*समुद्र जैसी खुली खदानें*… *और प्रशासन खामोश*! *हुकुमचंद जैन की खदानों पर नहीं चल रही प्रशासन की हुकूमत*, *ओवरलोड वाहनों से सड़कों की हालत बदतर* मैहर। जिले के भटूरा क्षेत्र में संचालित हुकुमचंद जैन की खदानें इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनती जा रही हैं। हालात यह हैं कि खदानें समुद्र जैसी गहरी और मुंह फाड़े खुली पड़ी हैं, मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हों, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की हुकूमत यहां बेअसर नजर आ रही है। कुछ समय पहले इसी क्षेत्र की एक खुली खदान में एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया था। घटना के बाद प्रशासन ने खदान को बंद कराने की कार्रवाई तो दिखाई, लेकिन बंद करने का तरीका खुद सवालों के घेरे में है। खदान के मुख्य मार्ग पर सिर्फ चार बड़े पत्थर रखकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। सवाल यह है कि क्या चार पत्थर रख देने से खदान वास्तव में बंद हो जाती है? क्या इससे सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है? हकीकत यह है कि आज भी वह खदान चारों तरफ से खुली पड़ी है और सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत स्थिति में है। खदान की गहराई इतनी अधिक है कि उसे देखकर किसी भी आम व्यक्ति की धड़कनें तेज हो जाएं। खदान के बाहर नियम और शर्तों का बोर्ड जरूर लगा दिया गया है, लेकिन वहां कोई सुरक्षा गार्ड या निगरानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी अनहोनी को रोकना लगभग नामुमकिन है। जिस तरह से यह खदान खुली पड़ी है, उससे किसी भी दिन फिर कोई बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। *ओवरलोड वाहनों से सड़कों की हालत खराब* स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदानों से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों की वजह से क्षेत्र की सड़कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। भारी भरकम ट्रकों का दबाव सड़कें सहन नहीं कर पा रही हैं, लेकिन इस पर भी प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। लोगों का कहना है कि लगता है मानो हुकुमचंद के आगे प्रशासन की कोई हुकूमत ही नहीं चल रही। खदानें खुली पड़ी हैं, ओवरलोड वाहन सड़कों को चीर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी कथरी ओढ़कर देशी घी पीते हुए सब कुछ नजरअंदाज कर रहे हैं। *किसी बड़े हादसे का इंतजार*? क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन खदानों की उचित घेराबंदी, सुरक्षा गार्ड और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में फिर किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
*समुद्र जैसी खुली खदानें*… *और प्रशासन खामोश*! *हुकुमचंद जैन की खदानों पर नहीं चल रही प्रशासन की हुकूमत*, *ओवरलोड वाहनों से सड़कों की हालत बदतर* मैहर। जिले के भटूरा क्षेत्र में संचालित हुकुमचंद जैन की खदानें इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनती जा रही हैं। हालात यह हैं कि खदानें समुद्र जैसी गहरी और मुंह फाड़े खुली पड़ी हैं, मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हों, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की हुकूमत यहां बेअसर नजर आ रही है। कुछ समय पहले इसी क्षेत्र की एक खुली खदान में एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया था। घटना के बाद प्रशासन ने खदान को बंद कराने की कार्रवाई तो दिखाई, लेकिन बंद करने का तरीका खुद सवालों के घेरे में है। खदान के मुख्य मार्ग पर सिर्फ चार बड़े पत्थर रखकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। सवाल यह है कि क्या चार पत्थर रख देने से खदान वास्तव में बंद हो जाती है? क्या इससे सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है? हकीकत यह है कि आज भी वह खदान चारों तरफ से खुली पड़ी है और सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत स्थिति में है। खदान की गहराई इतनी अधिक है कि उसे देखकर किसी भी आम व्यक्ति की
धड़कनें तेज हो जाएं। खदान के बाहर नियम और शर्तों का बोर्ड जरूर लगा दिया गया है, लेकिन वहां कोई सुरक्षा गार्ड या निगरानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी अनहोनी को रोकना लगभग नामुमकिन है। जिस तरह से यह खदान खुली पड़ी है, उससे किसी भी दिन फिर कोई बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। *ओवरलोड वाहनों से सड़कों की हालत खराब* स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदानों से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों की वजह से क्षेत्र की सड़कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। भारी भरकम ट्रकों का दबाव सड़कें सहन नहीं कर पा रही हैं, लेकिन इस पर भी प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। लोगों का कहना है कि लगता है मानो हुकुमचंद के आगे प्रशासन की कोई हुकूमत ही नहीं चल रही। खदानें खुली पड़ी हैं, ओवरलोड वाहन सड़कों को चीर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी कथरी ओढ़कर देशी घी पीते हुए सब कुछ नजरअंदाज कर रहे हैं। *किसी बड़े हादसे का इंतजार*? क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन खदानों की उचित घेराबंदी, सुरक्षा गार्ड और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में फिर किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
- *स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन* स्लीमनाबाद/कटनी – लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। *प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग* आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। *रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'* आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं: * रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। * इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है। अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। *क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति* इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र से देवेंद्र नगर की ओर जा रहे रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और खुद के मजदूरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। लक्ष्मीपुर घाट से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। लक्ष्मीपुर घाट की भयानाक तस्वीर अजयगढ़ थाना अंतर्गत दहलान चौकी से होते हुए लक्ष्मीपुर के रास्ते जब ये ट्रैक्टर गुजरते हैं, तो नजारा किसी खतरनाक स्टंट जैसा होता है। खतरे का खेल: लक्ष्मीपुर घाट की चढ़ाई पर रेत से लदे ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा (टायर) जमीन से 5 से 6 फीट ऊपर हवा में उठ जाता है। मानव जीवन से खिलवाड़: ट्रैक्टर को पलटने से बचाने के लिए पीछे दो मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर 'वॉट' (वजन) लगाने के लिए लटके रहते हैं। बड़ा सवाल: अगर इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा या इंजन फेल हुआ, तो उन दो मजदूरों और पीछे चल रहे राहगीरों का क्या होगा? क्या रेत की चंद ट्रॉलियों की कीमत इंसानी जान से बढ़कर है? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल पन्ना जिले में रेत के इस अवैध और असुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: चेकपोस्ट की भूमिका: दहलान चौकी और अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिस और खनिज विभाग की टीम इन ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम क्यों है? कागजी कार्रवाई: क्या विभाग केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है? क्योंकि धरातल पर माफियाओं के हौसले आज भी बुलंद हैं। जिम्मेदार कौन?: यदि लक्ष्मीपुर घाट पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा? लक्ष्मीपुर से देवेंद्र नगर के इस मार्ग पर रेत माफियाओं का यह 'खूनी व्यापार' धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पन्ना कलेक्टर और पुलिस कप्तान इस वायरल हो रहे 'मौत के खेल' पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।1
- मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कटनी से रीवा की ओर जा रही एक यात्री बस में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे का विवरण: स्थान: नादन देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-30 (NH-30)। समय: मंगलवार रात करीब 10:15 बजे। बस की जानकारी: जय भवानी ट्रेवल्स की स्लीपर कोच बस (नंबर: MP 30 P 7070)। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, बस कटनी से रीवा की तरफ जा रही थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई। बाल-बाल बचे कर्मचारी राहत की बात यह रही कि बस में सवार ड्राइवर और दो हेल्परों ने समय रहते बस से कूदकर अपनी जान बचा ली। आग की भीषणता को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया और हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।1
- ismein railing lagwaya Jaaye 50 lakh ki gadi Nikalti Hai risk wala kam hai please madad Karen1
- मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर, जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना4
- कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए। रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया। फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- *बदेरा पुलिस पर फिर गंभीर आरोप, पैर तोड़ कांड के बाद अब हाथ तोड़ने का मामला चर्चा में* मैहर जिले की बदेरा पुलिस पर लगे पैर तोड़ कांड का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हाथ तोड़ने का नया मामला सामने आ गया है। शनिवार को एक पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है1
- मैहर के वार्ड न.4 हरदुआ मे 8 मार्च को शाम 4 बजे मृतक के साथ हुई थी घटना, परिजन के अनुसार जमीन के एग्रीमेंट के बाद बिना पैसे के रजिस्ट्री करने का बना रहे थे दबाव जिसके बाद मोतीलाल कुशवाहा व उसके चार भाइयो ने घर मे घुसकर की थी मारपीट, हाथपाई करने के दौरान विष्णुनाथ कुशवाहा की गयी जान, संस्कार के दौरान पुलिस रही मौजूद, लोगों में आक्रोश1
- भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची1