*किरंदुल-बैलाडीला को बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक चेतावनी कल्पतरु कंपनी के द्वारा डंप किया जा रहा है वेस्ट मैटेरियल* रिपोर्ट/रवि सरकार किरंदुल-बैलाडीला की पवित्र और उपजाऊ धरती को योजनाबद्ध तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, कल्पतरु कंपनियों द्वारा किरंदुल बस्ती रोड के किनारे भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट,ई-वेस्ट, सीमेंट मलबा,बोल्डर और जहरीला बोरी कचरा डंप किया जा रहा है यह सिर्फ लापरवाही नहीं,बल्कि हमारे शहर को बंजर बनाने की सुनियोजित साजिश है,आज हालात यह हैं कि पूरा नगर धूल, गंदगी और जहरीले प्रदूषण से घिर चुका है, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान बढ़ गया है, लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, एक समय का ग्रीन सिटी आज कचरे का ढेर बन गया है, सबसे बड़ा सवाल—इन कंपनियों ने आखिर दिया क्या? ना रोजगार,ना विकास,ना जिम्मेदारी, सिर्फ कमाओ और भागो की नीति से हमारे संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, अब सीधी चेतावनी: अगर तुरंत कचरा डंपिंग बंद नहीं किया गया, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, *स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई* तो किरंदुल-बैलाडीला की जनता सड़क पर उतरकर निर्णायक आंदोलन करेगी, यह आंदोलन शांतिपूर्ण जरूर होगा, लेकिन इतना मजबूत होगा कि जिम्मेदार कंपनियों और प्रशासन को झुकना पड़ेगा, *अब लड़ाई होगी* अपने हक के लिए,अपने रोजगार के लिए, अपने पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए, अब और बर्बादी नहीं सहेंगे अब हर अन्याय का जवाब दिया जाएगा, एकजुट हो—आवाज उठाओ—अपने हक के लिए लड़ो, जय हिंद जय छत्तीसगढ़ जय बस्तर *किरंदुल-बैलाडीला को बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक चेतावनी कल्पतरु कंपनी के द्वारा डंप किया जा रहा है वेस्ट मैटेरियल* रिपोर्ट/रवि सरकार किरंदुल-बैलाडीला की पवित्र और उपजाऊ धरती को योजनाबद्ध तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, कल्पतरु कंपनियों द्वारा किरंदुल बस्ती रोड के किनारे भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट,ई-वेस्ट, सीमेंट मलबा,बोल्डर और जहरीला बोरी कचरा डंप किया जा रहा है यह सिर्फ लापरवाही नहीं,बल्कि हमारे शहर को बंजर बनाने की सुनियोजित साजिश है,आज हालात यह हैं कि पूरा नगर धूल, गंदगी और जहरीले प्रदूषण से घिर चुका है, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान बढ़ गया है, लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, एक समय का ग्रीन सिटी आज कचरे का ढेर बन गया है, सबसे बड़ा सवाल—इन कंपनियों ने आखिर दिया क्या? ना रोजगार,ना विकास,ना जिम्मेदारी, सिर्फ कमाओ और भागो की नीति से हमारे संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, अब सीधी चेतावनी: अगर तुरंत कचरा डंपिंग बंद नहीं किया गया, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, *स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई* तो किरंदुल-बैलाडीला की जनता सड़क पर उतरकर निर्णायक आंदोलन करेगी, यह आंदोलन शांतिपूर्ण जरूर होगा, लेकिन इतना मजबूत होगा कि जिम्मेदार कंपनियों और प्रशासन को झुकना पड़ेगा, *अब लड़ाई होगी* अपने हक के लिए,अपने रोजगार के लिए, अपने पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए, अब और बर्बादी नहीं सहेंगे अब हर अन्याय का जवाब दिया जाएगा, एकजुट हो—आवाज उठाओ—अपने हक के लिए लड़ो, जय हिंद जय छत्तीसगढ़ जय बस्तर
*किरंदुल-बैलाडीला को बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक चेतावनी कल्पतरु कंपनी के द्वारा डंप किया जा रहा है वेस्ट मैटेरियल* रिपोर्ट/रवि सरकार किरंदुल-बैलाडीला की पवित्र और उपजाऊ धरती को योजनाबद्ध तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, कल्पतरु कंपनियों द्वारा किरंदुल बस्ती रोड के किनारे भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट,ई-वेस्ट, सीमेंट मलबा,बोल्डर और जहरीला बोरी कचरा डंप किया जा रहा है यह सिर्फ लापरवाही नहीं,बल्कि हमारे शहर को बंजर बनाने की सुनियोजित साजिश है,आज हालात यह हैं कि पूरा नगर धूल, गंदगी और जहरीले प्रदूषण से घिर चुका है, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान बढ़ गया है, लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, एक समय का ग्रीन सिटी आज कचरे का ढेर बन गया है, सबसे बड़ा सवाल—इन कंपनियों ने आखिर दिया क्या? ना रोजगार,ना विकास,ना जिम्मेदारी, सिर्फ कमाओ और भागो की नीति से हमारे संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, अब सीधी चेतावनी: अगर तुरंत कचरा डंपिंग बंद नहीं किया गया, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, *स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई* तो किरंदुल-बैलाडीला की