मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर जनपद मुज़फ्फरनगर में कचरा ढोने वाले ट्रकों को लेकर उपजे विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुँच गया है। ट्रक संगठन से जुड़े लोग एसएसपी कार्यालय पहुँचे और एक किसान संगठन के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बीती शाम कचरे के ट्रक रोककर किसान संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने न केवल ट्रक चालकों के साथ अभद्रता की, बल्कि काम में बाधा भी डाली। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी दौरान मौके पर मौजूद एक पत्रकार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिसका मामला सामने आया है। एसएसपी कार्यालय पहुँचे ट्रक संगठन के लोगों ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रक संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि इस विवाद में प्रशासन क्या कदम उठाता है और आरोपों की सच्चाई जांच में क्या सामने आती है।
मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर जनपद मुज़फ्फरनगर में कचरा ढोने वाले ट्रकों को लेकर उपजे विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुँच गया है। ट्रक संगठन से जुड़े लोग एसएसपी कार्यालय पहुँचे और एक किसान संगठन के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बीती शाम कचरे के ट्रक रोककर किसान संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने न केवल ट्रक चालकों के साथ अभद्रता की, बल्कि काम में बाधा भी डाली। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी दौरान मौके पर मौजूद एक पत्रकार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिसका मामला सामने आया है। एसएसपी कार्यालय पहुँचे ट्रक संगठन के लोगों ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रक संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि इस विवाद में प्रशासन क्या कदम उठाता है और आरोपों की सच्चाई जांच में क्या सामने आती है।
- *बाइट-* *थाना बुढाना पुलिस द्वारा 01 शातिर वांछित अवैध मादक पदार्ध तस्कर अभियुक्त की गिरफ्तारी व कब्जे से 20.800 कि0ग्रा0 गांजा व तस्करी में प्रयुक्त 01 कैन्टर की बरामदगी के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री आदित्य बंसल की बाइट-*1
- : NH-58 पर बिलासपुर कट के पास जमा हो रहे कूड़े के ढेर से बढ़ रही राहगीरों की मुश्किलें दिल्ली-देहरादून हाईवे के इस व्यस्ततम 'ब्लैक स्पॉट' पर यातायात व स्वास्थ्य दोनों को खतरा मुजफ्फरनगर, 2 जनवरी 2026। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित मुजफ्फरनगर के बिलासपुर कट इलाके में सड़क किनारे अवैध तरीके से कूड़े का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य और यातायात, दोहरी समस्या यह इलाका पहले से ही व्यस्त यातायात और दुर्घटनाओं के लिए चर्चित 'ब्लैक स्पॉट' या 'डेथ पॉइंट' के नाम से जाना जाता है। अब यहाँ कूड़े के अंबार ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। राहगीरों का कहना है कि इस कूड़े से न सिर्फ बदबू फैल रही है बल्कि यह सड़क के किनारे की जगह घेरकर यातायात को भी प्रभावित कर रहा है। स्थानीय दुकानदार अमित कुमार ने बताया, "कई दिनों से यह कूड़ा यहाँ पड़ा हुआ है। कोई निगम की गाड़ी इसे उठाने नहीं आती। सुबह-शाम जाम के समय तो हालात और खराब हो जाते हैं।" प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार हालांकि, इसी चौराहे पर यातायात सुधार के लिए ओवरब्रिज बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और स्थानीय मंत्री कपिल देव अग्रवाल की पहल पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसका काम शुरू भी कर दिया है। लेकिन, ठोस कचरे के प्रबंधन और सफाई को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट कार्यवाही नजर नहीं आई है। स्थानीय लोगों की मांग क्षेत्र के निवासी और यात्री नगर निगम और NHAI से तत्काल इस कूड़े के ढेर को हटाने और भविष्य में इसे जमा न होने देने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सफाई और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस ओर ध्यान देगा और इस व्यस्त राजमार्ग को कूड़े के अंबार से मुक्त करवाएगा। क्या आप इस मुद्दे से जुड़ी कोई और जानकारी जानना चाहेंगे, जैसे कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था या NHAI की जिम्मेदारी?2
