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लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

1 hr ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है। विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की। विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी? एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 25 साल से रह रहे 80 परिवारों पर मंडराया आशियाना छिनने का खतरा गणेश वार्ड के दाराशाह बंगला में मकान खाली करने का नोटिस, भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी प्रभावितों में शामिल बीना से वक्त की इस बड़ी खबर। शहर के गणेश वार्ड स्थित दाराशाह बंगला, खसरा नंबर 109 में पिछले करीब 25 से 26 वर्षों से रह रहे लगभग 80 परिवारों के सामने अब अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। मकान खाली करने और कब्जा हटाने का नोटिस मिलने के बाद रहवासियों में हड़कंप और चिंता का माहौल है। इस मामले में खास बात यह है कि प्रभावित परिवारों में भाजपा के नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी का कहना है कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यहां वर्षों से रह रहे करीब 80 परिवारों के भविष्य और उनके आशियानों का सवाल है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है। 25 साल से रह रहे, दस्तावेजों में भी यही पता रहवासियों का दावा है कि वे पिछले करीब ढाई दशक से इसी स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बिजली बिल और नगर पालिका के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हैं, जिनमें इसी पते का उल्लेख है। परिवारों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक मकान खाली करने का नोटिस मिलने से परिवारों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 29 जुलाई को प्रशासन पहुंचा था मौके पर रहवासियों के अनुसार, 29 जुलाई को तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। इस दौरान संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। रहवासियों का दावा है कि रजिस्ट्री को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया था। लेकिन इसके ठीक अगले दिन 30 जुलाई को मकान तोड़ने और कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने से मामला फिर गरमा गया। 21 सितंबर को है अगली सुनवाई प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 21 सितंबर को अगली सुनवाई होना है। रहवासियों का सवाल है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो सुनवाई से पहले मकान खाली कराने या कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों की जा रही है? परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है। विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की। विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी? एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
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    लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
25 साल से रह रहे 80 परिवारों पर मंडराया आशियाना छिनने का खतरा
गणेश वार्ड के दाराशाह बंगला में मकान खाली करने का नोटिस, भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी प्रभावितों में शामिल
बीना से वक्त की इस बड़ी खबर। शहर के गणेश वार्ड स्थित दाराशाह बंगला, खसरा नंबर 109 में पिछले करीब 25 से 26 वर्षों से रह रहे लगभग 80 परिवारों के सामने अब अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। मकान खाली करने और कब्जा हटाने का नोटिस मिलने के बाद रहवासियों में हड़कंप और चिंता का माहौल है।
इस मामले में खास बात यह है कि प्रभावित परिवारों में भाजपा के नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी का कहना है कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यहां वर्षों से रह रहे करीब 80 परिवारों के भविष्य और उनके आशियानों का सवाल है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है।
25 साल से रह रहे, दस्तावेजों में भी यही पता
रहवासियों का दावा है कि वे पिछले करीब ढाई दशक से इसी स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बिजली बिल और नगर पालिका के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हैं, जिनमें इसी पते का उल्लेख है।
परिवारों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक मकान खाली करने का नोटिस मिलने से परिवारों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
29 जुलाई को प्रशासन पहुंचा था मौके पर
रहवासियों के अनुसार, 29 जुलाई को तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। इस दौरान संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। रहवासियों का दावा है कि रजिस्ट्री को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया था।
लेकिन इसके ठीक अगले दिन 30 जुलाई को मकान तोड़ने और कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने से मामला फिर गरमा गया।
21 सितंबर को है अगली सुनवाई
प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 21 सितंबर को अगली सुनवाई होना है। रहवासियों का सवाल है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो सुनवाई से पहले मकान खाली कराने या कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों की जा रही है?
परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है।
विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार
नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की।
विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।
अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर
करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी?
एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
25 साल से रह रहे 80 परिवारों पर मंडराया आशियाना छिनने का खतरा
गणेश वार्ड के दाराशाह बंगला में मकान खाली करने का नोटिस, भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी प्रभावितों में शामिल
बीना से वक्त की इस बड़ी खबर। शहर के गणेश वार्ड स्थित दाराशाह बंगला, खसरा नंबर 109 में पिछले करीब 25 से 26 वर्षों से रह रहे लगभग 80 परिवारों के सामने अब अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। मकान खाली करने और कब्जा हटाने का नोटिस मिलने के बाद रहवासियों में हड़कंप और चिंता का माहौल है।
इस मामले में खास बात यह है कि प्रभावित परिवारों में भाजपा के नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी का कहना है कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यहां वर्षों से रह रहे करीब 80 परिवारों के भविष्य और उनके आशियानों का सवाल है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है।
25 साल से रह रहे, दस्तावेजों में भी यही पता
रहवासियों का दावा है कि वे पिछले करीब ढाई दशक से इसी स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बिजली बिल और नगर पालिका के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज हैं, जिनमें इसी पते का उल्लेख है।
परिवारों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक मकान खाली करने का नोटिस मिलने से परिवारों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
29 जुलाई को प्रशासन पहुंचा था मौके पर
रहवासियों के अनुसार, 29 जुलाई को तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। इस दौरान संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। रहवासियों का दावा है कि रजिस्ट्री को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी और मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया था।
लेकिन इसके ठीक अगले दिन 30 जुलाई को मकान तोड़ने और कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने से मामला फिर गरमा गया।
21 सितंबर को है अगली सुनवाई
प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 21 सितंबर को अगली सुनवाई होना है। रहवासियों का सवाल है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो सुनवाई से पहले मकान खाली कराने या कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों की जा रही है?
परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर इन मकानों को बनाया है और अब अचानक बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा हो गया है।
विधायक निर्मला सप्रे से लगाई गुहार
नोटिस मिलने के बाद भाजपा नगर महामंत्री नंदकिशोर चौधरी के नेतृत्व में प्रभावित परिवार विधायक निर्मला सप्रे से मिले। रहवासियों ने विधायक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें राहत दिलाने की मांग की।
विधायक निर्मला सप्रे ने प्रभावित परिवारों को मामले में न्यायसंगत तरीके से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।
अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर
करीब 80 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या फिर उनके वर्षों पुराने आशियानों पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी?
एक तरफ रहवासी अपने दस्तावेजों और लंबे समय से निवास का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • मोतीचूर घाट से पवन यात्रा और जयपुर के लिए दी गई भारी संख्या में महिला
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    मोतीचूर घाट से पवन यात्रा और जयपुर के लिए दी गई भारी संख्या में महिला
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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    लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
*बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* 

