS Dhoni की वापसी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, जिससे फैंस में जबरदस्त उत्साह है। इसके अलावा Vaibhav Sooryavanshi जैसे युवा खिलाड़ी इतिहास रचने के करीब हैं। 👉 जानिए पूरा IPL अपडेट, पॉइंट्स टेबल की स्थिति, बड़े खिलाड़ी और ताज़ा स्पोर्ट्स खबरें इस वीडियो में। वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Channel Subscribe जरूर करें!1