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मुज़फ्फरनगर | स्थानीय राजनीति वार्ड/क्षेत्र में लगाए गए एक बैनर के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि क्रम संख्या 202 पर संबंधित पद के लिए आवेदन किया गया है। बैनर में आवेदक के रूप में प्रदीप कुमार ‘मलिक’ (एडवोकेट) का नाम अंकित है। बैनर के अनुसार वे पूर्व में भी वर्ष 2011 व 2018 में प्रत्याशी रह चुके हैं। बैनर सार्वजनिक स्थान पर लगाए जाने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर आवेदन की औपचारिक पुष्टि और आगे की प्रक्रिया को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल, क्रम संख्या 202 पर आवेदन को लेकर यह बैनर इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Mohit kalyani journalist
मुज़फ्फरनगर | स्थानीय राजनीति वार्ड/क्षेत्र में लगाए गए एक बैनर के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि क्रम संख्या 202 पर संबंधित पद के लिए आवेदन किया गया है। बैनर में आवेदक के रूप में प्रदीप कुमार ‘मलिक’ (एडवोकेट) का नाम अंकित है। बैनर के अनुसार वे पूर्व में भी वर्ष 2011 व 2018 में प्रत्याशी रह चुके हैं। बैनर सार्वजनिक स्थान पर लगाए जाने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर आवेदन की औपचारिक पुष्टि और आगे की प्रक्रिया को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल, क्रम संख्या 202 पर आवेदन को लेकर यह बैनर इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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- मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर जनपद मुज़फ्फरनगर में कचरा ढोने वाले ट्रकों को लेकर उपजे विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुँच गया है। ट्रक संगठन से जुड़े लोग एसएसपी कार्यालय पहुँचे और एक किसान संगठन के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बीती शाम कचरे के ट्रक रोककर किसान संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने न केवल ट्रक चालकों के साथ अभद्रता की, बल्कि काम में बाधा भी डाली। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी दौरान मौके पर मौजूद एक पत्रकार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिसका मामला सामने आया है। एसएसपी कार्यालय पहुँचे ट्रक संगठन के लोगों ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रक संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि इस विवाद में प्रशासन क्या कदम उठाता है और आरोपों की सच्चाई जांच में क्या सामने आती है।1
- मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट में कार्यालय बनाने के लिए भूमि का निरीक्षण किया।1
- *मुजफ्फरनगर में 'जल जीवन मिशन' ने बदली गांवों की तस्वीर, हर घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल* –पेयजल आपूर्ति से ग्रामीणों के जीवनस्तर में सुधार, जलजनित बीमारियों में आई कमी *कोसर चौधरी, साधना न्यूज़ चैनल संवाददाता, मुजफ्फरनगर।* केंद्र सरकार की 'जल जीवन मिशन' योजना मुजफ्फरनगर जनपद के ग्रामीण इलाकों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। 'हर घर जल' के सपने को साकार करने की यह मुहिम ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण जल उपलब्ध कराकर उनके जीवनस्तर और स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार कर रही है। इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और जल निगम की टीम का प्रयास है। जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। यह योजना केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं, बल्कि एक स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था का निर्माण है। जिले के विभिन्न गांवों में इस योजना का प्रभाव देखा जा सकता है। शुक्रताल, जोला, राठौर, मोरना, सोरम, दिनकरपुर, काकड़ा, बीबीपुर, बिरालसी, भोरा खुर्द, चांदपुर, मूड, परकान्हाहेडी, रोनी और हाजीपुर जैसे गांवों में योजना का विशेष लाभ मिल रहा है। इन गांवों के निवासियों को अब पहले की तुलना में बेहतर जीवन मिल रहा है। महिलाओं और बच्चों को अब दूर से पानी लाने के लिए नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका समय और श्रम बच रहा है। स्वच्छ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। परियोजना जल निगम के ग्रामीण अधिशासी अभियंता संजय कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान चल रहा है। अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया, "हमारी टीम का लक्ष्य है कि जनपद का प्रत्येक नागरिक शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में पेयजल पा सके। हमने गुणवत्ता पर ध्यान दिया है और एक रख-रखाव तंत्र विकसित किया है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय किया है ताकि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निवारण हो सके। जल शुद्धता की नियमित जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जा रहे हैं।" मुजफ्फरनगर जनपद में जल जीवन मिशन आंकड़ों और धरातल पर सफल साबित हो रहा है। अधिशासी अभियंता संजय कुमार के नेतृत्व में यह टीम निरंतर प्रयासरत है कि जनपद का प्रत्येक गांव, प्रत्येक बस्ती और प्रत्येक परिवार इस योजना का लाभ उठा सके। 