जनता सड़क पर उतरकर निर्णायक आंदोलन करेगी, यह आंदोलन शांतिपूर्ण जरूर होगा, लेकिन इतना मजबूत होगा कि जिम्मेदार कंपनियों और प्रशासन को झुकना पड़ेगा, *अब लड़ाई होगी* अपने हक के लिए,अपने रोजगार के लिए, अपने पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए, अब और बर्बादी नहीं सहेंगे अब हर अन्याय का जवाब दिया जाएगा, एकजुट हो—आवाज उठाओ—अपने हक के लिए लड़ो, जय हिंद जय छत्तीसगढ़ जय बस्तर *किरंदुल-बैलाडीला को बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक चेतावनी कल्पतरु कंपनी के द्वारा डंप किया जा रहा है वेस्ट मैटेरियल* रिपोर्ट/रवि सरकार किरंदुल-बैलाडीला की पवित्र और उपजाऊ धरती को योजनाबद्ध तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, कल्पतरु कंपनियों द्वारा किरंदुल बस्ती रोड के किनारे भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट,ई-वेस्ट, सीमेंट मलबा,बोल्डर और जहरीला बोरी कचरा डंप किया जा रहा है यह सिर्फ लापरवाही नहीं,बल्कि हमारे शहर को बंजर बनाने की सुनियोजित साजिश है,आज हालात यह हैं कि पूरा नगर धूल, गंदगी और जहरीले प्रदूषण से घिर चुका है, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान बढ़ गया है, लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, एक समय का ग्रीन सिटी आज कचरे का ढेर बन गया है, सबसे बड़ा सवाल—इन कंपनियों ने आखिर दिया क्या? ना रोजगार,ना विकास,ना जिम्मेदारी, सिर्फ कमाओ और भागो की नीति से हमारे संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, अब सीधी चेतावनी: अगर तुरंत कचरा डंपिंग बंद नहीं किया गया, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, *स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई* तो किरंदुल-बैलाडीला की जनता सड़क पर उतरकर निर्णायक आंदोलन करेगी, यह आंदोलन शांतिपूर्ण जरूर होगा, लेकिन इतना मजबूत होगा कि जिम्मेदार कंपनियों और प्रशासन को झुकना पड़ेगा, *अब लड़ाई होगी* अपने हक के लिए,अपने रोजगार के लिए, अपने पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए, अब और बर्बादी नहीं सहेंगे अब हर अन्याय का जवाब दिया जाएगा, एकजुट हो—आवाज उठाओ—अपने हक के लिए लड़ो, जय हिंद जय छत्तीसगढ़ जय बस्तर
- *दुर्गा मंदिर में आयोजित अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन आज एक दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में पूरे क्षेत्र को भक्ति के सागर में डुबो रहा है* रिपोर्ट/रवि सरकार प्रातःकाल की पहली किरण के साथ ही जैसे ही “हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे” का पावन संकीर्तन प्रारंभ हुआ, पूरा वातावरण अलौकिक ऊर्जा से भर उठा, ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की कृपा इस पावन स्थल पर बरस रही हो, और हर हृदय को अपने प्रेम से अभिभूत कर रही हो, इस महाआयोजन में उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से आई अनेक कीर्तन मंडलियों ने अपने मधुर,भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजनों से भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया,मृदंग, झांझ और करताल की गूंज के साथ जब संकीर्तन की लहर उठती है, तो हर भक्त का मन सांसारिक चिंताओं से मुक्त होकर केवल प्रभु नाम में ही लीन हो जाता है,यह केवल एक संगीत या आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य उत्सव बन गया है, हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु माताएं, बहनें,मातृशक्ति, वरिष्ठ गुरुजन, युवा और नन्हे बच्चे—सभी एक साथ भक्ति की इस गंगा में डुबकी लगाते नजर आए, हर किसी की आंखों में श्रद्धा, चेहरे पर आस्था और हृदय में प्रभु के प्रति अटूट विश्वास झलक रहा है,अनेक भक्त भावविभोर होकर नाम संकीर्तन में झूमते, नाचते और प्रभु के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते दिखे, ऐसा अद्भुत दृश्य मानो धरती पर ही वैकुंठ का अनुभव करा रहा हो, दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया,जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया,सेवा भाव से ओतप्रोत स्वयंसेवकों ने तन-मन से सभी की सेवा की, जो इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। वहीं रात्रि में भी भक्ति की यह ज्योति निरंतर प्रज्वलित रहेगी, जहां संकीर्तन,भजन और प्रभु स्मरण का सिलसिला पूरी रात चलता रहेगा, यह अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत आत्मा है—जो हमें प्रेम,एकता,सेवा और समर्पण का संदेश देती है। यहां हर स्वर में भक्ति है, हर धड़कन में नाम है और हर आत्मा में प्रभु का वास है, सचमुच, यह पावन आयोजन न केवल किरंदुल, बल्कि समस्त क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक जागरण बन गया है, जहां हजारों भक्त एक साथ मिलकर प्रभु के नाम का गुणगान कर रहे हैं और अपने जीवन को पवित्र बना रहे हैं। जय श्रीकृष्ण1