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुज़फ्फरनगर | दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला मुज़फ्फरनगर जनपद में दहेज उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग, मारपीट, जान से मारने की धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 23 नवंबर 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से राहुल पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर के साथ हुई थी। शादी में पीड़िता के पिता द्वारा लगभग 10 लाख रुपये खर्च कर घरेलू सामान व सोने-चांदी के आभूषण दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष पति राहुल, सास मूर्ति, ससुर रामकुमार, देवर मोहित, देवर आशु सहित अन्य रिश्तेदार दहेज से संतुष्ट नहीं थे और लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल व 1 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। आरोप है कि 16 मार्च 2025 को पति राहुल ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पीड़िता को मायके में ही छोड़ देने की धमकी दी। बाद में ससुराल पहुंचने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने से पीड़िता की जान बच सकी। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पीड़िता ने बताया कि महिला थाना मुज़फ्फरनगर में शिकायत देने के बाद ससुराल पक्ष ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से दहेज की मांग शुरू कर दी गई। 24 अक्टूबर 2025 को पुनः मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़िता अपने भाई के साथ मायके लौट आई। आरोप यह भी है कि 23 नवंबर 2025 को पति व उसके साथी पीड़िता के मायके पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए बुलेट बाइक व एक लाख रुपये न देने पर हत्या कर लाश गायब करने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने बताया कि मामले में महिला परामर्श केंद्र, मुज़फ्फरनगर में कई बार काउंसलिंग भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष साथ रखने को तैयार नहीं हुआ। अंततः पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुज़फ्फरनगर को प्रार्थनापत्र देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है, और पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर चरथावल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ना आने से ग्रामीणों ने किया हंगामा अस्पताल में नहीं है डॉक्टर, मरीज परेशान दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों का अभाव करोड़ो रूपये की लागत से बनी बिल्डिंग बनी खण्डर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगी पानी की टंकियां में पड़ रहे हैं कीड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे गंदगी की अम्बार डॉक्टरो की कमी से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा जनपद मुज़फ्फरनगर के चरथवाल थाना क्षेत्र के गांव दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरो की कमी और अन्य संसाधनों के अभाव में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों महिलाओ का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं के लिए महिला डाक्टर न होने के कारण ग्रामीण महिलाएं परेशान महिलाओं का कहना है कि एक ही डॉक्टर जो पर्ची भी बना रहा हैओर सभी को दवाई भी दे रहा है परंतु महिलाओं के इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है कोई महिला डॉक्टर जिसको लेकर ग्रामीणों ने मरीजों की परेशानियों को देखते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा सूचना मिलने पर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझने के प्रयास में जुटे परंतु ग्रामीण का कहना है कि करोड़ों जमीन ग्रामीणों ने अस्पताल को दी है ओर सरकार ने करोड़ो रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग में कोई भी डॉक्टर ना आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक महिला डॉक्टर की मांग की है जिसको लेकर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार को दिया ज्ञापन सीएचसी प्रभारी ने आश्वासन दिया है अपने विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करा कर जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराई जाएगी डॉक्टरो की तैनाती1
