मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ,खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह रंका। प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भलुआनी हरदी खुटा मैदान में नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने की अपील की। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर तीन बजे पंचायत के उप मुखिया सतनारायण सिंह ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय एवं क्षेत्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर मुखिया रीमा देवी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को आपसी भाईचारे, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलें। अपनी प्रतिभा के दम पर बेहतर प्रदर्शन करें तथा अपने गांव और पंचायत का नाम रोशन करें। मुखिया रीमा देवी की इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि खेलकूद के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें एकता, अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति की ओर से बैठने की व्यवस्था भी की गई है। स्थानीय एवं क्षेत्रीय मैच होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद है।
मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ,खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह रंका। प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भलुआनी हरदी खुटा मैदान में नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने की अपील की। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर तीन बजे पंचायत के उप मुखिया सतनारायण सिंह ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय एवं क्षेत्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर मुखिया रीमा देवी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को आपसी भाईचारे, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलें। अपनी प्रतिभा के दम पर बेहतर प्रदर्शन करें तथा अपने गांव और पंचायत का नाम रोशन करें। मुखिया रीमा देवी की इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि खेलकूद के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें एकता, अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति की ओर से बैठने की व्यवस्था भी की गई है। स्थानीय एवं क्षेत्रीय मैच होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद है।
- मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ,खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह रंका। प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भलुआनी हरदी खुटा मैदान में नीलांबर-पीतांबर फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ पंचायत की मुखिया रीमा देवी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने की अपील की। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर तीन बजे पंचायत के उप मुखिया सतनारायण सिंह ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय एवं क्षेत्रीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर मुखिया रीमा देवी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को आपसी भाईचारे, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलें। अपनी प्रतिभा के दम पर बेहतर प्रदर्शन करें तथा अपने गांव और पंचायत का नाम रोशन करें। मुखिया रीमा देवी की इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि खेलकूद के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें एकता, अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति की ओर से बैठने की व्यवस्था भी की गई है। स्थानीय एवं क्षेत्रीय मैच होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद है।1
- चिनियां में जंगली हाथियों के झुंड को लेकर रेड अलर्ट जारी, सात गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील चिनिया थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और आसपास के जंगलों में जंगली हाथियों के एक झुंड के विचरण की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने शुक्रवार रात 7 बजे से रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षित रहने की अपील की है। वन विभाग के अनुसार, खुर्री, मसरा, नग्सिली, रनपुरा, परशुखांड़, बेता सहित आसपास के जंगलों में हाथियों के झुंड की मौजूदगी हो सकती है। ऐसे में संबंधित गांवों के ग्रामीणों को सावधान रहने की जरूरत है। विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण जंगल की ओर जाने में सावधानी बरतें और हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें छेड़ने या घेरने की कोशिश न करें। यदि किसी अन्य स्थान पर भी हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलती है, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।1