- ज्ञानभारतम अभियान के अंतर्गत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संग्रहण कार्य को गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा एवं पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने नेता जी सुभाष वार्ड के पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं से संपर्क कर उनके पास सुरक्षित प्राचीन दस्तावेजों एवं पांडुलिपियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने पुरातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान3
- सचिन तेंदुलकर का छात्रों के लिए उद्बोधन... गीदम के छिन्दनार में सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के साथ खेला वॉलीबॉल...1
- *🟥नेशनल हाईवे पर बस पलटी तीन की हालत गंभीर कोंडागांव क्षेत्र में बड़ा हादसा* *🛑Bus overturned on National Highway, condition of three critical, major accident in Kondagaon area* *📽️ VIDEO पूरा अंत तक देखें ...*2
- नेशनल हाईवे 30 पर थाना कोंडागांव क्षेत्र घोड़ागांव और जोबा के पास सुबह 4:00 अनियंत्रित होकर दुबे ट्रैवल की बस सड़क किनारे पलटी जिसमें बसचालक सहित 9 लोग घायल हुए। बताया जा रहा बस रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रही थी चालक रोशन साहू गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें जगदलपुर डिमरापाल अस्पताल रेफर किया गया।1
- *✰जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 1, 2 व 3 मई 2026 को आयोजित विश्व शांति महानुष्ठान में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं✰* *आयोजन स्थल का पता है :-* सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा), सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा), सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा), सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान), सतलोक आश्रम खमानो (पंजाब), सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब), सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम सीतापुर (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम इन्दौर (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) सतलोक आश्रम जनकपुर (नेपाल देश)1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- *दुर्गा मंदिर में आयोजित अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन आज एक दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में पूरे क्षेत्र को भक्ति के सागर में डुबो रहा है* रिपोर्ट/रवि सरकार प्रातःकाल की पहली किरण के साथ ही जैसे ही “हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे” का पावन संकीर्तन प्रारंभ हुआ, पूरा वातावरण अलौकिक ऊर्जा से भर उठा, ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की कृपा इस पावन स्थल पर बरस रही हो, और हर हृदय को अपने प्रेम से अभिभूत कर रही हो, इस महाआयोजन में उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से आई अनेक कीर्तन मंडलियों ने अपने मधुर,भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजनों से भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया,मृदंग, झांझ और करताल की गूंज के साथ जब संकीर्तन की लहर उठती है, तो हर भक्त का मन सांसारिक चिंताओं से मुक्त होकर केवल प्रभु नाम में ही लीन हो जाता है,यह केवल एक संगीत या आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य उत्सव बन गया है, हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु माताएं, बहनें,मातृशक्ति, वरिष्ठ गुरुजन, युवा और नन्हे बच्चे—सभी एक साथ भक्ति की इस गंगा में डुबकी लगाते नजर आए, हर किसी की आंखों में श्रद्धा, चेहरे पर आस्था और हृदय में प्रभु के प्रति अटूट विश्वास झलक रहा है,अनेक भक्त भावविभोर होकर नाम संकीर्तन में झूमते, नाचते और प्रभु के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते दिखे, ऐसा अद्भुत दृश्य मानो धरती पर ही वैकुंठ का अनुभव करा रहा हो, दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया,जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया,सेवा भाव से ओतप्रोत स्वयंसेवकों ने तन-मन से सभी की सेवा की, जो इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। वहीं रात्रि में भी भक्ति की यह ज्योति निरंतर प्रज्वलित रहेगी, जहां संकीर्तन,भजन और प्रभु स्मरण का सिलसिला पूरी रात चलता रहेगा, यह अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत आत्मा है—जो हमें प्रेम,एकता,सेवा और समर्पण का संदेश देती है। यहां हर स्वर में भक्ति है, हर धड़कन में नाम है और हर आत्मा में प्रभु का वास है, सचमुच, यह पावन आयोजन न केवल किरंदुल, बल्कि समस्त क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक जागरण बन गया है, जहां हजारों भक्त एक साथ मिलकर प्रभु के नाम का गुणगान कर रहे हैं और अपने जीवन को पवित्र बना रहे हैं। जय श्रीकृष्ण1