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08/09/2026 :शाम्हो बेगूसराय बाढ़ में डूब गए वृद्ध आदमी की तलाश जारी । आज की बड़ी घटना कुरहा शाम्हो से आ रही है । Mobile Tv News

52 min ago
user_मोबाइल टीवी न्यूज
मोबाइल टीवी न्यूज
Media house Begusarai, Bihar•
52 min ago

08/09/2026 :शाम्हो बेगूसराय बाढ़ में डूब गए वृद्ध आदमी की तलाश जारी । आज की बड़ी घटना कुरहा शाम्हो से आ रही है । Mobile Tv News

More news from बिहार and nearby areas
  • बेगूसराय।सिमरिया सिक्स। लाइन का अब सियासत दो महापुरुष के बीच हो रही है श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा की मांग सिमरिया सिक्स। लाइन का अब सियासत दो महापुरुष के बीच हो रही है श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, गूंजा।‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी? मल्हीपुर गोलंबर पर’ विश्वकर्मा चौक से फर्टिलाइजर रेलवे केबिन होते हुए बीहट बाजार तक निकला मशाल जुलूस; समिति ने कहा—जनजागरण अभियान अब और होगा व्यापक बेगूसराय/बीहट। बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा ‘श्रीबाबू’ की आदमकद प्रतिमा उनकी कर्मभूमि बेगूसराय में स्थापित करने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।। बीहट की सड़कों पर दर्जनों जलती मशालों और तिरंगे के साथ निकला जुलूस इसी जनभावना का जोरदार प्रदर्शन रहा। बीहट नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-35 स्थित मल्हीपुर गांव के सिक्सलेन गोलंबर पर श्रीबाबू की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर निकले मशाल जुलूस में स्थानीय लोगों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान ‘श्रीबाबू अमर रहें’, ‘मल्हीपुर चौक पर श्रीबाबू की प्रतिमा लगाना होगा’, ‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी—मल्हीपुर गोलंबर पर’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से बीहट की सड़कें गूंजती रहीं। हाथों में जलती मशालें और तिरंगा थामे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापना की मांग अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्मृति और अपनी ऐतिहासिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का अभियान बन चुकी है। मशाल जुलूस का नेतृत्व ‘बिहार केसरी’ श्रीबाबू प्रतिमा निर्माण समिति के संयोजक सह बेगूसराय नगर निगम के पूर्व उपमहापौर राजीव रंजन, सह। संयोजक, भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं युवा अधिवक्ता विकास कुमार आजाद तथा क्षेत्रीय विकास मोर्चा के महासचिव शिवशंकर पासवान उर्फ फुलेना पासवान ने किया। विश्वकर्मा चौक से शुरू हुआ मशाल जुलूस राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते फर्टिलाइजर रेलवे केबिन पहुंचा। वहां से जुलूस बीहट बाजार की ओर बढ़ा और चांदनी चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में मशालों की रोशनी, तिरंगे और नारों ने माहौल को आंदोलनकारी बना दिया। ‘जिस धरती को औद्योगिक पहचान दिलाई, उसी धरती पर प्रतिमा क्यों नहीं?’ समिति के संयोजक राजीव रंजन ने कहा कि बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा बेगूसराय के औद्योगिक विकास के प्रमुख शिल्पकारों में रहे हैं। रिफाइनरी, थर्मल, फर्टिलाइजर और राजेंद्र सेतु जैसी विकास परियोजनाओं से जुड़ी उनकी विकास-दृष्टि ने बेगूसराय को औद्योगिक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जिस महापुरुष ने बेगूसराय के विकास की मजबूत आधारशिला रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनकी अपनी कर्मभूमि पर एक भी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर आदमकद प्रतिमा का न होना समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है। राजीव रंजन ने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापित कर उसे ‘स्टैच्यू ऑफ डेवलपमेंट’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि बेगूसराय में प्रवेश करने वाली हर पीढ़ी अपने उस शिल्पकार को देख सके, जिसने इस क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा। ‘श्रीबाबू