पन्ना में 'मौत' का सफर - बन गया रेत परिवहन, रेत माफियाओं के बुलंद हौसले मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र से देवेंद्र नगर की ओर जा रहे रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और खुद के मजदूरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। लक्ष्मीपुर घाट से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। लक्ष्मीपुर घाट की भयानाक तस्वीर अजयगढ़ थाना अंतर्गत दहलान चौकी से होते हुए लक्ष्मीपुर के रास्ते जब ये ट्रैक्टर गुजरते हैं, तो नजारा किसी खतरनाक स्टंट जैसा होता है। खतरे का खेल: लक्ष्मीपुर घाट की चढ़ाई पर रेत से लदे ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा (टायर) जमीन से 5 से 6 फीट ऊपर हवा में उठ जाता है। मानव जीवन से खिलवाड़: ट्रैक्टर को पलटने से बचाने के लिए पीछे दो मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर 'वॉट' (वजन) लगाने के लिए लटके रहते हैं। बड़ा सवाल: अगर इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा या इंजन फेल हुआ, तो उन दो मजदूरों और पीछे चल रहे राहगीरों का क्या होगा? क्या रेत की चंद ट्रॉलियों की कीमत इंसानी जान से बढ़कर है? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल पन्ना जिले में रेत के इस अवैध और असुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: चेकपोस्ट की भूमिका: दहलान चौकी और अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिस और खनिज विभाग की टीम इन ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम क्यों है? कागजी कार्रवाई: क्या विभाग केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है? क्योंकि धरातल पर माफियाओं के हौसले आज भी बुलंद हैं। जिम्मेदार कौन?: यदि लक्ष्मीपुर घाट पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा? लक्ष्मीपुर से देवेंद्र नगर के इस मार्ग पर रेत माफियाओं का यह 'खूनी व्यापार' धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पन्ना कलेक्टर और पुलिस कप्तान इस वायरल हो रहे 'मौत के खेल' पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
पन्ना में 'मौत' का सफर - बन गया रेत परिवहन, रेत माफियाओं के बुलंद हौसले मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र से देवेंद्र नगर की ओर जा रहे रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और खुद के मजदूरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। लक्ष्मीपुर घाट से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। लक्ष्मीपुर घाट की भयानाक तस्वीर अजयगढ़ थाना अंतर्गत दहलान चौकी से होते हुए लक्ष्मीपुर के रास्ते जब ये ट्रैक्टर गुजरते हैं, तो नजारा किसी खतरनाक स्टंट जैसा होता है। खतरे का खेल: लक्ष्मीपुर घाट की चढ़ाई पर रेत से लदे ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा (टायर) जमीन से 5 से 6 फीट ऊपर हवा में उठ जाता है। मानव जीवन से खिलवाड़: ट्रैक्टर को पलटने से बचाने के लिए पीछे दो मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर 'वॉट' (वजन) लगाने के लिए लटके रहते हैं। बड़ा सवाल: अगर इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा या इंजन फेल हुआ, तो उन दो मजदूरों और पीछे चल रहे राहगीरों का क्या होगा? क्या रेत की चंद ट्रॉलियों की कीमत इंसानी जान से बढ़कर है? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल पन्ना जिले में रेत के इस अवैध और असुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: चेकपोस्ट की भूमिका: दहलान चौकी और अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिस और खनिज विभाग की टीम इन ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम क्यों है? कागजी कार्रवाई: क्या विभाग केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है? क्योंकि धरातल पर माफियाओं के हौसले आज भी बुलंद हैं। जिम्मेदार कौन?: यदि लक्ष्मीपुर घाट पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा? लक्ष्मीपुर से देवेंद्र नगर के इस मार्ग पर रेत माफियाओं का यह 'खूनी व्यापार' धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पन्ना कलेक्टर और पुलिस कप्तान इस वायरल हो रहे 'मौत के खेल' पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
- गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 89591881111
- रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग1
- कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा1
- Post by Mukesh singh1
