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चित्रकूट में बारिश का अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार हो रहा अनाउंसमेंट,, मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बाद चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बारिश और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा लोगों को लगातार सावधान किया जा रहा है। नगर परिषद के स्वच्छता प्रभारी प्रभात सिंह लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से अपील कर रहे हैं कि नदी, नालों और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, लोगों से अपील की जा रही है कि मौसम को देखते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
चित्रकूट में बारिश का अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार हो रहा अनाउंसमेंट,, मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बाद चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बारिश और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा लोगों को लगातार सावधान किया जा रहा है। नगर परिषद के स्वच्छता प्रभारी प्रभात सिंह लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से अपील कर रहे हैं कि नदी, नालों और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, लोगों से अपील की जा रही है कि मौसम को देखते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157 वीं जयंती पर जिला कांग्रेस सेवा दल द्वारा जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी प्रतियोगिता में 50 MCQ प्रश्न होंगे और परीक्षा OMR आधारित होगी विद्यार्थियों व युवाओं के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में टीवी, मोबाइल, साइकिल, स्मार्ट वॉच सहित 150 आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं मूल्यांकन के बाद 2 अक्टूबर को ही विजेताओं को पुरस्कार और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे जिसको लेकर मैहर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने नगर के युवाओं व विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है*1
- *अमहिया पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *रीवा संजय गांधी अस्पताल एवं सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल से मोटर सायकल चोरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार , 04 मोटर सायकल बरामद,* पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोरों को पकड़ने के लिए टीम का गठन कर थाना स्टाफ के साथ मिलकर संजय गांधी अस्पताल एवं सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल से मोटर सायकल चोरी करने वाले आरोपीयो को गिरफ्तार कर मोटर सायकल बरामद किया। *घटना का विवरणः-* 1. दिनांक 02.09.026 को फरियादी मुकेश तिवारी पिता संपत प्रसाद तिवारी निवासी बिडवा थाना चोरहटा रीवा ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि मैं अपनी मोटर साइकिल आरटीआर अपाची से रोज की तरह संजय गांधी अस्पताल ड्यूटी आया था अपनी मोटर साइकिल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल परिसर में खड़ा करके अंदर ड्यूटी चला गया था बाद ड्यूटी वापस आया तो देखा की मेरी मोटर साइकिल जिस जगह खड़ी किया था वहाँ नहीं थी कोई अज्ञात चोर चुरा ले गया था। 