के योगदान को दल या विचारधारा की सीमा में बांधना इतिहास के साथ अन्याय’ युवा अधिवक्ता विकास कुमार आजाद ने कहा कि श्रीबाबू बिहार के इतिहास के ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिनके योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए। सामाजिक न्याय, समानता और विकास के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रति रही सामूहिक उपेक्षा पर अब समाज को गंभीर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल पढ़ने की नहीं, बल्कि सही परिप्रेक्ष्य में समझने और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। ‘कर्मभूमि के प्रवेश द्वार पर ही स्थापित हो श्रीबाबू की प्रतिमा’ क्षेत्रीय विकास मोर्चा के महासचिव शिवशंकर पासवान उर्फ फुलेना पासवान ने कहा कि श्रीबाबू आधुनिक बिहार के नवनिर्माण के प्रमुख शिल्पकार और सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष किया तथा वंचित एवं दलित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर केवल एक चौराहा नहीं, बल्कि बेगूसराय में प्रवेश करने वाला प्रमुख मार्ग है। इसलिए यहां श्रीबाबू की आदमकद प्रतिमा स्थापित होना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवंत इतिहास-पाठ होगा। फुलेना पासवान ने कहा कि श्रीबाबू ने बिहार में उद्योग, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली तथा सामाजिक न्याय आधारित विकास को नई दिशा दी। उनके योगदान को किसी राजनीतिक दल, विचारधारा या क्षेत्र की सीमा में बांधना उचित नहीं है। ‘सदियों तक प्रेरणा देता रहे स्टैच्यू ऑफ डेवलपमेंट’ निर्माण समिति के मुख्य प्रवक्ता एवं बहुजन एक्टिविस्ट विजय पासवान ने कहा कि श्रीबाबू महान स्वतंत्रता सेनानी, अखंड बिहार के प्रधानमंत्री एवं बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री, आधुनिक बिहार के निर्माता तथा बेगूसराय के औद्योगिक विकास के स्वप्नदर्शी शिल्पकार थे। उन्होंने गढ़पुरा में अंग्रेजों के काले नमक कानून के खिलाफ नमक सत्याग्रह का नेतृत्व किया और स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र एवं बिहार के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि दलित-पिछड़े समाज सहित आम लोगों के बीच से उठी प्रतिमा स्थापना की यह आवाज अब दबने वाली नहीं है। लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण अभियान को गांव-गांव और समाज के हर वर्ग तक ले जाया जाएगा। ‘65 साल बाद भी प्रतिमा नहीं होना सामूहिक कृतघ्नता का उदाहरण’ निर्माण समिति के कोषाध्यक्ष जयंत कुमार पासवान ने कहा कि श्रीबाबू ने बेगूसराय के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उनके विकास कार्यों से लाखों नौजवानों, मजदूरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और अन्य लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर पैदा हुए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है कि अपनी मृत्यु के छह दशक से अधिक समय बाद भी श्रीबाबू की कर्मभूमि बेगूसराय में किसी प्रमुख सार्वजनिक महत्व के स्थान पर उनकी एक भी आदमकद प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। जयंत पासवान ने कहा कि जिन्होंने बिहार और बेगूसराय के विकास के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया, उनके सम्मान के लिए समाज को अब खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर स्थापित होने वाली प्रतिमा केवल पत्थर या धातु की प्रतिमा नहीं, बल्कि श्रीबाबू के त्याग, देशभक्ति, सादगी, ईमानदारी, दूरदर्शिता, कर्मठता और विकास-दृष्टि का प्रेरणा-स्थल होगी। गढ़पुरा से बीहट तक जुड़ी श्रीबाबू की विरासत गढ़पुरा नमक सत्याग्रह गौरव यात्रा समिति के राष्ट्रीय महासचिव राजीव कुमार, महासचिव रमेश महतो, सचिव मुकेश विक्रम यादव एवं डोमन महतो ने कहा कि श्रीबाबू का जीवन संघर्ष, त्याग और बिहार के विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक है। बेगूसराय के औद्योगिक विकास में उनका योगदान ऐतिहासिक है। मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर उनकी