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रामानुजगंज मे लगातार हाथियों का उत्पात जारी है कई किसानों का धान साफ बलरामपुर जिले के रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज के अलग अलग कई गांव में लगातार 27 हाथियों का उत्पात जारी है वहीं कई किसानों का धान साफ देखने को मिल रहा हैं वन विभाग ने लगातार हाथियों को भागने की कोशीस कर रहा है लेकिन हाथियों का उत्पात रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं वन विभाग ने हाथियों से हुए किसानों का फसल की मुवाजा देने की अपील की है
Devbarsan saruta
रामानुजगंज मे लगातार हाथियों का उत्पात जारी है कई किसानों का धान साफ बलरामपुर जिले के रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज के अलग अलग कई गांव में लगातार 27 हाथियों का उत्पात जारी है वहीं कई किसानों का धान साफ देखने को मिल रहा हैं वन विभाग ने लगातार हाथियों को भागने की कोशीस कर रहा है लेकिन हाथियों का उत्पात रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं वन विभाग ने हाथियों से हुए किसानों का फसल की मुवाजा देने की अपील की है
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- बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में जनरल परेड के साथ पुलिस जवानों को आपदा प्रबंधन आपत् परि स्थिति निपटने के लिए ट्रेंनिग देने के लिए माँक ड्रिल का आयोजन किया गया बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के द्वरा सलामी ली गई साथ ही पुलिस बल के अनुसाशन बनाये रखने तथा अपने कर्तब्यों का जिमेदारी के साथ करने का निर्देश दिए1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक्टिव हुआ फर्जी लोन गिरोह दीवारों और खंभों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर, ठगी के शिकार हो रहे लोग रामानुजगंज बलरामपुर बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक्टिव हुआ फर्जी लोन गिरोह दीवारों और खंभों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर, ठगी के शिकार हो रहे लोग रामानुजगंज बलरामपुर बलरामपुर जिले के रामानुजगंज शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ठगी का एक नया मामला सामने आया है। शहर के चौक-चौराहों, बिजली के खंभों और दीवारों पर "लोन ही लोन" के लुभावने पोस्टर धड़ल्ले से चस्पा किए जा रहे हैं। इन पोस्टरों के जरिए लोगों को 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का तुरंत लोन दिलाने का झांसा दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और खुद ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की गुर्हार लगाई है। इस तरह काम करता है ठगों का यह जाल पीड़ित व्यक्ति ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब इन पोस्टरों पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जाता है, तो सामने वाला व्यक्ति बेहद शालीनता और प्रोफेशनल तरीके से बात करता है। वह पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक की फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाता है। दस्तावेज मिलने के बाद ठग तुरंत लोन पास होने का झांसा देते हैं और असली खेल यहीं से शुरू होता है इंश्योरेंस के नाम पर पैसों की मांग लोन अप्रूव होने का झांसा देकर प्रति लाख के हिसाब से पैसे एडवांस में मंगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई 3 लाख रुपये का लोन लेना चाहता है, तो उससे तुरंत 3,900 रुपये (1300 रुपये प्रति लाख के हिसाब से) इंश्योरेंस के नाम पर ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए जाते हैं। तरह-तरह के बहाने और तकनीकी पेच पैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगों का बहानेबाजी का दौर शुरू हो जाता है। वे कभी सर्वर डाउन होने, कभी बैंक अकाउंट सही न होने या फिर किसी अन्य तकनीकी खामी का हवाला देकर बार-बार पैसों की मांग करते हैं। लगातार टालमटोल: एक बार पैसे भेजने के बाद ठग न तो लोन की राशि देते हैं और न ही जमा किए गए पैसे वापस करते हैं। फोन पर सिर्फ बहाने बनाए जाते हैं। जनता से अपील और प्रशासन से सख्त एक्शन की मांग यह गिरोह पूरी तरह से फर्जी और आधारहीन है, जो भोले-भाले और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट रहा है। इस तरह की अवैध चिटफंड और ठग कंपनियों के कारण कई गरीब परिवार आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और रामानुजगंज थाना पुलिस से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इन नंबरों और पोस्टरों की जांच की जाए। साथ ही, इस फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर आम जनता को इस ठगी से बचाया जाए। यदि आपके आसपास या शहर में भी इस तरह के फर्जी पोस्टर दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क रहें और इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या प्रशासन को दें। अपनी निजी और गोपनीय जानकारी (जैसे आधार, पैन या बैंक डिटेल्स) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें।1