- नव वर्ष गुरुवार की सुबह खतौली के मैन बाजार मै स्थित नगर कार्यालय पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बिलाल अख्तर खतौली के तत्वावधान में संगठन के संस्थापक स्व. बालेश्वर लाल जी की 95वी जयंती के अवसर पर उनके संघर्ष को याद करते हुए नमन किया गया। यहां कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया तो वही प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रोहिताश्व कुमार वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता का काम कठिन हो गया है। आज के दौर में यह आसान काम नहीं रह गया है। पत्रकारिता जोखिम का काम है। मजबूत राष्ट्र के निर्माण में पत्रकारों का बहुत सहयोग होता है। जिलाध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण में पत्रकारों का अहम किरदार होता है। तहसील अध्यक्ष शेखर चौहान ने कहा कि सामाजिक सरोकार से लेकर चाहे पर्यावरण संरक्षण का मसला हो या फिर जनसमस्याएं, राजनीति हो या किसी का दुख दर्द, इन सबको समझने व लिखने में पत्रकारों की भूमिका अग्रणी होती है। सभा मै मौजूद तहसील महामंत्री वसीम अहमद ने कहा कि एक पत्रकार को जीवन भर पढ़ना ही होता है। किसी भी मामले में पत्रकार को तह तक जाना पडता है। इस दौरान खतौली के सीनियर पत्रकारों मै बसंत गौतम व शाहिद अंसारी व डॉक्टर के एस भोगयान व शेखर चौहाँन ने संगठन से जुड़े साथियो के साथ अपने अनुभव साझा करें।और सभी ने बाबू बालेश्वर लाल जी के द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया। कार्यक्रम में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही पत्रकारों के लिए टोल फ्री करने के लिए जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर को ज्ञापन दिया जाएगा। कार्यक्रम में ज़िला महामंत्री गय्यूर मलिक, ज़िला उपाध्यक्ष राहुल प्रजापति, बसन्त गौतम, नूर मोहम्मद, ज़फ़र इक़बाल, राजकुमार विश्वकर्मा, बी.के. नहरिया, डॉ. के.इस. भौज्ञान, शमशाद, बिलाल अख्तर,योगेश त्यागी, नफीस, अरमान आदि मौजूद रहे।6
- --गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को रोककर ग्रामीणों ने किया हंगामा। लगभग चार माह से लगातार गांव में से डंपर ले जाए जाने से ग्रामीणों में रोष। रामराज। रामराज थाना क्षेत्र के गांव हाशमपुर में पिछले लगभग चार माह से गांव के अंदर से मिट्टी के खनन के डंपर निकल रहे हैं जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं जिसको लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया तथा उन्होंने डंपरों को रोककर गांव में हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इन डंपरों के कारण गांव की सड़क पूरी तरह टूट गई है तथा आए दिन हादसे हो रहे हैं। मेरठ के बहसूमा से बिजनौर तक हो रहे हाईवे निर्माण में मिट्टी के लिए ठेकेदार द्वारा गांव हाशमपुर में डंपर चलवा कर खेतों से मिट्टी उठाई जा रही है तथा यह डंपर गांव के बीचो-बीच बने रास्ते से निकल रहे हैं। गांव के बीचो-बीच से डंपर निकालने के कारण हादसों की आशंका भी अत्यधिक बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं। एक ग्रामीण ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि एक बच्ची कल ही डंपर की चपेट में आने से बची है जिसको उसने बामुश्किल बचाया है वही लगभग एक माह पूर्व इन्हीं डंपरों की चपेट में आकर ग्रामीण इशाक पुत्र बशीर की कटिया की मौत हो गई थी, इन्हीं खनन के डंपर की टक्कर लगने से ही यह हादसा हुआ था। गुरुवार को गांव हाशमपुर के ग्रामीणों ने गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को गांव में ही रोक लिया तथा ट्राली से रास्ता बंद कर डंपरों को मौके पर ही खड़ा कर दिया तथा मौके पर दर्जनों ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर हंगामा शुरू कर दिया ग्रामीणों का आरोप है कि इन डंपरों की वजह से गांव की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है तथा गांव में बच्चों व बड़ों के साथ भी हादसों की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वह गांव के अंदर से किसी भी हाल में डंपरों को नहीं निकलने देंगे उनका कहना है