राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" के तहत, ब्यावर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक सघन जांच अभियान चलाया है। जयपुर के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के निर्देश तथा जिला कलक्टर ब्यावर कमल राम मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के मार्गदर्शन में, खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार को विभिन्न फल एवं सब्जी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गजानंद केला सप्लायर्स, बालाजी फ्रूट कम्पनी, एन.के. फ्रूट कम्पनी और लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड से केला, आम, सेब, टमाटर, बैंगन, लहसुन एवं पपीते के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। निरीक्षण कार्रवाई के दौरान, लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यहाँ लगभग 2000 किलो सड़ी-गली और बदबूदार सब्जियां तथा फल पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रतिष्ठान के खिलाफ कीटनाशक अवशेष (पेस्टिसाइड) जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने के सख्त निर्देश दिए गए। विभाग को इस प्रतिष्ठान के संबंध में पिछले कई दिनों से आमजन से शिकायतें भी मिल रही थीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को केवल अनुमोदित और सुरक्षित विधियों से ही फलों को पकाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एथिलीन स्प्रे या कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों से पकाए गए फलों की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने फलों को सुरक्षित रूप से पकाने के लिए केवल एथिलीन अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप एथेफोन सैशे के उपयोग की अनुमति दी है, जिससे उत्पन्न एथिलीन गैस फलों को प्राकृतिक रूप से पकाने में सहायक होती है और यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, जिले में सैंपलिंग और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। आगामी दिनों में आइसक्रीम, शीतल पेय, शरबत तथा मौसमी फलों जैसे तरबूज, आम, पपीता और केले की विशेष जांच की जाएगी। आज एकत्र किए गए सभी नमूने जांच के लिए अजमेर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" के तहत, ब्यावर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक सघन जांच अभियान चलाया है। जयपुर के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के निर्देश तथा जिला कलक्टर ब्यावर कमल राम मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के मार्गदर्शन में, खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार को विभिन्न फल एवं सब्जी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गजानंद केला सप्लायर्स, बालाजी फ्रूट कम्पनी, एन.के. फ्रूट कम्पनी और लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड से केला, आम, सेब, टमाटर, बैंगन, लहसुन एवं पपीते के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। निरीक्षण कार्रवाई के दौरान, लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड में गंभीर अनियमितताएं
सामने आईं। यहाँ लगभग 2000 किलो सड़ी-गली और बदबूदार सब्जियां तथा फल पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रतिष्ठान के खिलाफ कीटनाशक अवशेष (पेस्टिसाइड) जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने के सख्त निर्देश दिए गए। विभाग को इस प्रतिष्ठान के संबंध में पिछले कई दिनों से आमजन से शिकायतें भी मिल रही थीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को केवल अनुमोदित और सुरक्षित विधियों से ही फलों को पकाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एथिलीन स्प्रे या कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों से पकाए गए फलों की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने
बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने फलों को सुरक्षित रूप से पकाने के लिए केवल एथिलीन अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप एथेफोन सैशे के उपयोग की अनुमति दी है, जिससे उत्पन्न एथिलीन गैस फलों को प्राकृतिक रूप से पकाने में सहायक होती है और यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, जिले में सैंपलिंग और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। आगामी दिनों में आइसक्रीम, शीतल पेय, शरबत तथा मौसमी फलों जैसे तरबूज, आम, पपीता और केले की विशेष जांच की जाएगी। आज एकत्र किए गए सभी नमूने जांच के लिए अजमेर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रियां बड़ी उपखंड के ग्राम लाडपुरा स्थित श्री देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित पंच दिवसीय भगतमाल कथा महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कथा स्थल पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा और दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। प्रातःकालीन कथा, भजन-कीर्तन एवं संतवाणी के दौरान कथा वाचक संत श्री सुखदेवजी महाराज (दरियाव आश्रम, कुचेरा) ने भगतमाल कथा के माध्यम से संतों के त्याग, तपस्या और भक्ति की प्रेरणादायक गाथाओं का वर्णन करते हुए सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। वहीं रात्रि में संत श्री श्रवणरामजी महाराज (गुलाब सागर, जोधपुर) ने गोपीचंद भर्तहरी कथा का वाचन कर वैराग्य, त्याग और अध्यात्म का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार, रविवार को इस कथा महोत्सव का भव्य समापन विशेष संत समागम एवं प्रवचन कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस संपूर्ण धार्मिक आयोजन का सफल संचालन साध्वी पप्पूबाई जी एवं समस्त ग्रामवासी लाडपुरा के सहयोग से किया जा रहा है।4
- राजस्थान में एक तहसीलदार का रातोंरात बांसवाड़ा तबादला कर दिया गया है, जिसने राज्यभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। यह तबादला उन तहसीलदार का किया गया है, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। इस अचानक हुए आदेश के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।1
- अजमेर के मदार क्षेत्र में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके फुटेज अब सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत अलवर गेट थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।1
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- रिया बड़ी उपखंड के लाडपुरा गांव स्थित श्री देवनारायण मंदिर परिसर में पंच दिवसीय भगतमाल कथा एवं गोपीचंद भरथरी कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई को शुरू हुआ था और इसका समापन कल होगा। इसके चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे, जिसमें क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोग शामिल थे। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। कथा का वाचन भजन सम्राट संत श्री सुंदरदास महाराज (दरियाव आश्रम कुचेरा) द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। वहीं, रात्रिकालीन सत्र में संत श्री भगवानगिरी महाराज (गुलाब सागर जोधपुर) गोपीचंद भरथरी कथा सुना रहे हैं। आज शाम को सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। कथा के चौथे दिन सुखदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम समय में भी सच्चे मन से राम नाम का जाप कर ले, तो उसे भगवान की प्राप्ति अवश्य होती है। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य की वाणी सदैव कोमल और मधुर होनी चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान का स्मरण और राम नाम का जाप अवश्य करना चाहिए। सुखदेव महाराज ने आगे बताया कि भगवान केवल पूजा-पाठ से ही नहीं, बल्कि सेवा भाव, अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ कर्मों से भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया और इसे ही सच्ची भक्ति का मार्ग कहा। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर और दिनेश जाट ने बताया कि कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल और प्रसादी की समुचित व्यवस्था की गई है। इस धार्मिक आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा एवं साध्वी पप्पू बाई (रामभजनी बाई जी) हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- रियां बड़ी के निकटवर्ती ग्राम झींटियां में स्थित श्री रूप रजत गौशाला में आयोजित 'नानी बाई रो मायरो कथा महोत्सव' के चौथे दिन श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। साध्वी श्री मनुश्रीथा जी अपनी मधुर वाणी से कथा का रसपान करवा रही हैं, जिससे भक्तजन भक्ति के रंग में रंगकर भाव-विभोर हो रहे हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते हुए नृत्य कर प्रभु भक्ति का आनंद ले रहे हैं। आसपास के गांवों से भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में पहुंच रहे हैं, जिससे कथा स्थल पर पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और गौभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। गौशाला सचिव बलदेव राम गोदारा ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन 27 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगा। उन्होंने क्षेत्र के अधिक से अधिक गौभक्तों एवं श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। इस अवसर पर सुशील आंवला, रामकरण, रामनिवास, चेनाराम ककड़वा, लक्ष्मण दास, राकेश जांगिड़, सरदार सिंह, रामनिवास गोदारा, बाबूराम प्रजापत, रामावतार ककड़वा, अमरा राम, चेनाराम आंवला, सुमेर सिंह, गणपत मेघवाल, नाकोड़ा इवेंट और समस्त ग्रामवासी झींटियां आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।4
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1