प्रतिमा स्थापित होने से जिले में प्रवेश करने वाली नई पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इनकी रही भागीदारी मशाल जुलूस में नूरपुर के मुखिया प्रतिनिधि राजेश चौधरी एवं उनके पुत्र, राजवाड़ा के रितेश कुमार, बरौनी के कांग्रेस नेता संजय सिंह, असुरारी के रणजीत कुमार पटेल, बीहट के कमल वत्स, मनीष कुमार, बबलू पासवान, शशिभूषण सिंह, अशोक रजक, रितेश पासवान, मुकेश सिंह, संतोष कुमार, रजनीश कुमार, अमित कुमार, चंदन कुमार, पंकज साह, चुलबुल कुमार, रामशंकर सिंह, रंजन कुमार, शुभम कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं समिति के सदस्य शामिल हुए। बीहट में श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर निकले मशाल जुलूस में हाथों में मशाल व तिरंगा लिए शामिल लोग तथा आगे बैनर के साथ प्रतिमा निर्माण समिति के सदस्य। अगर इसे और ज्यादा ‘लीड स्टोरी’ बनाना हो तो मेरी पहली पसंद की हेडलाइन: श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें ‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी—मल्हीपुर गोलंबर पर’ के नारों से गूंजा बीहट यह हेडलाइन आपके उपलब्ध फोटो के दृश्य प्रभाव से भी सबसे अच्छी तरह मेल खाती है—मशालें तिरंगा बैनर भीड़ नारे, यानी खबर का पूरा आंदोलनकारी भाव एक ही फ्रेम में आ जाता ह
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    बेगूसराय।सिमरिया सिक्स। लाइन का अब सियासत दो महापुरुष के बीच हो रही है
श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें
मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा की मांग
सिमरिया सिक्स। लाइन का अब सियासत दो महापुरुष के बीच हो रही है
श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें
मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, गूंजा।‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी? मल्हीपुर गोलंबर पर’
विश्वकर्मा चौक से फर्टिलाइजर रेलवे केबिन होते हुए बीहट बाजार तक निकला मशाल जुलूस; समिति ने कहा—जनजागरण अभियान अब और होगा व्यापक
बेगूसराय/बीहट। बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा ‘श्रीबाबू’ की आदमकद प्रतिमा उनकी कर्मभूमि बेगूसराय में स्थापित करने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।। बीहट की सड़कों पर दर्जनों जलती मशालों और तिरंगे के साथ निकला जुलूस इसी जनभावना का जोरदार प्रदर्शन रहा। बीहट नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-35 स्थित मल्हीपुर गांव के सिक्सलेन गोलंबर पर श्रीबाबू की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर निकले मशाल जुलूस में स्थानीय लोगों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
जुलूस के दौरान ‘श्रीबाबू अमर रहें’, ‘मल्हीपुर चौक पर श्रीबाबू की प्रतिमा लगाना होगा’, ‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी—मल्हीपुर गोलंबर पर’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से बीहट की सड़कें गूंजती रहीं। हाथों में जलती मशालें और तिरंगा थामे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापना की मांग अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्मृति और अपनी ऐतिहासिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का अभियान बन चुकी है।
मशाल जुलूस का नेतृत्व ‘बिहार केसरी’ श्रीबाबू प्रतिमा निर्माण समिति के संयोजक सह बेगूसराय नगर निगम के पूर्व उपमहापौर राजीव रंजन, सह। संयोजक, भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं युवा अधिवक्ता विकास कुमार आजाद तथा क्षेत्रीय विकास मोर्चा के महासचिव शिवशंकर पासवान उर्फ फुलेना पासवान ने किया।
विश्वकर्मा चौक से शुरू हुआ मशाल जुलूस राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते फर्टिलाइजर रेलवे केबिन पहुंचा। वहां से जुलूस बीहट बाजार की ओर बढ़ा और चांदनी चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में मशालों की रोशनी, तिरंगे और नारों ने माहौल को आंदोलनकारी बना दिया।
‘जिस धरती को औद्योगिक पहचान दिलाई, उसी धरती पर प्रतिमा क्यों नहीं?’
समिति के संयोजक राजीव रंजन ने कहा कि बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा बेगूसराय के औद्योगिक विकास के प्रमुख शिल्पकारों में रहे हैं। रिफाइनरी, थर्मल, फर्टिलाइजर और राजेंद्र सेतु जैसी विकास परियोजनाओं से जुड़ी उनकी विकास-दृष्टि ने बेगूसराय को औद्योगिक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि जिस महापुरुष ने बेगूसराय के विकास की मजबूत आधारशिला रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनकी अपनी कर्मभूमि पर एक भी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर आदमकद प्रतिमा का न होना समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है।
राजीव रंजन ने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापित कर उसे ‘स्टैच्यू ऑफ डेवलपमेंट’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि बेगूसराय में प्रवेश करने वाली हर पीढ़ी अपने उस शिल्पकार को देख सके, जिसने इस क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा।
‘श्रीबाबू के योगदान को दल या विचारधारा की सीमा में बांधना इतिहास के साथ अन्याय’
युवा अधिवक्ता विकास कुमार आजाद ने कहा कि श्रीबाबू बिहार के इतिहास के ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिनके योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए। सामाजिक न्याय, समानता और विकास के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रति रही सामूहिक उपेक्षा पर अब समाज को गंभीर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल पढ़ने की नहीं, बल्कि सही परिप्रेक्ष्य में समझने और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।
‘कर्मभूमि के प्रवेश द्वार पर ही स्थापित हो श्रीबाबू की प्रतिमा’
क्षेत्रीय विकास मोर्चा के महासचिव शिवशंकर पासवान उर्फ फुलेना पासवान ने कहा कि श्रीबाबू आधुनिक बिहार के नवनिर्माण के प्रमुख शिल्पकार और सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष किया तथा वंचित एवं दलित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर केवल एक चौराहा नहीं, बल्कि बेगूसराय में प्रवेश करने वाला प्रमुख मार्ग है। इसलिए यहां श्रीबाबू की आदमकद प्रतिमा स्थापित होना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवंत इतिहास-पाठ होगा।
फुलेना पासवान ने कहा कि श्रीबाबू ने बिहार में उद्योग, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली तथा सामाजिक न्याय आधारित विकास को नई दिशा दी। उनके योगदान को किसी राजनीतिक दल, विचारधारा या क्षेत्र की सीमा में बांधना उचित नहीं है।
‘सदियों तक प्रेरणा देता रहे स्टैच्यू ऑफ डेवलपमेंट’
निर्माण समिति के मुख्य प्रवक्ता एवं बहुजन एक्टिविस्ट विजय पासवान ने कहा कि श्रीबाबू महान स्वतंत्रता सेनानी, अखंड बिहार के प्रधानमंत्री एवं बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री, आधुनिक बिहार के निर्माता तथा बेगूसराय के औद्योगिक विकास के स्वप्नदर्शी शिल्पकार थे। उन्होंने गढ़पुरा में अंग्रेजों के काले नमक कानून के खिलाफ नमक सत्याग्रह का नेतृत्व किया और स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र एवं बिहार के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि दलित-पिछड़े समाज सहित आम लोगों के बीच से उठी प्रतिमा स्थापना की यह आवाज अब दबने वाली नहीं है। लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण अभियान को गांव-गांव और समाज के हर वर्ग तक ले जाया जाएगा।
‘65 साल बाद भी प्रतिमा नहीं होना सामूहिक कृतघ्नता का उदाहरण’
निर्माण समिति के कोषाध्यक्ष जयंत कुमार पासवान ने कहा कि श्रीबाबू ने बेगूसराय के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उनके विकास कार्यों से लाखों नौजवानों, मजदूरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और अन्य लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर पैदा हुए।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है कि अपनी मृत्यु के छह दशक से अधिक समय बाद भी श्रीबाबू की कर्मभूमि बेगूसराय में किसी प्रमुख सार्वजनिक महत्व के स्थान पर उनकी एक भी आदमकद प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है।
