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8 साल से अधर में सालवी–पधरोलू मार्ग, गड्ढों में तब्दील सड़क से 2000 आबादी परेशान। चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ साल से पक्का होने के लिए तरस रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले मार्ग का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। यह मार्ग भावला पंचायत की करीब दो हजार की आबादी को जोड़ता है और रोजाना इस सड़क पर काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों के कारण कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को पक्का किया जाए। वीओ: स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि इस मार्ग को बने 8 से 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इसे पक्का नहीं किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है और रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इस सड़क का पक्कीकरण किया जाए, ताकि क्षेत्र की करीब 2000 की आबादी को राहत मिल सके। बाइट: (पुंजर देव और हेमराज – स्थानीय निवासी)

2 hrs ago
user_Mohd Ashiq
Mohd Ashiq
Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
2 hrs ago

8 साल से अधर में सालवी–पधरोलू मार्ग, गड्ढों में तब्दील सड़क से 2000 आबादी परेशान। चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ साल से पक्का होने के लिए तरस रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले मार्ग का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। यह मार्ग भावला पंचायत की करीब दो हजार की आबादी को जोड़ता

है और रोजाना इस सड़क पर काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों के कारण कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को पक्का किया जाए। वीओ: स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना

है कि इस मार्ग को बने 8 से 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इसे पक्का नहीं किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है और रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इस सड़क का पक्कीकरण किया जाए, ताकि क्षेत्र की करीब 2000 की आबादी को राहत मिल सके। बाइट: (पुंजर देव और हेमराज – स्थानीय निवासी)

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  • चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ साल से पक्का होने के लिए तरस रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले मार्ग का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। यह मार्ग भावला पंचायत की करीब दो हजार की आबादी को जोड़ता है और रोजाना इस सड़क पर काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों के कारण कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को पक्का किया जाए। वीओ: स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि इस मार्ग को बने 8 से 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इसे पक्का नहीं किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है और रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इस सड़क का पक्कीकरण किया जाए, ताकि क्षेत्र की करीब 2000 की आबादी को राहत मिल सके। बाइट: (पुंजर देव और हेमराज – स्थानीय निवासी)
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    चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ साल से पक्का होने के लिए तरस रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले मार्ग का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। यह मार्ग भावला पंचायत की करीब दो हजार की आबादी को जोड़ता है और रोजाना इस सड़क पर काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों के कारण कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को पक्का किया जाए।
वीओ:
स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि इस मार्ग को बने 8 से 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इसे पक्का नहीं किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है और रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इस सड़क का पक्कीकरण किया जाए, ताकि क्षेत्र की करीब 2000 की आबादी को राहत मिल सके।
बाइट: (पुंजर देव और हेमराज – स्थानीय निवासी)
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    2 hrs ago
  • Post by Surender Thakur
    1
    Post by Surender Thakur
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पांगी घाटी के कुलाल गांव से शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां करोड़ों रुपये खर्च कर राजकीय माध्यमिक पाठशाला का भवन तो तैयार किया जा रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि स्कूल में पढ़ाने के लिए पर्याप्त अध्यापक ही मौजूद नहीं हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि एकमात्र शास्त्री के सहारे स्कूल चलाने की कोशिश नाकाम साबित हो रही है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन और सरकार से अध्यापकों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। शुरुआत में अच्छी संख्या में बच्चों ने इस स्कूल में प्रवेश लिया था, लेकिन लगातार अध्यापकों की कमी के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया। अब हालात यह हैं कि स्कूल का आंगन पूरी तरह सूना हो चुका है और आखिरी बचा छात्र भी स्कूल छोड़ने को मजबूर हो गया है। कुलाल गांव के वार्ड पंच कोल सिंह के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अभिभावकों को दूसरे स्थानों पर किराए के कमरे तक लेने पड़ रहे हैं। कुलाल से मिंधल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है और गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे बच्चों का रोजाना सफर बेहद जोखिम भरा बन जाता है। स्थानीय लोगों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलाल जैसे दुर्गम गांवों की लगातार अनदेखी की जा रही है। जब स्कूल में स्टाफ ही उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे में स्कूल खोलने का क्या औचित्य रह जाता है? एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है और ऑनलाइन संवाद के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाती है, वहीं जमीनी स्तर पर हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर कुलाल के बच्चों का भविष्य यूं ही अधर में लटका रहेगा।
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    पांगी घाटी के कुलाल गांव से शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां करोड़ों रुपये खर्च कर राजकीय माध्यमिक पाठशाला का भवन तो तैयार किया जा रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि स्कूल में पढ़ाने के लिए पर्याप्त अध्यापक ही मौजूद नहीं हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि एकमात्र शास्त्री के सहारे स्कूल चलाने की कोशिश नाकाम साबित हो रही है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन और सरकार से अध्यापकों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
शुरुआत में अच्छी संख्या में बच्चों ने इस स्कूल में प्रवेश लिया था, लेकिन लगातार अध्यापकों की कमी के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया। अब हालात यह हैं कि स्कूल का आंगन पूरी तरह सूना हो चुका है और आखिरी बचा छात्र भी स्कूल छोड़ने को मजबूर हो गया है।
कुलाल गांव के वार्ड पंच कोल सिंह के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अभिभावकों को दूसरे स्थानों पर किराए के कमरे तक लेने पड़ रहे हैं। कुलाल से मिंधल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है और गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे बच्चों का रोजाना सफर बेहद जोखिम भरा बन जाता है।
स्थानीय लोगों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलाल जैसे दुर्गम गांवों की लगातार अनदेखी की जा रही है। जब स्कूल में स्टाफ ही उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे में स्कूल खोलने का क्या औचित्य रह जाता है?
एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है और ऑनलाइन संवाद के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाती है, वहीं जमीनी स्तर पर हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर कुलाल के बच्चों का भविष्य यूं ही अधर में लटका रहेगा।
    user_THE VOICE OF PANGWAL
    THE VOICE OF PANGWAL
    Local News Reporter पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Rakesh Kumar
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    Post by Rakesh Kumar
    user_Rakesh Kumar
    Rakesh Kumar
    बरोह, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Shivinder singh Bhadwal
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    Post by Shivinder singh Bhadwal
    user_Shivinder singh Bhadwal
    Shivinder singh Bhadwal
    Farmer कठुआ, कठुआ, जम्मू और कश्मीर•
    18 hrs ago
  • सुजानपुर भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा व प्रदेश प्रवक्ता व विधायक आशीष शर्मा पर ऊँगली उठाने से पहले आपने गिरेवान पर झाँक कर देखे कुलदीप सिंह पठानिया उनके चेयरमैन रहते जो भरष्टाचार हुआ था तब KCCB के इतिहास में BOD ही भग हुई यें हिमाचल के लिएशर्मनाक था ऐसा क्या हुआ था जनता को बताये कुलदीप सिंह पठानिया किन-किन राजनीतीक लोगों को फायदा दिया गया kccb से.
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    सुजानपुर
भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा व प्रदेश प्रवक्ता व विधायक आशीष शर्मा पर ऊँगली उठाने से पहले आपने गिरेवान पर झाँक कर देखे कुलदीप सिंह पठानिया उनके चेयरमैन रहते जो भरष्टाचार हुआ था तब KCCB के इतिहास में BOD ही भग हुई यें हिमाचल के लिएशर्मनाक था  ऐसा क्या हुआ था जनता को बताये कुलदीप सिंह पठानिया किन-किन राजनीतीक लोगों को फायदा दिया गया kccb से.
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बुधवार को दि जोगिंदर नगर उपमंडलीय सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ सीमित के अध्यक्ष पद के लिये चुनाव हुए। जिसमें 5 जोन से आए निदेशकों ने भाग लिया। निदेशक वर्ग में जगमोहन सिंह ठाकुर, मोहन सिंह ठाकुर, काहन सिंह ठाकुर, होशियार सिंह व भीम सिंह ठाकुर शामिल रहे। सर्व सम्मति से भीम सिंह ठाकुर को अध्यक्ष और काहन सिंह ठाकुर को उपाध्यक्ष चुना गया। भीम सिंह ठाकुर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इस सोसाईटी को आगे बढ़ाने के लिये शीघ्र ही नई रूप रेखा तैयार होगी।
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    बुधवार को दि जोगिंदर नगर उपमंडलीय सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ सीमित के अध्यक्ष पद के लिये चुनाव हुए। जिसमें 5 जोन से आए निदेशकों ने भाग लिया। निदेशक वर्ग में जगमोहन सिंह ठाकुर, मोहन सिंह ठाकुर, काहन सिंह ठाकुर, होशियार सिंह व भीम सिंह ठाकुर शामिल रहे। सर्व सम्मति से भीम सिंह ठाकुर को अध्यक्ष और काहन सिंह ठाकुर को उपाध्यक्ष चुना गया। भीम सिंह ठाकुर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इस सोसाईटी को आगे बढ़ाने के लिये शीघ्र ही नई रूप रेखा तैयार होगी।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Local News Reporter जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के चंबा में 2026 के शहरी निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्माने लगा है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रत्याशियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। चंबा नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी। नामांकन कार्य एसडीएम एवं निर्वाचक अधिकारी प्रियांशु खाती की देखरेख में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में कुल 16 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रत्याशियों को 14 और 15 मई तक अपने नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी और चुनावी मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद है। बाइट – एसडीएम चंबा, प्रियांशु खाती: “नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। पहले दिन 6 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं। सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।”
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    हिमाचल प्रदेश के चंबा में 2026 के शहरी निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्माने लगा है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रत्याशियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
चंबा नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी। नामांकन कार्य एसडीएम एवं निर्वाचक अधिकारी प्रियांशु खाती की देखरेख में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा रहा है।
नगर परिषद क्षेत्र में कुल 16 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रत्याशियों को 14 और 15 मई तक अपने नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी और चुनावी मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद है।
बाइट – एसडीएम चंबा, प्रियांशु खाती:
“नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। पहले दिन 6 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं। सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।”
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    2 hrs ago
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