बारिश आई नहीं कि कयामदी का रास्ता गायब!” वर्षों से पुल बना मुसीबत, कच्चे चकरोड से सफर करने को मजबूर ग्रामीण—आखिर कब ऊंचा होगा पुल? जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम पंचायत कयामदी यह कोई आज की कहानी नहीं है और न ही पहली बार ग्रामीण इस परेशानी से दो-चार हो रहे हैं। कयामदी गांव में सड़क और पुल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई साल गुजर गए, कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, ज्ञापन दिए गए और आश्वासन भी मिले, लेकिन आज तक इस निचले पुल को ऊंचा नहीं कराया जा सका। बारिश होते ही पुल बन जाता है ‘नो एंट्री जोन’! मलिंग नाले में पानी बढ़ते ही पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है और गांव का मुख्य संपर्क मार्ग प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को सीधे रास्ते से निकलने के बजाय कच्चे चकरोड से होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और फिर जालौन-कोंच रोड तक पहुंचकर अपना सफर पूरा करना पड़ता है। यानी गांव से बाहर निकलने के लिए पहले बारिश से मुकाबला, फिर कच्चे रास्ते से संघर्ष और उसके बाद मुख्य सड़क का सहारा! जरूरत के वक्त एंबुलेंस भी बेबस! ग्रामीणों के मुताबिक, सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना हो। पानी भरने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को ट्रैक्टर के जरिए कच्चे रास्ते से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ज्ञापन और आश्वासन का सफर लंबा, पुल का निर्माण अब भी दूर! ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2025 में भी अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुल निर्माण और रास्ते की समस्या दूर कराने की मांग की गई थी। इससे पहले भी कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों में अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदलते रहे, आश्वासन मिलते रहे, लेकिन पुल आज भी वहीं का वहीं है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस निचले पुल को ऊंचा कराने के लिए और कितने वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा? अब सवाल सिर्फ पानी का नहीं, व्यवस्था का है! कयामदी के ग्रामीणों की परेशानी हर बारिश में सामने आती है। पुल ऊंचा हो जाए तो गांव का संपर्क सुगम हो सकता है और मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों समेत आम ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि वर्षों पुरानी इस समस्या पर खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर कयामदी के ग्रामीण अगले बरस भी इसी तरह कच्चे चकरोड से ‘ऑफरोड सफर’ करते नजर आएंगे।
बारिश आई नहीं कि कयामदी का रास्ता गायब!” वर्षों से पुल बना मुसीबत, कच्चे चकरोड से सफर करने को मजबूर ग्रामीण—आखिर कब ऊंचा होगा पुल? जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम पंचायत कयामदी यह कोई आज की कहानी नहीं है और न ही पहली बार ग्रामीण इस परेशानी से दो-चार हो रहे हैं। कयामदी गांव में सड़क और पुल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई साल गुजर गए, कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, ज्ञापन दिए गए और आश्वासन भी मिले, लेकिन आज तक इस निचले पुल को ऊंचा नहीं कराया जा सका। बारिश होते ही पुल बन जाता है ‘नो एंट्री जोन’! मलिंग नाले में पानी बढ़ते ही पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है और गांव का मुख्य संपर्क मार्ग प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को सीधे रास्ते से निकलने के बजाय कच्चे चकरोड से होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और फिर जालौन-कोंच रोड तक पहुंचकर अपना सफर पूरा करना पड़ता है। यानी गांव से बाहर निकलने के लिए पहले बारिश से मुकाबला, फिर कच्चे रास्ते से संघर्ष और उसके बाद मुख्य सड़क का सहारा! जरूरत के वक्त एंबुलेंस भी बेबस! ग्रामीणों के मुताबिक, सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल
ले जाना हो। पानी भरने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को ट्रैक्टर के जरिए कच्चे रास्ते से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ज्ञापन और आश्वासन का सफर लंबा, पुल का निर्माण अब भी दूर! ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2025 में भी अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुल निर्माण और रास्ते की समस्या दूर कराने की मांग की गई थी। इससे पहले भी कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों में अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदलते रहे, आश्वासन मिलते रहे, लेकिन पुल आज भी वहीं का वहीं है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस निचले पुल को ऊंचा कराने के लिए और कितने वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा? अब सवाल सिर्फ पानी का नहीं, व्यवस्था का है! कयामदी के ग्रामीणों की परेशानी हर बारिश में सामने आती है। पुल ऊंचा हो जाए तो गांव का संपर्क सुगम हो सकता है और मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों समेत आम ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि वर्षों पुरानी इस समस्या पर खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर कयामदी के ग्रामीण अगले बरस भी इसी तरह कच्चे चकरोड से ‘ऑफरोड सफर’ करते नजर आएंगे।
- पुलिस अधीक्षक द्वारा माती पुलिस लाइन सभागार कक्ष में सैनिक सम्मेलन कर पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना गया, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश माती पुलिस लाइन सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय द्वारा सैनिक सम्मेलन का आयोजन कर पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुना गया। सम्मेलन के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों, संसाधनों की कमी, एवं व्यक्तिगत समस्याओं को पुलिस अधीक्षक महोदया के समक्ष रखा। पुलिस अधीक्षक महोदया ने पुलिसकर्मियों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सम्बन्धित को दिशा-निर्देश दिए। सैनिक सम्मेलन का उद्देश्य पुलिस बल के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित करना और उनके कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाना है।1
- सिकंदरा तहसील परिसर में मंगलवार शाम करीब 4 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल की अध्यक्षता में बाल विकास एवं पुष्टाहार सिकंदरा तहसील परिसर में मंगलवार शाम करीब 4 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल की अध्यक्षता में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं तथा महिला कल्याण विभाग के लाभार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को टेलीविजन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन सुनाया गया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल ने भाजपा सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं को हमेशा सम्मान और सुरक्षा देने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में महिलाएं पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह, राजपुर सीडीपीओ किरण साहू, संदलपुर ब्लॉक की सीडीपीओ मोनिका मिश्रा समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं और अन्य लोग मौजूद रहे।1
- 🚨 संदलपुर में लगातार चोरी की घटनाओं से दहशत, चौकी पुलिस की गश्त पर उठे सवाल कानपुर देहात। संदलपुर कस्बे में चोरी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात राजीव पुत्र शिव स्वरूप के घर से अज्ञात चोर बकरी चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रात के समय पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त और संदिग्ध लोगों की निगरानी की जाए तो चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर कब तक रोक लग पाती है। 🚨 संदलपुर में लगातार चोरी की घटनाओं से दहशत, चौकी पुलिस की गश्त पर उठे सवाल कानपुर देहात। संदलपुर कस्बे में चोरी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात राजीव पुत्र शिव स्वरूप के घर से अज्ञात चोर बकरी चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रात के समय पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त और संदिग्ध लोगों की निगरानी की जाए तो चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर कब तक रोक लग पाती है।2
- खम्हैला गांव में घर में घुसकर बुजुर्ग से मारपीट का आरोप, चार लोगों पर मुकदमा दर्ज खम्हैला गांव में घर में घुसकर बुजुर्ग से मारपीट का आरोप, चार लोगों पर मुकदमा दर्ज दरवाजा खुलते ही घर में घुसे आरोपी, गाली-गलौज के बाद मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप मंगलपुर। थाना क्षेत्र के खम्हैला गांव निवासी विश्वनाथ तिवारी ने पुलिस को दी तहरीर में गांव के ही चार लोगों पर घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विश्वनाथ तिवारी के अनुसार, 19 अगस्त की रात वह अपने घर के अंदर लेटे हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के कुलदीप, आनंद, रमेश और राम उनके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो आरोपित कथित रूप से जबरन घर के अंदर घुस आए और गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, घटना की जानकारी होने पर उनका पुत्र गणेश तिवारी मौके पर पहुंचा। उसे आता देखकर आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। इसके बाद विश्वनाथ तिवारी ने मंगलपुर थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। मंगलपुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने मंगलवार शाम छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सिकंदरा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का सम्मान समारोह, नगर पंचायत अध्यक्ष ने महिलाओं को बताईं सरकार की उपलब्धियां सिकंदरा तहसील परिसर में मंगलवार शाम करीब 4 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल की अध्यक्षता में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं तथा महिला कल्याण विभाग के लाभार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को टेलीविजन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन सुनाया गया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल ने भाजपा सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं को हमेशा सम्मान और सुरक्षा देने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में महिलाएं पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह, राजपुर सीडीपीओ किरण साहू, संदलपुर ब्लॉक की सीडीपीओ मोनिका मिश्रा समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं और अन्य लोग मौजूद रहे।3
