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क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल भावना ही असली जीत है : श्याम मोहन धुरिया । क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल भावना ही असली जीत है : श्याम मोहन धुरिया ।
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क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल भावना ही असली जीत है : श्याम मोहन धुरिया । क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल भावना ही असली जीत है : श्याम मोहन धुरिया ।
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- *डीएम-एसपी ने समस्या सुन किया निस्तारण* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बबेरू/बांदा। बबेरू तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन डीएम व एसपी की अध्यक्षता पर संपन्न हुआ। तहसील सभागार में सोमवार को तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन बांदा जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की अध्यक्षता पर संपन्न किया गया। जिसमें तहसील क्षेत्र अंतर्गत अलग-अलग गांव से फरियादियों ने अपनी अपनी समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिसमें ज्यादातर प्रार्थना पत्र जमीनी विवाद पुलिस से संबंधित एवं ब्लॉक से संबंधित प्रार्थना पत्र आए हैं। जिसमें कुल 60 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें 7 प्रार्थना पत्र का मौके पर निस्तारण कराया गया है, शेष प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारी को भेज कर एक सप्ताह के अंदर निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इस तहसील संपूर्ण समाधान दिवस पर बबेरू उप जिलाधिकारी अवनीश कुमार तहसीलदार हेमराज सिंह बोनल नया तहसीलदार मनोहर सिंह, खंड विकास अधिकारी गरिमा अग्रवाल ,ओमप्रकाश द्विवेदी, सहित जिले से लेकर तहसील ब्लाक स्तर तक के अधिकारी व कर्मचारी गण मौजूद रहे।1
- #Apkiawajdigital ● बिना अनुमति बैनर लगाने पर हिरासत, बीच-बचाव करने पहुंचे पत्रकारों से RPF की अभद्रता ! ● महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार ने खड़े किए गंभीर सवाल: क्या RPF भूल गई अपनी मर्यादा ? ● बड़ा सवाल: आधी रात की कार्रवाई में कहाँ थीं महिला पुलिसकर्मी ? नियमों की धज्जियां उड़ीं ! बांदा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अपनी कार्यशैली को लेकर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 1-2 बजे बांदा रेलवे स्टेशन परिसर उस समय अखाड़ा बन गया, जब RPF के जवानों ने न केवल युवकों को हिरासत में लिया, बल्कि कवरेज और जानकारी लेने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी 'गुंडई' पर उतारू हो गए। आरोप है कि एएसआई संतोष कुमार और उनकी टीम ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर खाकी की धौंस जमाई। बैनर का बहाना, पत्रकारों पर निशाना! मिली जानकारी के अनुसार, दो युवक स्टेशन परिसर में बिना अनुमति बैनर लगा रहे थे। नियमों के उल्लंघन पर RPF ने उन्हें हिरासत में लिया, जो कानूनी रूप से सही हो सकता है। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब युवा जिला अध्यक्ष व पत्रकार नीरज निगम (RPASP) मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वर्दी के नशे में चूर कर्मियों ने उन्हें भी जबरन बैठा लिया और अपमानित किया। मर्यादा तार-तार: महिला पत्रकार के साथ अभद्रता इस पूरे घटनाक्रम का सबसे शर्मनाक पहलू तब सामने आया जब मौके पर मौजूद एक महिला पत्रकार श्रीमति रूपा गोयल जी के साथ बदसलूकी की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि RPF कर्मियों ने उनके साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि ऐसी भाषा का प्रयोग किया जो किसी भी सभ्य समाज और अनुशासित बल के लिए कलंक है। सवालों के घेरे में RPF: कहाँ थीं महिला पुलिस ? इस घटना ने रेलवे प्रशासन की पोल खोल कर रख दी है। कानून कहता है कि किसी भी कार्रवाई या पूछताछ के दौरान, जहाँ महिलाएं शामिल हों या संवेदनशील स्थिति हो, महिला पुलिस की उपस्थिति अनिवार्य है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बांदा