 *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* 


बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है।

सात साल तक बंधक रखने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया।

पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप

शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई।

इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं।

परिवार की सुरक्षा की मांग

शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।

शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए।

अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
*बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* 
*बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* 
बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है।
सात साल तक बंधक रखने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया।
पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप
शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई।
इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं।
परिवार की सुरक्षा की मांग
शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए।
अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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    लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
*बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* 
*बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* 
बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है।
सात साल तक बंधक रखने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया।
पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप
शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई।
इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं।
परिवार की सुरक्षा की मांग
शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए।
अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Laxman Singh Rajput
    Laxman Singh Rajput
    Local News Reporter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप एसपी के निर्देश के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होने का दावा, साक्षियों और दस्तावेजों की अनदेखी का आरोप कुरवाई। पत्रकार गजेन्द्र सिंह दांगी ने कुरवाई थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में पुलिस ने पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई की तथा उनके पक्ष में उपलब्ध साक्षियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को जांच में उचित महत्व नहीं दिया। पत्रकार दांगी का कहना है कि मामला भूमि एवं पेड़ काटने के विवाद से जुड़ा था। उनके अनुसार संबंधित भूमि के खसरा, नक्शा एवं अन्य राजस्व दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने भूमि संबंधी तथ्यों की पर्याप्त जांच नहीं की। दांगी का आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनके अनुसार एसपी स्तर से जांच के संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया में अपेक्षित निष्पक्षता नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्षियों के कथनों तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पर्याप्त रूप से जांच में शामिल नहीं किया गया। दांगी का कहना है कि यदि सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाती तो मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती थीं। पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पुलिस अधिकारी से कराई जाए तथा उनके द्वारा प्रस्तुत सभी साक्षियों, खसरा-नक्शा, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और कानून के समान पालन को सुनिश्चित कराना है।
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    कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप
कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप
एसपी के निर्देश के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होने का दावा, साक्षियों और दस्तावेजों की अनदेखी का आरोप
कुरवाई। पत्रकार गजेन्द्र सिंह दांगी ने कुरवाई थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में पुलिस ने पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई की तथा उनके पक्ष में उपलब्ध साक्षियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को जांच में उचित महत्व नहीं दिया।
पत्रकार दांगी का कहना है कि मामला भूमि एवं पेड़ काटने के विवाद से जुड़ा था। उनके अनुसार संबंधित भूमि के खसरा, नक्शा एवं अन्य राजस्व दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने भूमि संबंधी तथ्यों की पर्याप्त जांच नहीं की।
दांगी का आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनके अनुसार एसपी स्तर से जांच के संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया में अपेक्षित निष्पक्षता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्षियों के कथनों तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पर्याप्त रूप से जांच में शामिल नहीं किया गया। दांगी का कहना है कि यदि सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाती तो मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती थीं।
पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पुलिस अधिकारी से कराई जाए तथा उनके द्वारा प्रस्तुत सभी साक्षियों, खसरा-नक्शा, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और कानून के समान पालन को सुनिश्चित कराना है।
    user_Gajendra Thakur Press ripotar
    Gajendra Thakur Press ripotar
    Farmer कुरवाई, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • jarua Kheda ward number 1 Aaj Tak Kuchh Nahin Hua Hai Aaj Tak🙏🙏🙏 65 Ghar ismein se hi nikal kar Jaate Hain Sagar collector Sahab aap ek bar dekh lo Hamare Yahan ka koi nahin Sunta is video mein Dekh Lo aap🙏🙏🙏🙏🙏
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    jarua Kheda ward number 1 Aaj Tak Kuchh Nahin Hua Hai Aaj Tak🙏🙏🙏 65 Ghar ismein se hi nikal kar Jaate Hain Sagar collector Sahab aap ek bar dekh lo Hamare Yahan ka koi nahin Sunta is video mein Dekh Lo aap🙏🙏🙏🙏🙏
    user_Bharat Kushwaha
    Bharat Kushwaha
    Khurai, Sagar•
    9 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
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    लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 

निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा
उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई
बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है।
प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
लोकेशन बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा
उत्कृष्ट परिणाम से स्कूल में खुशी का माहौल, प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी बधाई
बीना। निर्मल ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मासिक परीक्षा का परिणाम 95 प्रतिशत रहा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने परीक्षा परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आया है।
प्राचार्या सिस्टर थेरेसा ने कहा कि यदि अभिभावकों का सहयोग इसी तरह लगातार मिलता रहा, तो विद्यालय के शिक्षक और प्रबंधन मिलकर बच्चों के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग। पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग।
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    पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग।
पठारी मे नदी नाले उफान पर जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Local News Reporter Pathari, Vidisha•
    1 hr ago
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