जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले लोडेड ट्रक रेलवे ट्रैक पर हुआ बंद, जवानों ने धक्का देकर हटाया—टली बड़ी दुर्घटना लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *ट्रेन आने से पहले QRF जवानों ने दिखाई अदम्य तत्परता* *लोडेड ट्रक रेलवे ट्रैक पर हुआ बंद, जवानों ने धक्का देकर हटाया—टली बड़ी दुर्घटना* *एकजुटता, साहस और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए सेवा भावना का दिया परिचय* बीना।सागर।मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने एक बार फिर अपनी तत्परता, साहस, टीम भावना और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक संभावित बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया। 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर की QRF कंपनी दमोह के बांदकपुर मंदिर में कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए रवाना हो रही थी। इसी दौरान मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास एक मालवाहक ट्रक अचानक रेलवे ट्रैक के बीच बंद हो गया। ट्रक पूरी तरह माल से लदा हुआ था और उसी समय रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आने की स्थिति बन रही थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते ही QRF जवानों ने एक पल भी गंवाए बिना तत्काल मोर्चा संभाला। चालक की परेशानी को समझते हुए जवानों ने ट्रक को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया। भारी-भरकम और माल से लदे ट्रक को हटाना आसान नहीं था, लेकिन जवानों ने एकजुट होकर पूरी ताकत लगाई और ट्रक को धक्का देना शुरू किया। जवानों के सामूहिक प्रयास और त्वरित कार्रवाई से ट्रक को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित दूरी तक पहुंचा दिया गया। ट्रेन के आने से पहले ट्रैक को सुरक्षित कर लिया गया, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। *वर्दी में सिर्फ ड्यूटी नहीं, इंसानियत भी* घटना के बाद ट्रक चालक ने QRF जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। अचानक आई इस विपरीत परिस्थिति में बिना किसी औपचारिकता के मदद के लिए आगे आए जवानों की संवेदनशीलता से चालक भावुक हो गया। जवानों ने उसे ढांढस बंधाते हुए सुरक्षित रहने की बात कही। यह घटना बताती है कि पुलिस की ड्यूटी केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जब किसी नागरिक का जीवन संकट में हो, तब पुलिस जवान अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर उसकी सुरक्षा के लिए भी तत्पर रहते हैं। मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक पर QRF जवानों की यह त्वरित कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की उस सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है, जिसमें कर्तव्य, साहस और मानवता सर्वोपरि है। *वरिष्ठ अधिकारियों ने की जवानों की हौसला-अफजाई* QRF जवानों द्वारा दिखाई गई असाधारण तत्परता, साहस, एकजुटता एवं मानवीय संवेदनशीलता की पुलिस अधीक्षक/सेनानी, 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर श्री अनुराग सुजानिया एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों की हौसला-अफजाई करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बिना समय गंवाए सूझबूझ और साहस के साथ की गई कार्रवाई पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भावना को प्रदर्शित करती है। अधिकारियों द्वारा जवानों को इसी प्रकार सजग, संवेदनशील एवं तत्पर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। समय पर लिया गया एक सही निर्णय, एकजुट होकर किया गया प्रयास और मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता—इसी ने आज एक बड़ी दुर्घटना को होने से रोक दिया। मध्यप्रदेश पुलिस — हर परिस्थिति में तत्पर, हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध।
जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले लोडेड ट्रक रेलवे ट्रैक पर हुआ बंद, जवानों ने धक्का देकर हटाया—टली बड़ी दुर्घटना लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *ट्रेन आने से पहले QRF जवानों ने दिखाई अदम्य तत्परता* *लोडेड ट्रक रेलवे ट्रैक पर हुआ बंद, जवानों ने धक्का देकर हटाया—टली बड़ी दुर्घटना* *एकजुटता, साहस और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए सेवा भावना का दिया परिचय* बीना।सागर।मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने एक बार फिर अपनी तत्परता, साहस, टीम भावना और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक संभावित बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया। 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर की QRF कंपनी दमोह के बांदकपुर मंदिर में कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए रवाना हो रही थी। इसी दौरान मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास एक मालवाहक ट्रक अचानक रेलवे ट्रैक के बीच बंद हो गया।
ट्रक पूरी तरह माल से लदा हुआ था और उसी समय रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आने की स्थिति बन रही थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते ही QRF जवानों ने एक पल भी गंवाए बिना तत्काल मोर्चा संभाला। चालक की परेशानी को समझते हुए जवानों ने ट्रक को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया। भारी-भरकम और माल से लदे ट्रक को हटाना आसान नहीं था, लेकिन जवानों ने एकजुट होकर पूरी ताकत लगाई और ट्रक को धक्का देना शुरू किया। जवानों के सामूहिक प्रयास और त्वरित कार्रवाई से ट्रक को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित दूरी तक पहुंचा दिया गया। ट्रेन के आने से पहले ट्रैक को सुरक्षित कर लिया गया, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं
हुई। *वर्दी में सिर्फ ड्यूटी नहीं, इंसानियत भी* घटना के बाद ट्रक चालक ने QRF जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। अचानक आई इस विपरीत परिस्थिति में बिना किसी औपचारिकता के मदद के लिए आगे आए जवानों की संवेदनशीलता से चालक भावुक हो गया। जवानों ने उसे ढांढस बंधाते हुए सुरक्षित रहने की बात कही। यह घटना बताती है कि पुलिस की ड्यूटी केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जब किसी नागरिक का जीवन संकट में हो, तब पुलिस जवान अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर उसकी सुरक्षा के लिए भी तत्पर रहते हैं। मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक पर QRF जवानों की यह त्वरित कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की उस सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है, जिसमें कर्तव्य, साहस और मानवता सर्वोपरि है। *वरिष्ठ अधिकारियों ने की जवानों की हौसला-अफजाई* QRF
जवानों द्वारा दिखाई गई असाधारण तत्परता, साहस, एकजुटता एवं मानवीय संवेदनशीलता की पुलिस अधीक्षक/सेनानी, 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर श्री अनुराग सुजानिया एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों की हौसला-अफजाई करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बिना समय गंवाए सूझबूझ और साहस के साथ की गई कार्रवाई पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भावना को प्रदर्शित करती है। अधिकारियों द्वारा जवानों को इसी प्रकार सजग, संवेदनशील एवं तत्पर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। समय पर लिया गया एक सही निर्णय, एकजुट होकर किया गया प्रयास और मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता—इसी ने आज एक बड़ी दुर्घटना को होने से रोक दिया। मध्यप्रदेश पुलिस — हर परिस्थिति में तत्पर, हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध।
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 25 साल से रह रहे 80 परिवारों पर मंडराया आशियाना छिनने का खतरा गणेश वार्ड के दाराशाह बंगला में मकान खाली करने का नोटिस, भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी प्रभावितों में शामिल बीना से वक्त की इस बड़ी खबर। शहर के गणेश वार्ड स्थित दाराशाह बंगला, खसरा नंबर 109 में पिछले करीब 25 से 26 वर्षों से रह रहे लगभग 80 परिवारों के सामने अब अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। मकान खाली करने और कब्जा हटाने का नोटिस मिलने के बाद रहवासियों में हड़कंप और चिंता का माहौल है। इस मामले में खास बात यह है कि प्रभावित परिवारों में भाजपा के नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी का कहना है कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यहां वर्षों से रह रहे करीब 80 परिवारों के भविष्य और उनके आशियानों का सवाल है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है। 25 साल से रह रहे, दस्तावेजों में भी यही पता रहवासियों का दावा है कि वे पिछले करीब ढाई दशक से इसी स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बिजली बिल और नगर पालिका के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हैं, जिनमें इसी पते का उल्लेख है। परिवारों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक मकान खाली करने का नोटिस मिलने से परिवारों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 29 जुलाई को प्रशासन पहुंचा था मौके पर रहवासियों के अनुसार, 29 जुलाई को तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। इस दौरान संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। रहवासियों का दावा है कि रजिस्ट्री को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया था। लेकिन इसके ठीक अगले दिन 30 जुलाई को मकान तोड़ने और कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने से मामला फिर गरमा गया। 21 सितंबर को है अगली सुनवाई प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 21 सितंबर को अगली सुनवाई होना है। रहवासियों का सवाल है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो सुनवाई से पहले मकान खाली कराने या कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों की जा रही है? परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है। विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की। विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी? एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 25 साल से रह रहे 80 परिवारों पर मंडराया आशियाना छिनने का खतरा गणेश वार्ड के दाराशाह बंगला में मकान खाली करने का नोटिस, भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी प्रभावितों में शामिल बीना से वक्त की इस बड़ी खबर। शहर के गणेश वार्ड स्थित दाराशाह बंगला, खसरा नंबर 109 में पिछले करीब 25 से 26 वर्षों से रह रहे लगभग 80 परिवारों के सामने अब अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। मकान खाली करने और कब्जा हटाने का नोटिस मिलने के बाद रहवासियों में हड़कंप और चिंता का माहौल है। इस मामले में खास बात यह है कि प्रभावित परिवारों में भाजपा के नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी का कहना है कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यहां वर्षों से रह रहे करीब 80 परिवारों के भविष्य और उनके आशियानों का सवाल है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है। 