सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।
सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा
व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय
कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों
और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।
- सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।4
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में इस बात पर जोर दिया गया है कि जिन कारणों से लखनऊ में एक घटना घटित हुई थी, उन कारणों की पुनरावृत्ति सुल्तानपुर जनपद में न हो।1
- उन्नाव जिले के हसनगंज थाना क्षेत्र स्थित बक्शीखेड़ा गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। इस घटना के सामने आने के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए नवविवाहिता की जान ले ली।1
- सुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सुरौली देवा का पुरवा गांव में एक जमीन बंटवारे को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित की जमीन के बंटवारे को लेकर विपक्षी ने विवाद शुरू कर दिया, जिसके बाद पीड़ित ने इसकी सूचना थाने पर दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।1
- जेष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगलवार को कादीपुर गोपालपुर स्थित बाझउआ बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर परिसर में हर मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पाठ करने के निर्णय के शुभारंभ के तौर पर किया गया। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से मंदिर की जमीन के कुछ हिस्से पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का कब्जा था। स्थानीय प्रशासन, हिंदू संगठनों, क्षेत्र के हिंदू जनप्रतिनिधियों और आस-पास के निवासियों के सहयोग से इस भूमि को हाल ही में मुक्त कराया गया। इसी के बाद यह तय किया गया कि अब प्रत्येक मंगलवार को बाझउआ बाबा मंदिर परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज हुई। इस शुभ अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल, कादीपुर कोतवाली प्रभारी दीपेन्द्र प्रताप सिंह अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्वयं उपस्थित थे। कार्यक्रम में एडवोकेट संजय सिंह, घनश्याम जायसवाल, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण समिति विधानसभा कादीपुर के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विकास पाण्डेय "विपुल", रामसिंह सिपाही, विश्व हिंदू परिषद कादीपुर प्रखंड मंत्री राहुल सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड कादीपुर ध्यान सिंह, बजरंग दल संयोजक प्रखंड प्रतापपुर कमैचा मुकेश पाठक, बजरंग दल संयोजक उपखंड गोपालपुर विकास पाल और विश्व हिंदू परिषद उपखंड गोपालपुर के अध्यक्ष सुरेश पाल सहित सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया। विकास पाण्डेय "विपुल" के मधुर स्वर में सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसके उपरांत आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।2
- सुलतानपुर जिले की जयसिंहपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत भिदूरा में तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पूर्व प्रधान पर तालाब की जमीन से अवैध रूप से मिट्टी का खनन कराने का आरोप लगाया है। इस अवैध खनन के कारण राजस्व और ग्राम समाज की भूमि को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन लगातार मिट्टी निकाले जाने से इसका प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण पर पड़ेगा। क्षेत्र में इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और ग्रामीण जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग से मौके पर जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध खनन से मुक्त कराने की गुहार लगा रहे हैं।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हुआ है, जिसमें सिस्टम की घोर लापरवाही के कारण 18 लोगों की जान चली गई। बताया गया है कि घटना के वक्त लोग लगातार फोन करते रहे, लेकिन दमकल की गाड़ियाँ समय पर नहीं पहुँचीं। पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी 40 मिनट की देरी से घटनास्थल पर पहुँची, और एंबुलेंस भी काफी देर से पहुँची थी। इस हृदय विदारक घटना के पीछे कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, इस इमारत के ध्वस्तीकरण के आदेश वर्ष 2016 में ही जारी किए गए थे, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मात्र दो महीने के भीतर ही उन आदेशों को वापस ले लिया था। इसके अतिरिक्त, बिल्डिंग के पास फायर एनओसी (NOC) भी नहीं थी, और यह 20 किलोवॉट के बिजली कनेक्शन पर 34 किलोवॉट की खपत कर रही थी, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इन सभी तथ्यों के आलोक में, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), दमकल विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली और उनकी गंभीर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते 18 बेकसूर जानें चली गईं।1