कि यदि ठेकेदार को मिट्टी उठानी है तो वह गांव के बाहर किसी अन्य रास्ते का प्रयोग कर मिट्टी उठा सकता है परंतु वह गांव के बीच में से डंपरों को नहीं चलने देंगे इस दौरान सूचना पाकर मौके पर पहुंची रामराज पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बूझकर शांत किया तथा मौके से डंपरों को रवाना कराया। हंगामा करने वालों में मुख्य रूप से कालू, पूर्ण सिंह, संजय, पप्पू, कल्लू, रवि प्रधान, नितिन महेंद्र आदि रहे। --शराब के नशे में डंपर दौड़ा रहे खनन के डंपरों के चालक। रामराज क्षेत्र के हाशमपुर गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने खनन के डंपरों को रोककर हंगामा किया तथा ग्रामीणों ने डंपरों को रोक कर गांव में ही खड़ा कर लिया। ग्रामीणों ने हादसे की आशंक भी जताई। इस दौरान मौके पर खड़े एक डंपर का चालक शराब के नशे में था जो नशे की हालत में ही खनन के भरी भरकम डंपर को चला कर गांव के बीच से ही जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के नशे में यह ड्राइवर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। बड़ा सवाल यह है कि इन डंपरों के चालकों के हौसले इतने बुलंद है कि इन्हें न तो किसी कानून का डर है और न पुलिस का खौफ। खुले आम शराब पीकर ये डंपर के चालक गांव के बीच से डंपरों को दौड़ा रहे है। ग्रामीणों ने ऐसे शराबी डंपर चालकों पर कार्रवाई की मांग की है।3
- न्यूज़ रिपोर्ट :बकाया बिल पर उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काटा, बाकियों को चेतावनी :सधावली बिजली घर क्षेत्र के गाँव नरा में अधिशासी अभियंता के निर्देशन में की गई विशेष कार्रवाई मुजफ्फरनगर,2 जनवरी 2026। बिजली विभाग द्वारा बकाया बिलों की वसूली को लेकर आज सदरावली बिजली घर क्षेत्र के गाँव नरा में विशेष अभियान चलाया गया। अधिशासी अभियंता (एक्स.ई.एन.) गुलशन गोयल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में विभाग की टीम ने पप्पू लाइनमैन के नेतृत्व में कई उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काटा, जबकि कुछ को आखिरी चेतावनी देकर छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ की गई जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया थे और पूर्व में दिए गए नोटिसों का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ था। विभागीय टीम ने नरा गाँव के विभिन्न मोहल्लों में जाकर बकाया राशि वाले कनेक्शनों की सूची के आधार पर यह अभियान चलाया। कार्यवाही के दौरान, टीम ने सीधे उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों पर जाकर बिजली आपूर्ति लाइन काटी। कुछ मामलों में, जहाँ उपभोक्ताओं ने तत्काल भुगतान करने का आश्वासन दिया या अत्यधिक कठिन परिस्थिति बताई, वहाँ टीम ने उन्हें अगले एक-दो दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने की सख्त चेतावनी देते हुए अंतिम मौका दिया। टीम ने स्पष्ट किया कि चेतावनी की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि बिल जमा नहीं किया गया तो कनेक्शन को स्थायी रूप से काट दिया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर गाँव में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ निवासियों ने बिजली विभाग की इस सख्ती का समर्थन करते हुए कहा कि इससे बिना बिल भरे बिजली का उपयोग करने वालों पर अंकुश लगेगा और विभागीय राजस्व में वृद्धि होगी। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें बिल चुकाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए था। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह अभियान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बकाया राशि वसूलने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अधिशासी अभियंता गुलशन गोयल ने बताया कि ऐसी कार्रवाइयाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी ताकि विभाग की वित्तीय स्थिति मजबूत बनाई जा सके और समय पर बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं के साथ न्याय हो सके। इस मामले में विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बकाया बिलों का तुरंत भुगतान करें और भविष्य में बिलों का भुगतान नियमित रूप से करें, ताकि उन्हें कनेक्शन कटने जैसी असुविधा का सामना न करना पड़े।2