- ककरहाई हत्याकांड का खुलासा; आधी रात को फोन कर बुलाया, खाने-पीने को लेकर हुआ विवाद फिर आंख में मार दी गोली; पन्ना जिले के थाना अमानगंज अंतर्गत ग्राम ककरहाई भटवा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। 22 वर्षीय युवक बलीराम चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी दीपेन्द्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, मृतक बलीराम चौधरी दिनांक 22 फरवरी की रात करीब 2 बजे एक फोन आने के बाद अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था। जब वह सुबह तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान बलीराम की मोटरसाइकिल ग्राम खिरवा हार में लावारिस हालत में मिली और पास ही अमान सिंह बुन्देला के खेत की झोपड़ी के बाहर बलीराम का शव बरामद हुआ। मृतक की दाहिनी आंख में गोली लगने के गहरे निशान थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली गई। *परिजनों ने अमानगंज सामयुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर किया था प्रदर्शन* घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों एवं आस-पास के ग्रामीणों में आक्रोश व्यप्त हो गया। जिसके बाद परिजनों ने अमानगंज सामयुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सैकड़ो की संख्या में परिजन व ग्रामवासी एकत्र हुए और चक्काजाम किया। परिजनों की मांग की थी आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए और मृतक की पत्नी को जिंदगी गुजर करने के लिए जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाए क्योंकि मृतक बलिराम चौधरी ही अपने परिवार का मजदूरी करके भरण पोषण किया करता था। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था। *संदेही को पकड़ा पूंछतांछ में उगले राज* पुलिस को सूचना मिली कि घटना के समय संदेही दीपेन्द्र सिंह बुन्देला को घटनास्थल के आसपास देखा गया था। जब संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 12 बोर का देशी कट्टा और खाली खोखे बरामद किए गए। चूंकि मृतक अनुसूचित जाति वर्ग से था, इसलिए पुलिस ने हत्या (धारा 103(1) BNS) के साथ-साथ SC/ST एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। *एडिशनल एसपी बोली खाने-पीने के द्वारान हुआ था विवाद* जब इस पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मृतक बलिराम चौधरी एवं आरोपी दीपेंद्र सिंह बुंदेला के बीच खाने-पीने की किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद आरोपी ने आवेश में आ कर बलिराम की हत्या कर दी थी।1
- ककरहाई हत्याकांड का खुलासा; आधी रात को फोन कर बुलाया, खाने-पीने को लेकर हुआ विवाद फिर आंख में मार दी गोली; पन्ना जिले के थाना अमानगंज अंतर्गत ग्राम ककरहाई भटवा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। 22 वर्षीय युवक बलीराम चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी दीपेन्द्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, मृतक बलीराम चौधरी दिनांक 22 फरवरी की रात करीब 2 बजे एक फोन आने के बाद अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था। जब वह सुबह तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान बलीराम की मोटरसाइकिल ग्राम खिरवा हार में लावारिस हालत में मिली और पास ही अमान सिंह बुन्देला के खेत की झोपड़ी के बाहर बलीराम का शव बरामद हुआ। मृतक की दाहिनी आंख में गोली लगने के गहरे निशान थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली गई। *परिजनों ने अमानगंज सामयुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर किया था प्रदर्शन* घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों एवं आस-पास के ग्रामीणों में आक्रोश व्यप्त हो गया। जिसके बाद परिजनों ने अमानगंज सामयुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सैकड़ो की संख्या में परिजन व ग्रामवासी एकत्र हुए और चक्काजाम किया। परिजनों की मांग की थी आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए और मृतक की पत्नी को जिंदगी गुजर करने के लिए जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाए क्योंकि मृतक बलिराम चौधरी ही अपने परिवार का मजदूरी करके भरण पोषण किया करता था। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था। *संदेही को पकड़ा पूंछतांछ में उगले राज* पुलिस को सूचना मिली कि घटना के समय संदेही दीपेन्द्र सिंह बुन्देला को घटनास्थल के आसपास देखा गया था। जब संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 12 बोर का देशी कट्टा और खाली खोखे बरामद किए गए। चूंकि मृतक अनुसूचित जाति वर्ग से था, इसलिए पुलिस ने हत्या (धारा 103(1) BNS) के साथ-साथ SC/ST एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। *एडिशनल एसपी बोली खाने-पीने के द्वारान हुआ था विवाद* जब इस पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मृतक बलिराम चौधरी एवं आरोपी दीपेंद्र सिंह बुंदेला के बीच खाने-पीने की किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद आरोपी ने आवेश में आ कर बलिराम की हत्या कर दी थी।1
- बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़1
- गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 89591881113