2. दिनांक 11.09.026 को फरियादी दिनेश साकेत पिता शिवनाथ साकेत निवासी गोदरी थाना मनगवा रीवा ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि मैं अपनी मोटर सायकल हीरो स्प्लेंडर से अपने रिश्तेदार को संजय गांधी अस्पताल इलाज कराने गया था अपनी मोटर साइकिल को अस्पताल के मेन गेट के पास खड़ी करके अंदर इलाज कराने चला गया था बाद इलाज वापस आया तो देखा कि जिस जगह पर मैंने अपनी मोटर साइकिल खड़ी किया था वहाँ नहीं थी कोई अज्ञात चोर चुरा ले गया था। उपरोक्त दोनों रिपोर्ट पर थाना अमहिया रीवा में अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना दौरान आरोपी गया प्रसाद केवट पिता रामखेलावन केवट उम्र 19 वर्ष निवासी काकलपुर थाना रामपुर बघेलान जिला सतना एवं दीपक केवट पिता नागेन्द्र केवट उम्र 19 वर्ष निवासी बड़ी गोरगी थाना गुढ़ जिला रीवा को दस्तयाब कर पूछताछ की गई तो उक्त दोनों आरोपीयो द्वारा अपने पास मोटर सायकल रखना स्वीकार किया एवं 02 और मोटर सायकल बरामद कराए, जिससे आरोपीयो को मामले मे गिरफ्तार किया गया व माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। *जप्त मशरूका 04 नग मोटर सायकल* *अपची कीमती 90000/-* *पल्सर कीमती 80000/-* *02 स्प्लेंडर कीमती 120000/-* *कुल कीमती - 290000/- रु* *महत्वपूर्ण भूमिकाः*- *थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम, सउनि मनोज प्रजापति ,प्र आर केमला प्रसाद, मप्रआर. शबाना बेगम,आर विकाश तिवारी,आर अनुज सिंह ,आर शंकरदत्त, योगेश सिंह की सराहनीय भूमिका रही।*2
- उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज हांथी महोत्सव उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज। बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आज से जंगल के सबसे बड़े सेवकों का सम्मान शुरू हो रहा है बांधवगढ़ में गुरुवार से 5 दिवसीय हाथी महोत्सव की शुरुआत हो रही है इस बार खास बात ये है कि ये महोत्सव ताला गेट में नहीं बल्कि परासी गेट में मनाया जा रहा है जिसमें बांधवगढ़ के 15 हाथी मे से 9 हाथी शामिल हुए है प्रतिवर्ष हाथी महोत्सव का आयोजन हाथियों के सम्मान और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है इस बार ये महोत्सव 24 सितंबर से 28 सितंबर तक चलेगा आयोजन को लेकर धमोखर बफर परिक्षेत्र के परासी गेट में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं महोत्सव के दौरान 5 दिनों तक हाथियों से कोई भी काम नहीं लिया जाएगा रोज सुबह सभी हाथियों को नहलाने के बाद चंदन का टीका और तेल से मालिश की जाएगी पशु चिकित्सकों की विशेष टीम उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी वहीं उनके मनपसंद आहार के तौर पर केला, सेब, गन्ना, नारियल, अमरूद, गुड़ और रोटी दी जाएगी पूरे दिन उन्हें जंगल में मौजमस्ती के लिए खुला छोड़ा जाएगा BTR में हाथियों की भूमिका बेहद अहम है जहाँ गाड़ियां नहीं पहुंच पाती वहाँ रेस्क्यू गश्त और घायल वन्यजीवों तक पहुंचने के लिए इन्हीं हाथियों की मदद ली जाती है इस बार आयोजन स्थल बदलने के पीछे प्रबंधन का उद्देश्य परासी और बफर जोन के ग्रामीणों को भी इस उत्सव से जोड़ना है ताकि जंगली हाथियों के व्यवहार को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ सके बांधवगढ़ का ये वार्षिक हाथी उत्साह हर वर्ष पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।1
- *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 25 09 2026 शुक्रवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 25 09 2026 शुक्रवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*1
- मां शारदा शक्तिपीठ मैहर से आज दिनांक 25/9/2026के दिन शुक्रवार के जगत जननी राजेश्वरी मां शारदा के प्रातः कालीन के दिव्य दर्शन 🙏🙏🙏 मां शारदा शक्तिपीठ मैहर से आज दिनांक 25/9/2026के दिन शुक्रवार के जगत जननी राजेश्वरी मां शारदा के प्रातः कालीन के दिव्य दर्शन 🙏🙏🙏4
