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30 जून 2026 को, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मंडफिया धाम से श्री सांवलिया सेठ प्रभु के दिव्य श्रृंगार दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध कराए गए। आज के इन दिव्य दर्शनों का आनंद भक्तों द्वारा लिया गया।
Hello Chittorgarh News
30 जून 2026 को, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मंडफिया धाम से श्री सांवलिया सेठ प्रभु के दिव्य श्रृंगार दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध कराए गए। आज के इन दिव्य दर्शनों का आनंद भक्तों द्वारा लिया गया।
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- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक द्वारा डंप किए गए औद्योगिक अपशिष्ट 'जेरोफिक्स' को हटाने की मांग को लेकर 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के बैनर तले चल रहा धरना बुधवार को 35वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों और स्थानीय आमजन ने प्रशासन तथा सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की, क्योंकि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद जहरीले अपशिष्ट को पूरी तरह हटाने की कार्रवाई संतोषजनक गति से नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अवैध तरीके से डाले गए इस अपशिष्ट के कारण क्षेत्र में आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। आंदोलनकारियों और बड़ीसादड़ी की जनता ने रेलवे व्यवस्था के बहिष्कार का आह्वान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र से जेरोफिक्स जैसा जहरीला अपशिष्ट नहीं हटाया गया, तो उन्हें ऐसे विकास कार्यों की आवश्यकता नहीं है, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा मंडराए; कुछ ग्रामीणों ने पटरियां हटाने तक की बात कही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन को और तेज करने तथा अपने हक व पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होने की चेतावनी दी। धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने जेरोफिक्स अपशिष्ट के कारण दूषित पानी की बढ़ती समस्या और इसके पशुओं पर पड़ रहे असर पर गंभीर चिंता जताई, आशंका व्यक्त की कि भविष्य में इसका आमजन के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवल अपशिष्ट हटाने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों की जांच कराने की भी मांग की ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के अध्यक्ष रणजीत सिंह झाला ने जेरोफिक्स मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाने की मांग दोहराई है। समिति का कहना है कि अपशिष्ट हटाने के साथ-साथ यह भी तय होना चाहिए कि इतने बड़े स्तर पर औद्योगिक अपशिष्ट क्षेत्र में कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। समिति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित लगभग 10 हजार पोस्टकार्ड भी भेजे जा चुके हैं, जिनके माध्यम से बड़ीसादड़ी क्षेत्र की पर्यावरणीय समस्या को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक जेरोफिक्स अपशिष्ट पूरी तरह हट नहीं जाता और क्षेत्र की जनता को संतुष्टि नहीं मिलती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।1
- रेलमगरा के गोगथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 योजना की ड्राफ्ट सूची को सार्वजनिक करना, वीबीजी रामजी योजना के बारे में जानकारी देना और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा करना था। ग्राम सभा के दौरान, प्रशासक छोगालाल सालवी ने प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की ड्राफ्ट सूची का सार्वजनिक वाचन करवाया और उसे आमजन के अवलोकन के लिए चस्पा भी किया। इसके साथ ही, योजना से अभी तक वंचित रहे पात्र परिवारों से नए आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्रशासक सालवी ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक पहुँचे, ताकि कोई भी गरीब या वंचित परिवार अपने पक्के घर के सपने को पूरा करने से वंचित न रहे। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार बोहरा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक वीर सिंह जाटव, वार्ड पंच प्रतिनिधि रतनलाल पारीक, कॉन्ट्रैक्टर जगदीश चंद्र जायसवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बंशीलाल खटीक सहित पंचायत क्षेत्र के कई ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।3
- भीलवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अलवर-मेवात क्षेत्र से मुख्य आरोपी कायम खान (23) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी सिम और फर्जी यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से उनकी जानकारी के बिना ₹7.05 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार, करेड़ा थाना क्षेत्र के बड्डू निवासी 75 वर्षीय नाथू सिंह चुंडावत के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 5 मार्च 2025 को ₹7,05,683.06 शेष थे। दो महीने बाद, जब पीड़ित पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तो उनके खाते में केवल ₹1,063.59 बचे मिले। जांच में पता चला कि पूरी राशि यूपीआई के माध्यम से स्थानांतरित कर दी गई थी, जबकि पीड़ित न तो एंड्रॉयड मोबाइल का उपयोग करते हैं, न एटीएम कार्ड रखते हैं और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी साझा किया था। इस मामले में साइबर थाना भीलवाड़ा में प्रकरण दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी रामशरण के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और फर्जी सिम से बनाई गई यूपीआई आईडी का सुराग मिलने पर पुलिस ने अलवर के घाटी का बास चांदौली से आरोपी कायम खान को धरदबोचा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामशरण और कांस्टेबल राम प्रसाद, प्रभुराम व कुलदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी गिरोह में कायम खान के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी गई राशि को किन खातों में स्थानांतरित किया गया है।1
- 30 जून 2026 को, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मंडफिया धाम से श्री सांवलिया सेठ प्रभु के दिव्य श्रृंगार दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध कराए गए। आज के इन दिव्य दर्शनों का आनंद भक्तों द्वारा लिया गया।1
- भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील के ग्राम पीपलूंद के ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रशासक वेदप्रकाश खटीक के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा के नाम उपखंड अधिकारी, जहाजपुर को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्राम में संचालित करोड़ों रुपये की जनहित एवं विकास परियोजनाओं में बाधा डालने, ठेकेदारों को धमकाने और सुनियोजित तरीके से विकास कार्यों को रुकवाने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार और जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) के सहयोग से ग्राम पीपलूंद में औद्योगिक क्षेत्र विकास, राजकीय कृषि महाविद्यालय, पीपलूंद बाईपास, सबलपुरा–पीपलूंद सड़क, धौला चबूतरा से पाल का मंड देवनारायण सड़क, तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रगति पर हैं। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग गाय, पर्यावरण और चारागाह जैसे संवेदनशील मुद्दों की आड़ लेकर इन विकास कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्राम में लगभग 1,650 बीघा चारागाह भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 1,550 बीघा से अधिक का संरक्षण और विकास विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से किया जा चुका है। इन विकास कार्यों को ग्राम के लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों का समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों पर अनुचित दबाव बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की, और इसमें असफल रहने के बाद अब वे भ्रामक माहौल बनाकर कार्यों को रुकवाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इससे ग्राम के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, विकास कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने और संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि विकास विरोधी एवं अराजक तत्वों के खिलाफ समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामवासी जनहित और विकास कार्यों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वार्ड पंचों, पूर्व उपसरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।3
- यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पुलिस ने शहर में दो वॉटर कैनन तैनात किए और सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पानी की फुहारें छोड़ीं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने राहत महसूस की। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून के अंत में जर्मनी में 38 डिग्री तापमान सामान्य से काफी अधिक माना जाता है। यूरोप के कई देशों में यह दूसरी बड़ी हीटवेव है, जिसके कारण स्वास्थ्य एजेंसियों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हीटवेव और रिकॉर्ड तापमान जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत हैं। यूरोप में गर्मी ने कहर बरपा रखा है, जहाँ 40 डिग्री से अधिक तापमान ने इस साल 500 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि भारत में 46 डिग्री तापमान से भी लोगों को ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्विटजरलैंड जैसे यूरोप के सभी देश तंदूर की भट्टी बन गए हैं। कॉपर्निकस क्लाइमेट सर्विस के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, यूरोप के कुल साढ़े आठ शहरों में से आधे शहर हीटवेव की चपेट में हैं, जिससे पावर सिस्टम ठप हो रहा है और रेल की पटरियां पिघल रही हैं। आमतौर पर यूरोप के घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते, लेकिन अब एसी खरीदने के लिए दुकानों में भारी भीड़ और लूट मची है, जिसने गर्मी से यूरोप का हाल बेहाल कर दिया है।1