मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की युवा हितैषी नीतियां प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। इन नीतियों के तहत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसका एक उदाहरण चूरू के 27 वर्षीय युवा अनन्य गुप्ता हैं, जिन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की इस योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए कुल ₹8 लाख की छात्रवृत्ति मिली है। अनन्य गुप्ता ने बताया कि 2016 में जब उनका दाखिला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली में 4 वर्षीय बीटेक कोर्स के लिए हुआ था, तब उनकी ट्यूशन फीस लगभग ₹4 लाख थी और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वे ऋण लेने की तैयारी में थे कि एक अखबार के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत ट्यूशन फीस का 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति के रूप में मिलता है। आवेदन करने पर उन्हें चार साल में बिना किसी रुकावट के ₹2 लाख की छात्रवृत्ति मिली, जिससे उन्हें ऋण नहीं लेना पड़ा। इसके बाद, 2021 में उनका दाखिला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ में 2 वर्षीय एमबीए कोर्स के लिए हुआ, जिसकी दो साल की ट्यूशन फीस ₹21 लाख थी। उन्होंने ₹21 लाख का शिक्षा ऋण लिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जानकारी प्राप्त करने पर उन्हें पता चला कि यह योजना आईआईएम के कोर्स के लिए भी लागू है। अनन्य ने दोबारा आवेदन किया और विभाग द्वारा उन्हें दो साल में लगभग ₹8 लाख की छात्रवृत्ति बिना किसी बाधा के प्रदान की गई। इस छात्रवृत्ति राशि से वे अपनी पढ़ाई पूरी कर पाए और एक साल के भीतर ही अपना शिक्षा ऋण भी चुका सके। आज अनन्य एक उच्च पद पर अच्छे वेतन के साथ कार्यरत हैं और अपने पेशेवर जीवन में लगातार प्रगति कर रहे हैं। अनन्य ने राजस्थान सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, क्योंकि उनके सहयोग से ही उनका भविष्य सुरक्षित हो पाया है। उनका मानना है कि यदि मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना का समर्थन नहीं मिला होता, तो उनके लिए उच्च शिक्षा का सपना पूरा करना अत्यंत कठिन हो सकता था। यह योजना प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए इसी प्रकार आशा, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य का आधार बन रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की युवा हितैषी नीतियां प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। इन नीतियों के तहत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसका एक उदाहरण चूरू के 27 वर्षीय युवा अनन्य गुप्ता हैं, जिन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की इस योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए कुल ₹8 लाख की छात्रवृत्ति मिली है। अनन्य गुप्ता ने बताया कि 2016 में जब उनका दाखिला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली में 4 वर्षीय बीटेक कोर्स के लिए हुआ था, तब उनकी ट्यूशन फीस लगभग ₹4 लाख थी और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वे ऋण लेने की तैयारी में थे कि एक अखबार के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत ट्यूशन फीस का 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति के रूप में मिलता है। आवेदन करने पर उन्हें चार साल में बिना किसी रुकावट के ₹2 लाख की छात्रवृत्ति मिली, जिससे उन्हें ऋण नहीं लेना पड़ा। इसके बाद, 2021 में उनका दाखिला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ में 2 वर्षीय एमबीए कोर्स के लिए हुआ, जिसकी दो साल की ट्यूशन फीस ₹21 लाख थी। उन्होंने ₹21 लाख का शिक्षा ऋण लिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जानकारी प्राप्त करने पर उन्हें पता चला कि यह योजना आईआईएम के कोर्स के लिए भी लागू है। अनन्य ने दोबारा आवेदन किया और विभाग द्वारा उन्हें दो साल में लगभग ₹8 लाख की छात्रवृत्ति बिना किसी बाधा के प्रदान की गई। इस छात्रवृत्ति राशि से वे अपनी पढ़ाई पूरी कर पाए और एक साल के भीतर ही अपना शिक्षा ऋण भी चुका सके। आज अनन्य एक उच्च पद पर अच्छे वेतन के साथ कार्यरत हैं और अपने पेशेवर जीवन में लगातार प्रगति कर रहे हैं। अनन्य ने राजस्थान सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, क्योंकि उनके सहयोग से ही उनका भविष्य सुरक्षित हो पाया है। उनका मानना है कि यदि मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना का समर्थन नहीं मिला होता, तो उनके लिए उच्च शिक्षा का सपना पूरा करना अत्यंत कठिन हो सकता था। यह योजना प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए इसी प्रकार आशा, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य का आधार बन रही है।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की युवा हितैषी नीतियां प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। इन नीतियों के तहत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसका एक उदाहरण चूरू के 27 वर्षीय युवा अनन्य गुप्ता हैं, जिन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की इस योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए कुल ₹8 लाख की छात्रवृत्ति मिली है। अनन्य गुप्ता ने बताया कि 2016 में जब उनका दाखिला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली में 4 वर्षीय बीटेक कोर्स के लिए हुआ था, तब उनकी ट्यूशन फीस लगभग ₹4 लाख थी और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वे ऋण लेने की तैयारी में थे कि एक अखबार के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत ट्यूशन फीस का 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति के रूप में मिलता है। आवेदन करने पर उन्हें चार साल में बिना किसी रुकावट के ₹2 लाख की छात्रवृत्ति मिली, जिससे उन्हें ऋण नहीं लेना पड़ा। इसके बाद, 2021 में उनका दाखिला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ में 2 वर्षीय एमबीए कोर्स के लिए हुआ, जिसकी दो साल की ट्यूशन फीस ₹21 लाख थी। उन्होंने ₹21 लाख का शिक्षा ऋण लिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जानकारी प्राप्त करने पर उन्हें पता चला कि यह योजना आईआईएम के कोर्स के लिए भी लागू है। अनन्य ने दोबारा आवेदन किया और विभाग द्वारा उन्हें दो साल में लगभग ₹8 लाख की छात्रवृत्ति बिना किसी बाधा के प्रदान की गई। इस छात्रवृत्ति राशि से वे अपनी पढ़ाई पूरी कर पाए और एक साल के भीतर ही अपना शिक्षा ऋण भी चुका सके। आज अनन्य एक उच्च पद पर अच्छे वेतन के साथ कार्यरत हैं और अपने पेशेवर जीवन में लगातार प्रगति कर रहे हैं। अनन्य ने राजस्थान सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, क्योंकि उनके सहयोग से ही उनका भविष्य सुरक्षित हो पाया है। उनका मानना है कि यदि मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना का समर्थन नहीं मिला होता, तो उनके लिए उच्च शिक्षा का सपना पूरा करना अत्यंत कठिन हो सकता था। यह योजना प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए इसी प्रकार आशा, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य का आधार बन रही है।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एम.डी.चोपदार को सुनने का आह्वान किया गया है।1