- "आईए सेल्फी लीजिए और सीधे यमराज से मिलिए -सौजन्य नगर परिषद उचेहरा,, नगर परिषद उचेहरा द्वारा बनाए गए सेल्फी पॉइंट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सेल्फी पॉइंट ऐसे स्थान पर बनाया गया है, जहां सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ी बात सेल्फी किस बात की और किस उद्देश्य के लिए। क्या यमराज से कांट्रेक्ट मिला है नगर परिषद उचेहरा को या आंखों में मोतियाबिंद का पर्दा चढ़ गया है, विद्युत ट्रांसफार्मर के बगल से सेल्फी प्वाइंट बनाने का उद्देश्य क्या है।*1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | हिंडोरिया जुआ पकड़ने के दौरान भाग रहे व्यक्ति की मौत की खबर, जांच में जुटी पुलिस हिंडोरिया थाना क्षेत्र में जुआ पकड़ने की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति के भागने के दौरान मौत होने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान व्यक्ति मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, इसी दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट कारण जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आने की संभावना है। #हिंडोरिया #जुआ #ब्रेकिंगन्यूज़ #पुलिस #जांच ब्रेकिंग न्यूज़ | हिंडोरिया जुआ पकड़ने के दौरान भाग रहे व्यक्ति की मौत की खबर, जांच में जुटी पुलिस हिंडोरिया थाना क्षेत्र में जुआ पकड़ने की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति के भागने के दौरान मौत होने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान व्यक्ति मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, इसी दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट कारण जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आने की संभावना है। #हिंडोरिया #जुआ #ब्रेकिंगन्यूज़ #पुलिस #जांच1
- ड्यूटी के नाम पर अटैचमेंट का तंत्र या प्रशासनिक विवशता? 200 स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यव्यवस्था पर अब अभिलेखों से उठेंगे सवाल ड्यूटी के नाम पर अटैचमेंट का तंत्र या प्रशासनिक विवशता? 200 स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यव्यवस्था पर अब अभिलेखों से उठेंगे सवाल रीवा। स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मानव संसाधन के पुनर्विन्यास को लेकर रीवा एवं मऊगंज में उठ रहे सवाल अब महज शिकायतों की फाइल तक सीमित नहीं रह गए हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ संस्थानों में पदस्थ डॉक्टरों, पीजीएमओ, नर्सिंग अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को ड्यूटी, अस्थायी कार्यव्यवस्था अथवा अटैचमेंट के माध्यम से अन्य संस्थानों में लगाए जाने की कथित व्यवस्था की व्यापकता का सत्यापन अब प्रशासनिक पारदर्शिता की कसौटी बनता जा रहा है। उपलब्ध सार्वजनिक ऑडिट सामग्री भी यह रेखांकित करती है कि स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत पद और वास्तविक उपलब्ध मानव संसाधन का अंतर स्वास्थ्य सेवा-प्रबंधन का महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषय है। प्रशासनिक आवश्यकता पर सीमित अवधि की ड्यूटी एक सामान्य व्यवस्था हो सकती है। लेकिन जब अस्थायी आदेश बार-बार नवीनीकृत हों, कर्मचारी लंबे समय तक मूल पदस्थापना से बाहर रहे और मूल संस्था में उसकी वास्तविक उपलब्धता प्रभावित हो, तब प्रश्न आदेश की वैधता से आगे बढ़कर मानव संसाधन नियोजन और प्रशासनिक नियंत्रण का हो जाता है। अब प्रत्येक मामले में यही देखना होगा कि आदेश किसने जारी किया, अवधि कितनी थी, कारण क्या था, सक्षम स्वीकृति थी या नहीं, अवधि समाप्त होने के बाद समीक्षा हुई या नहीं और मूल संस्था की कमी की भरपाई कैसे हुई? पीजीएमओ डॉक्टरों को उपस्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय तक ड्यूटी दिए जाने की शिकायत हो अथवा ग्रामीण संस्थानों से कर्मचारियों को शहरी संजीवनी क्लिनिकों में भेजे जाने की बात, दोनों स्थितियों का उत्तर कर्मचारीवार पदस्थापना और