गुनौर नगर परिषद का एक और असामान्य कार्य सामने आया है, जहाँ लोगों की अपेक्षा चौड़ी, सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कों की है, वहीं परिषद सड़क पर ही 'सेल्फी प्वाइंट' का निर्माण करवा रही है। यह देखकर लगता है कि विकास कार्यों का नया मापदंड अब यह बन गया है कि जनता सड़क पर कम चले और सेल्फी ज्यादा ले। नगर परिषद की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा जा रहा है कि क्या सड़क यातायात के लिए है या केवल सौंदर्यीकरण के लिए। यदि सड़क पर ही इस तरह का निर्माण होगा तो राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? जनता को मूलभूत सुविधाएँ चाहिए या तस्वीरें खिंचवाने के नए मंच? गुनौर में विकास की एक नई परिभाषा गढ़ी जा रही है: पहले सड़क पर सेल्फी प्वाइंट बनाओ और फिर जनता से कहो कि इसे ही विकास समझो। लेकिन जनता का सवाल स्पष्ट है कि पहले सड़क बचाई जाए या सेल्फी खिंचवाई जाए। देश के कई अन्य शहरों में भी सौंदर्यीकरण और प्रचार के लिए ऐसे सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। गुनौर नगर परिषद में विकास अब कागजों से निकलकर सीधे सड़कों पर आ गया है, और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण यह संदेश दे रहा है कि गड्ढे, नालियाँ और अन्य बुनियादी सुविधाएँ बाद में देखी जाएँगी, पहले अच्छी तस्वीरें आनी चाहिए। जनता सुविधाओं के लिए कर का भुगतान करती है, लेकिन बदले में उन्हें 'सेल्फी वाला विकास' मिल रहा है।
गुनौर नगर परिषद का एक और असामान्य कार्य सामने आया है, जहाँ लोगों की अपेक्षा चौड़ी, सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कों की है, वहीं परिषद सड़क पर ही 'सेल्फी प्वाइंट' का निर्माण करवा रही है। यह देखकर लगता है कि विकास कार्यों का नया मापदंड अब यह बन गया है कि जनता सड़क पर कम चले और सेल्फी ज्यादा ले। नगर परिषद की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा जा रहा है कि क्या सड़क यातायात के लिए है या केवल सौंदर्यीकरण के लिए।
यदि सड़क पर ही इस तरह का निर्माण होगा तो राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? जनता को मूलभूत सुविधाएँ चाहिए या तस्वीरें खिंचवाने के नए मंच? गुनौर में विकास की एक नई परिभाषा गढ़ी जा रही है: पहले सड़क पर सेल्फी प्वाइंट बनाओ और फिर जनता से कहो कि इसे ही विकास समझो। लेकिन जनता का सवाल स्पष्ट है कि पहले सड़क बचाई जाए या सेल्फी खिंचवाई जाए। देश के कई अन्य शहरों में भी सौंदर्यीकरण और प्रचार के
लिए ऐसे सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। गुनौर नगर परिषद में विकास अब कागजों से निकलकर सीधे सड़कों पर आ गया है, और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण यह संदेश दे रहा है कि गड्ढे, नालियाँ और अन्य बुनियादी सुविधाएँ बाद में देखी जाएँगी, पहले अच्छी तस्वीरें आनी चाहिए। जनता सुविधाओं के लिए कर का भुगतान करती है, लेकिन बदले में उन्हें 'सेल्फी वाला विकास' मिल रहा है।
- गुनौर नगर परिषद का एक और असामान्य कार्य सामने आया है, जहाँ लोगों की अपेक्षा चौड़ी, सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कों की है, वहीं परिषद सड़क पर ही 'सेल्फी प्वाइंट' का निर्माण करवा रही है। यह देखकर लगता है कि विकास कार्यों का नया मापदंड अब यह बन गया है कि जनता सड़क पर कम चले और सेल्फी ज्यादा ले। नगर परिषद की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा जा रहा है कि क्या सड़क यातायात के लिए है या केवल सौंदर्यीकरण के लिए। यदि सड़क पर ही इस तरह का निर्माण होगा तो राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? जनता को मूलभूत सुविधाएँ चाहिए या तस्वीरें खिंचवाने के नए मंच? गुनौर में विकास की एक नई परिभाषा गढ़ी जा रही है: पहले सड़क पर सेल्फी प्वाइंट बनाओ और फिर जनता से कहो कि इसे ही विकास समझो। लेकिन जनता का सवाल स्पष्ट है कि पहले सड़क बचाई जाए या सेल्फी खिंचवाई जाए। देश के कई अन्य शहरों में भी सौंदर्यीकरण और प्रचार के लिए ऐसे सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। गुनौर नगर परिषद में विकास अब कागजों से निकलकर सीधे सड़कों पर आ गया है, और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण यह संदेश दे रहा है कि गड्ढे, नालियाँ और अन्य बुनियादी सुविधाएँ बाद में देखी जाएँगी, पहले अच्छी तस्वीरें आनी चाहिए। जनता सुविधाओं के लिए कर का भुगतान करती है, लेकिन बदले में उन्हें 'सेल्फी वाला विकास' मिल रहा है।3
- पन्ना जिले के उड़की गांव में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।1
- पन्ना नगर में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब को स्वच्छ बनाने की मुहिम लगातार जारी है। इसी क्रम में, रविवार को कलेक्टर ऊषा परमार की मौजूदगी में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया और तालाब की सफाई में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर, कलेक्टर कार्यालय पन्ना के लिपिकवर्गीय कर्मचारियों ने ₹28,000 की राशि का एक चेक जिला कलेक्टर को सौंपकर इस स्वच्छता अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई।1
- देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी ककरहटी में पदस्थ होमगार्ड सैनिक नरेंद्र शुक्ला, जो पत्रकार संदीप शुक्ला के पिता भी हैं, हाल ही में सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर उनके लिए एक सम्मानपूर्वक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व चौकी प्रभारी सोनम शर्मा ने किया। इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के साथ-साथ नगर के कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नरेंद्र शुक्ला के लंबे और उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना की। समारोह के दौरान वक्ताओं ने नरेंद्र शुक्ला द्वारा अपने पूरे कार्यकाल में ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से दी गई सेवाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनका अनुशासन, व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणास्रोत रहा है। चौकी प्रभारी सोनम शर्मा ने सेवानिवृत्त हो रहे होमगार्ड सैनिक नरेंद्र शुक्ला को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके स्वस्थ, सुखद तथा मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर माहौल काफी भावुक रहा, और नरेंद्र शुक्ला ने अपने सेवाकाल के अनुभवों को साझा करते हुए विभाग के अधिकारियों, सहकर्मियों और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विदाई समारोह में चौकी पुलिस स्टाफ सहित नगर के समाजसेवी कैलाशनाथ त्रिपाठी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे होमगार्ड सैनिक के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।4
- 31 मई 2026 को पन्ना जिले की ककरहटी चौकी में पदस्थ लांस नायक होमगार्ड सैनिक नरेंद्र शुक्ला अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर ककरहटी चौकी प्रभारी सोनम शर्मा द्वारा चौकी परिसर में एक भावभीनी विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चौकी प्रभारी और समस्त स्टाफ के साथ-साथ उपस्थित सम्मानित जनों ने सेवानिवृत्त हुए श्री नरेंद्र शुक्ला जी को शॉल, श्रीफल और भगवान श्री कृष्ण की सीनरी प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। श्री नरेंद्र शुक्ला का चयन 20 अक्टूबर 1989 को होमगार्ड सैनिक पद पर हुआ था। उन्होंने पन्ना जिले के अलग-अलग विभागों में ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाई, जिसके लिए विभागों के अधिकारियों द्वारा उनकी प्रशंसा की गई। अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उनकी किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं पाई गई और लोगों में उनके प्रति सम्मानजनक भावनाएँ देखने को मिलीं। वर्तमान में वे करीब चार सालों से ककरहटी चौकी में पदस्थ थे। इस विदाई कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाजसेवी कैलाश नाथ त्रिपाठी, नगर परिषद उपाध्यक्ष पन्नालाल सोनी, गजराज सिंह यादव, विनय पांडे, राकेश सोनी, संदीप शर्मा, भानु सोनी, पत्रकार जावेद खान, अशोक विश्वकर्मा, संदीप शुक्ला और नीरज तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- जेके सीमेंट ट्रांसपोर्ट से जुड़े ट्रकों और ट्रालों की बेलगाम रफ्तार ने इलाके में आफत बढ़ा दी है। इन अनियंत्रित वाहनों के कारण वहाँ तैनात सिक्योरिटी गार्ड भी लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी को युवाओं का विशाल समर्थन प्राप्त हुआ है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 05 जून से 12 जून तक चलाए जा रहे वृक्षारोपण आंदोलन की अगली कड़ी में, आज सुबह नगर कांग्रेस कमेटी ने अमानगंज स्थित वार्ड क्रमांक 11 के शासकीय महाविद्यालय में पौधरोपण किया। यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष अनीस खान जी के निर्देश पर, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वसीम खान के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस वृक्षारोपण अभियान में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री रामभगत सोनी, नगर संगठन मंत्री पीयूष देव परमार, वीरेंद्र खटीक, धुराम चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता और महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।1
- क्षेत्र में लंबे समय से एक नए बस स्टैंड की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होती दिख रही है क्योंकि इसके निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। यह स्थानीय विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर है। इस निर्माण कार्य के शुरू होने से यात्रियों को कई बड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इनमें बेहतर प्रतीक्षा स्थल, पर्याप्त बैठने की सुविधा और एक सुगम परिवहन व्यवस्था शामिल है। स्थानीय लोगों ने इस विकास कार्य का दिल खोलकर स्वागत किया है।1