- बारिश आई नहीं कि कयामदी का रास्ता गायब!” वर्षों से पुल बना मुसीबत, कच्चे चकरोड से सफर करने को मजबूर ग्रामीण—आखिर कब ऊंचा होगा पुल? जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम पंचायत कयामदी यह कोई आज की कहानी नहीं है और न ही पहली बार ग्रामीण इस परेशानी से दो-चार हो रहे हैं। कयामदी गांव में सड़क और पुल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई साल गुजर गए, कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, ज्ञापन दिए गए और आश्वासन भी मिले, लेकिन आज तक इस निचले पुल को ऊंचा नहीं कराया जा सका। बारिश होते ही पुल बन जाता है ‘नो एंट्री जोन’! मलिंग नाले में पानी बढ़ते ही पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है और गांव का मुख्य संपर्क मार्ग प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को सीधे रास्ते से निकलने के बजाय कच्चे चकरोड से होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और फिर जालौन-कोंच रोड तक पहुंचकर अपना सफर पूरा करना पड़ता है। यानी गांव से बाहर निकलने के लिए पहले बारिश से मुकाबला, फिर कच्चे रास्ते से संघर्ष और उसके बाद मुख्य सड़क का सहारा! जरूरत के वक्त एंबुलेंस भी बेबस! ग्रामीणों के मुताबिक, सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना हो। पानी भरने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को ट्रैक्टर के जरिए कच्चे रास्ते से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ज्ञापन और आश्वासन का सफर लंबा, पुल का निर्माण अब भी दूर! ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2025 में भी अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुल निर्माण और रास्ते की समस्या दूर कराने की मांग की गई थी। इससे पहले भी कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों में अधिकारी और जनप्रतिनिधि बदलते रहे, आश्वासन मिलते रहे, लेकिन पुल आज भी वहीं का वहीं है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस निचले पुल को ऊंचा कराने के लिए और कितने वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा? अब सवाल सिर्फ पानी का नहीं, व्यवस्था का है! कयामदी के ग्रामीणों की परेशानी हर बारिश में सामने आती है। पुल ऊंचा हो जाए तो गांव का संपर्क सुगम हो सकता है और मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों समेत आम ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि वर्षों पुरानी इस समस्या पर खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर कयामदी के ग्रामीण अगले बरस भी इसी तरह कच्चे चकरोड से ‘ऑफरोड सफर’ करते नजर आएंगे।2
- पुलिस अधीक्षक ने माती पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपराध गोष्ठी कर अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश माती पुलिस लाइन सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गयी। गोष्ठी में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, महिला अपराधों, एवं बच्चों के प्रति अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया एवं निरोधात्मक कार्यवाही की मासिक समीक्षा व प्रगतिशील सूचना के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।1
- 🚨 संदलपुर में लगातार चोरी की घटनाओं से दहशत, चौकी पुलिस की गश्त पर उठे सवाल कानपुर देहात। संदलपुर कस्बे में चोरी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात राजीव पुत्र शिव स्वरूप के घर से अज्ञात चोर बकरी चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रात के समय पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त और संदिग्ध लोगों की निगरानी की जाए तो चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर कब तक रोक लग पाती है। 🚨 संदलपुर में लगातार चोरी की घटनाओं से दहशत, चौकी पुलिस की गश्त पर उठे सवाल कानपुर देहात। संदलपुर कस्बे में चोरी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात राजीव पुत्र शिव स्वरूप के घर से अज्ञात चोर बकरी चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रात के समय पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त और संदिग्ध लोगों की निगरानी की जाए तो चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर कब तक रोक लग पाती है।2
- BreakingNews: जालौन नाले में तैरता मिला अज्ञात शव, इलाके में मची सनसनी #BreakingNews: जालौन नाले में तैरता मिला अज्ञात शव, इलाके में मची सनसनी कोंच के नदीगांव रोड स्थित शिकरी की पुलिया के पास नाले में युवक का शव तैरता मिला। शव दिखाई देने पर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू की। अभी तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस मृतक की पहचान कराने के साथ ही मौत के कारणों की जांच में जुटी है। शव किसका है और युवक की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद होगा। जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र का मामला।2