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बुरहानपुर में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच प्रशासन और गणेश मंडलों के बीच गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी और निर्धारित 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली गणेश प्रतिमाओं पर कार्रवाई करते हुए कई बड़ी प्रतिमाएं जब्त की हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों और जिला प्रशासन द्वारा जारी 10 फीट से ऊंची प्रतिमाओं पर रोक के तहत की गई है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने शिकायतें मिलने के बाद विभिन्न मूर्ति निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया था कि प्रतिबंध के बावजूद पीओपी का उपयोग हो रहा है और 16 से 18 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं; जांच में नियम उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद मूर्तिकारों और गणेश मंडलों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधों पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा है, और बड़ी प्रतिमाएं इस पर्व का प्रमुख आकर्षण होती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक की गई इस कार्रवाई से उत्सव की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उन्होंने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं तथा परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आदेशों में राहत देने का आग्रह किया, ताकि उत्सव पहले की तरह भव्यता से मनाया जा सके। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन, स्थापना और विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां सामने आई थीं, जिसके कारण इस बार पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं को न तो स्थापित करने की अनुमति मिलेगी और न ही उन्हें अन्य जिलों या राज्यों में भेजा जा सकेगा। हालांकि, प्रशासन ने गणेश मंडलों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और मामले पर विचार करने की बात कही है।

17 hrs ago
user_Raju Singh Rathod
Raju Singh Rathod
बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

बुरहानपुर में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच प्रशासन और गणेश मंडलों के बीच गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी और निर्धारित 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली गणेश प्रतिमाओं पर कार्रवाई करते हुए कई बड़ी प्रतिमाएं जब्त की हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों और जिला प्रशासन द्वारा जारी 10 फीट से ऊंची प्रतिमाओं पर रोक के तहत की गई है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने शिकायतें मिलने के बाद विभिन्न मूर्ति निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया था कि प्रतिबंध के बावजूद पीओपी का उपयोग हो रहा है और 16 से 18 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं; जांच में नियम उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद मूर्तिकारों और गणेश मंडलों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधों पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा है, और बड़ी प्रतिमाएं इस पर्व का प्रमुख आकर्षण होती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक की गई इस कार्रवाई से उत्सव की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उन्होंने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं तथा परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आदेशों में राहत देने का आग्रह किया, ताकि उत्सव पहले की तरह भव्यता से मनाया जा सके। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन, स्थापना और विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां सामने आई थीं, जिसके कारण इस बार पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं को न तो स्थापित करने की अनुमति मिलेगी और न ही उन्हें अन्य जिलों या राज्यों में भेजा जा सकेगा। हालांकि, प्रशासन ने गणेश मंडलों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और मामले पर विचार करने की बात कही है।

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  • बुरहानपुर में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच प्रशासन और गणेश मंडलों के बीच गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी और निर्धारित 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली गणेश प्रतिमाओं पर कार्रवाई करते हुए कई बड़ी प्रतिमाएं जब्त की हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों और जिला प्रशासन द्वारा जारी 10 फीट से ऊंची प्रतिमाओं पर रोक के तहत की गई है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने शिकायतें मिलने के बाद विभिन्न मूर्ति निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया था कि प्रतिबंध के बावजूद पीओपी का उपयोग हो रहा है और 16 से 18 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं; जांच में नियम उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद मूर्तिकारों और गणेश मंडलों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधों पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा है, और बड़ी प्रतिमाएं इस पर्व का प्रमुख आकर्षण होती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक की गई इस कार्रवाई से उत्सव की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उन्होंने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं तथा परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आदेशों में राहत देने का आग्रह किया, ताकि उत्सव पहले की तरह भव्यता से मनाया जा सके। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन, स्थापना और विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां सामने आई थीं, जिसके कारण इस बार पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं को न तो स्थापित करने की अनुमति मिलेगी और न ही उन्हें अन्य जिलों या राज्यों में भेजा जा सकेगा। हालांकि, प्रशासन ने गणेश मंडलों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और मामले पर विचार करने की बात कही है।
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    बुरहानपुर में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच प्रशासन और गणेश मंडलों के बीच गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी और निर्धारित 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली गणेश प्रतिमाओं पर कार्रवाई करते हुए कई बड़ी प्रतिमाएं जब्त की हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों और जिला प्रशासन द्वारा जारी 10 फीट से ऊंची प्रतिमाओं पर रोक के तहत की गई है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने शिकायतें मिलने के बाद विभिन्न मूर्ति निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया था कि प्रतिबंध के बावजूद पीओपी का उपयोग हो रहा है और 16 से 18 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं; जांच में नियम उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई के बाद मूर्तिकारों और गणेश मंडलों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधों पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा है, और बड़ी प्रतिमाएं इस पर्व का प्रमुख आकर्षण होती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक की गई इस कार्रवाई से उत्सव की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उन्होंने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं तथा परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आदेशों में राहत देने का आग्रह किया, ताकि उत्सव पहले की तरह भव्यता से मनाया जा सके।

वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन, स्थापना और विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां सामने आई थीं, जिसके कारण इस बार पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं को न तो स्थापित करने की अनुमति मिलेगी और न ही उन्हें अन्य जिलों या राज्यों में भेजा जा सकेगा। हालांकि, प्रशासन ने गणेश मंडलों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और मामले पर विचार करने की बात कही है।
    user_Raju Singh Rathod
    Raju Singh Rathod
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • शाहपुर के अड़गांव में अज्ञात बदमाशों ने द्वेष और ईर्ष्या के कारण एक किसान की मेहनत पर वार करते हुए उसकी 30 क्विंटल केले की फसल काट डाली। इस घटना में किसान को लगभग 70 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि बदमाशों ने उसके करीब 120 केले के पौधों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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    शाहपुर के अड़गांव में अज्ञात बदमाशों ने द्वेष और ईर्ष्या के कारण एक किसान की मेहनत पर वार करते हुए उसकी 30 क्विंटल केले की फसल काट डाली। इस घटना में किसान को लगभग 70 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि बदमाशों ने उसके करीब 120 केले के पौधों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • खरगोन में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत भगवानपुरा पुलिस ने पीपल्या बावड़ी में अवैध हथियार बेचने जा रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने नवलपुरा निवासी आरोपी राजपाल सिंह सिकलीगर के कब्जे से 10 अवैध देशी पिस्टल और 07 अतिरिक्त मैगज़ीन जब्त की हैं। जब्त किए गए इन अवैध हथियारों और मैगज़ीन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे आगे की गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
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    खरगोन में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत भगवानपुरा पुलिस ने पीपल्या बावड़ी में अवैध हथियार बेचने जा रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने नवलपुरा निवासी आरोपी राजपाल सिंह सिकलीगर के कब्जे से 10 अवैध देशी पिस्टल और 07 अतिरिक्त मैगज़ीन जब्त की हैं। जब्त किए गए इन अवैध हथियारों और मैगज़ीन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे आगे की गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
    user_Praveen pal
    Praveen pal
    Press advisory खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • खंडवा जिले के भेसावा गांव में भीषण पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, जहां लोग सुबह से शाम तक पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को घर के कामकाज छोड़कर सिर पर मटके और हाथों में बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी जुटाने जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव के हैंडपंप और अन्य जलस्रोत पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को एक अस्थायी जलस्रोत और मोटर पंप के सहारे पानी भरना पड़ रहा है। वीडियो में भी बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पानी के बर्तन लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। पानी भरने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार एक-दो बर्तन पानी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच इस पेयजल संकट ने उनकी दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
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    खंडवा जिले के भेसावा गांव में भीषण पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, जहां लोग सुबह से शाम तक पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को घर के कामकाज छोड़कर सिर पर मटके और हाथों में बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी जुटाने जाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव के हैंडपंप और अन्य जलस्रोत पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को एक अस्थायी जलस्रोत और मोटर पंप के सहारे पानी भरना पड़ रहा है। वीडियो में भी बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पानी के बर्तन लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

