चित्तौड़गढ़, 18 जून 2026 को अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत, पुलिस थाना सदर निम्बाहेड़ा और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने नर्सरी के पौधों की आड़ में तस्करी कर ले जाए जा रहे कुल 287 किलो 720 ग्राम गांजे को जब्त करने के साथ ही, इस तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक को भी जब्त कर लिया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन और डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में थानाधिकारी संजय शर्मा ने एक टीम गठित की थी। इस टीम, जिसमें एसआई सुरेश चंद और उनके जाप्ता के साथ-साथ जिला विशेष टीम के प्रभारी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और उनका जाप्ता शामिल थे, ने नाकाबंदी के दौरान थाने के सामने हाईवे रोड पर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक शिवराज पिता भैरूलाल जाट, निवासी रूपाहेली, थाना सदर भीलवाड़ा, जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया। अब पुलिस गांजा की तस्करी से जुड़े इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। इस कार्रवाई में सदर निंबाहेड़ा पुलिस टीम से एसआई सुरेश चंद, कांस्टेबल जीवनलाल, सूर्यभान सिंह, बाबूलाल, शिवकुमार और हेड कांस्टेबल महावीर सिंह शामिल थे। वहीं, डीएसटी टीम में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रतन सिंह, मनोज कुमार, बलराम मीना, प्रीतम, बलराम, कमलेश और अजय कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चित्तौड़गढ़, 18 जून 2026 को अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत, पुलिस थाना सदर निम्बाहेड़ा और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने नर्सरी के पौधों की आड़ में तस्करी कर ले जाए जा रहे कुल 287 किलो 720 ग्राम गांजे को जब्त करने के साथ ही, इस तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक को भी जब्त कर लिया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन और डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में थानाधिकारी संजय शर्मा ने एक टीम गठित की थी। इस टीम, जिसमें एसआई सुरेश चंद और उनके जाप्ता के साथ-साथ जिला विशेष टीम के प्रभारी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और उनका जाप्ता शामिल थे, ने नाकाबंदी के दौरान थाने के सामने हाईवे रोड पर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक शिवराज पिता भैरूलाल जाट, निवासी रूपाहेली, थाना सदर भीलवाड़ा, जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया। अब पुलिस गांजा की तस्करी से जुड़े इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। इस कार्रवाई में सदर निंबाहेड़ा पुलिस टीम से एसआई सुरेश चंद, कांस्टेबल जीवनलाल, सूर्यभान सिंह, बाबूलाल, शिवकुमार और हेड कांस्टेबल महावीर सिंह शामिल थे। वहीं, डीएसटी टीम में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रतन सिंह, मनोज कुमार, बलराम मीना, प्रीतम, बलराम, कमलेश और अजय कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- कोटा ग्रामीण पुलिस और प्रशासन ने इटावा कस्बे में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए "ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग" के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के दो अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया गया, जो खातौली रोड पर स्थित थे। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस द्वारा इन्हीं मकानों पर की गई दबिश के बाद हुई, जहां देह व्यापार के एक मामले में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह सामने आया कि ये मकान अवैध रूप से निर्मित किए गए थे और कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से बनाए गए थे। इटावा नगरपालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की भारी मौजूदगी में जेसीबी का इस्तेमाल कर इन दोनों मकानों को गिरा दिया गया। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति और अवैध कार्यों में इस्तेमाल की जाने वाली संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एसडीएम इटावा, नगरपालिका अधिकारी, पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।1
- पद्म श्री 2026 से सम्मानित खेमराज सुंद्रियाल का जीवन अभावों में बीता। संत कबीर साहब से प्रभावित होकर खेमराज जी ने बुनकर का कार्य चुना और इस क्षेत्र में अपना योगदान दिया। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान 86 वर्ष की आयु में मिला, जो उनके जीवन भर के प्रयासों और मेहनत की कमाई को दर्शाता है। यह कहानी एक शख्सियत के अथक प्रयासों और उनके सम्मान की बुनाई को सामने लाती है।1
- कोटा जिले के सातल्खेड़ी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान युवा शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मुख्य रूप से सातल्खेड़ी में अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था, बिजली कटौती की समस्या और कब्रिस्तान के पास गोशाला पर अतिक्रमण को रोकने से संबंधित था। पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि अस्पताल को पास से गुजरने वाली 24 घंटे जलापूर्ति लाइन से जोड़ा जाए। इस पर जलदाय विभाग ने जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करने का आश्वासन दिया। बिजली कटौती के मुद्दे पर, बिजली विभाग ने अनिश्चितकालीन कटौती पर सफाई देते हुए कहा कि सातल्खेड़ी में 4 से 5 ब्लॉक बनाए जाएंगे। इससे जिस ब्लॉक की बिजली जाएगी, कटौती केवल उसी ब्लॉक में होगी और बाकी के ब्लॉक में आपूर्ति जारी रहेगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बिजली विभाग को 15 दिनों का समय दिया गया है। कब्रिस्तान के पास वाली गोशाला पर अतिक्रमण रोकने के संबंध में भी ज्ञापन दिया गया, जिस पर पटवारी ने सात दिनों के भीतर सातल्खेड़ी और लक्ष्मीपुरा की सीमा का रेखांकन करने का भरोसा दिलाया। एसडीएम और तहसीलदार मैडम ने इन सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए हैं।4