- झुंझुनूं जिले में सुलताना थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) की संयुक्त कार्रवाई में नाकाबंदी के दौरान पीछा कर दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद कर जब्त की गई है। यह कार्रवाई थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में चनाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को नाकाबंदी के दौरान सूचना मिली थी कि एक सफेद स्विफ्ट कार में सवार दो युवकों के पास अवैध हथियार हो सकते हैं। पुलिस ने जब रुकने का इशारा किया, तो कार चालक उसे वापस मोड़कर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर वाहन को रुकवाया, लेकिन दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजेन्द्र सिंह (26) और विरेन्द्र सिंह (25) के रूप में हुई है, जो चूरू जिले के भालेरी थाना क्षेत्र के सोमणसर गांव के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। जांच में सामने आया है कि विजेन्द्र सिंह भालेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ चूरू और बीकानेर जिलों में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ कर रही है।1
- झुंझुनू जिले में एक 26 वर्षीय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मृत्यु हो गई है।1
- झुंझुनू जिले की 14 ग्राम पंचायतों में 22 जून 2026, सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक चलेंगे, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारी सीधे ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही उनका समाधान करेंगे। यह पहल ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं और शिकायतों के निवारण का अवसर प्रदान करेगी। ये विशेष शिविर अजाड़ी कला, उदयपुरवाटी के चवरा, अलसीसर के सोनासर और कोदेसर, बुहाना के पचेरी कला, सिंघाना के डूमोली कला, पिलानी के घंडावा, मंडावा के हिमतसर, चिड़ावा के केहरपुरा कला, खेतड़ी के बसाई और सीहोड़, नवलगढ़ के बिरोल और बाय, सूरजगढ़ के स्वामी सेही तथा गुड्डागौड़जी के पोषाणा ग्राम पंचायतों में आयोजित होंगे। इन शिविरों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए कई तरह की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे उनकी विभिन्न जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।1
- झुंझुनूं शहर में आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति को नई दिशा देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) का एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र शुरू हो गया है। झुंझुनूं की मित्तल कॉलोनी स्थित ढंढारिया गेस्ट हाउस में इस नवनिर्मित केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया, जहां पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और श्री नृसिंह यज्ञ से हुई, जिसमें मुख्य यजमान रामौतार अग्रवाल गुढावाला ने अपने परिवार सहित पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक हवन में भाग लेकर आहुतियां दीं, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इसके उपरांत हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें मृदंग और मंजीरों की मधुर धुन पर भक्त कृष्ण भक्ति में सराबोर नज़र आए। शाम को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवीन भवन और श्री श्री राधा मदन गोपाल गौरहरि मंदिर की वेदी का उद्घाटन रहा। झुंझुनूं के जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने फीता काटकर इस केंद्र का शुभारंभ किया, जिस अवसर पर इस्कॉन परिवार ने उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया। डॉ. नवीन कांतिदास बंसल ने जानकारी दी कि यह केंद्र फिलहाल अस्थायी रूप से संचालित होगा, जबकि अगले तीन वर्षों में भव्य मुख्य मंदिर का निर्माण पूरा किया जाएगा। तब तक यह केंद्र धर्म प्रचार, संस्कार और आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहेगा। अपने संबोधन में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने मानवता और आध्यात्मिक उत्थान के लिए इस्कॉन संस्था द्वारा पिछले 50 वर्षों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र झुंझुनूं में आध्यात्मिक जागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में बच्चों ने महाभारत के प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं संध्या आरती और महाप्रसाद वितरण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह इस्कॉन केंद्र आने वाले समय में संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।1
- रींगस के ग्राम पंचायत चोमू पुरोहितान में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ शैतान सिंह नेहरा के घर से शनिवार रात्रि में अज्ञात चोरों ने गैस सिलेंडर चुरा लिए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे चोरी का फुटेज उपलब्ध है। घटना की जानकारी मिलते ही रींगस पुलिस थाना को तत्काल सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। गाँव में चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- मध्यप्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपनी बेटी को RE-NEET परीक्षा दिलाने परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, वे निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचे थे। गार्ड से काफी अनुरोध किए जाने के बावजूद, वहां मौजूद स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निस्संदेह, परीक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है और सभी को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या सारी जवाबदेही केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की ही है? पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब चाहो परीक्षा स्थगित कर दो, जब चाहो निरस्त कर दो, और जब चाहो नई तारीखें घोषित कर दो, लेकिन इन फैसलों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान आखिर अभ्यर्थी ही क्यों भुगतें? नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है। इन परीक्षाओं के पीछे सिर्फ रोल नंबर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।1