जयंत पासवान ने कहा कि जिन्होंने बिहार और बेगूसराय के विकास के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया, उनके सम्मान के लिए समाज को अब खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर स्थापित होने वाली प्रतिमा केवल पत्थर या धातु की प्रतिमा नहीं, बल्कि श्रीबाबू के त्याग, देशभक्ति, सादगी, ईमानदारी, दूरदर्शिता, कर्मठता और विकास-दृष्टि का प्रेरणा-स्थल होगी।
गढ़पुरा से बीहट तक जुड़ी श्रीबाबू की विरासत
गढ़पुरा नमक सत्याग्रह गौरव यात्रा समिति के राष्ट्रीय महासचिव राजीव कुमार, महासचिव रमेश महतो, सचिव मुकेश विक्रम यादव एवं डोमन महतो ने कहा कि श्रीबाबू का जीवन संघर्ष, त्याग और बिहार के विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक है। बेगूसराय के औद्योगिक विकास में उनका योगदान ऐतिहासिक है। मल्हीपुर सिक्सलेन गोलंबर पर उनकी प्रतिमा स्थापित होने से जिले में प्रवेश करने वाली नई पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
इनकी रही भागीदारी
मशाल जुलूस में नूरपुर के मुखिया प्रतिनिधि राजेश चौधरी एवं उनके पुत्र, राजवाड़ा के रितेश कुमार, बरौनी के कांग्रेस नेता संजय सिंह, असुरारी के रणजीत कुमार पटेल, बीहट के कमल वत्स, मनीष कुमार, बबलू पासवान, शशिभूषण सिंह, अशोक रजक, रितेश पासवान, मुकेश सिंह, संतोष कुमार, रजनीश कुमार, अमित कुमार, चंदन कुमार, पंकज साह, चुलबुल कुमार, रामशंकर सिंह, रंजन कुमार, शुभम कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं समिति के सदस्य शामिल हुए।
बीहट में श्रीबाबू की प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर निकले मशाल जुलूस में हाथों में मशाल व तिरंगा लिए शामिल लोग तथा आगे बैनर के साथ प्रतिमा निर्माण समिति के सदस्य।
अगर इसे और ज्यादा ‘लीड स्टोरी’ बनाना हो तो मेरी पहली पसंद की हेडलाइन:
श्रीबाबू की प्रतिमा के लिए बीहट में जल उठीं मशालें
‘श्रीबाबू की प्रतिमा कहां लगेगी—मल्हीपुर गोलंबर पर’ के नारों से गूंजा बीहट
यह हेडलाइन आपके उपलब्ध फोटो के दृश्य प्रभाव से भी सबसे अच्छी तरह मेल खाती है—मशालें 
तिरंगा  बैनर भीड़  नारे, यानी खबर का पूरा आंदोलनकारी भाव एक ही फ्रेम में आ जाता ह
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    20 hrs ago
  • #ब्रेकिंगन्यूज : बाढ़ राहत के नाम पर बड़ा #घोटाला | सील पैक बोरे से चावल गायब | दोषी कौन? कारवाई होगा? शेयर जरूर करें । बेगूसराय । Mobile Tv News
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    #ब्रेकिंगन्यूज  : बाढ़ राहत के नाम पर बड़ा #घोटाला | सील पैक बोरे से चावल गायब | दोषी कौन? कारवाई होगा? शेयर जरूर करें । बेगूसराय ।
Mobile Tv News
    user_मोबाइल टीवी न्यूज
    मोबाइल टीवी न्यूज
    Media house Begusarai, Bihar•
    22 hrs ago
  • kajra the biryani hub Durga sthan ke aage pramod kumar cook pramod kumar
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    kajra the biryani hub Durga sthan ke aage pramod kumar cook 
pramod kumar
    user_Pramod kumar
    Pramod kumar
    Biryani restaurant सूरजगढ़ा, लखीसराय, बिहार•
    7 hrs ago
  • शिक्षक दिवस के अवसर पर जेएमबी दिनकर इंग्लिश क्लासेस द्वारा हजारों की संख्या में बच्चों के बीच पेड़ बांटा गया। यह प्रक्रिया लगभग 3 वर्षों से चली आ रही है शिक्षक दिवस के अवसर पर जेएमबी दिनकर इंग्लिश क्लासेस द्वारा हजारों की संख्या में बच्चों के बीच पेड़ बांटा गया। यह प्रक्रिया लगभग 3 वर्षों से चली आ रही है
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    शिक्षक दिवस के अवसर पर जेएमबी दिनकर इंग्लिश क्लासेस द्वारा हजारों की संख्या में बच्चों के बीच पेड़ बांटा गया। यह प्रक्रिया लगभग 3 वर्षों से चली आ रही है
शिक्षक दिवस के अवसर पर जेएमबी दिनकर इंग्लिश क्लासेस द्वारा हजारों की संख्या में बच्चों के बीच पेड़ बांटा गया। यह प्रक्रिया लगभग 3 वर्षों से चली आ रही है
    user_न्यूज 30 बिहार
    न्यूज 30 बिहार
    Pandarak, Patna•
    8 hrs ago
  • बीरपुर थाना क्षेत्र के भावानंदपुर में एक महिला को जान से मार कर फेंकने का आरोप.....
