गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 8959188111
गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की
बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह
पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 8959188111
- गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 89591881111
- रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग1
- रीठी बायपास के पास अवैध प्लाटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी, प्रशासन मौन कटनी – कटनी शहर के रीठी बायपास क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मुख्य सड़क से लगी कृषि भूमि को बिना वैधानिक अनुमति के छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक इस पर सख्त कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू - माभिया खेतों को प्लॉट में बदल रहे हैं। न तो कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत है और न ही सड़क, नाली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था की जा रही है। इसके बावजूद लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन की खरीद-फरोख्त कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर जेसीबी से सड़कें बनाकर कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में अवैध मकान खड़े हो सकते हैं। सूत्रो के अनुसार, बिना भूमि कन्वर्जन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति के यह प्लाटिंग की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनुमति की प्लाटिंग से खरीदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी कॉलोनियों को भविष्य में वैधता मिलना मुश्किल होता है और प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रीठी बायपास क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके और शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।2
- Post by Saurabh Singh1
- कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा1
- Post by Mukesh singh1
- नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं। स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है। जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी। प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।3
- गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 89591881113