25 साल से रह रहे, दस्तावेजों में भी यही पता रहवासियों का दावा है कि वे पिछले करीब ढाई दशक से इसी स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बिजली बिल और नगर पालिका के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हैं, जिनमें इसी पते का उल्लेख है। परिवारों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक मकान खाली करने का नोटिस मिलने से परिवारों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 29 जुलाई को प्रशासन पहुंचा था मौके पर रहवासियों के अनुसार, 29 जुलाई को तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। इस दौरान संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। रहवासियों का दावा है कि रजिस्ट्री को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया था। लेकिन इसके ठीक अगले दिन 30 जुलाई को मकान तोड़ने और कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने से मामला फिर गरमा गया। 21 सितंबर को है अगली सुनवाई प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 21 सितंबर को अगली सुनवाई होना है। रहवासियों का सवाल है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो सुनवाई से पहले मकान खाली कराने या कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों की जा रही है? परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है। विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की। विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी? एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।1
- मोतीचूर घाट से पवन यात्रा और जयपुर के लिए दी गई भारी संख्या में महिला2
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले अजामिल ने बताया नाम-स्मरण का प्रभाव, प्रह्लाद ने सिखाया अटूट विश्वास लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले अजामिल ने बताया नाम-स्मरण का प्रभाव, प्रह्लाद ने सिखाया अटूट विश्वास शीतला माता मंदिर में भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब; आचार्य अभिषेक कृष्ण महाराज ने कहा- सच्ची भक्ति और समर्पण से ही जीवन का कल्याण राजेश बबेले बीना। कटरा वार्ड स्थित श्री शीतला माता मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंचे और कथा व्यास आचार्य अभिषेक कृष्ण महाराज के श्रीमुख से भगवान की लीलाओं का श्रवण किया। कथा के दौरान अजामिल उपाख्यान और भक्त प्रह्लाद चरित्र का ऐसा भावपूर्ण वर्णन हुआ कि श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। *अजामिल ने बताया- भगवान का नाम ही सबसे बड़ा सहारा* कथा व्यास आचार्य अभिषेक कृष्ण महाराज ने अजामिल उपाख्यान सुनाते हुए भगवान के नाम की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियों में क्यों न हो, सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर प्रभु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। भगवान का नाम मनुष्य को अधर्म से धर्म और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की शक्ति रखता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में धर्म, सत्य और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया। महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा श्रवण का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। *प्रह्लाद ने दिखाया भक्ति और विश्वास का मार्ग* कथा के अगले प्रसंग में भक्त प्रह्लाद चरित्र का वर्णन हुआ। महाराज ने हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद के प्रसंग के माध्यम से बताया कि ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास रखने वाले भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सच्चे भक्त का विश्वास भगवान से नहीं डिगता। जहां सत्य, धर्म और भक्ति होती है, वहां अंततः विजय भी उसी की होती है। *भागवत श्रवण से मन को मिलती है शांति* आचार्य अभिषेक कृष्ण महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक भागदौड़ में मानसिक शांति खोता जा रहा है। श्रीमद्भागवत का श्रवण मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति, सेवा और सदाचार को जीवन का आधार बनाकर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। *चार दिन और चलेगी कथा, रोज उमड़ रहे श्रद्धालु* मुख्य यजमान विवेक मिश्रा ने बताया कि कथा का आयोजन लगातार जारी है और आगामी चार दिनों तक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कराया जाएगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन भी कथा पंडाल श्रद्धालुओं से भरा रहा और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। *क्या खास* - अजामिल उपाख्यान से सुनाई भगवान के नाम की महिमा - भक्त प्रह्लाद के चरित्र से बताया अटूट विश्वास का महत्व - धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान - कथा के अगले चार दिन भी श्रद्धालु सुनेंगे भागवत।4
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।1
- पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग। पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग।1