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    बीरपुर थाना क्षेत्र के भावानंदपुर में  एक महिला को जान से मार कर फेंकने का आरोप.....
    user_News Bihar
    News Bihar
    बखरी, बेगूसराय, बिहार•
    22 hrs ago
  • बेगूसराय। पहुंचे पटना निरीक्षण करने। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद शहजाद का एक बयान है इसमें उन्होंने बिहार में आई आपदा (बाढ़/सुखाड़) को लेकर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के लिए विशेष बेगूसराय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद शहजाद का एक बयान है इसमें उन्होंने बिहार में आई आपदा (बाढ़/सुखाड़) को लेकर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के लिए विशेष वित्तीय राहत पैकेज की मांग की है।उनके इस बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:₹50,000 करोड़ के राहत कोष की मांग: मोहम्मद शहजाद का कहना है कि बिहार इस समय बेहद गंभीर आपदा से जूझ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री को बिहार के लिए कम से कम 50,000 करोड़ रुपये का खजाना खोल देना चाहिए।चुनाव खर्च से उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान एनडीए गठबंधन द्वारा 120 हेलीकॉप्टर और 500 से 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजनाएं बनती हैं। उसी तर्ज पर आपदा के समय भी बिहार की मदद के लिए बड़ा दिल दिखाना चाहिए।गरीबों और पीड़ितों की बदहाली: उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बिहार के गरीब, मजलूम, बच्चे और बुजुर्ग बाढ़ या आपदा में बह रहे हैं। उनके घर नष्ट हो चुके हैं और उनके पास रहने के लिए जगह व खाने के लिए अनाज नहीं है। सरकार को तुरंत इसकी पूरी व्यवस्था करनी चाहिए।तेजस्वी यादव के पत्र का समर्थन: शहजाद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में जो पत्र लिखा है, उस पर पीएम को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और राहत कार्य तेज करने चाहिए
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    बेगूसराय। पहुंचे पटना निरीक्षण करने।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद शहजाद का एक बयान है इसमें उन्होंने बिहार में आई आपदा (बाढ़/सुखाड़) को लेकर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के लिए विशेष
बेगूसराय 
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद शहजाद का एक बयान है इसमें उन्होंने बिहार में आई आपदा (बाढ़/सुखाड़) को लेकर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के लिए विशेष वित्तीय राहत पैकेज की मांग की है।उनके इस बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:₹50,000 करोड़ के राहत कोष की मांग: मोहम्मद शहजाद का कहना है कि बिहार इस समय बेहद गंभीर आपदा से जूझ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री को बिहार के लिए कम से कम 50,000 करोड़ रुपये का खजाना खोल देना चाहिए।चुनाव खर्च से उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान एनडीए गठबंधन द्वारा 120 हेलीकॉप्टर और 500 से 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजनाएं बनती हैं। उसी तर्ज पर आपदा के समय भी बिहार की मदद के लिए बड़ा दिल दिखाना चाहिए।गरीबों और पीड़ितों की बदहाली: उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बिहार के गरीब, मजलूम, बच्चे और बुजुर्ग बाढ़ या आपदा में बह रहे हैं। उनके घर नष्ट हो चुके हैं और उनके पास रहने के लिए जगह व खाने के लिए अनाज नहीं है। सरकार को तुरंत इसकी पूरी व्यवस्था करनी चाहिए।तेजस्वी यादव के पत्र का समर्थन: शहजाद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में जो पत्र लिखा है, उस पर पीएम को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और राहत कार्य तेज करने चाहिए
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    22 hrs ago
  • मोकामा के जंजीरा में बाढ़ पीड़ितों के बीच युवा समाजसेवी मोनू सिंह ने बांटी जरूरी दवाइयां मोकामा के जंजीरा में बाढ़ पीड़ितों के बीच युवा समाजसेवी मोनू सिंह ने बांटी जरूरी दवाइयां
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    मोकामा के जंजीरा में बाढ़ पीड़ितों के बीच युवा समाजसेवी मोनू सिंह ने बांटी जरूरी दवाइयां
