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शामली: कांधला मे कपड़े की दुकान से 20 हजार चोरी, गल्ले से पैसे ले उड़ा चोर।
Ch Pankaj Chauhan
शामली: कांधला मे कपड़े की दुकान से 20 हजार चोरी, गल्ले से पैसे ले उड़ा चोर।
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- ब्रिटेन में 2008 के बाद जन्मे लोग तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे ◆ ब्रिटेन की संसद ने हेल्थ सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा फैसला लेते हुए टोबैको एंड वैप्स बिल को मंजूरी दे दी है ◆ बिल के अनुसार 2008 के बाद पैदा हुए किसी भी बच्चे के लिए ब्रिटेन में सिगरेट खरीदना उम्रभर के लिए सपना बन जाएगा Britain | Tobacco Ban in Britain1
- *मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता, म्यूल अकाउंट देने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार* _मुजफ्फरनगर, 22 अप्रैल 2026_ थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। *80 लाख से ज्यादा का लेन-देन* पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों तालिब पुत्र असलम निवासी रामपुरम, कोतवाली नगर और अरमान पुत्र असलम निवासी अम्बा विहार, खालापार के बैंक खातों से पिछले 3 महीने में साइबर अपराध से जुड़ी 80 लाख रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन हुआ है। *ऐसे चलता था पूरा खेल* पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मुलाकात मुख्य आरोपी मयूर अफजल राणा से हुई थी। मयूर ने USDT में ट्रेडिंग के नाम पर खातों की मांग की और 5% कमीशन का लालच दिया। आरोपी अपने खातों में साइबर फ्रॉड से आए पैसे को चेक व ATM से निकालते, कमीशन रखकर बाकी रकम मयूर को दे देते थे। *पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारी* गृह मंत्रालय के पोर्टल "प्रतिबिम्ब" पर मुजफ्फरनगर से फर्जी कॉल कर धोखाधड़ी की शिकायतें मिली थीं। जांच में कुछ खाते मुजफ्फरनगर में संचालित मिले। इस मामले में थाना साइबर क्राइम ने मु0अ0सं0- 11/2026 दर्ज कर मुख्य आरोपी मयूर अफजल राणा समेत नदीम और गुफरान को पहले ही जेल भेजा था। *18 करोड़ की ठगी से जुड़े तार* पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 18 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी 30 शिकायतें दर्ज हैं। अन्य खातों और शिकायतों की जांच जारी है। यह कार्रवाई ADG मेरठ जोन, DIG सहारनपुर के निर्देशन और SSP संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में SP अपराध इन्दु सिद्धार्थ व थाना प्रभारी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उ0नि0 गौरव चौहान, महेन्द्र सिंह सहित 8 पुलिसकर्मी शामिल रहे।2
- गंगोह में अमन गार्डन के पास भीषण आग, खेतों में भारी नुकसान सहारनपुर/गंगोह। अमन गार्डन के नजदीक खेतों में अचानक भीषण आग लगने से इलाके मेंअफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कई बीघा फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि तेज गर्मी या किसी चिंगारी की वजह से आग लगी हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है!!! #गंगोह_आग #गेहूं_की_फसल_नष्ट #किसानों_का_नुकसान #दमकल_की_लापरवाही #प्रशासन_पर_सवाल #तेज_हवा_का_कहर #गांव_में_हड़कंप #फसल_तबाही #किसान_परेशान #आर्थिक_नुकसान #BreakingNews #UPNews #SaharanpurNews #FireIncident #FarmersLoss #VillageNews #LocalNews #IndiaNews4
- मुजफ्फरनगर: साइबर क्राइम थाना की बड़ी कार्रवाई, 2 गिरफ्तार मुजफ्फरनगर के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर अपराधियों को कमीशन पर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि अभियुक्तों के खातों से पिछले तीन महीनों में करीब 80 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे 5 प्रतिशत कमीशन पर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे और पैसे निकालकर मुख्य आरोपी को सौंपते थे। पुलिस के अनुसार, इन खातों से जुड़े मामलों में विभिन्न राज्यों से 18 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की 30 शिकायतें दर्ज हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।1
- good evening all friends family members social media digital media Jan seva Kendra wirter author ABC news reporter Jai hind Jai Bharat follow like comment share kro sabhi deshvasiyo bhaiya ji namskar, parnaam ji 🇮🇳🌅1
- मुजफ्फरनगर। थाना तितावी क्षेत्र के अंतर्गत बघरा बस स्टैंड पर बुधवार को उस समय हंगामा हो गया जब ई-रिक्शा का पहिया एक राहगीर के पैर पर चढ़ने को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान ई-रिक्शा चालक और राहगीरों के बीच जमकर हाथापाई हुई, जिससे बस स्टैंड कुछ समय के लिए ‘जंग का अखाड़ा’ बन गया। घटना के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- Post by Ch Pankaj Chauhan1
- हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधनः घर पर तबीयत बिगड़ने के बाद जमीन पर गिरीं; 50 से ज्यादा गानों में काम कर चुकीं1
- मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज1