सीतामढ़ी जिले के चोरौत में अब कचरा को रिसाइक्लिंग करके तैयार होगा बेंच किया, डीडीसी किया निरीक्षण सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड में प्लास्टिक सहित अन्य सूखे कचरे के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में पहल शुरू हुई है। एमआरएफ सेंटर शुरू होने के बाद पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों से एकत्र प्लास्टिक एवं अन्य सूखे कचरे को यहां लाकर उसकी छंटाई की जाएगी। पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे सड़क किनारे, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलने की समस्या कम होने की उम्मीद है। साथ ही खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा। कचरा संग्रहण, छंटाई, परिवहन और प्रसंस्करण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं। तथा कचरा को रिसाइक्लिंग करके स्कूलों में छात्रों के बैठने के लिए बैंच भी तैयार किया जा सकता है। एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर में पंचायतों से एकत्र किए जाने वाले प्लास्टिक और अन्य सूखे कचरे को वैज्ञानिक तरीके से छंटाई और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाएगा। ग्रामीण व शहरी वार्डों से सूखा और प्लास्टिक कचरा एकत्र कर सेंटर तक पहुंचाया जाता है। वहां कचरे को अलग-अलग श्रेणियों (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि) में छांटा जाता है। पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को उद्योगों को भेजा जाता है, जबकि गैर-रिसाइक्लिंग कचरे से आरडीएफ तैयार किया जाता है। इससे खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनते हैं। यह परियोजना को मंजूरी दिलाने को लेकर प्रखंड मुख्यालय स्थित अडैला चौड़ में एनएच-227 के किनारे मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित करने के लिए चिह्नित किए गए स्थल का सीतामढ़ी उप विकास आयुक्त सुश्री श्वेता भारती निरीक्षण किया। शनिवार को अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर भूमि, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर डीआरडीए निदेशक सह प्रखंड नोडल पदाधिकारी शशिकांत शर्मा, बीडीओ अमित कुमार अमन, सीओ सुबोध कुमार आरओ आयुषी राजस्व कर्मचारी अधिकारियों ने एमआरएफ सेंटर के लिए चिन्हित स्थल की उपयुक्तता, उपलब्ध संसाधन एवं संचालन से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी दी।तकनीकी टीम प्रस्तावित स्थल की जांच कर उपयुक्तता से संबंधित प्रतिवेदन देगी। इसके बाद आवश्यक एनओसी मिलने पर स्थल का अंतिम चयन किया जाएगा।
सीतामढ़ी जिले के चोरौत में अब कचरा को रिसाइक्लिंग करके तैयार होगा बेंच किया, डीडीसी किया निरीक्षण सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड में प्लास्टिक सहित अन्य सूखे कचरे के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में पहल शुरू हुई है। एमआरएफ सेंटर शुरू होने के बाद पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों से एकत्र प्लास्टिक एवं अन्य सूखे कचरे को यहां लाकर उसकी छंटाई की जाएगी। पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे सड़क किनारे, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलने की समस्या कम होने की उम्मीद है। साथ ही खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा। कचरा संग्रहण, छंटाई, परिवहन और प्रसंस्करण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं। तथा कचरा को रिसाइक्लिंग करके स्कूलों में छात्रों के बैठने के लिए बैंच भी तैयार किया जा सकता है। एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर में पंचायतों से एकत्र किए जाने वाले प्लास्टिक और अन्य सूखे कचरे को वैज्ञानिक तरीके से छंटाई और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाएगा। ग्रामीण व शहरी वार्डों से सूखा और प्लास्टिक कचरा एकत्र कर सेंटर तक पहुंचाया जाता है। वहां कचरे को अलग-अलग श्रेणियों (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि) में छांटा जाता है। पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को उद्योगों को भेजा जाता है, जबकि गैर-रिसाइक्लिंग कचरे से आरडीएफ तैयार किया जाता है। इससे खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनते हैं। यह परियोजना को मंजूरी दिलाने को लेकर प्रखंड मुख्यालय स्थित अडैला चौड़ में एनएच-227 के किनारे मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित करने के लिए चिह्नित किए गए स्थल का सीतामढ़ी उप विकास आयुक्त सुश्री श्वेता भारती निरीक्षण किया। शनिवार को अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर भूमि, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर डीआरडीए निदेशक सह प्रखंड नोडल पदाधिकारी शशिकांत शर्मा, बीडीओ अमित कुमार अमन, सीओ सुबोध कुमार आरओ आयुषी राजस्व कर्मचारी अधिकारियों ने एमआरएफ सेंटर के लिए चिन्हित स्थल की उपयुक्तता, उपलब्ध संसाधन एवं संचालन से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी दी।तकनीकी टीम प्रस्तावित स्थल की जांच कर उपयुक्तता से संबंधित प्रतिवेदन देगी। इसके बाद आवश्यक एनओसी मिलने पर स्थल का अंतिम चयन किया जाएगा।
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- स्वतंत्र भारद्वाज मामले में अभिषेक के बयान से मचा हंगामा, समर्थन में उतरे या दी खुली धमकी ? नई दिल्ली में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े विवाद को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मामले में अभिषेक के कथित बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं और इसे खुली धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। विवाद की शुरुआत जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट और उसके बाद सामने आए स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो से हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने की बात कही थी। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। इसी बीच अभिषेक के बयान ने मामले को और गरमा दिया है। उनके बयान में स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन या उनके पक्ष में खड़े होने के संकेत बताए जा रहे हैं। हालांकि, बयान के पूरे संदर्भ और उसके आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि अभिषेक का बयान सिर्फ समर्थन है या इसे धमकी के रूप में लिया जाना चाहिए? फिलहाल इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।1
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- सीतामढ़ी में शर्मनाक वारदात: कलयुगी बेटे ने पैसों के विवाद में सोई हुई मां को बांस के फट्टे से पीट-पीटकर सुलाया मौत की नींद, पुलिस ने 6 घंटे में दबोचा। बिहार के सीतामढ़ी जिले के चोरौत थाना क्षेत्र स्थित चोरौत कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मानसिक रूप से विक्षिप्त बताए जा रहे 30 वर्षीय कलयुगी बेटे सिकिन्द्र मुखिया ने पैसों के विवाद में अपनी 60 वर्षीया वृद्ध मां पवित्री देवी की बांस के फट्टे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। बुधवार देर रात आरोपी घर की टाटी तोड़कर अंदर घुसा और सोई हुई मां को घसीटकर दूसरे कमरे में ले जाकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी अपनी बहन के घर छिप गया था, लेकिन चोरौत थानाध्यक्ष मोनी कुमारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी भेज दिया है।1