- मछली पालन में मिसाल बने डंडई के नरेश प्रजापति, 50 तालाबों में तैयार कर रहे मछली के बच्चे; मछली पालन में मिसाल बने डंडई के नरेश प्रजापति, 50 तालाबों में तैयार कर रहे मछली के बच्चे; किसानों को भी दिखा रहे आत्मनिर्भरता की राह 2014 से मत्स्य पालन के क्षेत्र में सक्रिय डंडई प्रखंड अंतर्गत पचौर पंचायत के सूअरजंघा गांव निवासी नरेश प्रजापति ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में वर्ष 2014 से मछली पालन और मछली के बच्चों के उत्पादन एवं बिक्री के कार्य में जुटे हुए हैं। नरेश आज न केवल अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी मत्स्य पालन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नरेश प्रजापति का कार्य केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। वह मछली के बच्चों का उत्पादन कर आसपास के मत्स्य पालकों को उनकी आपूर्ति भी करते हैं। उनके अनुसार, वह लगभग 50 तालाबों में मछली के बच्चों का पालन कर रहे हैं। इनमें 20 सदाबहार तालाब और करीब 30 मौसमी तालाब शामिल हैं। इन तालाबों के माध्यम से वह मछली के बच्चों को तैयार कर बाजार में बिक्री तथा अन्य मत्स्य पालकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। नरेश बताते हैं कि मछली के बच्चों का उत्पादन और उनकी आपूर्ति उनके व्यवसाय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए वह लगातार मेहनत करते हैं, ताकि क्षेत्र के मछली पालने वाले किसानों को समय पर मछली के बच्चे उपलब्ध हो सकें और उनका व्यवसाय आगे बढ़ सके।नरेश का अनुभव बताता है कि तालाबों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। जरूरत है तो केवल सही जानकारी, मेहनत और इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति की। नरेश प्रजापति की पहचान केवल एक मत्स्य पालक के रूप में नहीं, बल्कि किसानों को जागरूक करने वाले व्यक्ति के रूप में भी बनी है। वह गांव-गांव घूमकर तालाबों की जानकारी जुटाते हैं और किसानों को मछली पालन के प्रति जागरूक करते हैं। उनके प्रयासों से अब तक करीब 45 किसान मत्स्य विभाग से जुड़कर इस क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित हुए हैं। नरेश ने बताया कि धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात तालाबों का निर्माण कराया गया है। इन तालाबों के माध्यम से भी अब मछली पालन की संभावनाएं विकसित होंगी। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिलने और उनकी आय बढ़ाने की उम्मीद है। तालाबों का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि इन तालाबों में योजनाबद्ध तरीके से मछली पालन किया जाए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन मिले, तो यह पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकती है। छह क्विंटल मछली के बच्चों का उत्पादन, लाखों की कमाई का आधार नरेश प्रजापति के अनुसार, वह वर्तमान में करीब छह क्विंटल मछली के बच्चों को तैयार कर रहे हैं, जिनकी बिक्री और आपूर्ति से उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है। उनका कहना है कि मछली के बच्चों के उत्पादन और बिक्री के काम से पिछले कई वर्षों से वह जुड़े हुए हैं। इस व्यवसाय से उनकी सालाना आमदनी लगभग छह लाख रुपये तक होने का अनुमान है।1
- बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में जनरल परेड के साथ पुलिस जवानों को आपदा प्रबंधन आपत् परि स्थिति निपटने के लिए ट्रेंनिग देने के लिए माँक ड्रिल का आयोजन किया गया बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के द्वरा सलामी ली गई साथ ही पुलिस बल के अनुसाशन बनाये रखने तथा अपने कर्तब्यों का जिमेदारी के साथ करने का निर्देश दिए1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक्टिव हुआ फर्जी लोन गिरोह दीवारों और खंभों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर, ठगी के शिकार हो रहे लोग रामानुजगंज बलरामपुर बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक्टिव हुआ फर्जी लोन गिरोह दीवारों और खंभों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर, ठगी के शिकार हो रहे लोग रामानुजगंज बलरामपुर बलरामपुर जिले के रामानुजगंज शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ठगी का एक नया मामला सामने आया है। शहर के चौक-चौराहों, बिजली के खंभों और दीवारों पर "लोन ही लोन" के लुभावने पोस्टर धड़ल्ले से चस्पा किए जा रहे हैं। इन पोस्टरों के जरिए लोगों को 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का तुरंत लोन दिलाने का झांसा दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और खुद ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की गुर्हार लगाई है। इस तरह काम करता है ठगों का यह जाल पीड़ित व्यक्ति ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब इन पोस्टरों पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जाता है, तो सामने वाला व्यक्ति बेहद शालीनता और प्रोफेशनल तरीके से बात करता है। वह पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक की फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाता है। दस्तावेज मिलने के बाद ठग तुरंत लोन पास होने का झांसा देते हैं और असली खेल यहीं से शुरू होता है इंश्योरेंस के नाम पर पैसों की मांग लोन अप्रूव होने का झांसा देकर प्रति लाख के हिसाब से पैसे एडवांस में मंगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई 3 लाख रुपये का लोन लेना चाहता है, तो उससे तुरंत 3,900 रुपये (1300 रुपये प्रति लाख के हिसाब से) इंश्योरेंस के नाम पर ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए जाते हैं। तरह-तरह के बहाने और तकनीकी पेच पैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगों का बहानेबाजी का दौर शुरू हो जाता है। वे कभी सर्वर डाउन होने, कभी बैंक अकाउंट सही न होने या फिर किसी अन्य तकनीकी खामी का हवाला देकर बार-बार पैसों की मांग करते हैं। लगातार टालमटोल: एक बार पैसे भेजने के बाद ठग न तो लोन की राशि देते हैं और न ही जमा किए गए पैसे वापस करते हैं। फोन पर सिर्फ बहाने बनाए जाते हैं। जनता से अपील और प्रशासन से सख्त एक्शन की मांग यह गिरोह पूरी तरह से फर्जी और आधारहीन है, जो भोले-भाले और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट रहा है। इस तरह की अवैध चिटफंड और ठग कंपनियों के कारण कई गरीब परिवार आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और रामानुजगंज थाना पुलिस से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इन नंबरों और पोस्टरों की जांच की जाए। साथ ही, इस फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर आम जनता को इस ठगी से बचाया जाए। यदि आपके आसपास या शहर में भी इस तरह के फर्जी पोस्टर दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क रहें और इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या प्रशासन को दें। अपनी निजी और गोपनीय जानकारी (जैसे आधार, पैन या बैंक डिटेल्स) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें।1
- मनिका च के एंबुलेंस चालक की सेवा समाप्त, विरोध में मनिका प्रखंड के अनुबंध एवं आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मी, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मनिका (लातेहार) :- मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो के बाद एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी की सेवा समाप्त किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है तो दूसरी तरफ इसके विरोध में आज 23 अक्टूबर शुक्रवार को मनिका सीएचसी के सभी स्वास्थ्य कर्मी, सहिया, लैब टेक्नीशियन और डॉक्टर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मनिका सीएचसी के एंबुलेंस चालक द्वारा मरीजों और परिजनों के साथ अमानवीय व अशोभनीय व्यवहार करते देखा गया था। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के आलोक में लातेहार सिविल सर्जन ने आउटसोर्स एजेंसी बालाजी डिटेक्टिव फोर्स को चालक की सेवा तत्काल समाप्त करने का आदेश दिया था। स्वास्थ्य कर्मियों का पक्ष -: वहीं सेवा समाप्ति के विरोध में धरने पर बैठे डॉक्टर उमेश कुमार ने कहा कि आए दिन स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उस दिन भी स्वास्थ्य कर्मी के साथ दुर्व्यवहार हो रहा था। बीच-बचाव के क्रम में एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी सर्प दंश से पीड़ित महिला के परिजनों को समझाने गया, इसी दौरान परिजन उसी से उलझ गए और वाद-विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो का सिर्फ एक हिस्सा दिखाया गया है। धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि चालक द्वारा कुछ अपशब्द कहे जाने के लिए हम सभी क्षमा मांगते हैं, लेकिन सीएचसी में सीसीटीवी लगा है, बिना सही जांच-पड़ताल के एक तरफा फैसला लेकर एक झटके में नौकरी से निकाल देना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे हम सभी में डर की भावना आ गई है। हम सभी अनुबंध और आउटसोर्स कर्मी हैं, 5 से 10 साल से लगातार सेवा दे रहे हैं, एक लेटर जारी कर नौकरी से निकाल दिया जाता है, हमारे बच्चों और परिवार की परिस्थिति नहीं देखी जाती। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी को पुनः बहाल नहीं किया जाता, तब तक सभी स्वास्थ्य कर्मी धरने पर रहेंगे और स्वास्थ्य सेवा नहीं देंगे। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों से सीएचसी परिसर में लगे सीसीटीवी की निष्पक्ष जांच करने और जांच में दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने, अन्यथा सेवा बहाल करने की मांग की है।1
- कौन गाना था की बिदाई पर रोने लगे देखिए वीडियो में और भी गढ़वा जिला के कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम घोड़दाग का यह मामला है जिसे दुर्गा मां के बिदाई गीत पर बाबा ने रो दिए1
- रामानुजगंज मे लगातार हाथियों का उत्पात जारी है कई किसानों का धान साफ बलरामपुर जिले के रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज के अलग अलग कई गांव में लगातार 27 हाथियों का उत्पात जारी है वहीं कई किसानों का धान साफ देखने को मिल रहा हैं वन विभाग ने लगातार हाथियों को भागने की कोशीस कर रहा है लेकिन हाथियों का उत्पात रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं वन विभाग ने हाथियों से हुए किसानों का फसल की मुवाजा देने की अपील की है1