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गुड़ला खेड़ा से सभी साथियों को राम राम कहते हुए एक विशेष संदेश साझा किया गया है। यह संदेश गुर्जर समाज और गुड़ला गढ़ की पंचायत से संबंधित है, जिसमें किसान एकता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है और पांचना का भी उल्लेख किया गया है।
Sawai Modhapur
गुड़ला खेड़ा से सभी साथियों को राम राम कहते हुए एक विशेष संदेश साझा किया गया है। यह संदेश गुर्जर समाज और गुड़ला गढ़ की पंचायत से संबंधित है, जिसमें किसान एकता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है और पांचना का भी उल्लेख किया गया है।
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- सवाई माधोपुर में खैरदा अंडरपास को आम जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह अस्थायी बंद कब तक जारी रहेगा और लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर यह रोक कब हटेगी।1
- यह मांग उठाई गई है कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो दो समुदायों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं और उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।1
- ग्राम पंचायत सारसोप में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों तक पहुँचाया। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना। कई समस्याओं का समाधान तो मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक आवेदन लेकर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सरकारी सेवाओं का फायदा उठाया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन तक सरकारी सुविधाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से उनके समय और धन दोनों की बचत हुई है।1
- राज्य सरकार द्वारा आम जनता के आवश्यक कार्यों को सरलता से एक ही स्थान पर सम्पन्न कराने की मंशा से चलाए जा रहे जनसेवा शिविर अब केवल खानापूर्ति साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उनियारा ब्लॉक की फुलेता ग्राम पंचायत में आयोजित एक जन सेवा शिविर इस बात का जीता-जागता प्रमाण है, जहाँ शिविर के निर्धारित समापन से पूर्व ही 50 से अधिक कार्मिक नदारद पाए गए। इन नदारद कर्मियों में स्वयं शिविर प्रभारी भी शामिल थीं। यह स्थिति दर्शाती है कि जनसेवा शिविर मात्र औपचारिक बनकर रह गए हैं, जहाँ कर्मचारी केवल हस्ताक्षर करके गायब हो रहे हैं।1
- राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, उनियारा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैसर्स श्री श्याम ट्रेडर्स पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 'रिवॉल्ट ब्रांड' की 7,488 कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक की बोतलें सीज की हैं। यह कार्रवाई नैनवा रोड स्थित प्रतिष्ठान पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इन बोतलों पर 'Stimulates Mind, Energizes Body' और 'Same Great Taste' जैसे दावे अंकित पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार भ्रामक प्रचार की श्रेणी में रखा गया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों के तहत पेय पदार्थ के नमूने जांच के लिए लिए और मौके पर ही शेष 7,488 बोतलों को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, और इन बोतलों का निस्तारण केवल न्यायालय के आदेशों के बाद ही किया जाएगा, क्योंकि दुकानदार अब इन्हें बेच नहीं सकता। एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुसार, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक', 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावों का उपयोग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है, जिसके संबंध में हाल ही में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को भी आवश्यक निर्देश एवं नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अधिक कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन सावधानीपूर्वक करें, खासकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए ऐसे पेय स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक हो सकते हैं। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर के साथ टीम में अविनाश, राजेंद्र और रविशंकर आदि कार्मिक उपस्थित थे।4
- कोटा में 9 जुलाई को आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड डे मिल वर्कर्स, राजीविका की संविदा कर्मचारी महिलाओं और अन्य कार्यों में लगी संविदा कर्मी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्थायी नियुक्ति दिलाने, सुरक्षा की गारंटी देने, पेंशन लागू करने और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू करवाने की जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटा को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व चंद्रा कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी दामन और पिंटू केवट ने किया। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों के इस आंदोलन को सीटू कार्यकर्ताओं और जे के मजदूरों का भी समर्थन मिला। सीटू के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची के नेतृत्व में सीटू के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहे जे के मजदूरों के धरना स्थल को आंगनबाड़ी यूनियन की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने सीटू के नेताओं से एकजुटता के साथ 'आरपार की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया। इस सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड पुष्पा खींची, आंगनबाड़ी की महिला मजदूर नेता ममता मीणा, रजनी दामन, पिंटू केवट, चंद्रा कुमारी चारण और मदन मोहन शर्मा कामरेड अशोक सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड मंगलसिंह, कामरेड शिशुपाल, कामरेड हनुमान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी कार्यकर्ता, सीटू की महिला मजदूर और जे के मजदूरों के परिजन, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आमजन मौजूद रहे।2
- राजस्थान में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत, सवाई माधोपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी के नेतृत्व में फूड सेफ्टी ऑफिसर वेद प्रकाश पूर्विया और नितेश गौतम की टीम ने बुधवार को रीको इंडस्ट्रियल एरिया खेरदा स्थित पवन पेप्सी एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान, बाजार में सप्लाई की जा रही स्टिंग और एड्रिनलिन रश ब्रांड की एनर्जी ड्रिंक की खेप से दो नमूने लिए गए और मौके पर ही लगभग 7700 कैन एनर्जी ड्रिंक (करीब 1500 लीटर) जब्त की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एनर्जी ड्रिंक पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे कुछ दिन पहले भी इसी रीको इंडस्ट्रियल एरिया खेरदा में स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग से लगभग 13000 लीटर एनर्जी ड्रिंक जब्त की गई थी। उस जब्त किए गए स्टॉक की जांच रिपोर्ट में उसे 'अमानक प्रकृति' का पाया गया, जिसका चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा और कोर्ट के आदेश मिलने पर उसे नष्ट कर दिया जाएगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, कैफीनेटेड बेवरेजेस पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनरर्जाइज बॉडीज', 'एनर्जी ड्रिंक' जैसे दावों का लेबल पर उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। भारत सरकार की संस्था FSSAI, नई दिल्ली ने इस संबंध में बेवरेज उत्पादनकर्ता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए हैं। ऐसी एनर्जी ड्रिंक, जिनमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनके सेवन से हृदय की धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, बेचैनी, घबराहट, हाथ कांपना, सिरदर्द, चक्कर आना और नींद में खलल जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। अत्यधिक शुगर के कारण मोटापा, दांतों की समस्या और मधुमेह का खतरा भी बढ़ता है, जबकि खाली पेट पीने पर पेट में जलन, एसिडिटी और उल्टी की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक सेवन से इनकी आदत पड़ सकती है और अचानक छोड़ने पर चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग के मरीजों, मधुमेह के मरीजों और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को ऐसी ड्रिंक्स से बचना चाहिए। पवन पेप्सी एजेंसी से लिए गए सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भिजवाया गया है। लैब रिपोर्ट मिलने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम एवं विनियम 2011 के अनुसार सख्त अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ जानवरों को बेरोकटोक परिसर में प्रवेश करते देखा जा रहा है। अस्पताल के इस हाल को देखते हुए कहा जा रहा है कि यहाँ जानवरों की एंट्री 'फ्री' है।1
- गुर्जर समाज ने अपनी बहन-बेटियों पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज ने अजयराज पीलोदा, मदन मोहन राजौर, अर्जुन महर, हंसराज सरपंच पदमपुरा, मनोज मीणा महुआ और विश्रा खण्डिप नामक छह व्यक्तियों पर ये टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस से इन सभी आरोपियों की तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की गई है।1