'हर घर जल' का सपना अब मुजफ्फरनगर में साकार होता दिख रहा है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर चरथावल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ना आने से ग्रामीणों ने किया हंगामा अस्पताल में नहीं है डॉक्टर, मरीज परेशान दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों का अभाव करोड़ो रूपये की लागत से बनी बिल्डिंग बनी खण्डर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगी पानी की टंकियां में पड़ रहे हैं कीड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे गंदगी की अम्बार डॉक्टरो की कमी से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा जनपद मुज़फ्फरनगर के चरथवाल थाना क्षेत्र के गांव दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरो की कमी और अन्य संसाधनों के अभाव में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों महिलाओ का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं के लिए महिला डाक्टर न होने के कारण ग्रामीण महिलाएं परेशान महिलाओं का कहना है कि एक ही डॉक्टर जो पर्ची भी बना रहा हैओर सभी को दवाई भी दे रहा है परंतु महिलाओं के इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है कोई महिला डॉक्टर जिसको लेकर ग्रामीणों ने मरीजों की परेशानियों को देखते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा सूचना मिलने पर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझने के प्रयास में जुटे परंतु ग्रामीण का कहना है कि करोड़ों जमीन ग्रामीणों ने अस्पताल को दी है ओर सरकार ने करोड़ो रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग में कोई भी डॉक्टर ना आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक महिला डॉक्टर की मांग की है जिसको लेकर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार को दिया ज्ञापन सीएचसी प्रभारी ने आश्वासन दिया है अपने विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करा कर जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराई जाएगी डॉक्टरो की तैनाती1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- --गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को रोककर ग्रामीणों ने किया हंगामा। लगभग चार माह से लगातार गांव में से डंपर ले जाए जाने से ग्रामीणों में रोष। रामराज। रामराज थाना क्षेत्र के गांव हाशमपुर में पिछले लगभग चार माह से गांव के अंदर से मिट्टी के खनन के डंपर निकल रहे हैं जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं जिसको लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया तथा उन्होंने डंपरों को रोककर गांव में हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इन डंपरों के कारण गांव की सड़क पूरी तरह टूट गई है तथा आए दिन हादसे हो रहे हैं। मेरठ के बहसूमा से बिजनौर तक हो रहे हाईवे निर्माण में मिट्टी के लिए ठेकेदार द्वारा गांव हाशमपुर में डंपर चलवा कर खेतों से मिट्टी उठाई जा रही है तथा यह डंपर गांव के बीचो-बीच बने रास्ते से निकल रहे हैं। गांव के बीचो-बीच से डंपर निकालने के कारण हादसों की आशंका भी अत्यधिक बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं। एक ग्रामीण ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि एक बच्ची कल ही डंपर की चपेट में आने से बची है जिसको उसने बामुश्किल बचाया है वही लगभग एक माह पूर्व इन्हीं डंपरों की चपेट में आकर ग्रामीण इशाक पुत्र बशीर की कटिया की मौत हो गई थी, इन्हीं खनन के डंपर की टक्कर लगने से ही यह हादसा हुआ था। गुरुवार को गांव हाशमपुर के ग्रामीणों ने गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को गांव में ही रोक लिया तथा ट्राली से रास्ता बंद कर डंपरों को मौके पर ही खड़ा कर दिया तथा मौके पर दर्जनों ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर हंगामा शुरू कर दिया ग्रामीणों का आरोप है कि इन डंपरों की वजह से गांव की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है तथा गांव में बच्चों व बड़ों के साथ भी हादसों की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वह गांव के अंदर से किसी भी हाल में डंपरों को नहीं निकलने देंगे उनका कहना है कि यदि ठेकेदार को मिट्टी उठानी है तो वह गांव के बाहर किसी अन्य रास्ते का प्रयोग कर मिट्टी उठा सकता है परंतु वह गांव के बीच में से डंपरों को नहीं चलने देंगे इस दौरान सूचना पाकर मौके पर पहुंची रामराज पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बूझकर शांत किया तथा मौके से डंपरों को रवाना कराया। हंगामा करने वालों में मुख्य रूप से कालू, पूर्ण सिंह, संजय, पप्पू, कल्लू, रवि प्रधान, नितिन महेंद्र आदि रहे। --शराब के नशे में डंपर दौड़ा रहे खनन के डंपरों के चालक। रामराज क्षेत्र के हाशमपुर गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने खनन के डंपरों को रोककर हंगामा किया तथा ग्रामीणों ने डंपरों को रोक कर गांव में ही खड़ा कर लिया। ग्रामीणों ने हादसे की आशंक भी जताई। इस दौरान मौके पर खड़े एक डंपर का चालक शराब के नशे में था जो नशे की हालत में ही खनन के भरी भरकम डंपर को चला कर गांव के बीच से ही जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के नशे में यह ड्राइवर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। बड़ा सवाल यह है कि इन डंपरों के चालकों के हौसले इतने बुलंद है कि इन्हें न तो किसी कानून का डर है और न पुलिस का खौफ। खुले आम शराब पीकर ये डंपर के चालक गांव के बीच से डंपरों को दौड़ा रहे है। ग्रामीणों ने ऐसे शराबी डंपर चालकों पर कार्रवाई की मांग की है।3
- बुढाना क्षेत्र की सोशल मीडिया पर खबर वायरल रिश्वत मांगने का आरोप राहुल निवासी कस्बा बुढाना ने आरोप लगाया कि मैं मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी मुझे रिश्वत मांगी गई कहा कि चाय पानी का खर्च देना पड़ेगा1
- मुज़फ्फरनगर | विशेष रिपोर्ट जनपद मुज़फ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी द्वारा भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम के विरुद्ध दिए गए विवादित बयान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इसी क्रम में समाजसेवी अंकुर राणा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उक्त बयान पर कड़ा ऐतराज जताया और कैमरे के सामने जिया चौधरी को मुंहतोड़ जवाब दिया। समाजसेवी अंकुर राणा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पद पर रहते हुए इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान देना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान समाज में आपसी सौहार्द बिगाड़ने का काम करते हैं। अंकुर राणा ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जाए और दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अंकुर राणा ने संबंधित बयान को लेकर शिकायती पत्र भी सौंपा और कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समाजसेवियों और नागरिकों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायती पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।1