- चिनियां में जंगली हाथियों के झुंड को लेकर रेड अलर्ट जारी, सात गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील चिनिया थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और आसपास के जंगलों में जंगली हाथियों के एक झुंड के विचरण की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने शुक्रवार रात 7 बजे से रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षित रहने की अपील की है। वन विभाग के अनुसार, खुर्री, मसरा, नग्सिली, रनपुरा, परशुखांड़, बेता सहित आसपास के जंगलों में हाथियों के झुंड की मौजूदगी हो सकती है। ऐसे में संबंधित गांवों के ग्रामीणों को सावधान रहने की जरूरत है। विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण जंगल की ओर जाने में सावधानी बरतें और हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें छेड़ने या घेरने की कोशिश न करें। यदि किसी अन्य स्थान पर भी हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलती है, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।1
- मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ,खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह रंका। प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भलुआनी हरदी खुटा मैदान में नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने की अपील की। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर तीन बजे पंचायत के उप मुखिया सतनारायण सिंह ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय एवं क्षेत्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर मुखिया रीमा देवी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को आपसी भाईचारे, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलें। अपनी प्रतिभा के दम पर बेहतर प्रदर्शन करें तथा अपने गांव और पंचायत का नाम रोशन करें। मुखिया रीमा देवी की इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि खेलकूद के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें एकता, अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति की ओर से बैठने की व्यवस्था भी की गई है। स्थानीय एवं क्षेत्रीय मैच होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद है।1
- पुलिस अधीक्षक ने जनरल परेड का किया निरीक्षण, आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल से परखी तैयारियां पुलिस अधीक्षक ने जनरल परेड का किया निरीक्षण, आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल से परखी तैयारियां अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को दिए निर्देश नन्दु कुशवाहा बलरामपुर। पुलिस बल की कार्यक्षमता, अनुशासन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन बलरामपुर में जनरल परेड एवं आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने जनरल परेड का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों के अनुशासन, टर्नआउट, शारीरिक दक्षता और परेड की गुणवत्ता का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने परेड की सलामी लेने के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से करने के निर्देश दिए। आपदा से निपटने की तैयारियों का अभ्यास जनरल परेड के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का अभ्यास किया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तत्परता से संचालित करने पर जोर दिया। इस अभ्यास का उद्देश्य पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रखना, कार्यक्षमता बढ़ाना तथा आपदा के दौरान जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) प्रमोद किसपोट्टा, रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन, प्रशिक्षु सूबेदार ज्योति साहू सहित पुलिस1
- बलरामपुर. NH-343 पर जनता का फूटा गुस्सा, हाईवे पर चक्का जाम; बलरामपुर . जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क निर्माण में एलाइनमेंट की अनदेखी, उड़ती धूल, गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण और विद्युत खंभों की शिफ्टिंग नहीं होने से नाराज नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने हाईवे पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी है। चक्का जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क निर्माण की समस्याओं से परेशान लोगों ने किया चक्का जाम ... राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित एलाइनमेंट की अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही सड़क से लगातार धूल उड़ने के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य आम जनता की सुविधा के लिए किया जा रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे लोगों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया और हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण को लेकर भी नाराजगी... विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क निर्माण के साथ नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नाली निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नाली का निर्माण लंबे समय तक लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही से भविष्य में लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। इसी को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में सुधार की मांग उठाई है। विद्युत खंभों की शिफ्टिंग नहीं होने से बढ़ी परेशानी.... प्रदर्शनकारियों ने विद्युत खंभों की शिफ्टिंग को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान विद्युत खंभों को व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट करने की आवश्यकता है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं होने से निर्माण कार्य को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं। लोगों ने सड़क निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को आपसी समन्वय के साथ पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क, नाली और विद्युत खंभों से संबंधित कार्यों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। रमन अग्रवाल के नेतृत्व में सड़क पर उतरे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण... रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में नगर पालिका उपाध्यक्ष, पार्षदों और सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। चक्का जाम में लोगों की भागीदारी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि सड़क निर्माण कार्य में सामने आ रही कमियों को तत्काल दूर किया जाए और उड़ती धूल से राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग.... चक्का जाम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य में सामने आ रही कमियों को दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं होती, तब तक लोगों की परेशानी बनी रहेगी।अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर चक्का जाम के कारण यातायात प्रभावित होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण की समस्याओं का समाधान करेगा और उन्हें धूल से राहत दिलाने के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।3
- मछली पालन में मिसाल बने डंडई के नरेश प्रजापति, 50 तालाबों में तैयार कर रहे मछली के बच्चे; मछली पालन में मिसाल बने डंडई के नरेश प्रजापति, 50 तालाबों में तैयार कर रहे मछली के बच्चे; किसानों को भी दिखा रहे आत्मनिर्भरता की राह 2014 से मत्स्य पालन के क्षेत्र में सक्रिय डंडई प्रखंड अंतर्गत पचौर पंचायत के सूअरजंघा गांव निवासी नरेश प्रजापति ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में वर्ष 2014 से मछली पालन और मछली के बच्चों के उत्पादन एवं बिक्री के कार्य में जुटे हुए हैं। नरेश आज न केवल अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी मत्स्य पालन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नरेश प्रजापति का कार्य केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। वह मछली के बच्चों का उत्पादन कर आसपास के मत्स्य पालकों को उनकी आपूर्ति भी करते हैं। उनके अनुसार, वह लगभग 50 तालाबों में मछली के बच्चों का पालन कर रहे हैं। इनमें 20 सदाबहार तालाब और करीब 30 मौसमी तालाब शामिल हैं। इन तालाबों के माध्यम से वह मछली के बच्चों को तैयार कर बाजार में बिक्री तथा अन्य मत्स्य पालकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। नरेश बताते हैं कि मछली के बच्चों का उत्पादन और उनकी आपूर्ति उनके व्यवसाय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए वह लगातार मेहनत करते हैं, ताकि क्षेत्र के मछली पालने वाले किसानों को समय पर मछली के बच्चे उपलब्ध हो सकें और उनका व्यवसाय आगे बढ़ सके।नरेश का अनुभव बताता है कि तालाबों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। जरूरत है तो केवल सही जानकारी, मेहनत और इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति की। नरेश प्रजापति की पहचान केवल एक मत्स्य पालक के रूप में नहीं, बल्कि किसानों को जागरूक करने वाले व्यक्ति के रूप में भी बनी है। वह गांव-गांव घूमकर तालाबों की जानकारी जुटाते हैं और किसानों को मछली पालन के प्रति जागरूक करते हैं। उनके प्रयासों से अब तक करीब 45 किसान मत्स्य विभाग से जुड़कर इस क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित हुए हैं। नरेश ने बताया कि धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात तालाबों का निर्माण कराया गया है। इन तालाबों के माध्यम से भी अब मछली पालन की संभावनाएं विकसित होंगी। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिलने और उनकी आय बढ़ाने की उम्मीद है। तालाबों का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि इन तालाबों में योजनाबद्ध तरीके से मछली पालन किया जाए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन मिले, तो यह पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकती है। छह क्विंटल मछली के बच्चों का उत्पादन, लाखों की कमाई का आधार नरेश प्रजापति के अनुसार, वह वर्तमान में करीब छह क्विंटल मछली के बच्चों को तैयार कर रहे हैं, जिनकी बिक्री और आपूर्ति से उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है। उनका कहना है कि मछली के बच्चों के उत्पादन और बिक्री के काम से पिछले कई वर्षों से वह जुड़े हुए हैं। इस व्यवसाय से उनकी सालाना आमदनी लगभग छह लाख रुपये तक होने का अनुमान है।1
- तालाब में मछली मारने गया अधेड़ मिला शव, परिजनों में कोहराम दुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के झारोकला गांव निवासी 57 वर्षीय रामकरन गोंड़ पुत्र स्व. बृजमोहन, की शुक्रवार सुबह गांव से लगभग 300 मीटर दूर स्थित तालाब में उतराता हुआ शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे मछली मारने के लिए तालाब की ओर गया था, लेकिन रात भर घर नहीं लौटा। परिजनों के अनुसार, रात भर उसके घर न लौटने पर सबको लगा कि वह देर से आ जाएगा और सभी सो गए। सुबह तक भी जब वह घर नहीं पहुंचा, तो परिजन और ग्रामीण तालाब की ओर खोजने निकले। तालाब पहुंचने पर रामकरन का शव पानी के ऊपर उतरा हुआ देखा गया। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चार पुत्र हैं, जो सभी विवाहित हैं। सबसे छोटे पुत्र सिद्धि सिंह गोड़ ने बताया कि पिता हिंडाल्को में ठेकदार के माध्यम से मजदूरी करते थे। मृतक के तालाब में डूबने के बारे में अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ।1