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3 hrs ago
user_Mukesh singh
Mukesh singh
चंदिया, उमरिया, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 8959188111
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    गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
सब-हेडलाइन:
भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला
खबर:
विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया।
आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली।
इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है।
भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।
अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है।
फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके।
पत्रकार: बालकिशन नामदेव
शिव नगर कॉलोनी, कटनी
मोबाइल: 8959188111
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्लीमनाबाद रेल्वे स्टेशन ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विगत 15 वर्षों से रेल प्रशासन को दी गई मांग पर उचित विचार न किए पर आक्रोशित होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप त्रिपाठी ईश्वर चंद्र त्रिपाठी दीपक तिवारी अमरदीप साहू कटनी से विंधेश्वरी पटेल मंगल सिंह धरवारा शिव सरपंच अमित गर्ग आदि भारी जन सैलाब रेल रुको आंदोलन में उमर पाड़ा वही रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने डीआरएम तथा जीएमसी प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर ज्ञापन को प्राप्त किया और इतवारी को 15 दिन में आरंभ करने तथा निर्दोषी ट्रेनों के ठहराव के लिए 15 दोनों का समय मांगा है
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    स्लीमनाबाद रेल्वे स्टेशन  ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विगत 15 वर्षों से रेल प्रशासन को दी गई मांग पर उचित विचार न किए  पर आक्रोशित होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप  त्रिपाठी ईश्वर चंद्र त्रिपाठी दीपक तिवारी अमरदीप साहू कटनी से विंधेश्वरी पटेल मंगल सिंह धरवारा शिव सरपंच अमित गर्ग  आदि भारी जन सैलाब रेल रुको आंदोलन में उमर पाड़ा 
वही रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने  डीआरएम तथा जीएमसी प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर ज्ञापन को प्राप्त किया और इतवारी को 15 दिन में आरंभ करने तथा निर्दोषी ट्रेनों के ठहराव के लिए 15 दोनों का समय मांगा है
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन* स्लीमनाबाद/कटनी – लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। *प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग* आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। *रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'* आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं: * रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। * इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है। अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। *क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति* इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    *स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन*
स्लीमनाबाद/कटनी – लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
*प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग*
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
*रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'*
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं:
* रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी।
* इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है।
अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया।
*क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति*
इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Deepak Gupta
    Deepak Gupta
    Murwara Or Katni, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर जनकपुर में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में सफलता हासिल कर ली। आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है। दर्शना सिंह के पिता अर्जुन सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अपनी विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि भी हैं, वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर में पार्षद हैं इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शारदा प्रसाद गौतम, ओपी द्विवेदी, अंबिका प्यासी, अरुण चतुर्वेदी, रामजी प्यासी, मनोज सिंह, शिवकुमार गुप्ता, विजय गौतम, रतीभान सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी द्विवेदी, रवि सेन, भोला पटेल, कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।
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    भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर जनकपुर में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में सफलता हासिल कर ली।
आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है।
दर्शना सिंह के पिता अर्जुन सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अपनी विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि भी हैं, वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर में पार्षद हैं इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शारदा प्रसाद गौतम, ओपी द्विवेदी, अंबिका प्यासी, अरुण चतुर्वेदी, रामजी प्यासी, मनोज सिंह, शिवकुमार गुप्ता, विजय गौतम, रतीभान सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी द्विवेदी, रवि सेन, भोला पटेल, कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया।दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर-जनकपुर में हुई।इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग(UPSC)की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में सफलता हासिल कर ली।आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं,जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,परिजनों और गुरुजनों को दिया उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है। दर्शना सिंह के पिता अरूण सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और विधायक प्रतिनिधि भी हैं,वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर से पार्षद हैं इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी ओपी द्विवेदी,पूर्व सरपंच शारदा प्रसाद गौतम,अंबिका प्यासी,अरुण चतुर्वेदी,रामजी प्यासी,मनोज सिंह,शिवकुमार गुप्ता,विजय गौतम,रतीभान सिंह,आशुतोष त्रिपाठी,त्रिवेणी द्विवेदी,रवि सेन,भोला पटेल,कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।
