अम्बाह तहसील के रुअर गाँव में ग्रामीण एक आम रास्ते की बहाली की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1996 से पहले रुअर नहर से एक सार्वजनिक रास्ता (शहर) मौजूद था, लेकिन 1996 में हुए बंदोबस्त के बाद यह रास्ता केवल मानचित्रों में सिमट कर रह गया है और अब जमीन पर दिखाई नहीं देता। इससे किसानों को बैलगाड़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने में असुविधा हो रही है, क्योंकि अब उन्हें वहाँ तक पहुँचने का कोई मार्ग नहीं मिलता। यह रास्ता अब उन्हीं खेतों में अपने-अपने कब्ज़े में ले लिया गया है, जिससे आम नागरिकों को निकलने में परेशानी हो रही है और यह विवाद का कारण बन गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने हल्का पटवारी से निवेदन किया था। शिकायत के बाद, गाँव के हल्का पटवारी ने जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया और 1996 के बाद के नक्शे से मिलान किया। जांच के आधार पर, उन्हें जमीन पर कोई भी सरकारी आम रास्ता दिखाई नहीं दिया। पटवारी ने अपनी जांच रिपोर्ट पंचनामा के रूप में तैयार की है और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस जांच को उनके वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द एक टीम बनाकर आम रास्ते की सही जानकारी निकाली जाएगी ताकि इस समस्या का निराकरण किया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन/सरकारी शहर पर कब्ज़े हो चुके हैं, जो आपसी विवाद का कारण बन रहे हैं।
अम्बाह तहसील के रुअर गाँव में ग्रामीण एक आम रास्ते की बहाली की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1996 से पहले रुअर नहर से एक सार्वजनिक रास्ता (शहर) मौजूद था, लेकिन 1996 में हुए बंदोबस्त के बाद यह रास्ता केवल मानचित्रों में सिमट कर रह गया है और अब जमीन पर दिखाई नहीं देता। इससे किसानों को
बैलगाड़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने में असुविधा हो रही है, क्योंकि अब उन्हें वहाँ तक पहुँचने का कोई मार्ग नहीं मिलता। यह रास्ता अब उन्हीं खेतों में अपने-अपने कब्ज़े में ले लिया गया है, जिससे आम नागरिकों को निकलने में परेशानी हो रही है और यह विवाद का कारण बन गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने हल्का
पटवारी से निवेदन किया था। शिकायत के बाद, गाँव के हल्का पटवारी ने जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया और 1996 के बाद के नक्शे से मिलान किया। जांच के आधार पर, उन्हें जमीन पर कोई भी सरकारी आम रास्ता दिखाई नहीं दिया। पटवारी ने अपनी जांच रिपोर्ट पंचनामा के रूप में तैयार की है और ग्रामीणों को आश्वासन दिया
है कि इस जांच को उनके वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द एक टीम बनाकर आम रास्ते की सही जानकारी निकाली जाएगी ताकि इस समस्या का निराकरण किया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन/सरकारी शहर पर कब्ज़े हो चुके हैं, जो आपसी विवाद का कारण बन रहे हैं।
- अम्बाह तहसील के रुअर गाँव में ग्रामीण एक आम रास्ते की बहाली की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1996 से पहले रुअर नहर से एक सार्वजनिक रास्ता (शहर) मौजूद था, लेकिन 1996 में हुए बंदोबस्त के बाद यह रास्ता केवल मानचित्रों में सिमट कर रह गया है और अब जमीन पर दिखाई नहीं देता। इससे किसानों को बैलगाड़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने में असुविधा हो रही है, क्योंकि अब उन्हें वहाँ तक पहुँचने का कोई मार्ग नहीं मिलता। यह रास्ता अब उन्हीं खेतों में अपने-अपने कब्ज़े में ले लिया गया है, जिससे आम नागरिकों को निकलने में परेशानी हो रही है और यह विवाद का कारण बन गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने हल्का पटवारी से निवेदन किया था। शिकायत के बाद, गाँव के हल्का पटवारी ने जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया और 1996 के बाद के नक्शे से मिलान किया। जांच के आधार पर, उन्हें जमीन पर कोई भी सरकारी आम रास्ता दिखाई नहीं दिया। पटवारी ने अपनी जांच रिपोर्ट पंचनामा के रूप में तैयार की है और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस जांच को उनके वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द एक टीम बनाकर आम रास्ते की सही जानकारी निकाली जाएगी ताकि इस समस्या का निराकरण किया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन/सरकारी शहर पर कब्ज़े हो चुके हैं, जो आपसी विवाद का कारण बन रहे हैं।4
- मुरैना पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, माताबसैया पुलिस ने अड़ीबाजी और मारपीट की एक घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए, घटना के 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। यह घटना 29 जून 2026 को हुई थी, जब फरियादी शिवप्रताप सिंह तोमर, जो उपाध्याय गली, अंबाह रोड पोरसा के निवासी हैं, अपनी बहन को मुरैना से वापस लेकर आ रहे थे। शाम करीब 5 बजे, ग्राम जीगनी मस्जिद के पास चार व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और उनसे शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। फरियादी द्वारा पैसे देने से मना करने पर, आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट भी की। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर, माताबसैया थाने में अपराध क्रमांक 107/26 के तहत धारा 296, 126(1), 119(1), 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया।1
