Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक डॉक्टर ने बच्चों के गले में फंसा हुआ एक पेंच का सिक्का सफलतापूर्वक बाहर निकाला है।
Rajguru News
एक डॉक्टर ने बच्चों के गले में फंसा हुआ एक पेंच का सिक्का सफलतापूर्वक बाहर निकाला है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सुसनेर में आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मानदेय और प्रोत्साहन राशि दिए जाने की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- मध्य प्रदेश के खाटसुर में गंगा दशहरा के अवसर पर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। यह पहल 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत की गई, जिसमें तालाबों, बावड़ियों और हैंडपंपों की सफाई के साथ-साथ मां गंगा का पूजन और एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान, ग्रामीणों ने श्रमदान कर जल बचाने का संकल्प लिया।1
- देश की 70% आबादी गांवों में रहती है, जिसके चलते गांवों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसी कई ग्राम पंचायतें हैं जहाँ ग्रामीण विकास के कार्यों में बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं और सरकार इन घोटालों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, यह बताया गया है कि ग्रामीण विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान उन ग्राम पंचायतों की ओर आकर्षित करना है जहाँ भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है और जहाँ ग्रामीणों को विकास के नाम पर धोखा दिया जा रहा है, ताकि इस पर तत्काल कार्रवाई हो सके।1
- देवास में गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मीठा तालाब पर हुआ, जिसमें प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मीठा तालाब पर गंगा आरती भी की गई। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को सभी का दायित्व बताया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनके भरने से भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और यहाँ 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है। मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने 'केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना', संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों, जैसे सिंचाई का रकबा बढ़ना और पीने के पानी की उपलब्धता, पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा हेतु नदियों, तालाबों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- क्या आपको भी सामान के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज़्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं? अब दुकानदारों की मनमानी और लूट बिल्कुल नहीं चलेगी। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ऐसे अनुचित व्यवहार के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं, जो उपभोक्ताओं के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हैं। यह समय है कि हर उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागृत हो और MRP से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आवाज़ उठाए।1
- भारत संवाद राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र और लाइव न्यूज चैनल ने, साथ ही परिवर्तन उदय राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र ने, भोपाल संभाग के लिए सैफ अली को अपना ब्यूरो चीफ नियुक्त किया है। जो पाठक आज की प्रमुख खबरों के साथ बने रहना चाहते हैं, वे भारत संवाद समाचार पत्र और न्यूज के साथ-साथ परिवर्तन उदय समाचार पत्र से जुड़ सकते हैं। खबर एवं विज्ञापन संबंधी जानकारी के लिए 9039403567 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।1
- अगर मालवा जिले के सुसनेर कस्बे में पुलिस ने स्कूलों को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक पहल की है। पुलिस ने कस्बे के विभिन्न स्कूलों के बाहर 'ड्रग फ्री ज़ोन' के पोस्टर लगाए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल नशामुक्त रहें।1
- मध्यप्रदेश के कालापीपल में बढ़ती महंगाई, लगातार बिजली कटौती और पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही वृद्धि के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इन प्रमुख जन-मुद्दों पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया, सवाल उठाया कि जनता आखिर कब तक ऐसी समस्याओं का सामना करती रहेगी।1