पानी भरने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार एक-दो बर्तन पानी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच इस पेयजल संकट ने उनकी दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
    user_Shahrukh mansuri333
    Shahrukh mansuri333
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • नीट (NEET) परीक्षा से पहले स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस संबंध में, कलेक्टर और एसपी ने मिलकर परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया और उनकी गहनता से जांच की।
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    नीट (NEET) परीक्षा से पहले स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस संबंध में, कलेक्टर और एसपी ने मिलकर परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया और उनकी गहनता से जांच की।
    user_सच की धार न्यूज
    सच की धार न्यूज
    सेंधवा, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नागलवाड़ी उद्वहन सिंचाई परियोजना से पर्याप्त पानी न मिलने से नाराज़ किसानों ने दोमाडा स्थित डिवीजन कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, इसका लाभ अधिकतर किसानों तक नहीं पहुँच पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति में बाधा, तकनीकी खामियों और अव्यवस्थित संचालन के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुँच रहा है। इसके अलावा, कई जगहों पर जल वितरण पेटियां भी खेतों से 1,000 से 2,000 फीट दूर स्थापित की गई हैं, जिससे सिंचाई करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरनारत किसानों ने परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और नियमित रूप से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की कड़ी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये माँगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे।
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    नागलवाड़ी उद्वहन सिंचाई परियोजना से पर्याप्त पानी न मिलने से नाराज़ किसानों ने दोमाडा स्थित डिवीजन कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, इसका लाभ अधिकतर किसानों तक नहीं पहुँच पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति में बाधा, तकनीकी खामियों और अव्यवस्थित संचालन के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुँच रहा है। इसके अलावा, कई जगहों पर जल वितरण पेटियां भी खेतों से 1,000 से 2,000 फीट दूर स्थापित की गई हैं, जिससे सिंचाई करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धरनारत किसानों ने परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और नियमित रूप से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की कड़ी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये माँगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    45 min ago
  • महू स्थित भेरूलाल पाटीदार शासकीय महाविद्यालय में नीट परीक्षा केंद्र से शुक्रवार शाम दो अज्ञात युवकों ने सीसीटीवी कैमरे चुरा लिए। यह घटना महाविद्यालय परिसर में पहले से ही चौकीदार और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद हुई, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कथित पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही अतिरिक्त कैमरे लगाए गए थे, जिनकी चोरी ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा ने तत्काल दिल्ली, भोपाल और एनटीए को घटना की सूचना दी और बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नए कैमरे लगाकर परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने चौकीदार की भूमिका की आंतरिक जांच की भी जानकारी दी। हालांकि, जिस वाणिज्य विभाग से कैमरे चोरी हुए, उसकी प्रभारी डॉ. अर्चना जैन ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे अधिकृत नहीं हैं, जिससे संशय और बढ़ गया। इस बीच, नीट परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी पीएमओ कार्यालय से की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़गोंदा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और महाविद्यालय परिसर के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि चौकीदार और कैमरों की मौजूदगी के बावजूद परीक्षा से ठीक पहले ये कैमरे किस मकसद से चुराए गए। पुलिस पेपर लीक या नकल कराने की साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर रही है, और कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही भी जांच के दायरे में है। वर्तमान में, नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, केंद्र पर जैमर, मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, तथा परीक्षार्थियों को सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
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    महू स्थित भेरूलाल पाटीदार शासकीय महाविद्यालय में नीट परीक्षा केंद्र से शुक्रवार शाम दो अज्ञात युवकों ने सीसीटीवी कैमरे चुरा लिए। यह घटना महाविद्यालय परिसर में पहले से ही चौकीदार और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद हुई, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कथित पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही अतिरिक्त कैमरे लगाए गए थे, जिनकी चोरी ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा ने तत्काल दिल्ली, भोपाल और एनटीए को घटना की सूचना दी और बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नए कैमरे लगाकर परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने चौकीदार की भूमिका की आंतरिक जांच की भी जानकारी दी। हालांकि, जिस वाणिज्य विभाग से कैमरे चोरी हुए, उसकी प्रभारी डॉ. अर्चना जैन ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे अधिकृत नहीं हैं, जिससे संशय और बढ़ गया। इस बीच, नीट परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी पीएमओ कार्यालय से की जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही बड़गोंदा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और महाविद्यालय परिसर के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि चौकीदार और कैमरों की मौजूदगी के बावजूद परीक्षा से ठीक पहले ये कैमरे किस मकसद से चुराए गए। पुलिस पेपर लीक या नकल कराने की साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर रही है, और कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही भी जांच के दायरे में है। वर्तमान में, नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, केंद्र पर जैमर, मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, तथा परीक्षार्थियों को सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
    user_Dinesh Chandra Rathore
    Dinesh Chandra Rathore
    Local News Reporter महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के विधानसभा अध्यक्ष चंदन सिंह ने खंडवा से मुंदी तक जाने वाली जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 35 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाल स्थिति से वाहन चालकों को आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और जो सफर पहले कम समय में तय होता था, अब उसमें घंटों लग रहे हैं। स्थानीय नागरिक, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी सभी इस मार्ग की खराब हालत से जूझ रहे हैं। एनएसयूआई नेता चंदन सिंह ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि खंडवा-मुंदी मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा।
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    नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के विधानसभा अध्यक्ष चंदन सिंह ने खंडवा से मुंदी तक जाने वाली जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 35 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाल स्थिति से वाहन चालकों को आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और जो सफर पहले कम समय में तय होता था, अब उसमें घंटों लग रहे हैं। स्थानीय नागरिक, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी सभी इस मार्ग की खराब हालत से जूझ रहे हैं।

एनएसयूआई नेता चंदन सिंह ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि खंडवा-मुंदी मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा।
    user_Raju Singh Rathod
    Raju Singh Rathod
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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