वास्तविक कार्यस्थल के मिलान से ही निकलेगा। कागज पर कर्मचारी ग्रामीण संस्था में पदस्थ हो और बायोमेट्रिक या ड्यूटी रोस्टर उसे लगातार किसी अन्य केंद्र में दिखाए, तो प्रशासन को यह समझना होगा कि वास्तविक सेवा-स्थल कौन-सा है और मूल पदस्थापना की उपयोगिता क्या रह गई है। अब सामने आया सबसे गंभीर आरोप- ₹50 हजार से ₹1 लाख तक की कथित रकम? इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक अत्यंत गंभीर और अपुष्ट चर्चा सामने आ रही है कि कुछ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को ड्यूटी के नाम पर अटैचमेंट दिलाने के लिए कथित तौर पर ₹50 हजार से लेकर ₹1 लाख तक की रकम लिए जाने की बात कही जा रही है। इस कथित लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। लेकिन आरोप की प्रकृति ऐसी है कि इसे केवल अफवाह कहकर दरकिनार करने के बजाय निष्पक्ष अभिलेखीय एवं वित्तीय जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए, यदि शिकायतकर्ता या स्रोत इसके समर्थन में कोई दस्तावेज, भुगतान प्रमाण, संदेश, गवाह अथवा अन्य सत्यापन योग्य सामग्री प्रस्तुत करते हैं। यदि ऐसा कोई आर्थिक लेनदेन प्रमाणित होता है, तो मामला मात्र अटैचमेंट की प्रशासनिक वैधता का नहीं रहेगा, बल्कि भ्रष्टाचार, अधिकार के दुरुपयोग और प्रशासनिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। जांच का केंद्र व्यक्ति नहीं, पूरी निर्णय-श्रृंखला हो! इस पूरे मामले में किसी अधिकारी को आरोप सिद्ध होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि बड़ी संख्या में अटैचमेंट के आदेश जारी हुए हैं, तो निर्णय-श्रृंखला की जांच अपरिहार्य है- मांग किसने की? आवश्यकता किसने प्रमाणित की? आदेश किसने जारी किया? अवधि किसने निर्धारित की? नवीनीकरण किस आधार पर हुआ? मूल संस्था की स्थिति किसने देखी? और पूरी व्यवस्था की निगरानी किस स्तर पर हुई? इन प्रश्नों के उत्तर नोटशीट, आदेश-पत्र, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और संस्थानवार मानव संसाधन विवरण से निकाले जा सकते हैं। लगभग 200 कर्मचारियों के अटैचमेंट की सूचना यदि विभागीय अभिलेखों में प्रमाणित होती है, तो इसे व्यक्तिगत ड्यूटी आदेशों का बिखरा हुआ समूह मानना पर्याप्त नहीं होगा। तब आवश्यक होगा कि रीवा एवं मऊगंज के संपूर्ण स्वास्थ्य मानव संसाधन का एंड-टू-एंड ऑडिट कराया जाए। कितने कर्मचारी मूल पदस्थापना से बाहर हैं? कितने आदेश छह माह से अधिक पुराने हैं? कितने बार-बार नवीनीकृत हुए? कितने मामलों में मूल संस्था में वैकल्पिक व्यवस्था हुई? और ग्रामीण संस्थानों की सेवा क्षमता पर इसका क्या प्रभाव पड़ा? मामले की वास्तविकता का सबसे विश्वसनीय आधार आरोप या प्रत्यारोप नहीं, बल्कि अभिलेखीय क्रॉस-वेरिफिकेशन है। पदस्थापना आदेश बनाम ड्यूटी आदेश, ड्यूटी आदेश बनाम बायोमेट्रिक उपस्थिति, उपस्थिति बनाम वेतन रिकॉर्ड और वास्तविक कार्यस्थल बनाम स्वीकृत पद- इन सभी का मिलान होना चाहिए। यदि व्यवस्था नियमसम्मत है, तो अभिलेख उसे प्रमाणित करेंगे। यदि कहीं प्रक्रिया- विचलन है, तो वही अभिलेख उसकी परिधि और उत्तरदायित्व भी निर्धारित करेंगे। सवाल किसी एक कर्मचारी का नहीं, सवाल यह है कि क्या अस्थायी ड्यूटी आदेशों ने धीरे-धीरे मूल पदस्थापना व्यवस्था का स्थान ले लिया है? और यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी प्रशासनिक सीमा, वैधता और जवाबदेही कौन तय करेगा? अब समय आरोपों का नहीं, रिकॉर्ड खोलने का है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की वास्तविक उपलब्धता कागज पर नहीं, उस ग्रामीण अस्पताल के दरवाजे पर दिखाई देती है जहां मरीज उपचार के लिए पहुंचता है।1
- पुलिस कस्टडी से भाग रहे रेप के आरोपियों को बीच बाजार में बड़ी मेहनत के बाद पकड़ा1