मोकामा के जंजीरा में बाढ़ पीड़ितों के बीच युवा समाजसेवी मोनू सिंह ने बांटी जरूरी दवाइयां
    user_Swaraj Bharat Live
    Swaraj Bharat Live
    Local News Reporter मोकामा, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
  • श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ 11 से 18 सितम्बर रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में होगा संपन्न मानव विचार महासंघ के सौजन्य से रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर ईस्ट कॉलोनी में कार्यक्रम होगा संपन्न श्रीधाम वृंदावन से आए श्री अनुराग दास जी महाराज भागवत ज्ञान की करेंगे अमृत वर्षा
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    श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ 11 से 18 सितम्बर रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में होगा संपन्न
मानव विचार महासंघ के सौजन्य से रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर ईस्ट कॉलोनी में कार्यक्रम होगा संपन्न 
श्रीधाम वृंदावन से आए श्री अनुराग दास जी महाराज भागवत ज्ञान की करेंगे अमृत वर्षा
    user_Pawan Kumar Choudhary
    Pawan Kumar Choudhary
    Journalist मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    1 hr ago
  • मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण हादसा, कार काटकर निकाले गए 3 शव; खगड़िया के तीन लोगों की मौत मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर मंगलवार की सुबह एक ऐसा भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसने इलाके को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर क्षतिग्रस्त कार के परखच्चे और उसके अंदर फंसी तीन जिंदगियां… हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, कार सवार तीनों लोग पटना से खगड़िया की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान फोरलेन पर उनकी कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों लोग उसके अंदर बुरी तरह फंस गए। सूचना मिलते ही मोकामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार की हालत देखकर सामान्य तरीके से लोगों को बाहर निकालना संभव नहीं था। इसके बाद कटर की मदद से कार को काटकर तीनों लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने तत्काल तीनों को मोकामा ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अज्ञात वाहन की टक्कर, चालक को नींद आने या अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। तीन मौतों की खबर मिलते ही खगड़िया में मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया है।
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    मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण हादसा, कार काटकर निकाले गए 3 शव; खगड़िया के तीन लोगों की मौत
मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर मंगलवार की सुबह एक ऐसा भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसने इलाके को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर क्षतिग्रस्त कार के परखच्चे और उसके अंदर फंसी तीन जिंदगियां… हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, कार सवार तीनों लोग पटना से खगड़िया की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान फोरलेन पर उनकी कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों लोग उसके अंदर बुरी तरह फंस गए।
सूचना मिलते ही मोकामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार की हालत देखकर सामान्य तरीके से लोगों को बाहर निकालना संभव नहीं था। इसके बाद कटर की मदद से कार को काटकर तीनों लोगों को बाहर निकाला गया।
पुलिस ने तत्काल तीनों को मोकामा ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अज्ञात वाहन की टक्कर, चालक को नींद आने या अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। तीन मौतों की खबर मिलते ही खगड़िया में मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया है।
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    Swaraj Bharat Live
    Local News Reporter मोकामा, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
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