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आंध्रप्रदेश के पुंगनूर से राजस्थान तक छह राज्यों से होकर एक लंबी यात्रा पर निकले 52 वर्षीय मीर अब्दुल, शांति एवं मानवता का संदेश फैलाते हुए मध्य प्रदेश के पानसेमल पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश में शांति और मानवता का संदेश देना है। पानसेमल में उनके नगर आगमन पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। मीर अब्दुल यह यात्रा हाथ ठेले से कर रहे हैं।
सतीश केवट
आंध्रप्रदेश के पुंगनूर से राजस्थान तक छह राज्यों से होकर एक लंबी यात्रा पर निकले 52 वर्षीय मीर अब्दुल, शांति एवं मानवता का संदेश फैलाते हुए मध्य प्रदेश के पानसेमल पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश में शांति और मानवता का संदेश देना है। पानसेमल में उनके नगर आगमन पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। मीर अब्दुल यह यात्रा हाथ ठेले से कर रहे हैं।
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- खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र के सुरपाला बैडी में एक महिला की हत्या के मामले को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। जाँच में सामने आया है कि महिला का पति ही उसका हत्यारा निकला।1
- हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई। भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है। टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।4
- बड़वानी पुलिस ने अंजड में 'ऑपरेशन हवालात' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी सराफा व्यापारी जयराज चौधरी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस के अनुसार, जयराज चौधरी पर कुल 1 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपये की ठगी के आरोप हैं, जो तीन अलग-अलग मामलों से संबंधित हैं। आरोप है कि उसने एक व्यक्ति को असली बताकर नकली सोना बेचा, जबकि अन्य लोगों को ब्याज का भारी लालच देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे और फिर उन्हें वापस नहीं लौटाए। अंजड पुलिस ने जयराज चौधरी को 30 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। अगले दिन, 31 मई को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसकी पुलिस रिमांड मंजूर हो गई। अब पुलिस आरोपी से गबन की गई राशि की बरामदगी और इस धोखाधड़ी के अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रेवाराम चौहान और उनकी टीम द्वारा की गई।2