अलवर-भरतपुर स्टेट हाईवे जल्द होगा फोरलेन, 667 करोड़ की डीपीआर सरकार को भेजी अलवर से भरतपुर बाई रोड जाने वाले लोगों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार इन दोनों जिलों को जोड़ने वाली स्टेट हाईवे को चौड़ा कर टू-लेन से फोर-लेन बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ा रही है। इसके लिए Rajasthan State Road Development and Construction Corporation (RSRDC) ने करीब 667.14 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दी है। जानकारी के अनुसार यह सड़क Alwar और Bharatpur जिलों के बीच यातायात का प्रमुख मार्ग है, जिस पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। वर्तमान में सड़क संकरी होने के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। फोरलेन बनने से यातायात सुगम होने के साथ-साथ यात्रा का समय भी कम हो जाएगा। हालांकि फिलहाल राज्य बजट में इस परियोजना के लिए राशि स्वीकृत नहीं हुई है, लेकिन डीपीआर का अध्ययन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीनों में परियोजना को मंजूरी मिल सकती है। यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है तो अलवर-भरतपुर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। तस्वीर AI से प्रतीकात्मक है.
अलवर-भरतपुर स्टेट हाईवे जल्द होगा फोरलेन, 667 करोड़ की डीपीआर सरकार को भेजी अलवर से भरतपुर बाई रोड जाने वाले लोगों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार इन दोनों जिलों को जोड़ने वाली स्टेट हाईवे को चौड़ा कर टू-लेन से फोर-लेन बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ा रही है। इसके लिए Rajasthan State Road Development and Construction Corporation (RSRDC) ने करीब 667.14 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दी है। जानकारी के अनुसार यह सड़क Alwar और Bharatpur जिलों के बीच यातायात का प्रमुख मार्ग है, जिस पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। वर्तमान में सड़क संकरी होने के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। फोरलेन बनने से यातायात सुगम होने के साथ-साथ यात्रा का समय भी कम हो जाएगा। हालांकि फिलहाल राज्य बजट में इस परियोजना के लिए राशि स्वीकृत नहीं हुई है, लेकिन डीपीआर का अध्ययन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीनों में परियोजना को मंजूरी मिल सकती है। यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है तो अलवर-भरतपुर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। तस्वीर AI से प्रतीकात्मक है.
- Post by Ram Mishra1
- Post by Voice of Labour1
- जयपुर। कोतवाली थाना पुलिस ने ऑनलाइन भुगतान में हुई गलती के मामले में तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर एक विदेशी महिला के 27 हजार रुपये वापस दिलवा दिए। थानाप्रभारी राजेश गौतम ने बताया कि स्लोवाकिया रिपब्लिक की वैज्ञानिक निकोला नोस्कोवा आईआईटी दिल्ली में आयोजित कॉन्फ्रेंस में शामिल होने भारत आई थीं। फ्लाइट कैंसिल होने पर वह दिल्ली से जयपुर घूमने के लिए टैक्सी से आ रही थीं। टैक्सी का किराया 3 हजार रुपये था, लेकिन ऑनलाइन भुगतान करते समय गलती से 30 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। शिकायत मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त 27 हजार रुपये 24 घंटे में वापस दिलवा दिए। महिला ने पुलिस का आभार जताया।1
- बडौदा मेव में वह बगड़ राजपूत में है बंदरों का आतंक बड़ौदा में एक महिला ने लगाई छत से चलांग दोनों पैर फैक्चर1
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
- गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए युवाओं का संघर्ष जारी, पांचवीं दंडवत यात्रा का हुआ भव्य शुभारंभ (कोटपूतली-बहरोड़) बर्डोद नगर पालिका क्षेत्र में गौवंश के संरक्षण और गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है। इसी कड़ी में आज स्थानीय युवाओं अमित व नवीन सैनी द्वारा लगातार जारी दंडवत यात्रा के पांचवें चरण का विधिवत शुभारंभ किया गया। भक्ति और अनुशासन का संगम यह यात्रा स्टेट हाईवे से होते हुए रुंध हनुमान मंदिर तक पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र के प्रमुख मंदिर महंतों ने यात्रा स्थल पर पहुँचकर दोनों श्रद्धालुओं के संकल्प की सराहना की और उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया। युवाओं ने संभाली सुरक्षा की कमान हाईवे पर यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कस्बे के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। युवाओं की टोली ने यातायात प्रबंधन में सहयोग कर संकल्प यात्रा को सुगम बनाया और पुण्य के भागी बने। कठिन तपस्या से प्रशासन को जगाने का प्रयास अपनी अटूट आस्था और गौ-सेवा के संकल्प के साथ युवा साथियों ने मंगलवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद पांचवीं दंडवत यात्रा शुरू की। भीषण गर्मी और शारीरिक कष्ट की परवाह किए बिना, युवा जमीन पर लेटकर (दंडवत) इस यात्रा को पूरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और सरकार का ध्यान दो प्रमुख मांगों की ओर आकर्षित करना है: गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा प्रदान करना। बर्डोद नगर पालिका क्षेत्र में एक व्यवस्थित सरकारी गौशाला का निर्माण करना। युवा शक्ति का दिखा जोश आज की यात्रा में नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान "गौमाता की जय" और "गौशाला निर्माण हमारा अधिकार" जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। मुहिम से जुड़े सदस्यों ने कहा कि जब तक नगर पालिका क्षेत्र में गौशाला के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका यह शांतिपूर्ण संघर्ष और तपस्या जारी रहेगी। जनता का मिल रहा भारी समर्थन इस मुहिम को स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। यात्रा मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इस मुहिम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। "यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि बेसहारा गौवंश को छत दिलाने और हमारी संस्कृति के संरक्षण की एक पुकार है।1
- Post by दिलबाग यादव1
- इन दिनों सरसों की कटाई के बाद तुड़ी के परिवहन के दौरान ओवरलोड एवं ओवर हाइट ट्रक,ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन आम हो गया है। अवैध रूप से ओवरलोड सरसों तुड़ी से भरे ट्रक,ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से दौड़ रहे हैं, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कई ट्रक ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्धारित क्षमता से अधिक तुड़ी भरकर ले जाई जा रही हैं। तुड़ी ऊपर तक भरी होने के कारण वाहन का संतुलन भी बिगड़ सकता है और हवा के झोंकों से तुड़ी सड़क पर गिरती रहती है। इससे सड़क पर चलने वाले दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क अपेक्षाकृत संकरी होने के कारण जब ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने से आती है तो अन्य वाहनों को किनारे लगाना पड़ता है, जिससे कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर आवागमन ज्यादा रहने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस मार्ग पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1