RPF में महिला पुलिस की तैनाती नहीं है ? या फिर नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में अपनी मनमानी चलाना ही इनका पेशा बन गया है ? पत्रकार समुदाय में भारी उबाल, जांच की मांग घटना के बाद जिले के पत्रकारों में गहरा रोष है। पत्रकारों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने दोषी एएसआई और टीम पर तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप लेगा। स्थानीय पत्रकारों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सच सामने लाया जाए। आपके सवाल का जवाब: क्या RPF में महिला पुलिस नहीं होती ? जी नहीं, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के नियमों के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य है। नियम: रेलवे बोर्ड के स्पष्ट निर्देश हैं कि हर प्रमुख स्टेशन और RPF पोस्ट पर महिला कांस्टेबल/अधिकारी की उपस्थिति होनी चाहिए, विशेषकर तब जब किसी महिला से पूछताछ करनी हो या रात के समय कोई कार्रवाई हो रही हो। हकीकत: बांदा जैसी महत्वपूर्ण पोस्ट पर महिला पुलिस की गैर-मौजूदगी या उनकी अनुपस्थिति में महिला पत्रकार से अभद्रता करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों (DK Basu vs State of West Bengal) का भी उल्लंघन है।4
- बबेरू तहसील क्षेत्र अंतर्गत मर्का थाना क्षेत्र के बाकल गांव के यमुना नदी के दक्षिण दिशा की ओर जोगनी माता का मंदिर बना हुआ है। जिसमें आज सोमवार को नवरात्र के पंचमी के दिन श्रद्धालुओं का सुबह से ही जन सैलाब उमर पड़ा जिसमें सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। वही मंदिर परिसर में मेला भी लगाया गया है, जिसमें कई जनपदों से दुकानदार आए हुए हैं, वहीं लोगों की मान्यताएं है जो भी भक्त श्रद्धा भाव के साथ जोगनी माता मंदिर में आता है, तो उसकी मनोकामना आवश्यक पूरी होती है, गांव के पूर्व प्रधान गया प्रसाद ने आज सोमवार की सुबह 8 बजे नवरात्रि के पंचमी के दिन बताया कि बहुत ही पुराना मंदिर है, इस मंदिर में उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार और आसपास के जनपद फतेहपुर कौशांबी प्रयागराज कानपुर महोबा हमीरपुर बांदा चित्रकूट आदि जनपदों से श्रद्धालु पूजा अर्चना करते हैं। जिनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। आज नवरात्र के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की हजारों की संख्या में भीड़ पूजा अर्चना करने के लिए मंदिर परिसर में आ रही है,1
- "लाडली लक्ष्मी योजना के तहत बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।"LADLI LAXMI YOJANA1
- Post by Shrikrishan Raaj1
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- बबेरू तहसील परिसर मे आज सोमवार को तहसील सभागार में जिलाधिकारी जे रिभा व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की अध्यक्षता में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा था ,तभी बबेरू ग्रामीण के 15 ग्राम पंचायत सदस्यों में कुल 13 सदस्यों ने शपथ पत्र के साथ तहसील सभागार में पहुंचे और ग्राम प्रधान श्रीमती कंचन वर्मा व पूर्व में रहे सचिव अरविंद यादव के खिलाफ शिकायत किया है।और कहा कि ग्राम प्रधान के द्वारा अभी तक कोई भी बैठक नहीं कराई गई, समितियों का गठन सिर्फ कागजों में ही है,जो भी विकास कार्यों के अनुमोदन है उसमें सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर है,फर्जी कार्यवाही रजिस्टर बनाकर फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपए का ग्राम प्रधान श्रीमती कंचन वर्मा व सचिव अरविंद यादव ने गबन कर लिया है। लाइट के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान किया गया,लेकिन लाइट कही नहीं लगाई गई, वही सदस्यों ने जिलाधिकारी से समिति बनाकर ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग किया है। वही मौजूद 13 ग्राम पंचायत सदस्य शिवविलास शर्मा ,सुधीर अग्रहरि, राकेश पटेल, रामलखन धुरिया,अजय कुमार महेश वर्मा,बृजेश कुमार, मनोज कुमार, दीपा ,प्रीति अभिलाषा, मुन्नी ऊषा, सभी लोगों शपथ पत्र देकर स्वीकार करने की मांग किया है।1
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