- आज गुरुवार को मध्यप्रदेश शासन की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत पोरसा स्थित शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में 'स्कूल चले हम' अभियान के अंतर्गत एक साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लगभग दो दर्जन छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से छात्राओं का शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह तोमर ने छात्राओं को साइकिलें सौंपते हुए कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीआरसी शैलेंद्र सिंह तोमर ने जोर दिया कि शासन द्वारा संचालित ये योजनाएं छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साइकिल मिलने से छात्राओं का समय बचेगा और उन्हें विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र सिंह तोमर ने किया, जिन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को साइकिल का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह भी दी। इस अवसर पर बी ए सी ब्रजराज सिंह तोमर चौधरी सहित विद्यालय का समस्त शैक्षिक एवं गैर-शैक्षिक स्टाफ उपस्थित रहा। छात्राओं ने शासन एवं विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। छात्राओं ने इस साइकिल वितरण को अपनी शिक्षा यात्रा को और अधिक सुगम बनाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।3
- उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब मृतक के बैंक खाते से लगातार पैसे निकाले जा रहे थे, जिस पर उसके बड़े भाई को शक हुआ। गहन पूछताछ और पुलिस जांच के बाद, घर के बाथरूम की खुदाई कराई गई, जहाँ से आखिरकार एक मानव कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि बरामद कंकाल को डीएनए और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वायरल वीडियो में पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में ले जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और बताया गया है कि मामले का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसने आगरा में सनसनी फैला दी है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस कृत्य के बाद किसी को शक न हो, इसके लिए बाथरूम की फर्श पर नई टाइल्स भी लगवा दी गई थीं। करीब 45 दिनों तक यह महिला पति के लापता होने का नाटक करती रही। हालाँकि, पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसके जवाबों पर संदेह हुआ। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने बाथरूम की फर्श तुड़वाई, जहाँ से कंकाल बरामद हुआ। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी में खुदाई कर कंकाल को बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है।1
- मुरैना शहर में शिक्षा विभाग की टीम ने कोचिंग संस्थानों का अचानक औचक निरीक्षण किया, जिससे कई संचालकों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ संस्थान संचालक अपने सेंटरों पर ताला लगाकर भाग खड़े हुए। जांच में सामने आया है कि शहर के करीब 80 प्रतिशत कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा संबंधी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी पाई गई है। विभाग ने इन संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अगले 3 से 4 दिन के भीतर अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षित निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की सुविधा और विद्युत सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग द्वारा बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों की भी गहनता से जांच की जा रही है।1
- धौलपुर जिले के भभूतिपुरा गांव में चंबल के कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की ति ये की बैठक में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग उमड़ पड़े। यह बैठक अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को जगन गुर्जर की हुई हत्या के बाद बुलाई गई थी, जिसके बाद से यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने इस दौरान आगे की रणनीति पर गहन चर्चा की। बैठक में गुर्जर समाज ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से धौलपुर जेल स्थानांतरित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, समाज ने सरकार से अन्य लंबित मांगों पर भी जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया। समुदाय ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 12 जुलाई तक उनकी ये सभी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो गुर्जर समाज द्वारा गठित 21 सदस्यीय समिति अगली रणनीति तय करते हुए बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी। फिलहाल, प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांतिपूर्ण स्थिति बनी हुई है।4
- मुरैना जिले से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है, जहाँ बहरा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। बताया जा रहा है कि इस घटना में नाबालिग लड़की को कई तरह से प्रताड़ित भी किया गया।1