- गुरुवार (18 जून) को सुबह करीब 9:20 बजे कोटा में इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के आगे लगे जनरल कोच के पहियों के पास से अचानक धुआं निकलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। एहतियातन ट्रेन को तत्काल लूनीरिछा स्टेशन पर रोक दिया गया। धुआं निकलता देख कई यात्री जल्दबाजी में कोच से नीचे उतर आए। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोच का ब्रेक जाम होने से लगातार घर्षण के कारण धुआं निकलने की बात सामने आई। ब्रेक रिलीज करने के बाद धुआं बंद हो गया और तकनीकी खामी को दूर कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। इस घटना के कारण ट्रेन करीब 20 मिनट की देरी से आगे रवाना हुई। पीछे आ रही बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, समय पर तकनीकी खराबी का पता चल जाने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि ब्रेक जाम होने पर यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो आग लगने की आशंका भी बन सकती है।1
- यह संदेश उन लोगों के लिए है जो अपनी बात या आवाज वीडियो के माध्यम से दूसरों तक पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं, ताकि उनके संदेश को साझा किया जा सके।1
- पाँचना बाँध क्षेत्र के हजारों किसान अपने बुनियादी हक यानी पानी के लिए धूप-छाँव की परवाह किए बिना धरने पर बैठने को मजबूर हैं। उनकी इस पीड़ा और संघर्ष को व्यक्त किया गया है, जहाँ पानी के लिए यह सामूहिक धरना किसी तपस्या से कम नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे भागीरथ को गंगा को धरती पर लाने के लिए घोर तपस्या करनी पड़ी थी। यह एक गंभीर स्थिति है क्योंकि पानी सबका साझा जीवन है, और तभी असली 'भागीरथ' का जन्म होगा जब नीतियाँ न्याय और संवेदनशीलता के साथ बनाई जाएँगी, जिससे पाँचना का पानी हर प्यासे खेत तक पहुँच सके। इस जल-विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहकर तकनीकी समाधान पर काम करना होगा। सरकार को दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक लिखित, कानूनी और दीर्घकालिक समझौता (MoU) तैयार करना चाहिए, ताकि हर साल फसल के मौसम में गतिरोध की स्थिति पैदा न हो। इस समस्या का समाधान किसी एक राजनेता या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और सर्वमान्य मध्यस्थ द्वारा दोनों पक्षों (कमांड और गैर-कमांड क्षेत्र के ग्रामीणों) को एक मंच पर लाकर आपसी भाईचारे के साथ संवाद स्थापित करने से ही संभव होगा। किसान अपनी जमीन की प्यास, फसलों की चिंता और अपने हक की बात को बेहद शालीन और पुरअसर तरीके से प्रशासन और सरकार तक पहुँचाने के लिए गीतों का सहारा ले रहे हैं।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस और प्रशासन ने इटावा कस्बे में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के दो अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कुछ दिन पहले, जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस ने इन्हीं मकानों पर दबिश दी थी, जिसके परिणामस्वरूप देह व्यापार के मामले में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह सामने आया कि खातौली रोड पर स्थित ये मकान अवैध रूप से निर्मित किए गए थे और कथित तौर पर इन्हें अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से बनाया गया था। नगरपालिका इटावा द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद, गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी का उपयोग कर दोनों मकानों को गिरा दिया गया। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने इस कार्रवाई के संबंध में बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति और अवैध कार्यों में प्रयुक्त संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान एसडीएम इटावा, नगरपालिका अधिकारी, पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।1
- करौली में पांचना बांध से पानी की मांग और अपने हितों की रक्षा के लिए किसान लोकगीतों के माध्यम से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अनोखे प्रदर्शन में ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर लोकगीत गाकर अपनी जमीन की प्यास, फसलों की चिंता और अपने हक की बात प्रशासन व सरकार तक शालीन तरीके से पहुंचा रहे हैं। तीखी बयानबाजी के बजाय गीतों के जरिए बात रखने से आपसी भाईचारा और मर्यादा बनी हुई है, जो इस बात को साबित करता है कि मांगों को रखने के लिए हिंसा या उग्रता की नहीं, बल्कि संस्कृति से जुड़ने की जरूरत है। इस आंदोलन के बहाने नई पीढ़ी को भी क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक गीतों की ताकत देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि राजस्थान के करौली में स्थित पांचना बांध को लेकर गुर्जर और मीणा समाज के बीच जल बंटवारे और वर्चस्व को लेकर दशकों से विवाद चल रहा है। वर्ष 2006 में हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने बांध का पानी रोक दिया था, जिसके बाद से कई गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है और दोनों समुदाय अपने-अपने हकों को लेकर आमने-सामने हैं।1
- कल दोपहर 3:30 बजे राहुल गांधी का चार्टर्ड प्लेन कोटा की धरती पर उतरा, जहां युवाओं, छात्रों और आजकल जिसे जेन जी कहा जाता है, उन बच्चों में उनके प्रति जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। पार्टी के नेता भी राहुल गांधी की एक झलक पाने को बहुत बेताब नजर आए। उनसे मिलने के लिए नेता एयरपोर्ट पर जाने लगे, लेकिन पुलिस ने कई नेताओं को गेट पर ही रोक लिया। यहां तक कि विधानसभा में नेता टीकाराम जूली को भी एंट्री नहीं मिली, जिसके बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत उन्हें अपनी कार में लेकर गए। वहीं, कोटा देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की कर दी, लेकिन अपने नेता को देखने का उनका जज्बा इतना जबरदस्त था कि उन्होंने बिना कोई विवाद किए किसी तरह एयरपोर्ट में एंट्री ले ली। कुल मिलाकर, राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर युवाओं और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।1