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    भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया।दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर-जनकपुर में हुई।इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग(UPSC)की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में सफलता हासिल कर ली।आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं,जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,परिजनों और गुरुजनों को दिया उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है।
दर्शना सिंह के पिता अरूण सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और विधायक प्रतिनिधि भी हैं,वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर से पार्षद हैं इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी ओपी द्विवेदी,पूर्व सरपंच शारदा प्रसाद गौतम,अंबिका प्यासी,अरुण चतुर्वेदी,रामजी प्यासी,मनोज सिंह,शिवकुमार गुप्ता,विजय गौतम,रतीभान सिंह,आशुतोष त्रिपाठी,त्रिवेणी द्विवेदी,रवि सेन,भोला पटेल,कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • Post by Saurabh Singh
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    Post by Saurabh Singh
    user_Saurabh Singh
    Saurabh Singh
    पत्रकार शाहनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र से देवेंद्र नगर की ओर जा रहे रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और खुद के मजदूरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। लक्ष्मीपुर घाट से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। ​लक्ष्मीपुर घाट की भयानाक तस्वीर ​अजयगढ़ थाना अंतर्गत दहलान चौकी से होते हुए लक्ष्मीपुर के रास्ते जब ये ट्रैक्टर गुजरते हैं, तो नजारा किसी खतरनाक स्टंट जैसा होता है। ​खतरे का खेल: लक्ष्मीपुर घाट की चढ़ाई पर रेत से लदे ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा (टायर) जमीन से 5 से 6 फीट ऊपर हवा में उठ जाता है। ​मानव जीवन से खिलवाड़: ट्रैक्टर को पलटने से बचाने के लिए पीछे दो मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर 'वॉट' (वजन) लगाने के लिए लटके रहते हैं। ​बड़ा सवाल: अगर इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा या इंजन फेल हुआ, तो उन दो मजदूरों और पीछे चल रहे राहगीरों का क्या होगा? क्या रेत की चंद ट्रॉलियों की कीमत इंसानी जान से बढ़कर है? ​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल ​पन्ना जिले में रेत के इस अवैध और असुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: ​चेकपोस्ट की भूमिका: दहलान चौकी और अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिस और खनिज विभाग की टीम इन ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम क्यों है? ​कागजी कार्रवाई: क्या विभाग केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है? क्योंकि धरातल पर माफियाओं के हौसले आज भी बुलंद हैं। ​जिम्मेदार कौन?: यदि लक्ष्मीपुर घाट पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा? ​लक्ष्मीपुर से देवेंद्र नगर के इस मार्ग पर रेत माफियाओं का यह 'खूनी व्यापार' धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पन्ना कलेक्टर और पुलिस कप्तान इस वायरल हो रहे 'मौत के खेल' पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
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    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र से देवेंद्र नगर की ओर जा रहे रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और खुद के मजदूरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। लक्ष्मीपुर घाट से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं।
​लक्ष्मीपुर घाट की भयानाक तस्वीर
​अजयगढ़ थाना अंतर्गत दहलान चौकी से होते हुए लक्ष्मीपुर के रास्ते जब ये ट्रैक्टर गुजरते हैं, तो नजारा किसी खतरनाक स्टंट जैसा होता है।
​खतरे का खेल: लक्ष्मीपुर घाट की चढ़ाई पर रेत से लदे ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा (टायर) जमीन से 5 से 6 फीट ऊपर हवा में उठ जाता है।
​मानव जीवन से खिलवाड़: ट्रैक्टर को पलटने से बचाने के लिए पीछे दो मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर 'वॉट' (वजन) लगाने के लिए लटके रहते हैं।
​बड़ा सवाल: अगर इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा या इंजन फेल हुआ, तो उन दो मजदूरों और पीछे चल रहे राहगीरों का क्या होगा? क्या रेत की चंद ट्रॉलियों की कीमत इंसानी जान से बढ़कर है?
​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
​पन्ना जिले में रेत के इस अवैध और असुरक्षित परिवहन को लेकर प्रशासन के रवैये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
​चेकपोस्ट की भूमिका: दहलान चौकी और अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिस और खनिज विभाग की टीम इन ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम क्यों है?
​कागजी कार्रवाई: क्या विभाग केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है? क्योंकि धरातल पर माफियाओं के हौसले आज भी बुलंद हैं।
​जिम्मेदार कौन?: यदि लक्ष्मीपुर घाट पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा?
​लक्ष्मीपुर से देवेंद्र नगर के इस मार्ग पर रेत माफियाओं का यह 'खूनी व्यापार' धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर माफिया अपनी जेबें भर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पन्ना कलेक्टर और पुलिस कप्तान इस वायरल हो रहे 'मौत के खेल' पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
    user_Saurabh Singh
    Saurabh Singh
    पत्रकार शाहनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा
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    कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक  चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर  बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ  थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। ​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? ​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। ​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो ​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: ​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। ​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। ​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। ​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
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    ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है।
​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना?
​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है।
​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर
​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।"
​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि:
​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए।
​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो।
​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे।
​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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