खोखले सरकारी सिस्टम और नेताओं के झूठे वादों ने ली जनपद सदस्य के भाई की जान अजयगढ़ में दिल्ली जैसी घटना जिम्मेदार कौन ट्रेजडी की एक और दर्दनाक कहानी सामने आई है, जो शासन-प्रशासन की लापरवाही की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। रात के अंधेरे में मौत का मंजर वजह बनी टूटी पुलिया मध्य प्रदेश के पन्ना जिले (अजयगढ़ थाना क्षेत्र के गड़ड़पुर पुल पर एक ऐसी हादसा हुआ, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया। 60 वर्षीय मिट्ठूलाल पाल (पिता: नीलकंठ पाल) और उनके 25 वर्षीय भतीजे चंद्रभान पाल (पिता: संतु पाल), दोनों निवासी खमरिया गांव (ग्राम पंचायत सीलोना) बाइक पर सवार होकर खमरिया से बरियारपुर कुर्मियान जा रहे थे। मकसद था – भैंस की दवा लेना। लेकिन रास्ते में वही पुराना टूटा हुआ पुल... जो बारिश के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था। ग्रामीणों ने लगातार शासन-प्रशासन से मांग की थी कि पुल को ठीक करवाया जाए या कम से कम साइन बोर्ड, रोड स्टॉपर या बैरिकेडिंग लगाई जाए। पर कोई नहीं सुना। कोई चेतावनी नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। रात का समय था। अंधेरा। टूटे पुल पर बाइक चढ़ी और सीधे नीचे खाई में जा गिरी। मिट्ठूलाल पाल की मौके पर ही मौत हो गई। चंद्रभान पाल गंभीर रूप से घायल हैं और अजयगढ़ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर 112 पुलिस तुरंत पहुंची। दोनों को पुल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मिट्ठूलाल को मृत घोषित कर दिया। एक परिवार ने अपना चाचा खो दिया। एक युवा भतीजा अब जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। और वजह? सिर्फ और सिर्फ प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही। कितने और परिवारों की बलि चढ़ेगी जब तक ये टूटे पुल ठीक नहीं होंगे? कितनी और चेतावनियां अनसुनी रहेंगी? यह सिर्फ एक हादसा नहीं... यह लापरवाही का खूनी सच है।
खोखले सरकारी सिस्टम और नेताओं के झूठे वादों ने ली जनपद सदस्य के भाई की जान अजयगढ़ में दिल्ली जैसी घटना जिम्मेदार कौन ट्रेजडी की एक और दर्दनाक कहानी सामने आई है, जो शासन-प्रशासन की लापरवाही की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। रात के अंधेरे में मौत का मंजर वजह बनी टूटी पुलिया मध्य प्रदेश के पन्ना जिले (अजयगढ़ थाना क्षेत्र के गड़ड़पुर पुल पर एक ऐसी हादसा हुआ, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया। 60 वर्षीय मिट्ठूलाल पाल (पिता: नीलकंठ पाल) और उनके 25 वर्षीय भतीजे चंद्रभान पाल (पिता: संतु पाल), दोनों निवासी खमरिया गांव (ग्राम पंचायत सीलोना) बाइक पर सवार होकर खमरिया से बरियारपुर कुर्मियान जा रहे थे। मकसद था – भैंस की दवा लेना। लेकिन रास्ते में वही पुराना टूटा हुआ पुल... जो बारिश के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था। ग्रामीणों ने लगातार शासन-प्रशासन से मांग की
थी कि पुल को ठीक करवाया जाए या कम से कम साइन बोर्ड, रोड स्टॉपर या बैरिकेडिंग लगाई जाए। पर कोई नहीं सुना। कोई चेतावनी नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। रात का समय था। अंधेरा। टूटे पुल पर बाइक चढ़ी और सीधे नीचे खाई में जा गिरी। मिट्ठूलाल पाल की मौके पर ही मौत हो गई। चंद्रभान पाल गंभीर रूप से घायल हैं और अजयगढ़ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर 112 पुलिस तुरंत पहुंची। दोनों को पुल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मिट्ठूलाल को मृत घोषित कर दिया। एक परिवार ने अपना चाचा खो दिया। एक युवा भतीजा अब जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। और वजह? सिर्फ और सिर्फ प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही। कितने और परिवारों की बलि चढ़ेगी जब तक ये टूटे पुल ठीक नहीं होंगे? कितनी और चेतावनियां अनसुनी रहेंगी? यह सिर्फ एक हादसा नहीं... यह लापरवाही का खूनी सच है।
- Post by राजेंद्र पाल3
- पन्ना में गुनौर तहसील में धान में पानी पानी डालते वीडियो हुआ वायरल शासन की लापरवाही1
- जिन वाहनों से कमाई की जाती हो उनसे सरकार का हक बनता है टैक्स लेने का पर्सनल कारों पर नहीं कार खरीद पर सारे टैक्स दे दिए जाते है तो टोल टैक्स क्यों सारी लूट की हदें पार कर दी मोदी सरकार ने जनता ने अपने सुख के लिए मोदी सरकार चुनी मोदी सरकार ने खुद के कुछ चंद अपने लोगों के लिए जनता से लूट मचा दी देश कर्ज में लाद दिया।।1
- ट्रेजडी की एक और दर्दनाक कहानी सामने आई है, जो शासन-प्रशासन की लापरवाही की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। रात के अंधेरे में मौत का मंजर वजह बनी टूटी पुलिया मध्य प्रदेश के पन्ना जिले (अजयगढ़ थाना क्षेत्र के गड़ड़पुर पुल पर एक ऐसी हादसा हुआ, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया। 60 वर्षीय मिट्ठूलाल पाल (पिता: नीलकंठ पाल) और उनके 25 वर्षीय भतीजे चंद्रभान पाल (पिता: संतु पाल), दोनों निवासी खमरिया गांव (ग्राम पंचायत सीलोना) बाइक पर सवार होकर खमरिया से बरियारपुर कुर्मियान जा रहे थे। मकसद था – भैंस की दवा लेना। लेकिन रास्ते में वही पुराना टूटा हुआ पुल... जो बारिश के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था। ग्रामीणों ने लगातार शासन-प्रशासन से मांग की थी कि पुल को ठीक करवाया जाए या कम से कम साइन बोर्ड, रोड स्टॉपर या बैरिकेडिंग लगाई जाए। पर कोई नहीं सुना। कोई चेतावनी नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। रात का समय था। अंधेरा। टूटे पुल पर बाइक चढ़ी और सीधे नीचे खाई में जा गिरी। मिट्ठूलाल पाल की मौके पर ही मौत हो गई। चंद्रभान पाल गंभीर रूप से घायल हैं और अजयगढ़ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर 112 पुलिस तुरंत पहुंची। दोनों को पुल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मिट्ठूलाल को मृत घोषित कर दिया। एक परिवार ने अपना चाचा खो दिया। एक युवा भतीजा अब जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। और वजह? सिर्फ और सिर्फ प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही। कितने और परिवारों की बलि चढ़ेगी जब तक ये टूटे पुल ठीक नहीं होंगे? कितनी और चेतावनियां अनसुनी रहेंगी? यह सिर्फ एक हादसा नहीं... यह लापरवाही का खूनी सच है।2
- सिमरा खुर्द में राम धुन का आयोजन1
- पंचायत में दो हफ्ते काम करने के बाद 158 मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी, मजदूर दाने-दाने को मोहताज 50 से अधिक मजदूर पहुंचे पन्ना कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की जनसुनवाई में मामला शाहनगर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत परासी के ग्राम खर्रा का मजदूरों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा मजदूरों की दो हफ्ते की मजदूरी कर दी गई शून्य 158 मजदूरों को ग्राम पंचायत में परकुलेशन निर्माण टैंक में दो हफ्ते कराई गई मजदूरी और भुगतान देने के समय कर दी गई शून्य मजदूर हो रहे हैं परेशान पन्ना जिले के दूरस्थ तहसील शाहनगर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत परासी के ग्राम खर्रा से सनसनीखेज मामला निकलकर सामने आया है जहां पर 158 मजदूरों को ग्राम पंचायत में दो हफ्ते लगातार मजदूरी कराई गई और जब भुगतान देने का समय आया तब उनकी मजदूरी सचिव एवं उपयंत्री की मिली भगत से शून्य कर दी गई जिससे मजदूर दाने-दाने को मोहताज हो गए और शिकायत करने पन्ना पहुंचे। 50 से अधिक महिला पुरुष जिन्होंने ग्राम पंचायत में दो हफ्ते तक मजदूरी कर पसीना बहाया था वह शिकायत करने पन्ना कलेक्टर की जनसुनवाई एवं जिला पंचायत सीईओ के ऑफिस पहुंचे और उन्होंने शिकायत की उन्होंने लगातार 12 दिन पंचायत में परकुलेशन टैंक निर्माण में मजदूरी की है लेकिन जब भुगतान मिलने का समय आया तब सचिव एवं उपयंत्री की मिली भगत से ग्राम पंचायत के मास्टर रोल शून्य कर दिए गए जिससे मजदूरी नहीं मिल सकी इसलिए उनके पास भरण पोषण का संकट गहरा गया। लोकपाल सिंह यादव पंचायत प्रतिनिधि ने बताया की ग्राम पंचायत में मजदूरों ने दो हफ्ते काम किया है इसके बाद मजदूरी नहीं आई तब मजदूर पंचायत भवन में सचिव के पास गए तो सचिव ने उनसे अभद्रता पूर्वक बात, इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि पन्ना में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से शिकायत करेंगे इसलिए आज पन्ना आए हैं और जिसमें करीब 50 से अधिक मजदूर शामिल है जिसमें महिला पुरुष साथ में है और सभी भुगतान के लिए परेशान हो रहे हैं और भुगतान नहीं हो रहा है मजदूरों ने जो कार्य किया है उसके मास्टर रोल शिकायत के साथ शामिल किए गए हैं जिसमें प्रतिदिन मजदूरों की हाजिरी चढ़ी हुई है और मजदूरों को ₹1 भी भुगतान नहीं हुआ है इसलिए मजदूर परेशान हो रहे हैं। ओमकार चौधरी मजदूर बताते हैं कि उन्होंने पंचायत में दो हफ्ते तलैया परकुलेशन टैंक में मजदूरी की है पर उन्हें भुगतान के समय भुगतान नहीं मिला है इसलिए भरण पोषण का संकट गहरा रहा है की लगातार 2 हफ्ते पसीना बहाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिली है इसलिए आज पन्ना आए हैं और अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं कि हमें मजदूरी दिलाई जाए4
- इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।1
- कालिंजर महोत्सव DM ने किया निरीक्षण1